बंद से बेहाल पान किसानो ने दे दी प्रशासन को चेतावनी
रवींद्र व्यास
छतरपुर / /4 जून 20,देशी पान के लिए प्रसिद्ध बुंदेलखंड के पान किसान इन दिनों परेशान हैं | सीमित समय के लिए खुली तालाबन्दी में दारु की दुकाने खुलने और पान की दुकानों पर पाबंदी से पान किसान भड़के हुए हैं | आज ऐसे ही नाराज पान कारोबार से जुड़े लोगों ने छतरपुर से 27 किमी दूर महराजपुर कस्बे में प्रदर्शन किया | प्रशासन को चेतावनी दी है की यदि तीन दिन में पान की गुमटियां नहीं खोली गई तो उग्र आंदोलन होगा |प्रशासन ने तो समस्या का निदान किया नहीं अलबत्ता पुलिस ने जरूर जाम लगाने par पांच दर्जन लोगों पर मामला दर्ज कर दिया है।
पान किसान और चौरसिया समाज के द्वारा किये गए इस प्रदेर्शन में बड़ी संख्या में पान कारोबार से जुड़े लोगों ने भाग लिया | नौगांव एसडीएम बी बी गंगेले को कलेक्टर, मुख्य मंत्री,एसपी और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया | चार सूत्रीय इस ज्ञापन में मांग की गई है कि पान गुमटियां खोली जाएँ | गाठ वर्ष पाला से नष्ट हुई पान का मुआवजा आज तक नहीं मिला जिसे तत्काल दिया जाए | गत माह तेज आंधी और तूफ़ान से पान बरेजे नष्ट हुए उनका सर्वे भी हुआ| नष्ट हुई फसलों का मुआवजा भी शीग्र दिया जाए | प्रमुख पान उत्पादक क्षेत्र महराजपुर और गाड़ी मलहरा के पान बरेजों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है उसे चालू कराया जाये | ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि पान पर पाबंदी की वजह से पान किसान ,पान मजदूर , पान की गुमटी चलाने वाले और पान के लिए खेती और गुमटियों में सामग्री सप्लाई करने वालों के सामने भुख मरी के हालात बन गए हैं | अतः तत्काल पान की गुमटियां खोली जाएँ | इसके लिए तीन दिन का समय दिया जाता है ,अगर इन तीन दिनों में गुमटियां नहीं खुली तो उग्र आंदोलन को हम मजबूर होंगे |
चौरसिया समाज और पान किसान प्रमुख मानिक चौरसिया ने बताया कि पिछले 70 दिनों से पान गुमटियां बंद हैं , बरेजों में पान सड़ रहा है | हर बार जिला प्रशासन से अनुरोध किया है की पान गुमटियां खुलवा दो ताकि स्थानीय पान किसानो का पान खप सके | इस मामले को लेकर 5 मई को कलेक्टर को 18 मई को एडीएम को और तहसीलदार को ज्ञापन सौंप चुके हैं | में स्वयं भी कलेक्टर साहब के संपर्क में हूँ बार बार अनुरोध के बावजूद पान की गुमटियां नहीं खुलवाई जा रही हैं | हमारी मांग है कि जो पान खराब हो रहे हैं जो बरेजे खराब हो रहे हैं जो नागपाल खराब हो रही है , समस्या ये है की हम इस फसल को बचाये अभी हम लोग सिर्फ इसी मुख्य मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं |
नौगांव एसडीएम बी बी गंगेले ने बताया की ज्ञापन में जो मांग रखी है वह ज्ञापन कलेक्टर साहब को भेज दिया गया है | शासन द्वारा जो भी सहायता मिलेगी तत्काल दी जायेगी |
दरअसल यहां पान किसान इस बात को लेकर आक्रोशित हैं की दारु की दुकाने तो खुली हैं पर पान की दुकाने बंद हैं | मध्य प्रदेश के अनेकों जिलों में पान की दुकाने खोल दी गई हैं पर छतरपुर में इस पर जबरन रोक लगा कर रखी गई है |
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