संतुष्ट नेता असंतुष्ट कार्यकर्ता
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड में इस चुनावी दौर में टिकिट पाने वाले नेता भले ही संतुष्ट हो पर कार्यकर्ताओ में अशंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा | सागर संभाग की २६ विधान सभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव परलगी है | कांग्रेस और बीजेपी की आंतरिक राजनीति ने टिकिट वितरण के साथ जो राजनैतिक हालात बनाये उनसे दोनों ही दलों में असंतोष का ज्वाला मुखी धधक रहा है | उस पर समाजवादी पार्टी और बीएसपी केसाथ बागियों ने ऐसे समीकरण बना दिए हैं कि 20 विधान सभा सीटों पर काबिज बीजेपी 10 _11 के आंकड़े पर सिमटती जा रही है | मजे की बात ये है कि दोनों ही दलों के घोषणा पत्रों में लोक लुभावन बातों की तोबरसात है पर बुंदेलखंड की बेहतरी के लिए उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की तरह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र तक जरुरी नहीं समझा गया | वहीँ कांग्रेस भी बुंदेलखंड पैकेज जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे की अनदेखी कर गई |
पिछले दिनों बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुंदेलखंड के दौरे पर आये और उनके साथ आये बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम लाल | राम लाल जी को खजुराहो छोड़ कर अमित शाह सभाये करनेटीकमगढ़ ,सागर और दमोह चले गए | खजुराहो में राम लाल के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टिकिट वितरण को लेकर जम कर अशंतोष व्यक्त किया है | खजुराहो के वरिष्ठ बीजेपी नेता प सुधीर शर्मा ने बुंदेलखंडमें बीजेपी के टिकट वितरण और पार्टी में बढ़ते सामंत वाद को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की । उन्होंने दो टूक कहा की पार्टी में ब्राम्हणो की घोर उपेक्षा की गई है और सामंती प्रवर्ति के लोगों को सर माथे पर बैठाया गया |बीजेपी ने सुनियोजित तरीके से ऐसे ब्राम्हणो को टिकिट दिए जो जीतने की स्थिति में नहीं हैं | इसमें पार्टी नेताओं ने दोहरी चाल चली है की वे बाद में यह कह सके ब्राम्हण प्रत्यासी जीतता नहीं है | सुधीर शर्मा कोरामलाल जी ने दिल्ली आने का न्योता भी दिया |
दरअसल विधान सभा चुनाव पार्टी के साथ प्रत्यासियो की छवि पर भी बहुत कुछ निर्भर करते हैं | पिछले कुछ चुनावों को देखने के बाद यह कहा जा सकता है कि इस बार दोनों ही प्रमुख दलों ने बुंदेलखंड में टिकिट अपनी कम्पनी के ब्रांड की तरह बांटे | मानो वे मान बैठे की हमारे ब्रांड की सील लगते ही कोई भी खड़ा कर दो वह जीतेगा ही | प्रत्यासी की व्यक्तिगत छवि को अनदेखा करने का खामियाजा दोनों ही दलों को उठाना पड़रहा है | इस कमी का फायदा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उठाया है | दोनों ही दलों के बागियों को टिकिट देकर सपा और बसपा ने ना सिर्फ अपने वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी का इंतजाम किया हैबल्कि सागर संभाग की चार सीटों पर सपा ने और दो सीटों पर बसपा ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा कर बीजेपी और कांग्रेस की नींद हराम की है |
जैसे जैसे मतदान का समय नजदीक आ रहा है नित नए सियासी हथकंडे देखने को मिल रहे हैं | कोई गाँव में रोटी मांग रहा है तो कोई पैरो में गिर रहा है , कही दारु मुर्गा की पार्टिया हो रही हैं तो मदिर औरमस्जिद के नाम पर पैसे बांटे जा रहे हैं | इतना ही नहीं अपने को गाँव और समाज के वोटो का ठेकेदार बताकर प्रत्याशियों से पैसे लेने का काम चल रहा है | कार्तिक माह होने के कारण इस बार कार्तिक स्नान करने वालीमहिलाओ को भी प्रत्यासियों की और से जम कर गिफ्ट मिल रही है | आने वाले दस दिनों में हर दिन हालात बदलने की के सियासी समीकरण गड़े जा रहे हैं | सोसल मीडिया पर और मीडिया में प्रत्यासियो की छविबनाई और बिगाड़ी जा रही है | इन समीकरण के बीच ऊंट किस करवट बैठेगा कहा नहीं जा सकता






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