01 अक्टूबर, 2018

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बुंदेलखंड की डायरी

  राम पथ से राज पाने की चाह में  कांग्रेस 

रवीन्द्र व्यास

ये बुंदेलखंड है ,जहां की पावन धरा पर भगवान् श्री राम ने 12 वर्ष अपने वनवास के चित्रकूट  में  बिताये थे | | चित्रकूट के बारे में कहा जाता है कि " जा पर विपदा पडत है तेहि आवत
ही देश" | पिछले साढ़े  चार साल से  सत्ता का वनवास भोग रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  ने सियासी विपदा की इस घडी में चित्रकूट के कामता नाथ  से आशीर्वाद लेकर  मध्य प्रदेश का अपना असल राजनैतिक चुनाव प्रचार अभियान शुरू कियाये अलग बात है कि  जिस  बुन्देलखंड की धरा से वे अपने राजनैतिक विरोधियो पर शब्द  वाण चला रहे थे उस धरा के स्वतंत्र राज्य के अस्तित्व के लिए उनके मुख़ार बिंदु से एक शब्द नहीं निकला | जब कि उसी समय   राज्य निर्माण की मांग को लेकर झांसी में  आन्दोलन चल रहा है कांग्रेस नेता और  पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन वा ब्रजेन्द्र व्यास के साथ सैकड़ो कांग्रेसी आंदोलन स्थल पर कर अलग  राज्य की मांग का समर्थन कर रहे थे |


आंदोलन में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से चाहती है कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिये राज्य का निर्माण हो। लेकिन केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तो बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के प्रस्ताव पर सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बुन्देलखण्ड निर्माण का विरोध प्रकट किया था। क्योंकि लोकसभा में सपा से 34 सांसद थे, इसलिये मुलायम सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी पकड़ बनाते हुये बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण की ओर कांग्रेस को आगे नही बढ़ने दिया। यदि ऐसा नहीं होता तो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में थी बुन्देलखण्ड राज्य का निर्माण कर दिया गया होता। कांग्रेस आज भी बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण की सशक्त पैरवी करती है।

 पूर्व विधायक बृजेन्द्र व्यास कहते हैं  कि बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के बारे में कांग्रेसजन राहुल गांधी से यह अपील करेगें कि आने वाली कांग्रेस सरकार बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण में पूर्ण सहयोग करेगी।


 कांग्रेसी नेता चीख चीख कर झाँसी में राहुल गांधी को अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थक होने का दावा कर रहे थे और राहुल जी थे कि बुंदेलखंड राज्य के मसले पर एक शब्द भी बोलने से परहेज कर रहे थे | | उनके निशाने पर तो मोदी जी और शिवराज और बीजेपी  ही  थी ,

  चित्रकूट में राहुल गांधी राम भक्त हो गए , यहां लगे पोस्टरों में उन्हें बाकायदा पंडित और  रामभक्त बता कर  कई तरह के राजनैतिक सन्देश देने के जतन कांग्रेस ने किये |  शिव भक्त से रामभक्त बने  राहुल गांधी कांग्रेस ने शाल , श्रीफल देकर  सम्मानित कर  मंच से नेताओं ने गांधी की मानसरोवर यात्रा की चर्चा कर यह जताने का प्रयास किया की जिस कांग्रेस और कांग्रेस नेता की हिन्दू विरोधी छवि बनाई गई है वह कितना धार्मिक और आस्थावान है


 राजनैतिक तौर पर अगर कांग्रेस की इस रीती नीति को समझा जाए तो , कांग्रेस  भाजपा को उसी के हथियार से घायल करने की रणनीति पर  चलती नजर आती है | इन हालातो में कांग्रेस की  धर्म निरपेक्षता  को हिंदू विरोधी कहना बीजेपी के लिए  आसान  नहीं होगा कम से कम मध्य प्रदेश में यह स्थितियां  कांग्रेस तेजी से बदल रही है | कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने हर गाँव में गौशाला और रामपथ गमन  यात्रा शुरू करने की बात कही थी | राहुल गांधी ने  कांग्रेस की रामपथ गमन यात्रा की शुरुआत कराकर बीजेपी के सामने एक बड़ा राजनैतिक धर्म संकट खड़ा कर दिया है |

असल में बीजेपी अपनी कही बातों से खुद घिरती नजर रही है |  राम मंदिर निर्माण का सपना दिखा कर सत्ता के सिंहासन पर पहुँचने वाली बीजेपी अब तक राम मंदिर का निर्माण नहीं करा पाई | समाज को विभक्त करने वाले एस सी एसटी एक्ट पर कोर्ट के फैसले पर अध्यादेश ला कर पलटने वाली मोदी सरकार अब तक राम मंदिर , समान नागरिक संहिता , जैसे मुद्दों   पर अध्यादेश क्यों नहीं ला पाई अब यह सवाल हर जागरूक नागरिक पूंछने लगा है , जिसका उत्तर देने से  बीजेपी नेता अपने को बचाने में जुटे हैं |  मध्य प्रदेश में तो स्थितियां और भी विकट  हैं  , जिस रामपथ गमन मार्ग से कांग्रेस सत्ता के सिंहासन पर पहुँचने का जतन कर रही है    शिवराज सिंह ने 11 वर्ष पहले चित्रकूट में  २५   करोड़ रु की लागत से    रामपथ गमन मार्ग निर्माण   की घोषणा की  थी ||  यह भी एक संयोग है की श्री राम ने चित्रकूट में 12 वर्ष बिताये थे ,और बीजेपी सरकार की घोषणा को ११ वर्ष हो गए ,उसे शायद राम  से तार जोड़ने के लिए एक वर्ष और चाहिए | हालांकि सरकार ने रामपथ गमन के लिए रिपोर्ट वगैरह भी बनवाई जिस पर  दो करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च की | कमेटी भी बनी उसने भी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी , पर राम का मार्ग आसान नहीं हो सका |

चित्रकूट से शुरू होने वाले इस राम पथ गमन मार्ग से सतना,पन्ना, शहडोल, जबलपुर, ‍  आदि जिलों की लगभग ३५ विधान सभा सीटें सीधे तौर पर और 140 विधान सभा क्षेत्र अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित होते हैं | जाहिर तौर पर कांग्रेस इस  सियासी रामपथ मार्ग पर बीजेपी की तथाकथित रामभक्ति को बेनकाब करने का प्रयास भी करेगी |

 हालांकि भाजपा    कांग्रेस  पर  धार्मिक उन्माद  भड़काने की राजनीति  करने का आरोप लगाने से नहीं चूकती  है, | वे यह भी सवाल उठा कर राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं कि  अपने को हिंदू प्रचारित करने वाले राहुल जी  यह भी बताएं कि,उनके पूर्वजों की श्राद्ध किस दिन होती है।

सियासत के इस संग्राम में यह पहली बार देखने को मिल रहा है की बीजेपी की टक्कर में कांग्रेस भी अपने आपको हिंदुत्व से जुड़ा होने और धार्मिक होने का दावा कर रही है | असल में यह बात कांग्रेस को बहुत देर में समझ में आई कि हिन्दुस्तान में हिन्दू  धर्म को नकार कर सियासत नहीं की जा सकती है | सियासत पर बारीक नजर रखने बीजेपी  ने इसे बहुत ही बारीकी से समझा , और मंडल के जबाब में धर्म यात्रा आडवाणी के नेतृत्व में निकाल कर बीजेपी को इस मुकाम पर पहुंचाया की आज वह केंद्र में पूर्ण बहुमत के साथ देश में सबसे बड़ा राजनैतिक दल बन गया |


मप्र में  कांग्रेस  चेहरा

 गुटों में बंटी प्रदेश कांग्रेस को राहुल गांधी  ने चित्रकूट और विंध्य के दौरे से साफ़ सन्देश दे दिया है की  विधानसभा चुनाव में प्रदेषाध्यक्ष कमलनाथ और प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया  ही पार्टी का मुख्य  चेहरा होंगे |  राहुल गांधी के दौरे के दौरान  यह दोनों नेता पूरे समय राहुल के दाएं और बाएं नजर आए |  इस दौरान  राहुल ने भी  किसी तीसरे नेता का नाम तक नहीं लिया। राहुल ने राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर कमलनाथ और सिंधिया द्वारा युवाओं को रोजगार दिलाने, किसानों के लिए पूरा जीवन लगाने का वादा किया।


राहुल गांधी के इस दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,सत्यव्रत चतुर्वेदी ,नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी,  कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव,  आदि रहे मगर गांधी ने कमलनाथ और सिंधिया के अलावा किसी पर ज्यादा गौर नहीं किया। सियासत के जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी द्धारा  कांग्रेस के अन्य नेताओ की उपेक्षा पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं हैं \| 


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