14 अक्टूबर, 2019

फर्जी एनकाउंटर व्यवस्था के प्रति पनपता आक्रोश

बुंदेलखंड की डायरी 
 फर्जी एनकाउंटर 
व्यवस्था के प्रति पनपता आक्रोश 
रवींद्र व्यास 
बुंदेलखंड  के मध्य प्रदेश वाले भाग में लोग दंगल का लुफ्त ले रहे थे तो वही उत्तर प्रदेश वाले झांसी जिले में एक अलग तरह का दंगल चल रहा था झांसी जिले का यह दंगल " न्याय " और " अन्याय " के बीच चल रहा है इस दंगल  में दोनों ओर से  एक साथ कई कई धुरंदर मैदान में अपना दमखम दिखा रहे हैं कौन जीतेगा कौन हराया जाएगा यह  आने वाले समय में ही तय होगा जब लोग सामाजिक ,राजनैतिक ,और शारीरिक दंगल में व्यस्त हों तो भला रावण के पुतले जलाने की औपचारिकता करने की किसे फुरसत  है |  

  बुंदेलखंड के लोगों के लिए ओरछा किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है ओरछा के महल में श्री रामराजा के रूप में विराजमान हैं लोगों की मान्यता है की श्री राम अयोध्या में नहीं बल्कि ओरछा में रहते हैं ,और लोग उन्हें राजा राम के रूप में पूजते हैं राजा की ही तरह उनको गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है एक राजा के रहते कोई दूसरा यहाँ कैसे आ सकता है इसी के चलते यहाँ मंत्री गण को गार्ड ऑफ़ ऑनर नहीं दिया जाता रात्रि विश्राम करने से भी वे बचते हैं |    
                           ऐसी  राम राजा सरकार की नगरी ओरछा में इस बार   रावण के पुतले का दहन नहीं हुआ तो  ओरछा धाम के लोग  दुखी हो गये । दुखी तो रावण दहन कराने  वाली समिति के लोग भी हुये हैं ।समिति के लोगों ने अपेक्षा की थी कि आधुनिक राम के अनुयायी उनकी आर्थिक मदद करेंगे ,जिससे वे बुराई के प्रतीक रावण का पुतला जला लेंगे अब इन समिति वालों को कौन समझाए कि मदद देने में सक्षम लोग राम के आचरण से नहीं बल्कि रावण के अनुसरण से सक्षम हुए अब वे भला हैं  रावण का पुतला दहन कैसे देख सकते हैं |                                 
     अनाचार और अत्याचार का तत्काल में ही उदाहरण ओरछा के समीप के जिले झांसी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल गया झांसी जिले के गुरसरायें थाना क्षेत्र में पुष्पेंद्र यादव को मौत के घाट उतार दिया गया झांसी जिले करगुवाँ गाँव के रहने वाले पुष्पेंद्र यादव  ना तो कोई इनामी बदमाश था ना ही उस पर ऐसे कोई संगीन मामले दर्ज थे उसका दोष सिर्फ इतना था कि वह अपने दो ट्रकों के माध्यम से गिट्टी और बालू ढुलाई का काम करता था |पुलिस ने अपनी कहानी में बताया है कि  मौठ थाना के इन्स्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर हमला कर उनकी कार लूटकर भाग रहा था गुरसरायें थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मारा गया उसके दो साथी भाग निकले  | पुलिस ने  उसकी कार से दो  कट्टा (तमंचा ) ,कारतूस और मोबाइल  जप्त किये हैं |
पुलिस कथा  में यह भी बताया गया है की घायल इन्स्पेक्टर को झांसी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया उसके बाद पुलिस के सर्च आपरेशन के दौरान यह इनकाउंटर हुआ |   माइनिंग एक्ट के दो मामलों सहित उस पर पुलिस रिकार्ड में तीन मामले दर्ज थे इनमे ऐसा एक भी मामला नहीं था जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता हो लोग जिनसे सुरक्षा की आश लगाते हो अगर वही तंत्र लोगो को मारने लगे तो लोगों का विश्वास व्यवस्था से उठने लगता है पुष्पेंद्र की पत्नी ने तो शिवांगी यादव ने तो साफ़ कह दिया है कि अगर इस मामले में न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या कर लूँगी|
व्यवस्था के प्रति पनपता अशंतोष  
व्यवस्था के प्रति लोगों के भरोषे    को पहुंची चोट को देख कर तमाम सामजिक और राजनैतिक संघटन मैदान में आ आगये हैं बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा ने योगी सरकार से सवाल किया है कि सरकार उन सांसद और विधायकों का एनकाउण्टर क्यों नहीं करती जिन पर २० २० मुक़दमे दर्ज हैं |  अब वक्त आ गया है जब हम सबको एक हो कर पुष्पेंद्र को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करना पड़ेगा |  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ९ अक्तूबर को पुष्पेंद्र के गाँव अपने लाव लश्कर  के साथ करगुवाँ पौहंचे परिजनों को भरोषा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरुरी है की पुरे मामले की जांच किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए उन्होंने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया |
जांच के आदेश  
 , जिस समय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव झाँसी में  फर्जी इनकाउंटर मामले में योगी सरकार  को कटघरे में खड़ा कर रहे थे उसी समय  उत्तर प्रदेश के एडीजे पी वी शास्त्री  पत्रकारों को बता रहे थे कि  सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार सारे काम किये गए हैं एसडीम झांसी को जांच सौंपी गई है और हथियारों की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है |  
मामूली बात पर मार डाला पुष्पेंद्र को 
दरअसल इस पुरे मामले में पुष्पेंद्र के  ट्रक को सीज किये जाने का मामला सामने आया है मौंठ पुलिस ने पुष्पेंद्र का ट्रक जप्त कर सीज किया था अपने ट्रक को छुड़वाने के लिए पुष्पेंद्र थाने गया था ,जहाँ पुष्पेंद्र का इन्स्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान से  विवाद हो गया विवाद के बाद पुष्पेंद्र का एनकाउण्टर हुआ | 6 अक्टूबर को पुलिस ने  पुष्पेंद्र यादव ,विपिन और रविंद्र के विरुद्ध मौठ और गुरसराएँ थाने में दो अलग अलग मामले दर्ज किये इस तरह पुलिस ने उस पर गुंडा एक्ट सहित पांच मामले दर्ज होने की कहानी बताई दूसरी तरफ इन्स्पेक्टर धर्मेंद्र को कानपुर स्थानांतरित कर दिया गया है | झाँसी सिटी एसपी  को श्री प्रकाश द्वेदी को भी हटा दिया गया है राहुल श्रीवास्तव को सिटी एसपी बनाया गया है | इस मामले में  पुलिस प्रशासन  से लेकर सरकार तक बेक फुट में पहुँच गई है ,जब कि  विपक्षी दलों को  सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया है | मामले को लेकर बुंदेलखंड से लेकर सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनों और धरना का सिलसिला शुरू हो गया है | 
                    उबलता आक्रोश और सुलगते सवालों के बीच जूझते बुंदेलखंड में फर्जी एनकाउंटर मामले के मूल में देखा जाए तो  खनिज सम्पदा के अवैध दोहन की कहानी छिपी है | रेत  , पत्थर गिट्टी के अवैध कारोबार ने  बुंदेलखंड का पर्यावरण संतुलन तो बिगाड़ा ही ,सामाजिक पर्यावरण को बड़ी क्षति पहुंचाई है |  झाँसी ,ललितपुर ,बाँदा ,हमीरपुर ,महोबा ,चित्रकूट ,टीकमगढ़,दमोह,सागर ,छतरपुर और पन्ना जिलों में खनिज के अवैध कारोबार के चलते पुलिस ,प्रशासन ,नेताओं , माइनिंग माफियाओं का एक ऐसा गठजोड़ तैयार हो गया है जिसका धर्म सिर्फ धन है | धन ही धर्म है के पालन के लिए बालू खदानों वाले क्षेत्र के थाने  की पोस्टिंग  धन अर्पण करने पर ही प्राप्त होती है | अर्पण किये गए धन की वसूली के लिए इन वर्दी वालों को  और गैर वर्दी वालों  को  सभी तरह की छूट आलाकमान से मिलती है |  यही छूट लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष की जनक होती है | 

केंद्र सरकार के प्रयास और मध्य प्रदेश सरकार के आर्थिक सहयोग से छतरपुर आया प्रज्ञा का पार्थिव शरीर

केंद्र सरकार के प्रयास और मध्य प्रदेश सरकार के आर्थिक सहयोग से छतरपुर आया  प्रज्ञा का  पार्थिव शरीर 

 छतरपुर// १३ अक्टूबर २०१९ // 

थाईलैण्ड के फुकेट शहर में सड़क   हादसे में  जान गवाने वाली  छतरपुर की बेटी प्रज्ञा पालीवाल (२९) का शव  रविवार को छतरपुर आया | प्रज्ञा का अंतिम संस्कार महोबा रोड स्थित मुक्ति धाम में किया गया | प्रज्ञा के अंतिम दर्शनों और अंतिम यात्रा में   बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के अलावा ,समाज सेवी ,पत्रकार और राज नेता सम्मलित हुए | 


   भारत सरकार के  प्रयास  और मप्र सरकार की मदद के बाद  पीडि़त  पालीवाल  परिवार को आज रविवार को  बेटी का पार्थिव शरीर  मिला |


  छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी  ने  बताया कि 9 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे प्रज्ञा पालीवाल की थाईलेंड के  फुकेट शहर में एक सड़क हादसे में  मौत हो गई थी \|  पालीवाल  परिवार को बेटी की मौत जैसे ही  खबर लगी वह परिवार सदमे में आ गया |   प्रज्ञा के पिता शिवकुमार पालीवाल एवं उनके भाई दीपक पालीवाल ने जब समस्या बताई की बेटी का पार्थिव शरीर कैसे आएगा ,क्योंकि परिवार में और किसी के पास पास पोर्ट नहीं है | हमने मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री कमल नाथ जी से बात की , विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधान मंत्री को ट्वीट किया |  सबने सकारात्मक सहयोग प्रदान किया | समस्या आई की पासपोर्ट बनने ,और फिर थाईलैंड जाकर लाने में काफी समय लग सकता था ,इसके चलते एक ऐसी एजेंसी से संपर्क किया गया जो इस तरह के मामले में मदद देने का काम करती है | मुख्य मंत्री जी के आदेश पर मध्य प्रदेश सरकार ने 87 000  थाई बात (thb _Baht ) राशि( जो भारतीय करेंसी में 2 लाख 2 हजार 960 रु होते हैं ,)  एजेंसी को देकर प्रज्ञा के पार्थिव शरीर को भारत लाया गया | 12 - 13 अक्टूबर मध्य रात्रि एम् भवन के अधिकारी ने स्वयं पहुँच कर पार्थिव शरीर विमान तल पर  लिया | वहा से बाहर निकलने में लगभग तीन बज गए थे | मध्य प्रदेश सरकार की एम्बुलेंस से  पार्थिव शरीर आज छतरपुर आ सका | प्रज्ञा के दोनों भाई दिल्ली से साथ आये | दोनों भाइयों के रुकने और ठहरने की व्यवस्था एम् पी भवन में की गई थी |  


                             सनद रहे  प्रज्ञा   बेंगलुरु की एसेंटिअल कम्पनी में  सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी| क्यू नेट करके एक कम्पनी है हॉंग कांग बेस की उसकी ये मेंबर थी कम्पनी की हर साल मीटिंग होती है | इसबार यह कम्पनी की कॉन्फ्रेंस  अटेंड करने बैंकॉक गई थी ११ तारीख  को शुरू होना थी छह दिन की वो ७ तारीख को निकली थी और ८ तारीख को पहुँच गई थी | कल ९ तारीख को उसकी बेंगलोर में रूम मेट है मरियम उसने सूचना दी की आपकी सिस्टर का मेजर एक्सीडेंट हो गया और अस्पताल में ख़तम हो गई | 
आज जब प्रज्ञा का पार्थिव शरीर  शाम 4 बजे  छतरपुर   आया तो  प्रज्ञा के अंतिम दर्शनों और अंतिम यात्रा में   बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के अलावा ,समाज सेवी ,पत्रकार , राजनेता , जिला प्रशासन वा पुलिस प्रशासन के लोग   सम्मलित हुए | विधायक आलोक चतुर्वेदी, कलेक्टर मोहित बुंदस, एसडीएम  के . के .पाठक, सीएसपी उमेश शुक्ल सहित सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने पालीवाल परिवार   के घर पहुंच कर  पालीवाल परिवार को संबल प्रदान किया  ।   अंतिम   संस्कार महोबा रोड स्थित मुक्ति धाम में किया गया | इस मौके पर एक शोक सभा का भी आयोजन किया गया
 

10 अक्टूबर, 2019

छतरपुर की लड़की की थाईलैंड में मौत


छतरपुर की लड़की की थाईलैंड में मौत 
शव लाने में हो रही परेशानी : विदेश मंत्रालय और प्रशासन हुआ सक्रीय 


छतरपुर / ravindra vyas/


  मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर की रहने वाली सॉफ्टवेयर इजीनियर   प्रज्ञा पालीवाल (२९) कि कल थाईलैंड के फुकेत शहर  में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई| उनके परिवार को जैसे ही इसकी सूचना उसके रूम मेट मरियम से मिली परिवार सकते में आ गया | परिवार में किसी के पास पासपोर्ट ना होने के कारण प्रज्ञा का पार्थिव शरीर छतरपुर लाने में परेशानी का सामना करना पद रहा है | इसकी जानकारी लगते ही छतरपुर विधायक , प्रशासन , और मुख्य मंत्री  सक्रीय हुए | विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ने हर तरह की मदद का भरोषा अपने ट्वीट से दिया है | 


  प्रज्ञा के भाई एस  पी   पालीवाल(शिक्षक)  ने बताया की  बेंगलुरु की एसेंटिअल कम्पनी में  सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी| क्यू नेट करके एक कम्पनी है हॉंग कांग बेस की उसकी ये मेंबर थी कम्पनी की हर साल मीटिंग होती है | इसबार यह कम्पनी की कॉन्फ्रेंस  अटेंड करने बैंकॉक गई थी ११ तारीख  को शुरू होना थी छह दिन की वो ७ तारीख को निकली थी और ८ तारीख को पहुँच गई थी | कल ९ तारीख को उसकी बेंगलोर में रूम मेट है मरियम उसने सूचना दी की आपकी सिस्टर का मेजर एक्सीडेंट हो गया और अस्पताल में ख़तम हो गई | अभी फेमली में किसी के पास पासपोर्ट नहीं है अतः जल्द से इसकी व्यवस्था हो जाए ताकि वह भारत आ सके | 
,प्रज्ञा का  परिवार छतरपुर के विधायक आलोक चतुर्वेदी के पास पहुंचा | विधायक चतुर्वेदी  ने गंभीर समस्या को देखते हुए तत्काल इसकी जानकारी मुख्य मंत्री को दी  और तत्काल ट्वीट कर विदेश मत्रालय से मदद की अपील की |   विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद   ट्वीट कर   हर संभव मदद करने का  भरोसा दिलाया | 


                         पुत्री की मौत के सदमे में परिवार ने अपर कलेक्टर प्रेम सिंह से भी मदद की अपील की प्रेम सिंह ने बताया कि  प्रज्ञा की पिता और शिवकुमार पालीवाल और उनके ताऊ जी यहाँ आये थे उनके द्वारा पुत्री प्रज्ञा पालीवाल की थाईलैंड में सड़क हादसे की जानकारी दी गई | थाई लेंड से यहां लाने के लिए किसी के पास पासपोर्ट नहीं है |  मदद की कार्यवाही की जा रही है , विधायक जी सांसद जी और प्रशासन स्तर पर मदद की जा रही है , पासपोर्ट बनने वगरैह की जो भी कार्यवाही है जल्द की जा रही है ताकि उसको छतरपुर जल्द से जल्द लाया जा सके | 
          इस मामले मुख्य मंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर पार्थिव शरीर लाने में हो रही परेशानी का जिक्र किया है | 

 

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

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