25 मई, 2020

छतरपुर एक दिन में ४ कोरोना संक्रमितों के साथ छतरपुर में आंकड़ा पहुंचा ९ पर

छतरपुर एक दिन में ४ कोरोना संक्रमितों के साथ  छतरपुर में आंकड़ा पहुंचा ९ पर 

छतरपुर, 25 मई 2020//
आज छतरपुर कोरोना पॉजिटिव लोगों के नाम रहा | चार लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से जिले में हड़कंप मच गया |   दिल्ली से लौटा कालापानी के  युवक को देर रात   कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद रात में ही  छतरपुर लाया गया |  दोपहर तक लवकुश नगर से दो सगे भाई  और कूँड से एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली | ये सभी दिल्ली से मजदूरी करने वाले वे लोग हैं जो अपने साथ कोरोना लेकर आये हैं | बड़ी समस्या यह बताई जा रही है की बाहर से आने वालों को कॉर्नटाईन सेंटर में ना रख कर उनके घरों में ही कॉर्नटाईन करने का कह कर रहने दिया जा रहा है | 
       
छतरपुर सिविल सर्जन आर एस त्रिपाठी ने बताया कि  कालापानी का  युवक  दिल्ली से लौट कर आया था | दिल्ली  से आने के बाद अपनी बीमारी के इलाज के लिए उसने कालापानी के लोकल डॉ  को दिखाया था | , २१  को डॉ वी एस बाजपेई को दिखाने के लिए  छतरपुर आया था |  एक्सरे और पेथोलोजी जांच के लिए वह सान्वी पैथोलॉजी और नेहा पैथोलॉजी गया था | डॉ वाजपेई ने उसे कोरोना जांच कराने का सुझाव भी दिया था | जिस पर उसने  २२ तारीख को अपनी जांच ईशानगर केंद्र में कराई थी | रविवार की रात जैसे ही उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई ,उसको तत्काल ही छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया और आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया | इसके पहले के पांच कोरोना संक्रमित व्यक्ति  जिला अस्पताल में भर्ती हैं | उन्होंने बताया की उम्मीद है कि वे जल्द ही स्वस्थ होंगे |   

 जिला प्रशासन अभी कालापानी के  युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद की स्थितियों  को बनाने में ही जुटा था की तीन और कोरोना पॉज़िटिव मिलने की सूचना मिली |   छतरपुर जिले के लवकुश नगर में 2 और ईशानगर क्षेत्र के ग्राम कूंड में 1 कोरोना पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट  आई है। इस तरह आज कुल 4  मरीज मिले हैं जिनको मिलाकर छतरपुर जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 9 हो गई है। लवकुश नगर में जो दो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं वे दोनों सगे भाई हैं| ये सभी लोग दिल्ली से लौट कर छतरपुर अपने साथ कोरोना लेकर आये | 

  छतरपुर जिले में   इसके पहले हरपालपुर के पास केंथोकर गांव में दिल्ली से लौटे चार जबकि नोगांव के बजरंग नगर कॉलोनी में दिल्ली से लौटे एक युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। 
 प्रशासन अब इन लोगों की  ट्रेवल हिस्ट्री की पड़ताल कर रहा है।

लापरवाही की बड़ी सजा भुगतेगा छतरपुर :: 

 देखा जाए तो बाहर से आये मजदूरों और व्यक्तियों  को लेकर  जो व्यवस्था शुरूआती दौर में बनी थी वह आज के दौर में देखने को नहीं मिल रही हैं | बाहर से आये लोगों को क्वैरेन्टाइन सेंटर में रखने की जगह उनके घर भेजा गया |  जिन लोगों की जिम्मेदारी उन पर निगरानी की थी वह लापरवाह ऐसा रहा मानो कोरोना जैसी छूत की बीमारी से मुक्ति मिल गई हो || सामाजिक संस्था सोशल मीडिया फाउंडेशन की रिपोर्ट बताती है कि  जिले के गाँवों में कोरोना संक्रमित इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूर लौट कर आये हैं | होम  क्वैरेन्टाइन होने के बावजूद ये लोग गाँव में और आसपास के इलाकों में घूमते हैं लोगों से मिलते हैं |   पटवारी,रोजगार सहायक,सरपंच-सचिव, आशा कार्यकर्ता  ,होम क्वॉरेंटाइन  लोगों को समझाते भी हैं पर गाँव के लोग इनकी सुनने को तैयार ही नहीं होते  है |  अभी तक जितने भी मामले आये हैं उनमे इसी तरह की कमियां सामने आई हैं |   

छूत के रोग से बंद हो गए बाजार 

 कालापानी मे पाए गए कोरोना पॉजिटिव ने  छत्रसाल चौराहा छतरपुर में  सान्वी पैथालॉजी पर खून की जाँच , महाराजा कॉलेज के सामने स्थित डॉ. बाजपेयी, कार्डियोलोजिक एवं डायविटिक सेंटर पर इलाज और नेहा डिजिटल एक्सरे  पर एक्सरे कराया गया।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शीलेन्द्र सिंह ने एक आदेश जारी किया | आदेश के तहत  कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए  सान्वी पैथालॉजी सेंटर  महाराजा कॉलेज के सामने स्थित डॉ. बाजपेयी, कार्डियोलोजिक एवं डायविटिक सेंटर एवं  नेहा डिजिटल एक्सरे सेंटर को मप्र एपिडेमिक डिजीज (कोविड-19) विनियम 2020 के प्रावधानों के तहत आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है । , एसडीएम डीपी द्विवेदी ने बताया कि संदिग्ध परिवार के 4 लोगों की सेंपलिंग करवाई जा रही है | रिपोर्ट आने तक उक्त परिवार को घर में ही क्वॉरेंटाइन करवाया जा रहा है इसका उल्लंघन होने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी | 
                                 
        छतरपुर तहसील के ग्राम कूँड़ और कालापानी में  कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने  मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट( 1949 की धारा 71(1)(2)) के तहत  ग्राम पंचायत कूँड़ और काला पानी  (सम्पूर्ण राजस्व सीमा) को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया  है।  छतरपुर एसडीएम प्रियांशी भंवर को कंटेनमेंट एरिया के इंसीडेंट कमाण्डर के रूप में नियुक्त किया गया है।
   उक्त एरिया के सर्विलेंस दल का गठन भी किया गया है। इस दल में छतरपुर एसडीएम प्रियांशी भंवर, तहसीलदार संजय शर्मा , एसडीओपी एस.एन. बघेल और मुख्य कार्यपालन अधिकारी सैय्यद मजहरअली शामिल रहेंगे। कंटेनमेंट एरिया के अंतर्गत पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही इन एरिया के समस्त निवासियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन में रहना अनिवार्य रहेगा। कंटेनमेंट एरिया में सीएमएचओ द्वारा विशेष रैपिड रिस्पॉस टीम का गठन किया जाएगा।

        छतरपुर तहसील क्षेत्र  में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति पाए जाने पर  छतरपुर एसडीएम  प्रियांशी भंवर द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत  छतरपुर तहसील के  अंतर्गत दूध, सब्जी, फल, दवाई इत्यादि अत्यावश्यक वस्तुओं को छोड़कर शेष व्यवसायिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किये गए हैं।
 हाट बाजार पूर्णतः बंद रहेंगे, नदी तटों एवं तालाबों पर सामूहिक स्नान ,सभी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम जिनमें 20 से अधिक व्यक्ति शामिल होने की संभावना है, , लंगर भण्डारा जैसे सामूहिक भोज का कार्यक्रम प्रतिबंधित रहेंगे || , सोशल डिस्टेंस का पालन , घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क लगाना या ढकना अनिवार्य होगा, 60 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को स्वास्थ्य अथवा अपरिहार्य कारणों को छोड़कर घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी, सिनेमा हॉल एवं मैरिज हॉल बंद रहेंगे, सार्वजनिक पुस्तकालयों, वाटर पार्क जिम तथा स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे, कर्मचारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति बंद रहेगी।लवकुश नगर का बाजार भी बंद करने के आदेश एसडीएम ने दिए हैं | 
   
मौत की वजह कोरोना तो नहीं 

 शुक्रवार को जिला अस्पताल  में चंद्रनगर से रेफर होकर आए टीवी मरीज की शनिवार को मौत हो गई। इसको सांस लेने की समस्या के कारण अस्पताल लाया गया था |  मौत से पहले जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस व्यक्ति की कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल लिया गया था जिसकी रिपोर्ट आना शेष है। प्रबंधन ने शव को बॉडिसूट में कवर करके मर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।

13 मई, 2020

पलायन की बेवशी


बुंदेलखंड की डायरी

पलायन की बेबसी

रवीन्द्र व्यास



 इन दिनों हर  व्यक्ति बेचैन सा नजर आता है , कोरोना के खौफ  के साये में अब हर कोई   है |  बुंदेलखंड  के 7  जिलों में कोरोना ने अपनी  दस्तक  दे दी है|  वही झांसी में कोरोना के बढ़ते ग्राफ ने भी लोगों की बेचैनी बड़ा दी है |  बाहर से लौट रहे मजदूरों को लेकर प्रशासन सतर्कता तो  बरत रहा है,पर चोरी छिपे आ रहे लोगों ने प्रशासन को बेचैन कर रखा है | सरकार की रेलगाड़ियां मजदूरों की संख्या के सामने कम पड़  रही हैं | घर पहुँचने को मजबूर  मजदूर कहीं अपनी जिंदगी से हाथ धो रहा है तो कहीं लुट रहा है   मजदूरों के साथ जब भारत का भविष्य लंगड़ाते हुए चलता है , तो देखा नहीं जाता |




इन दिनों सोसल मीडिया पर वायरल हो रही  तस्वीर मन को व्यथित देती हैं | दो बच्चियां अपने माता पिता के साथ वापस अपने गाँव की ओर जा रही हैं | उनसे चला नहीं जा रहा  तो वे किसी तरह लंगड़ा कर पैर पटक कर आगे बाद रही हैं  |  बच्चे तो भारत का भविष्य होते हैं और देश का ये भविष्य अगर लंगड़ा कर चले  तो किसे चैन मिलेगा |

 चल उड़ जा रे पंछी कि अब ये देश हुआ बेगाना

भूख ,बेबसी ,मज़बूरी और एक अच्छे भविष्य की कल्पना ने गाँव ,कस्बो और छोटे शहरों से लोगो को महानगरों में पहुंचाया | महानगरों की महाकाया को इन लोगों ने अपने श्रम से विशाल स्वरुप दिया , उद्योगों में अपनी कुशलता से कार्य किया | आज उन्ही महानगरों पर कोरोना वायरस ने  ऐसा हमला बोला है कि लोगों को फिर से अपने गाँव की और लौटना पड़ रहा है |  महानगरों में इन  शिल्पियों के पास  दो माह से  करने की लिए कुछ नहीं था , शिल्प के हर मार्ग पर ताले पड़े हैं |  जिनके भरोषे ये महानगरों में रुके थे उनने भी खिलाने से इंकार कर दिया  | ऐसे हालातों में इनके सामने घर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था | नतीजन कोई टेंकरों में  बैठ कर निकला तो कोई सब्जियों और फलों के ट्रको में छिप कर निकले | जिन्हे कुछ नहीं मिला वे साइकिल लेकर निकले , जिनके पास साइकिल खरीदने के भी पैसे नहीं थे वे पैदल ही निकल लिए |


 ऐसे ही आम के ट्रक में छिप  कर आ रहे बुंदेलखंड के मजदूर  ट्रक पलटने से मारे गए | नरसिंह पुर जिले के एन एच 44 (पूर्व का  26) पर शनिवार रात  मुंगवानी-पाठा के समीप आम सेलदा ट्रक पलट गया। इसमें अवैध रूप से बैठाकर ले जा रहे 20 मजदूरों में से 5 की मौत आम कीपेटियों के नीचे दबकर हो गई।  15 घायलों में से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल हॉस्पिटल रेफरकर दिया गया। जबकि 13 अन्य मजदूरों काजिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये सभी मजदूर हैदराबाद में कोरंटीन करने के बादचोरी-छिपे अपने घर झांसी-एटा जा रहे थे। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्रराज्यों के अलावा सिवनी जिले के तीन-तीन चेकपोस्ट से ये ट्रक गुजरता रहा लेकिनकहीं पर भी इस ट्रक की जांच करने की जरूरत नहीं समझी गई |               

     इस घटना के हफ्ते भर पहले ही छतरपुर जिले के लोगों ने ऐसा ही एक भयावह मंजर देखा था |  चंदला थाना क्षेत्र के पटली गाँव में पांच साल की मासूम और  पांच मजदूरों की अर्थियां रखी गई तो हर आँख से आंशू रुक नहीं रहे थे | ताला  बंदी के कारण ये मजदूर छतरपुर आना चाह रहे थे | मथुरा बस स्टेण्ड तक जाने के लिए एक टेक्सी में सवार हो गए , तभी एक मिनी ट्रक की जोरदार टक्कर से ये हादसा हो गया | जिला प्रशासन ने सरकार के आदेश पर मथुरा तक एम्बुलेंस भेजकर श्रमिकों के शवों को गाँव तक भेजा गया | सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मृतको के परिजनों को चार चार लाख की सहायता राशि दी है | बीजेपी अध्यक्ष वी डी शर्मा ने अपने लोकसभा क्षेत्र के मजदूरों के साथ हुए इस हादसे पर दुःख जताया ,परिजनों को फोन कर हर विपदा में साथ रहने का विश्वास  दिया |             
 जिस ६ मई को छतरपुर जिले में  एक साथ पांच मजदूरों की दाहक्रिया हो रही थी उसी रात सागर जिले के बंडा के पास मजदूरों से भरी  पिकअप को ट्रक ने टक्कर मार दी इसमें तीन की मौत हो गई | महराष्ट्र से ये 21  मजदूर अयोध्या जी अपने गाँव जा रहे थे |  विन्ध्य के 16  मजदूरों की  महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी से कटकर  मौत की  घटना  के बाद  सरकार ने शवों को लाने के लिए वाहन की व्यवस्था की | मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता  भी दी |शहडोल जिले के अतौली गाँव के सबसे ज्याद मजदूर हादसे के शिकार हुए | इस गाँव में  अधिकारी ५ लाख की  सहायता राशि का चेक लेकर प मृतक मजदूर  दीपक के घर पहुंचे | दीपक के पिता ने यह कहते हुए चेक लेने से इंकार कर दिया कि ये आप ही रख लो दीपक की इकलौती निशानी उसके बेटे को पड़ा लिखा कर एक नौकरी दिलवा दो ताकि ये मजदूर ना बने | दो एकड़ जमीन इनके परिवार में है बीपीएल कार्ड ना होने से इनको राशन भी नहीं मिलता | बदत्तर आर्थिक हालात के चलते दीपक को मजदूरी करने जाना पड़ा था |

                                     औरंगाबाद हादसे के बाद प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी के लिए एक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है | याचिका में अनुरोध किया गया है की कोर्ट सरकार को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी का निर्देश सरकार को दे |                                             दरअसल ये कुछ घटनाएं हैं जो समाज को विचलित करती हैं | ऐसे दौर में भी सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में मजदूरों के प्रवेश को लेकर पाबंदी का सामना करना पद रहा है |  हर सरकार अपने राज्य को सुरक्षित बनाने में ऐसी जुटी है कि मजदूरों के दर्द का उन्हें कोई ख्याल ही नहीं है ऐसा ही एक मामला   छतरपुर-जिले का  कैमाहा नाका उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के  सीमा नाका पर देखने को मिला  |  रविवार को यहां गुजरात ,महराष्ट्र सहित अन्य प्रांतों से आये मजदूरों की बेबसी देखते ही बनती थी | उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उनके प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी |  यूपी प्रशासन की इस हरकत से मजदूरों ने हंगामा किया , इस राष्ट्रीय राजमार्ग कई किमी का  जाम लग गया |

महोबा उत्तर प्रदेश और छतरपुर मध्यप्रदेश  अधिकारियों की चर्चा के बाद मामला सुलझा और देर शाम को उनको जाने की अनुमति मिली |

  उप्र के के रहने वाले ये मजदूर अपनी पत्नी ,बच्चों के साथ  अपने अपने साधनो से केमाहा सीमा तक पहुंचे थे |  देश के अलग अलग शहरों से  पैदल और वाहनों से पहुंचे इन लोगों को यूपी पुलिस ने जाने नहीं दिया | बेबस मजदूरों के सामने समस्या ये थी कि वहां ना खाने की व्यवस्था थी और ना उनके  पास इतने पैसे थे कि वे अपने बच्चों को खिला  सकें | छतरपुर प्रशासन ने समाजसेवियों की मदद से इनके भोजन पानी की व्यवस्था कराई |                                                 वर्तमान दौर में जहां आये दिन मजदूरों के साथ हादसे की खबरें आ रही हैं ऐसे में प्रशासन  को भी मानवीय संवेदनाओ का ध्यान रखना चाहिए | ये वो दौर है जब मजदूर महानगरों में बेबसी की जिंदगी जी रहा था | दो माह से उसके पास करने की लिए कुछ नहीं था | फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं और निर्माण कार्यों  का काम बंद है | जिनके भरोषे ये महानगरों में रुके थे उनने भी खिलाने से इंकार कर दिया  | ऐसे हालातों में इनके सामने घर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा |



विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...