22 जनवरी, 2025

Traibal_बाबा बनाएंगे आदिवासियों की सनातन आर्मी

   बाबा बनाएंगे आदिवासियों की सनातन आर्मी

रवीन्द्र व्यास 

 देश प्रदेश की राजनीति में आदिवासी समुदाय के नाम पर  सियासत तो जम कर हुई ,पर उनकी मूलभूत समस्याओं को अनदेखा करने का अपराध भी राजनीति के ज्ञानियों ने ही किया | दुनिया भर में आदिवासी आबादी ५ फीसदी मानी जाती है जबकि भारत में उनके ८.2 फीसदी होने का दावा किया जाता है | सीधे और सरल माने जाने वाले आदिवासी समुदाय के लोग धर्म के ठेकेदारों के सुरक्षित टार्गेट रहे | जिसके अनेकों दुष्परिणाम उनकी जीवन शैली में देखने को मिले | अब बुंदेलखंड से बाबा बागेश्वर आदिवासियों को धर्मांतरण के इस खेल से बचाने के लिए मैदान में आये हैं , वे आदिवासियों की सनातन आर्मी भी बनवाएंगे | ये अलग बात है कि आदिवासियों बनाम वन  वासियों की  बुनियादी समस्याओं के निदान की दिशा में सार्थक पहल अब तक नहीं  हो सकी है | 



   दरअसल देश में आदिवासी  जनजाति समूह ऐसे संक्रमण काल से गुजर रहा है जहां उसे विकास और धर्मांतरण की कीमत अपनी  धरा , संस्कृति और भाषा से चुकानी पढ़ रही है | सीधे और सरल माने जाने वाले ये समूह जंगल, गुफाओं और पहाड़ की ऊँची चोटियों पर रहकर अपना जीवन गुजारते रहे | सरकारों ने उन्हें विकास के नाम पर विस्थापित किया , धर्म के ठेकेदारों ने   दूसरों की लाइन छोटी करने के लिए लाइन काटने का जातन  किया  | इस मामले में देश के आदिवासी समूह सबसे पहले निशाने पर रहे | 

 जनजाति समुदाय में व्यापक स्तर  पर उनका धर्म परिवर्तन हुआ | धर्म परिवर्तन के अग्रणी माने जाने वाले ईसाई और मुस्लिम पंथ  के ठेकेदारों ने इनका धर्म परिवर्तन तो कराया  लेकिन जीवन में कोई विशेष  सुधार नहीं हुआ | दूर नहीं जाइये मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र डिंडोरी में तो ईसाई समाज को पीछे छोड़ते हुए मुस्लिम समाज ने व्यापक धर्मांतरण कराया | यहां इनका तरीका  भी झारखण्ड जैसा ही देखने को मिला | जहाँ  गरीबी  के दलदल में फसे आदिवासी परिवार में शादी कर धर्म परिवर्तन व्यापक तौर  पर कराया गया | देश में असम, नागालैंड ,मिजोरम , मणिपुर जैसे राज्यों में ईसाई मिशनरी द्वारा कराये गए धर्म परिवर्तन के कारण ,आदिवासी समूहों की   अनेको बोलियों और भाषाएँ विलुप्त हो गई हैं | वे ऐसे दोराहे पर खड़े हो गए जहां  वे अपनी ही अनादिकाल से चली आ रही संस्कृति से विमुख हो गए | 

 


संयुक्त राष्ट्र की द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड इंडीजीनस पीपल्स नामक रिपोर्ट बताती है कि भारत की  आदिम जनजातियों को  भारत सहित  विश्व  भर में अपनी संपदा संसाधनों जमीन से विस्थापित किया गया |  विस्थापन के कारण कई आदिम जनजातियाँ  विलुप्त होने के कगार पर भी पहुँच गई हैं |  विस्थापन के कारण इनके सामने  गरीबी ,बीमारी और बेरोजगारी का संकट अलग से खड़ा हुआ |

 जिसका लाभ मिशनरियों ने इनको लालच और फरेब का जाल बिछाकर उठाया | 


हिंदु जगाओ हिंदुस्तान बचाओ

                                     19 जनवरी को  बागेश्वर धाम  में  आदिवासी समाज का  सम्मेलन  हुआ , इस सम्मेलन का उद्देश्य था  "  हिंदू जगाओ हिंदुस्तान बचाओ" |  बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री मानते हैं  कि वर्तमान समय में भारत में विदेशी ताकतों द्वारा प्रायोजित तरीके से धर्मांतरण को विशेष तौर से प्रोत्साहित किया जा रहा है | .उसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश ,केरल तेलंगाना, मिजोरम, असम, नागालैंड, उड़ीसा यह  वह प्रदेश है जहां हिंदुओं का धर्मांतरण लालच ,प्रलोभन या फिर चमत्कारों की ट्रिक दिखाकर करवाया जा रहा है.  हम सबको अगर हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए किसी चीज की सबसे पहले जरूरत है तो सबसे पहले धर्मांतरण को रोकना पड़ेगा । धीरेन्द्र शास्त्री  अब इस  समाज में जागरूकता लाकर इन्हें सनातन धर्म की आर्मी के रूप में खड़ा करने की दिशा में कार्य करेंगे । उन्होंने  सम्मेलन में आये  आदिवासी समाज के लोगों को सनातन आर्मी बनाने का संकल्प भी दिलाया। 



  धीरेन्द्र शास्त्री आदिवासी  समुदाय को अनादिवासी और  प्रकृति मित्र मानते  हैं | इस  समुदाय को  चुनाव के समय तो याद किया जाता है पर उसके बाद उसे भुला दिया जाता है,|  वह समुदाय ऐसा है जो शहरी शोर शराबा और आपकी चमक दमक से बहुत दूर है और अपनी संस्कृति को बचाए हुए हैं। उसके पास  संसाधन बहुत कम है लेकिन प्रकृति के बहुत करीब और हमें लगता है परमात्मा के भी बहुत करीब है । जब भगवान राम वनवास गए तो सबसे पहले अगर किसी ने साथ दिया तो आदिवासी समुदाय के  लोगों ने। 

 सम्मेलन  में झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की तादाद में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। उन्हें तीन संकल्प  भी दिलाया  गया ,  किसी भी कीमत पर धर्मांतरण नहीं करेंगे शिक्षा पर जोर देंगे और हिंदुत्व का झंडा बुलंद रखेंगे गांव-गांव में और हर जगह हिंदुत्व  के लिए हनुमान चालीसा बागेश्वर मडल बनाया जाएगा ताकि सेवादार जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरने को तैयार रहें। 


 सम्मलेन में आये  राज्यसभा सांसद एवं आदिवासी समाज के नेता  सुम्मेर सिंह सोलंकी ने  कहा कि आमो आखा हिंदू छे अर्थात हम सब हिंदू हैं। उन्होंने  आदिवासी समाज को  सरल और सीधा   प्रकृति का पुजारी बताया । उन्होंने कहा  हमारा समाज जीवन भर धर्म को माथे पर लिखे रहता है | उन्होंने  समाज  अपील की है कि वह सनातन धर्म के लिए अपनी एकजुटता  दिखाएं ताकि कोई धर्म परिवर्तन के लिए आंख ना उठा सके। 


सरकार के प्रयास 


   प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर, 2023 को लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान की शुरुआत की है |  योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के लोगों को बेहतर आजीविका के अवसरों जैसी बुनियादी सुविधा और जरूरत को सुनिश्चित करने का काम जाना है . 


देश में   10 (8. 2 %)करोड़ से अधिक आदिवासी रहते  है.  विकसित भारत का सपना तब तक सपना ही रहेगा ,  जब तक  घने वनों, पहाड़ो  और कंदराओं में रहने वाले जनजातिय समूहों  को देश की मुख्यधारा से नहीं जोड़ा जाता है | जनमन योजना के तहत सरकार अब  आदिवासी  परिवारों तक   सड़क , दूरसंचार , बिजली ,पानी ,  आवास, और शिक्षा,स्वास्थ्य , पोषण  जैसी  सुविधा पहुंचाने का काम कर रही है . इसके अलावा  सरकार इनके - शत प्रतिशत टीकाकरणसिकल सेल रोग उन्मूलनपीएमजेएवाइटीबी उन्मूलनपीएम सुरक्षित मातृत्व योजनापीएम मातृ वंदना योजनापीएम पोषणपीएम जन योजना  के माध्यम से जनजातियों का विकास के लिए कार्य  किया जायेगा

 वनवासी बनाम आदिवासी 

 आजादी के बाद  छत्तीसगढ़ क्षेत्र में हो रहे व्यापक धर्म परिवर्तन को देखते हुए तत्कालीन  मुख्यमंत्री प रविशंकर शुक्ल ने आदिवासी विकास योजना की शुरुआत की |  १९५२ में जशपुर में  रमाकांत केशव देशपांडे को क्षेत्रीय अधिकारी नियुक्त किया | रमाकांत ने ही ६ दिसंबर १९५२ को वनवासी कल्याण आश्रम की आधारशिला जशपुर में रखी | उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र में ईसाई मिशनरी द्वारा तमाम तरह के हथकंडे अपनाकर आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था | साधन संपन्न मिशनरी का मुकाबला करने में आई परेशानियों से जूझते हुए भी , कल्याण आश्रम ने स्कूलों की श्रंखला शुरू की |  आज देश भर में इनके कार्यकर्ता आदिवासी समाज के बीच रह कर कार्य कर रहे हैं | 

                                  आदिवासी समाज को जाग्रत करने और उन्हें धर्मांतरण के कुचक्र से बचाने के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री  को जाहिर तौर पर देश के सबसे बड़े वनवासी कल्याण आश्रम का भी सहयोग मिलेगा | अब वे अपने अभियान में कितना सफल हो पाते हैं यह तो वक्त ही बताएगा ?

16 जनवरी, 2025

Bundelkhand_'बदलता बुंदेलखंड

 'बदलता बुंदेलखंड 

रवीन्द्र व्यास 

  २१वी सदी के हम एक ऐसे युग में आगे बढ़  रहे हैं जहां तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं | देश दुनिया में हो रहे इन बदलावों से  बुंदेलखंड  भी अछूता नहीं है | बुंदेलखंड के बदलाव की कहानी प्रयागराज महाकुंभ  में भी सुनने और देखने को मिलेगी | सड़कों के जाल से जहाँ विकाश को रफ़्तार मिली | झांसी के पास बनने वाला नया औधोगिक नगर विकाश के  एक  नवयुग का सृजन करेगा | दूसरी तरफ यूपी वाले बुंदेलखंड इलाके के हर जिले में मोटे अनाज के छह प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे | विकास की गति कुछ भी हो किन्तु हम अपनी पहचान को बनाये रखने के लिए अलग बुंदेलखंड के लिए संघर्ष करते लोग भी हैं  | ये अलग बात है कि विकाश की रफ़्तार में हम विनाश को भी आमंत्रित करने में कोई चूक नहीं कर रहे हैं | 

जल है तो हमाराकल है :

 कभी बुंदेलखंड की एक कहावत मीडिया की सुर्खियां बनती थी " गगरी न फूटे चाहे खसम मर जाए " | बुंदेलखंड के अनेको गाँव ऐसे थे जहां लोग पानी की समस्या के कारण अविवाहित रह जाते थे | आज इन हालातों में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है | बुंदेलखंड में  जल की इसी व्यवस्था को   प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में हिस्सा लेने वाले  करोड़ों श्रद्धालु देखेंगे |  'स्वच्छ सुजल गांव की यह कथा  बताएगी  कि , कभी पानी की समस्या से जूझने वाला  बुंदेलखंड अब किस प्रकार पेयजल संकट को हल करने में सफलत हो  गया है।प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के  मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन ने जल उपलब्धता में क्रांतिकारी बदलाव लाकर बुंदेलखंड के हर घर में नल से जल पहुंचाया है। प्रगति की यह कहानी बुंदेलखंड की 2017 से पहले की निराशा से लेकर उसके बाद के उल्लेखनीय परिवर्तन तक की यात्रा को दर्शाएगी  है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में  जल सहेलियों ने जल संरक्षण और जागरूकता के लिए  कार्य किया  हैं। महाकुंभ में जल संरक्षण पर होने वाली चर्चा में  ये महिलाएं अपने अनुभव भी  साझा करेंगी | इन जल सहेलियों की प्रशंसा पीएम मोदी जी अपने मन की बात कार्यक्रम में कर चुके हैं | यहां यह बता दें कि विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना "केन बेतवा लिंक परियोजना " का शिलान्यास भी बुंदेलखंड के खजुराहो में पी एम् मोदी ने ही २५ दिसंबर को किया था | 

सड़कों का जाल अब उद्योगों की बारी है 

बीते एक दशक में बुंदेलखंड अंचल में सड़कों का जाल फैला ,|   बुंदेलखंड के एम् पी और यूपी इलाके में  कई हाइवे पर कार्य शुरू किया गया है |  हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने  बुंदेलखंड में   115 किमी का एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की  स्वीकृति दी है , जिसके लिए कार्य शुरू किया जा रहा है । यह एक्ससप्रेसवे जालौन से झांसी तक बनेगा | आने वाले समय में आगरा -लखनऊ एक्सप्रेसवे ,गंगा एक्सप्रेसवे  एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये आपस में जुड़ जाएंगे । 

झांसी के निकट बीडा को इससे जोड़ा जाएगा | बीड़ा को   नोएडा की तर्ज पर एक नया औद्योगिक शहर  के  रूप में  विकसित किया जा  रहा है।इस नए औद्योगिक शहर की  परियोजना के पूरा होने से डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर  में लग रहे रक्षा उद्योगों से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।बुंदेलखंड के ही ललितपुर में फार्मा पार्क पहले से बन रहा है।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के हर जिले में  मोटे अनाज के  प्रोसेसिंग प्लांट अगले साल तक तैयार हो जाएंगे। असल में बुंदेलखंड वह इलाका है जहाँ पहले मोटे अनाज की ही खेती होती थी | यूपी के बुंदेलखंड  में लगभग  दो लाख हेक्टेयर में ज्वारबाजरासांवाकोदो ,कुटकी आदि की फसलें उगाई जाती  हैं। लगभग एक करोड़ की लागत वाले प्रत्येक  प्लांट में अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनें होंगी । सरकार  किसानों के मोटे अनाज की पैकेजिंग  और उन्हें मार्केटिंग की व्यवस्था भी करेगी ताकि किसानों को  सही दाम  मिल सके।

 एमपी के सागर में भी बुंदेलखंड  की तक़दीर और तस्वीर बदलने के लिए सितम्बर में  इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव हुआ था | इसमें २३ हजार 181 करोड़ रु के प्रस्ताव सरकार को मिले थे | इसके पहले बीना में 50 हजार करोड़ के पेट्रोलियम केमिकल का  शिलान्यास  पी एम् नरेंद्र मोदी ने किया था | यह देश का दुसरा और मध्यप्रदेश का पहला बड़ा प्लांट मान जाता है | इसके पूर्ण होने पर इस इलाके में ढाई सौ से अधिक इससे सम्बंधित उद्योग लगेंगे |   

बुंदेलखंड राज्य 

बुंदेलखंड राज्य  की मांग को लेकर  फिल्म अभिनेता और नेता  राजा बुंदेला ने १५ दिन की पद यात्रा कर डाली | जालौन  शक्तिपीठ रक्त दंतिका मंदिर से  उनकी यात्रा शुरू हुई और  उरई के टाउन हाल में समाप्त हुई । बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला आने वाले समय में  हमीरपुरमहोबाबांदा और चित्रकूट में भी  पदयात्रा निकालेंगे | बुंदेलखंड राज्य के लिए दो दिन दिल्ली में भी आंदोलन करेंगे | और फिर भी सरकार ने नहीं सुनी तो अपनी ही सरकार के विरुद्ध जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे | दरअसल राजा बुंदेला पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर वर्षों से सक्रिय रहे हैं | इस यात्रा के दौरान उन्होंने वही पुराने मुद्दे उठाये ,| उनका मानना है कि अब सरकार की नजर अंदाजी को अब अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । वे मानते हैं कि बुंदेलखंड में पलायन ,बेरोजगारी , खनिजों का दोहन , और प्यासा बुंदेलखंड है | 

    राजा साहब ने लोगों के यह नहीं बताया कि जिस  बुंदेलखंड विकास बोर्ड के वे उपाध्यक्ष  हैं उसने बुंदेलखंड के विकास में क्या किया है ? 

01 जनवरी, 2025

2025_-बुन्देलखंड सहित प्रदेश देश दुनिया में बड़े बदलाव वाला वर्ष २०२५

 


बुन्देलखंड सहित प्रदेश देश दुनिया में बड़े बदलाव  वाला वर्ष   २०२५

रवीन्द्र व्यास 

क्या वाकई में  एक नई व्यवस्था का सूत्रपात होगा २०२५ में , कुछ  ऐसा  ही  अनुमान देश दुनिया के ज्योतिषाचार्य  अपनी भविष्यवाणी में आगाह कर रहे हैं | देश दुनिया के हालातों पर और सामाजिक ताने बाने पर अगर नजर डालें तो ऐसा ही कुछ कुछ घटित होता नजर आ रहा है | युद्ध की विभीषिका हो अथवा  सियासत के दांव पेंच, समाज में बढ़ता अशंतोष हो अथवा बिगड़ता भू असुंतलन | 

 ज्योतिष गढ़ना कहती है कि  29 मार्च 2025 में शनि मीन राशि में प्रवेश  गोचर देश-दुनिया के लिए कई बदलाव ,और नकारात्मक परिणाम वाला होगा ।ज्योतिषयों की भविष्यवाणी माने तो इस दौरान  शनि मीन  राशि में 2027 तक रहेंगे यह काल विश्व युद्ध वाला होगा , परमाणु विस्फोट , तीव्र गर्मी का प्रकोप , प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेंगी , लोगों की मानसिक स्थिति में भी असर दिखेगा और किसी नई महामारी का प्रकोप बढ़ेगा, दुनिया में सत्ता परिवर्तन का दौर भी देखने को मिलेगा  | जहाँ तक भारत की बात है भारत में अव्यवस्था , गृह युद्द जैसी स्थिती बनेगी ,आगजनी ,साम्प्रदायिक उपद्रव , और आंदोलनों का दौर देखने को मिलेगा |

 ये तो बात हुई ज्योतिषीय भविष्यवाणी की , पर अगर हम देश दुनिया के हालातों पर नजर डालें तो लगभग  इसी तरह की स्थितियां बनती बिगड़ती दिखाई दे रही हैं | दुनिया में रूस यूक्रेन युद्ध के बाद कई देश आपसी संघर्ष में व्यस्त हैं | आतंकवाद फिर से अपने चरम पर पहुँच गया है | इस आतंकवाद को दुनिया के जिन देशों ने पाला पोषा है आज वे भी इसकी गिरफ्त में हैं | भारत सहित दुनिया में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं रिकार्ड  तौर  पर तापमान बढ़ रहा है ग्लेशियर का पिघलना तेजी से जारी है   | दुनिया में तख्तापलट का खेल भी कई देशों में देखने को मिलने लगा है |

 जो अपने को खानदानी तौर पर देश का शासक मानते हैं वे देश की संसद चलने नहीं देते | जन मुद्दों से अलग ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं जो देश को तोड़ने वाले हैं , वे ऐसे लोगों से  सहयोग और साथ ले रहे हैं जो भारत को तोड़ने के लिए  धन की बरसात कर रहें हैं | कुर्सी की चाहत में अंग्रेजों और मुगलों से भी दो कदम आगे चल कर विभाजन कारी राजनीति करने से नहीं चूक रहे हैं | आंदोलन के नाम पर उस रास्ते को रोका जा रहा है जो सीधे बॉर्डर को जोड़ता है | फर्जी मुद्दों के नाम पर देश के जन मानस को गुमराह किया जा रहा है | देश में सामजिक वैमनष्यता बढ़ाने के लिए  एक से बढ़कर एक बयान दिए जा रहे हैं | कुर्सी के लिए देश को दांव पर लगाने वाले यह नहीं बता पाएंगे कि दुनिया का ऐसा कौन सा देश है जो अपने देश के जनबल  की उपेक्षा कर आगे बड़ा हो |  प्राकृतिक घटनाओं की एक निरंतर शृंखला चल रही है | मानव ही नहीं पशु भी  हिंसक हो रहे हैं आये दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं

 

ये कुछ ऐसी बातें हैं जो हर दिन हर मानव  अपने जीवन में अनुभव करता है | इन सबके बावजूद अगर देखा जाए तो भारत के सामने सीमा पर ही नहीं आंतरिक चुनौतियां भी कम  नहीं हैं एक दशक में देश के विकास  की गति बड़ी है ,| भारत ने  रक्षा मामलों को लेकर भी आत्म निर्भरता की और कदम बड़ा दिए हैं | इसरो ने नित नए कीर्तिमान गड़े हैं | आर्थिक दृष्टि से भारत दुनिया में तीसरे पायदान पर पहुँचने वाला है | इन सबके बावजूद भी देश अनेकों चुनौतियों का सामना कर रहा है | चाहे वह देश को एक स्वरुप में गढ़ने  की हो अथवा ,जनसंख्या नियंत्रण , समान नागरिक संहिता ,भ्रष्टाचार , आर्थिक असमानता , और बेरोजगारी की हो | इन सब चुनौतियों से निपटने के देश की सरकार को पहले देश में बैठे जयचंदों से निपटना होगा

 

                  २०२५ में एमपी की प्रशासनिक , राजनैतिक और भौगोलिक बदलाव देखने को मिलेगा | राजनैतिक तौर  पर मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष  वी डी शर्मा को इस पद से मुक्त कर कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है | शिवराज सिंह चौहान क्या फिर से प्रदेश में वापसी करेंगे ,इसको लेकर भी सियासी अटकलों का दौर जारी है | मध्य प्रदेश में लूट का कारोबार कितने बड़े पैमाने पर जारी था इसका नजारा देख जांच एजेंसिया भी हैरान रह गई | बीजेपी के एक विधायक प्रीतम लोधी ने तो सौरभ शर्मा  को कांग्रेस के एक विद्याक से जोड़ दिया , इतना ही नहीं उन्होंने डीएनए टेस्ट की मांग भी कर डाली

 बुंदेलखंड के विकास की नीव प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी २५ दिसंबर २४ को अटल जी के जयंती पर रखने खजुराहो आये | उन्होंने केन बेतवा लिंक परियोजना की आधारशिला रखी | केन के पानी का समीकरण तय करेगा कि भविष्य में यह योजना कितनी लाभ प्रद होगी | दूसरी तरफ सागर ,दमोह नरसिंघ पुर में जिले में फैले नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रदेश के बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित हो रहा है | १४१४ वर्ग किमी के कोर क्षेत्रफल और ९२५. १२ वर्ग किमी के बफर  क्षेत्रफल वाले इस टाइगर रिजर्व को लेकर वन्य  प्राणी विशेषज्ञ काफी उत्साहित हैं | यहाँ के 40 गाँवों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है | ये अलग बात है कि विकास  की अनेकों योजनाओं के बाद बुंदेलखंड के सागर में बीजेपी के अंदर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है

                                       

 

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विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...