केंद्र सरकार के प्रयास और मध्य प्रदेश सरकार के आर्थिक सहयोग से छतरपुर आया प्रज्ञा का पार्थिव शरीर
छतरपुर// १३ अक्टूबर २०१९ //
थाईलैण्ड के फुकेट शहर में सड़क हादसे में जान गवाने वाली छतरपुर की बेटी प्रज्ञा पालीवाल (२९) का शव रविवार को छतरपुर आया | प्रज्ञा का अंतिम संस्कार महोबा रोड स्थित मुक्ति धाम में किया गया | प्रज्ञा के अंतिम दर्शनों और अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के अलावा ,समाज सेवी ,पत्रकार और राज नेता सम्मलित हुए |
भारत सरकार के प्रयास और मप्र सरकार की मदद के बाद पीडि़त पालीवाल परिवार को आज रविवार को बेटी का पार्थिव शरीर मिला |
छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी ने बताया कि 9 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे प्रज्ञा पालीवाल की थाईलेंड के फुकेट शहर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी \| पालीवाल परिवार को बेटी की मौत जैसे ही खबर लगी वह परिवार सदमे में आ गया | प्रज्ञा के पिता शिवकुमार पालीवाल एवं उनके भाई दीपक पालीवाल ने जब समस्या बताई की बेटी का पार्थिव शरीर कैसे आएगा ,क्योंकि परिवार में और किसी के पास पास पोर्ट नहीं है | हमने मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री कमल नाथ जी से बात की , विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधान मंत्री को ट्वीट किया | सबने सकारात्मक सहयोग प्रदान किया | समस्या आई की पासपोर्ट बनने ,और फिर थाईलैंड जाकर लाने में काफी समय लग सकता था ,इसके चलते एक ऐसी एजेंसी से संपर्क किया गया जो इस तरह के मामले में मदद देने का काम करती है | मुख्य मंत्री जी के आदेश पर मध्य प्रदेश सरकार ने 87 000 थाई बात (thb _Baht ) राशि( जो भारतीय करेंसी में 2 लाख 2 हजार 960 रु होते हैं ,) एजेंसी को देकर प्रज्ञा के पार्थिव शरीर को भारत लाया गया | 12 - 13 अक्टूबर मध्य रात्रि एम् भवन के अधिकारी ने स्वयं पहुँच कर पार्थिव शरीर विमान तल पर लिया | वहा से बाहर निकलने में लगभग तीन बज गए थे | मध्य प्रदेश सरकार की एम्बुलेंस से पार्थिव शरीर आज छतरपुर आ सका | प्रज्ञा के दोनों भाई दिल्ली से साथ आये | दोनों भाइयों के रुकने और ठहरने की व्यवस्था एम् पी भवन में की गई थी |
सनद रहे प्रज्ञा बेंगलुरु की एसेंटिअल कम्पनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी| क्यू नेट करके एक कम्पनी है हॉंग कांग बेस की उसकी ये मेंबर थी कम्पनी की हर साल मीटिंग होती है | इसबार यह कम्पनी की कॉन्फ्रेंस अटेंड करने बैंकॉक गई थी ११ तारीख को शुरू होना थी छह दिन की वो ७ तारीख को निकली थी और ८ तारीख को पहुँच गई थी | कल ९ तारीख को उसकी बेंगलोर में रूम मेट है मरियम उसने सूचना दी की आपकी सिस्टर का मेजर एक्सीडेंट हो गया और अस्पताल में ख़तम हो गई |
आज जब प्रज्ञा का पार्थिव शरीर शाम 4 बजे छतरपुर आया तो प्रज्ञा के अंतिम दर्शनों और अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के अलावा ,समाज सेवी ,पत्रकार , राजनेता , जिला प्रशासन वा पुलिस प्रशासन के लोग सम्मलित हुए | विधायक आलोक चतुर्वेदी, कलेक्टर मोहित बुंदस, एसडीएम के . के .पाठक, सीएसपी उमेश शुक्ल सहित सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने पालीवाल परिवार के घर पहुंच कर पालीवाल परिवार को संबल प्रदान किया । अंतिम संस्कार महोबा रोड स्थित मुक्ति धाम में किया गया | इस मौके पर एक शोक सभा का भी आयोजन किया गया
केंद्र सरकार के प्रयास और मध्य प्रदेश सरकार के आर्थिक सहयोग से छतरपुर आया प्रज्ञा का पार्थिव शरीर



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