26 जुलाई, 2020

एटीएम लुटेरा इंजीनियर सहित 6 आरोपी गिरफ्तार



 रवीन्द्र व्यास 

दमोह  /  पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को  पकड़ा है जो ना सिर्फ एटीएम ब्लास्ट कर लूटता था बल्कि नकली नॉट भी छाप कर बाजार में चलाता था |  इस गिरोह का सरगना भी एक इंजिनियर है जिसने टी वी सीरीयल से प्रेरणा ली और ज्ञान का उपयोग अपराध में करने लगा |  पुलिस ने आरोपियों के पास से नगद रु ,और नकली नॉट भी जप्त किये हैं |   


 
सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक अनिल शर्मा ने  रविवार को   में पत्रकारों को बताया कि    किस एटीएम में केस डालने केस वेन जा रही है उसकी  रेकी आरोपी करते थे | रात्रि में गार्ड के आने के पूर्व एटीएम कक्ष में प्रवेश कर केस ट्रे के पास जिलेटिन रॉड व  डेटोनेटर लगा देते थे। बाद में मोटरसाइकिल की बैटरी से विस्फोट कर एटीएम मशीन को क्षतिग्रस्त कर देते थे ओर केस लेकर फरार हो जाते थे |  आपस में बराबर बराबर रुपए बांट लेते थे।  पकड़े गए आरोपियों में एक आरोपी देवेंद्र पटेल सिविल इंजीनियर डिग्री धारक है वह पूर्व में यूपीएससी जैसी  परीक्षा दे चुका है |   देवेंद्र  क्राइम अलर्ट जैसे टीवी पर कार्यक्रम देखकर नई नई पद्धति से अपराध करने का तरीका तलाशता है ।श्री शर्मा ने बताया कि देवेंद्र पटेल के पास से 3 लाख 50 हजार के नकली नोट और नकली नोट बनाने की सामग्री भी जप्त की गई है। इस मौके पर जांच दल के प्रमुख  डीआईजी छतरपुर विवेक राज, डीआईजी सागर आर एस डेहरिया, एसपी दमोह हेमंत चौहान, एसपी पन्ना मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह भी  उपस्थिति थे |   
 
माल जप्ती में मिला नकली नोट  का कारोबार  

एटीएम ब्लास्ट के लूट के आरोपियों  से पूछताछ कर जब पुलिस माल जप्ती हेतु पहुंची तो वहा   नकली नोट एवं नकली नोट बनाने की सामग्री   भी मिली जिसे भी पुलिस ने  जप्त किया । आईजी अनिल शर्मा के अनुसार इस मामले में अलग से एक मामला दर्ज कर इसकी जांच की जाएगी कि इन नक़ली नोटों का उपयोग इनके द्वारा कहां और किस माध्यम से किया जाता था तथा इनके द्वारा जिस प्रकार से एटीएम की लूट की जाती थी उसमें नकली नोटों के बनाने का तार किस प्रकार से जुड़ा है। इस मामले की भी जांच की जा रही है तथा इन्हें जिलेटिन राड और डेनोनेटर  किस माध्यम से व कहां से उपलब्ध होता था उस पर भी जांच की जाएगी।

 आरोपियों पर इनाम 

  आईजी  अनिल शर्मा ने   पटेरा थानांतर्गत ग्राम देव डोंगरा  एवं  गैसाबाद थानांतर्गत ग्राम हिनौता कला की घटना पर 25 हजार ,का   पन्ना जिले की सिमरिया  की घटना पर  30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा  जबलपुर ,कटनी जिले की घटनाओं  पर पुलिस  इस मामले में  इन अपराधियों का रिमांड लेकर इनसे पूछताछ करेगी। इस संबंध में  सभी जानकारियां  क्राइम ब्रांच भोपाल को भी भेज दी गई हैं।

ब्लास्ट कर  लूटे  सात एटीएम में

 इस गेंग ने दमोह, जबलपुर, कटनी एवं पन्ना जिले में 7 एटीएम ब्लास्ट कर लगभग लाखों  रुपए की लूट की ।   6 मार्च 2020 की रात्रि पटेरा थानांतर्गत ग्राम देवडोंगरा के एटीएम में ब्लास्ट करके 5 लाख 96 हजार तथा गैसाबाद थानांतर्गत ग्राम हिनौता कला में 17 मई की रात्रि एटीएम में ब्लास्ट कर 20 लाख 32 हजार 500 रुपए तथा पन्ना जिले के ग्राम सिमरिया में एटीएम ब्लास्ट करके 23 लाख रुपए की राशि लूटी ।  जबलपुर जिले के नूनसर में 6 जून 19 को, मझौली में 22 जनवरी 20 को तथा कटनी जिले के बहोरीबंद में 25 अक्टूबर 19 को तथा बाकल में 24 नवंबर 2019 को एटीएम ब्लास्ट कर लूट  की थी।

  एसआईटी टीम का गठन   

 सागर संभाग में एटीएम ब्लास्ट कर लूट की  घटनाओ को देख कर  आईजी अनिल शर्मा ने  जोन स्तर पर एसआईटी टीम का गठन किया था |  छतरपुर डीआईजी विवेक राज की अध्यक्षता में गठित इस टीम में एसपी   पन्ना मयंक अवस्थी ,डीआईजी सागर आर एस देहरिया एवं  दमोह एसपी  हेमंत चौहान को सम्मलित किया गया था | 

गिरफ्तार हुए आरोपी जप्त हुआ  माल 

 दमोह देहात थानांतर्गत ग्राम खजरी निवासी देवेंद्र पुत्र बलिराम पटेल 28 वर्ष(बी ई )  ,जागे उर्फ जागेश्वर पुत्र गुड्डा उर्फ संतोष पटेल 27 वर्ष, छोटू उर्फ नितेश पुत्र सुदामा पटेल 25 वर्ष, जय राम पुत्र मुन्नालाल पटेल उम्र 32 वर्ष, राकेश पुत्र गनेश पटेल उम्र 24 वर्ष, परम पुत्र सूरत लोधी उम्र 30 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से  25 लाख 57 हजार रुपए नगद, दो देसी पिस्टल, 8 जिंदा राउंड कारतूस, डेटोनेटर,3 लाख 50 हजार के नकली नोट,कलर प्रिंटर, तीन मोटरसाइकिल ,दो मोबाइल, जिलेटिन रॉड एवं लैपटॉप को जप्त किया  ।




​बुंदेलखंड में बन रहे सूखे के हालात ​

बुंदेलखंड​ ​की​ ​डायरी

​बुंदेलखंड में बन रहे  सूखे के हालात ​
 रवीन्द्र व्यास 
 बुंदेलखंड में  कोरोना के बढ़ते ग्राफ से लोगों  साँसेंथमरही  हैं वहीँ  बादलों की बेरुखी ने किसानो को बेचैन कर दिया है   |  हररोज कोरोनाकेबुंदेलखंडमेंबढ़तेआंकड़ोंने लोगोंकीसांसोंपरविरामलगायाहै| खुली  हवा में घूमने वाले बुंदेलखंडी घरों में कैद हैं, रोज़गार धंधे चौपट हैं|   ऐसे दौर में जब देश का अधिकांश इलाका बारिश से बेहाल है ऐसे समय भी बुंदेलखंड में बादलों की बेरुखी ने किसानो के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं |   वर्षा के अब तक के आंकड़े आने वाले सूखा की ओर इशारा कर रहे हैं |                                        
बुंदेलखंड इलाके  के सागर संभाग और दतिया को मिलाकर लगभग 31 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल बोई जाती है    | दलहन और तिलहन की  फसलें बुंदेलखंड के  अधिकाँश इलाकों में वर्षा पर ही आधारित मानी जाती हैं | जून माह के तीसरे हफ्ते की बारिश ने किसानो को उत्साहित किया | अच्छी वर्षा के संभावित अनुमान में   किसानों ने खरीफ फसल की बुवाई की |  किसानो ने बड़े इलाके में सोयाबीन , उड़द और मूंग की फसलें बोई थी | बारिश ना होने के कारण किसानो पर दोहरी मार पड़  रही है , पहले बोया गया बीज अधिकाँश इलाकों में नष्ट हो गया है  खेतों में खरपतवार  तेजी से बढ़ा , खरपतवार से निपटने के लिए किसान खरपतवार नाशक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं , कई स्थानों पर यह जान लेवा साबित हो रहा है ऐसा ही एक मामला छतरपुर जिले के लवकुश नगर इलाके में देखने को मिला |    
                                                
  21 जूनके बाद हुईबारिश से  किसानों के चेहरे खिल गए थेमानसून समयपर आते ही किसानो  इस साल की खरीफ फसलदलहनी (उड़द, मूंग, सोयाबीन,तिलहन) फसल की बुवाई कर दी थी ।इस बार अच्छी बारिश का अनुमान किसानो ने लगाया और कैश क्रॉप मानी जाने वाली सोयाबीन की फसल बोईकिसानों के  फसलबोते ही मानसूनने साथ छोड़दिया। अधिकांश इलाकों में  फसल सूखने कीकगार पर हैकई किसानोंके बीज मरगए उन्हें दोबाराबुवाई करनी पड़ रही है  सागर के ढाना इलाके के किसान बताते हैं कि इस बार बड़े रकबा में सोयाबीन की फसल बोई थी | इसकी वजह भी उन्होंने बताई कि एक तो मानसून समय पर आया दूसरा वापस लौटे मजदूरों की खाली पड़ी जमीनों पर भी उन्होंने उड़द, मूंग, सोयाबीन  बोया था | जिनकी जमीन अच्छी है उनकी फसलें तो खड़ी हैं पर जिनकी भूमि ज्यादा पानी मांगती हैं ऐसे किसानो की फसलें सूख गई | ऐसे किसानो को दोबारा फसल बुवाई करना पड़ रही है जिन्होंने सोयाबीन बोया था वे अब तीली और उर्द  की बुवाई कर रहे हैं |                                                
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा इलाके के उपाध्याय परिवार ने अपने 50 एकड़ की जमींन में 30 एकड़ में सोयाबीन बोया था , उनका बीज तो गया ही जुताई बुवाई का खर्चा भी चला गया | वे बताते हैं की वर्षा के आश्रय के साथ जिनके पास सिचाई के भी साधन हैं उनकी फसलों को नुकसान नहीं हुआ है | अब फिर से बुआई कर उर्दा और तिली बोई है। स्वयं सेवी संस्था समर्थन के ज्ञानेंद्र तिवारी बताते हैं कि हमने बुंदेलखंड के भूमि संरचना को ध्यान में रख कर किसानो को उर्द और तीली का बीज वितरित किया था। अभी हाल की छुट पुट बारिश ने ऐसे किसानो को जीवन दान दे दिया है। सोयाबीन की फसल से अब उम्मीद नहीं रही, किसानो को बुंदेलखंड की परंपरागत फसल उर्द, मूँग और तिल से ही  आशा है।  बताते हैं कि बुंदेलखंड के अधिकाँश क्षेत्र की भूमि ऐसी है जिसमे फसल के लिए नियमित अंतराल से पानी की जरुरत होती है |  
 दरअसल  बुंदेलखंड का किसान पिछले कईवर्षों से मौसम की मार झेल रहा है। कभीबेवक्त बारिश, सूखा, अतिवृष्टिऔर ओलावृष्टि जैसेहालात यहाँ की स्थाई नियति है।पिछले साल की खरीफ फसलेंबारिश से तबाहहुई थी तो इस बार बारिश के अभाव में तबाह हो रही हैं |  वर्षा के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सबसे ज्यादा बारिश पन्ना जिले में 417 मिमी ,और सबसे कम छतरपुर जिले में 201 मिमी  हुई  ,सागर में 288 मिमी,दमोह में 271 मिमी ,टीकमगढ़ में 233 मिमी और दतिया में 262 मिमी वर्षा  हुई

  वर्षों बाद बुंदेलखंड के गाँवों में रौनक लौटी थी और वीरानी ख़त्म हुई थीइसकी वजह थी कोरोना का संकट और लाक डाउन का अभिशाप | महानगरों में रोजगार छिनने के बाद बड़ी संख्या में मजदुर वापस गाँव लौटे , गाँव में जिनके  थोड़ी बहुत जमीन थी वो अपनी खेती में जुट गए | संभावित प्रकृति के  प्रकोप को देखते हुए किसानो के साथ ये मज़दूर भी बेचैन हैं  दुआ कर रहे हैं की बारिश का क्रम ना टूटे | मजदूरों का वापस लौटना और खेती से जुड़ना एक अच्छी खबर इस माने में मानी जा सकती है कि पिछले एक दशक में देश में रोजाना दो हजार किसान खेती से मुंह मोड़ रहे थे |  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस बार  खरीफ के  रकबा में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई थी | मंत्रालय का अनुमान है कि गत  वर्ष  23 मिलियन हेक्टेयर के स्थान पर इस बार  43.3 मिलियन हेक्टेयर खरीफ फसल का रकबा देश में होगापर मंत्रालय के इस अनुमान पर भी ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है कही अधिक वर्षा से फसले तबाह हो गई तो कही वर्षा की कमी से |   
रवीन्द्र व्यास 

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