सियासी शब्द संग्राम
बुंदेलखंड की डायरी
छतरपुर में बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में प्रधान मंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा इनकी न नीयतबदली है, न इरादे बदले हैं और न ही उनकी आदतें बदली हैं, क्योंकि कुछ बुराइयां उनके खून में समां गईं हैं\ भ्रष्टाचारकांग्रेस का शिष्टाचार है, भ्रष्टाचार कांग्रेस के संस्कार बन गया है और जिस दल के संस्कार ही भ्रष्टाचार हों, जिसके शिष्टाचारही भ्रष्टाचार हों उसकी लाइफ स्टाइल, उसकी जिंदगी ही इस तरह की हो जाती है। मोदी ने कहा कि जिनका खुद का दिमागकन्फ्यूज है और कांग्रेस फ्यूज है |
बुंदेलखंड की डायरी
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और टीकमगढ़ जिले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा के बादसियासी पारा और चढ़ गया है | दोनों दिग्गज नेता एक दूसरे पर आरोपों की बौछार करते रहे और मतदाताओं समझाते रहेकि उनकी पार्टी की सरकार बनने से क्या फायदा होगा | राहुल ने टीकामगढ़ में मोदी और बीजेपी सरकार को 35 मिनट खरीखोटी सुनाई तो मोदी जी ने भी छतरपुर में कांग्रेस और उसके मुखिया पर जम कर प्रहार किये | वाक् युद्ध के इस दौर में हर नेता भाषाओं की मर्यादा भूल गए हैं | ये नेता ना अपने चुनावी घोषणा करते हैं और ना ही बुंदेलखंड की समस्याओ पर इनके मुख से कोई शब्द निकलता है | जब देश के बड़े नेता अपनी मर्यादा भूल रहें हो तो उनसे नीचे की कतार के नेताओं से उम्मीद ही क्या की जा सकती है | चुनावी रण के अंतिम चरण में आरोप प्रत्यारोपों का कितना लाभ किसे मिलेगा यहफैसला तो २८ तारीख को ही होगा |
शनिवार को टीकमगढ़ पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गंजीखाना मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी व शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अनिल अम्बानी , नीरव मोदी औरमेहुल चौकसी का चौकीदार बताया | उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति के मीडिया को दिए बयान का हवाला देते हुए कहा कि हिदुस्तान का पीएम चोर है , ऐसा फ्रांस के राष्ट्रपति ने मीडिया से कहा | चौकीदार जी हैं वो पहले भ्रस्टाचार की बात करतेथे , अब उनके भाषण में ना भ्रस्टाचर की , ना किसानो की और ना रोजगार की बात नहीं होती | साढ़े चार साल पहले नरेंद्रमोदी कहते थे की 15 लाख बैंक अकाऊंट में करोड़ को रोजगार ,किसानो की कर्ज माफ़ी , बोनस , और मुझे पीएम मतबनाना चौकीदार बनाना | पर उन्होंने यह नहीं बताया की किस की चौकीदारी की बात कर हैं || राहुल ने तेल की बढ़तीकीमतों , गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर भी मोदी सरकार को घेरा |
राहुल गांधी ने बीजेपी मुख्यमंत्रियों को चोर कहने से भी परहेज नहीं किया उन्होंने कहा राजस्थान की मुख्यमंत्रीके बेटे ने ललित मोदी से पैसा लिया, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम पनामा पेपर में आया और यहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम व्यापम,डंपर कांड, ई-टेंडरिंग सहित बड़े घोटालों में आता रहा है।
कांग्रेस के खून में बुराइया समाई हैं : मोदी
छतरपुर में बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में प्रधान मंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा इनकी न नीयतबदली है, न इरादे बदले हैं और न ही उनकी आदतें बदली हैं, क्योंकि कुछ बुराइयां उनके खून में समां गईं हैं\ भ्रष्टाचारकांग्रेस का शिष्टाचार है, भ्रष्टाचार कांग्रेस के संस्कार बन गया है और जिस दल के संस्कार ही भ्रष्टाचार हों, जिसके शिष्टाचारही भ्रष्टाचार हों उसकी लाइफ स्टाइल, उसकी जिंदगी ही इस तरह की हो जाती है। मोदी ने कहा कि जिनका खुद का दिमागकन्फ्यूज है और कांग्रेस फ्यूज है |
पिछले दिनों कांग्रेस नेता राजबब्बर ने पीएम मोदी पर तंज कसा था कि जब वो कहते थे कि डालर के सामने रुपया इतनागिर गया कि पीएम साहब( मनमोहन सिंह ) की उम्र के करीब पहुंच रहा है | और आज रुपया आपकी पूजनीय माताजी कीउम्र के करीब नीचे गिरना शुरू हो गया |
मुद्दे लपकने में माहिर मोदी जी ने इस मुद्दे को भी लपका | जन मानस के सामने छतरपुर में मोदी जी ने गली मुहल्लों मेंहोने वाली लड़ाई का उदाहरण देते हुए कहा जब लोगों के पास तथ्य नहीं होते तो वे तेरी माँ मेरी माँ पर आ जाते हैं | जब मुद्देनहीं होते हैं कुसंस्कार भरे पड़े होते हैं ,अहंकार सातवे आसमान पर पहुंचा होता है ,तो फिर किसी की माँ को गाली देने कीहिम्मत आती है | आज जिन्होंने इतने साल राज किया , मोदी से मुकाबले में नाकाम हो गए तो अब वे मोदी की माँ को गालीदे रहे हैं | जिस मां को राजनीति का र तक नहीं मालुम उन्हें बीच में घसीट रहे हैं । कांग्रेस के लोग मोदी से मुकाबला करनेकी ताकत नहीं है | पिछले १७ -१८ साल से सीना तान कर आपको हरेक मौके पर चुनौती देता आया हूँ,और आपको पराजितकरते आया हूँ | ये सोचते हैं कि मोदी की मां को गाली देकर वो जनता का मन जीत लेंगे तो वो ये गलत सोचते हैं । इस प्रकारकी भाषा बोलने वालों को सभी माताओं और बहनों को जबड़ा तोड़ जबाब देना चाहिए |
दिलचस्प है की भाषा की मर्यादा भूलने वाले लोग शब्दों के कैसे कैसे अर्थ निकाल लेते हैं , यह बुंदेलखंड के और देश के लोगों ने 2014 से जो देखना शुरू किया उसका क्रम अभी तक जारी है | सियासत में शायद ऐसा अब होने लगा है की समाज के सामने आदर्श पेश करने वाले नेता जी मान मर्यादा को खूंटी पर टांग कर आने लगे हैं | देश के ये आदर्श नेता अब झूठ फरेब और मदारी पन पर उतर आये हैं |
