19 मार्च, 2018

बिजली कंपनियो को लूट की छूट


बुंदेलखंड की डायरी 

बिजली कम्पनियो को लूट की छूट 

रवींद्र व्यास 

 बिन पानी  सब सून की ही तरह  वर्तमान में बिन  बिजली सब शून्य के हालात हैं |  जन्म से लेकर  जीवन की अंतिम विदाई तक भारत में बिजली की जरुरत रहती है | बिन बिजली खेत सूखे रह जाते  हैं , कार्यालयों में काम ठप्प हो जाता है , धन का प्रवाह ठहर जाता है , देश  दुनिया से नाता टूट जाता है | शायद लोगों की  इसी दशा का लाभ बिजली कम्पनी   लोग उठा रहे हैं |   सूखा ग्रस्त  बुंदेलखंड में प्रकृति की मार के साथ  बिजली कंपनी  की गाज किसानो पर गिर रही है | अपनी मनमानी और  लूटखसोट के लिए विख्यात बिजली कम्पनी के  खिलाफ आम आदमी  पार्टी ने पिछले दिनों  छतरपुर में  प्रदर्शन भी किया | आम आदमी पार्टी दिल्ली की तर्ज पर बिजली की लूट  को  लेकर सियासी जमीं तलाश रही है |  छतरपुर में प्रदर्शन की आग ठंडी भी नहीं हो पाई थी कि बिजली कम्पनी ने सागर जिले में ऐसा कोहराम  मचाया की जिसने भी देखा और सुना हैरान रह गया |  छतरपुर में तो बिजली कम्पनी के एक ओ आई सी  की इस लिए पिटाई कर दी क्योंकि उसने  विद्दुत उपभोक्ता को   अपमानित अपने अधिकारों का दुरूपयोग किया | अब बिजली वाले उसके समर्थन में आंदोलन चला रहे हैं | 

आम आदमी पार्टी के बैनर तले प्रदेश संगठन सचिव अमित भटनागर के नेतृत्व में लोगों ने   कलेक्ट्रेट का घेराव् किया |  मीटर नही तो बिल नही के नारे के साथ बिलों में आग लगाई।दरअसल ये किसान और आम आदमी  बिजली कंपनियों की मनमानी  से त्रस्त हैं | , उनके घरों में, गाँव मे कई वर्षों से मीटर की रीडिंग लिए बिना मनमाने बिल थमाये जा रहे है,|  ज्यादातर घरों में या तो  मीटर नही है या खराब  पड़े  है, जहां सही है वहां भी कोई मीटर की रीडिंग लेने नही आता। बिना मीटर के कई वर्षों से बिजली कंपनी मनमाने बिल भेज रही है,| लोग  बिजली कम्पनी की इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर और सामूहिक रूप से कई चक्कर बिजली विभाग के लगा चुके पर उनकी समस्या का कहीं समाधान नहीं हुआ | 
आप के अमित भटनागर आरोप लगाते हैं की छतरपुर सहित बुंदेलखंड के सागर ,पन्ना ,दमोह,टीकमगढ़ में  ऐसे दर्जनों गांव और हजारों उपभोक्ता है जिनके यहाँ कई सालों से लाईट नही है, पर फिर भी बिजली बिल दिए जा रहे है,|  एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान किसानों से बसूली पर रोक की सार्वजनिक घोषणा करते है, दूसरी तरफ किसानों की मोटरसाईकिल, उनके खेतों पर छापामार कार्यवाही कर उनके स्टार्टर मोटर उठाई जा रही है, मुख्यमंत्री ही झूठी घोषणाएँ कर रहे है तो भला किस पर भरोसा किया जाए यही कारण है कि किसान आत्मघाती कदम उठा रहा है। वे कहते हैं कि  दिल्ली में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार 200 यूनिट बिजली उपयोग करने पर 462 रुपये लेती है वही मध्यप्रदेश में ये राशी 1370 रुपये है, जबकि दिल्ली अपने उपयोग के लिए मध्यप्रदेश से ही बिजली खरीदती है |
 को हड़ताल पर कार्यालय में बैठ गया।

पिछले दिनों  छतरपुर में  बिजली विभाग के   आई सी  सर्वेश  शुक्ला के साथ उपभोक्ताओं ने  मारपीट की | अब  जिले में इसके विरोध बिजली कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं जगह जगह विरोध स्वरुप  अपना शक्ति प्रदर्शन करने लगे हैं | यह कोई पहला और अकेला मामला नहीं है जिले में विद्द्त बिल बकाया को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं | 
 सागर जिले में  तो   विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड धमकी देकर बिजलीके बिलों की वसूली  कर रहा है | किसानों के पास  जो कुछ  भी मिल रहा है उसे जप्त कर ले  रहे हैं | जिले के  पचास गांवों बिजली कीआपूर्ति  अवरूद्ध कर दी गई है     | 
दरअसल बुंदेलखंड  इलाका  पिछले कुछ वर्षों में लगातार सूखा और प्रकृति   की त्रासदी झेलता  आ रहा  है| इस बार के सूखे ने तो उसके सामने विकराल समस्या खड़ी कर दी है |   किसान की थोड़ी बहुत  रबीफसल कटाई के लिए तैयार  है, पर बिजली बिल के नाम पर सरकार ने वसूली अभियान शुरू करवा दिया है |  बुंदेलखंड के जिलों में विद्दुत वितरण कम्पनी के लोग अपने निजी सुरक्षा गार्डों के साथ गाँव गाँव में आतंक और दहशत फैला रहे हैं | 
सागर जिले में  निजी सुरक्षा गार्ड के साथ  बिजली कम्पनी के लोग  गरीब  ग्रामीणोंकिसानों घर में  जबरिया  प्रवेश  करते हैं और  जो मिलता है उठा लेते हैं |  देवरी ब्लॉक के सेडवेरा गाँव के विश्वनाथ आदिवासी ने बताया की  घर पर  बिजली कंपनी के एकअधिकारी  और  गार्ड आया और जबरदस्ती  घर में प्रवेश करके बिजलीबिल का  12000 रुपये का भुगतान करने  को कहने लगे .I हमने  उनसे  कुछ समय देने के लिए कहा था  की  रबी फसल कट  जाती  फिर कुछ कर देते | लेकिन उन्होंने  बात नहीं  सुनी  और मेरे घर कीतलाशी के बाद मेरे छत   का पंखा निकाल कर ले गए |   .Munna पिपरिया  गांव  मुन्ना  बसोर (एस सी )  ने  बताया कि बिजली कंपनी  वालों ने  मुझसे  14 645 रुपये का भुगतान करने के लिएकहा |  हमने  उन्हें हालात बताये तो  सुरक्षा देने के लिए गन से लैस गार्ड ने हमें धमकी देना  शुरू कर दिया | घर में  घुस कर हमारी सिलाई मशीन उठा कर ले गए | ये कहानी सिर्फ इन दोनों की नहीं हैं बल्कि इस इलाके के अनेकों घरों से बिजली कम्पनी के लोगों ने किसानो , मजदूरों के घर से टी वी मोटर साइकिल , पलंग तखत तक उठा कर ले गए | असल में सागर जिले में किसानो  और घरेलु ऊर्जा खपत के एक अरब १८ करोड़ रुपये की बकाया लोगों पर है | कम्पनी के आला अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों को लक्ष्य दे रखे हैं वसूली  के | दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के संवेदन शील मुख्यमंत्री  किसानो को भरोषा देते हैं की  उनकी बकाया वसूली रोक दी गई है | 
                   बिजली कंपनियों की मनमानी और लूट तंत्र ने  विपक्षी सियासी दल कांग्रेस , और आम आदमी पार्टी को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है | कांग्रेस के पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह बुंदेला बताते हैं कि  मध्य प्रदेश में बिजली की एक तो दर बहुत ज्यादा है दूसरा  बिजली की दरों में असमानता है ज्यादा खपत तो ज्यादा दर यह निर्णय विसंगति पूर्ण है , इसके सबसे ज्यादा शिकार किसानो के साथ आम मध्यम वर्ग का परिवार है जो वर्तमान जीवन शैली के कारण तमाम तरह के उपकरण तो रखने को मजबूर होता है , उस पर बिजली की लूट मार वाली दर के कारण उसका सारा बजट ही बिगड़ जाता है |  खुद  बीजेपी के लोग भी स्वीकारते हैं की जिस तरह से आम आदमी साथ सरकारी कार्यालयों ,और बिजली दफ्तर में व्यवहार होता है उससे जन मानस  में पार्टी के प्रति नाराजी बड़ी है | 





                                               

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