बुंदेलखंड की डायरी
बुंदेलखंड में सी एम् ने दिखाए किसानो को सब्जबाग
रवीन्द्र व्यास
सूखा की समस्या से बदहाल बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिला के पृथ्वीपुर में मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री ने भावान्तर भुगतान योजना का आयोजन करवाया | जिले के 18452 किसानों के खाते मे कोर बैकिंग से 41 करोड़ रुपये भेजे ।यह वही स्थान है जहां 28 दिसंबर 17 की रात एक किसान के जवान पुत्र ने इस कारण आत्म ह्त्या कर ली थी क्योंकि उसे काम नहीं मिल रहा था । अपने आप को किसान पुत्र बताने वाले शिवराज सिंह से यहाँ के किसानो को उम्मीद थी कि वे उस पीड़ित किसान ( पिता) से जरूर मिलने जायेगे जिसने अपना जवान बेटा खोया है । शायद यहां के किसानो मजदूरो को यह नही पता था कि मुख्यमंत्री यहा किसानों का दर्द बाटने नही बल्कि सियासी सब्ज बाग़ दिखाने आए थे । पिछले चुनाव में भी दिखाये थे इस बार भी दिखा कर चले गए ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान भावांतर भुगतान योजना के इस कार्यक्रम को एक तरह से चुनावी आयोजन बनाने मे कोई चूक नही की । उन्होंने दावा किया कि जो अब तक कभी नहीं हुआ, वो हम करके दिखायेंगे, प्राकृतिक आपदा हो या कोई दूसरी कठिनाई, सूखा हो या और कोई संकट, प्रदेश के किसानों को किसी भी सूरत में अकेले नहीं रहने दिया जायेगा। सुख हो या दुख, सरकार किसानों के साथ हमेशा रही है और आगे भी रहेगी। जिस जिले में सी.एम् साहब यह सब कह रहे थे उसी जिले में पिछले तीन साल मे लगभग सवा सौ किसान मौत को गले लगा चुके हैं । पेट की आग
बुझाने के लिए किसान- मजदूर पलायन को मजबूर हैं । गांव गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है । यह हालात अकेले टीकमगढ़ जिले भर के नहीं बल्कि मध्यप्रदेश वाले व उप्र वाले बुंदेलखंड इलाके के सभी जिलों के हालात ऐसे ही है ।
इन हालातो को अपरोक्ष रूप से नजरअंदाज करते हुए सीएम साहब कहते हैं कि किसानों का दर्द सरकार की पीड़ा है। सरकार हर वह कदम उठायेगी, जिससे किसानों की जिंदगी में खुशहाली आये। हालांकि सीएम ने टीकमगढ़ जिले में अल्पवर्षा की स्थिति पर चिंता जताते हुए किसानों से कहा कि चिंता की बात नहीं है, सरकार किसानों को हर मुसीबत से बाहर निकाल लायेगी। उन्होंने लोगों को बताया कि टीकमगढ़ जिले के लिये सरकार ने 183 करोड़ रू. की सूखा राहत राशि जारी की है। जल्द ही यह राशि किसानों के खातों में आ जायेगी । ये अलग बात है कि महिना भर पहले सरकार ने यह राशि स्वीकृत की थी , इस राशि का लाभ कैसे लेना है इसकी योजना बनने में हो रहे विलम्ब के कारण यह राशि पीड़ित किसानो के खाते में नहीं पहुंची | सरकारी अफसर शाही के नकरात्मक रुख के चलते किसानो और आम आदमी की जिंदगी में कैसे खुशहाली आएगी यह एक बड़ा सवाल है |
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सागर संभाग में इसी गर्मी से जलाभिषेक अभियान के तहत छोटी बड़ी जलसंरचनाओं के निर्माण के साथ-साथ हर गांव हर पंचायत में पानी बचाने के लिये युद्ध स्तर पर काम किये जायेंगे। यहां मौजूद पुराने चंदेल कालीन तालाबों को पुर्नजीवितकि या जायेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत हम टीकमगढ़ जिले के गांव-गांव और खेत-खेत तक पानी पहुंचायेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को जल संरक्षण के काम जल्द से जल्द प्रारंभ करने को कहा।
बुंदेलखंड के सागर संभाग के लोगों के लिए शिवराज सिंह चौहान की पृथ्वीपुर में मंच से कही गई लोकलुभावन बाते कोई नई नही है । यहाँ के लोग जानते है कि जब उमा भारती मध्यप्रदेश की सीएम थी, उस समय उन्होंने किसानो की बुनियादी समस्या के समाधान के लिए पंचज अभियान चलाया था ।जिसमे जन, जल,जंगल, जमींन,व जानवर को समाहित किया था । शिवराजसिंह ने अपने 13 साल के कार्यकाल मे पंचज का ऐसा सत्यानाश किया कि उसका कोई नाम लेवा भी नही बचा । पिछले सालो मे मध्यप्रदेश सरकार ने नदी पुनर्जीवित योजना शुरू की थी । सागर संभाग के हर जिले से दो नदियों को लिया गया था । संभाग की एक भी नदी वास्तव मे पुनर्जीवित नही हो पाई है, कागजो मे हो गई हो तो अलग बात है । जल संरक्षण व जल संरचनाओं के विकास के सब्ज बाग़ 15-16 के सूखा के समय भी दिखाये गये थे, जमीनी हकीकत कुछ और ही है । बुंदेलखंड पैकेज से जल संरक्षण के लिए मिले पैसे का जमकर दुरूपयोग किया गया । नल जल योजना भष्ट्राचार की भेट चढ गई । पिछले विधानसभा चुनाव मे शिवराजसिंह ने लगभग हर चुनावी सभा में कहा था की गाँव की महलिओ को अब पानी के लिए हेंड पम्प और कुँए तक नहीं जाना पडेगा , हर गाँव में नल जल योजना होगी , टोंटी खोलो और पानी ले लो | लिए उन्होंने बाकायदा भूमिका भी रची थी कि मुझ से गाँव की माताओ और बहनो का पानी को लेकर जो कष्ट है वह देखा नहीं जाता | रही चंदेलकालीन तालाबों को पुनर्जीवित करने की बात तो यह आश यहां के लोग अर्जुन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल से लेकर अब तक लगाए बैठे हैं, पर इन तालाबों का पुनर्जीवन सिर्फ सभाओं के मंच तक होता है यथार्थ में नहीं |
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री चौ हान ने 7 करोड़ 85 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और करीब 73 करोड़ 79 लाख रूपये की ला गत वाले 27 विकास परियोजनाओं/का र्यो का भूमिपूजन भी किया। मुख्य मंत्री ने घोषणा कर यह जताने का भी प्रयास किया कि किसानो के वह सबसे बड़े हितेषी हैं | सूखा प्रभावित किसानों से इस वर्ष ऋण वसूली पर रोक और , अगले साल तक के कर्जे का ब्याज सरकार भरेगी| कर्जा नहीं चुकाने वाले किसानो को भी 0 प्रतिशत की ब्याज दर से ऋण मिलेगा । समाधान योजना के तहत ऐसे किसानों का ब्याज या चक्रवृद्धि ब्याज सरकार भरेगी। कर्जे के मूलधन को पांच या छः किस्तों में देने की सहूलियत । गरीबों को पट्टा देकर भू-स्वामी बनाने के अलावा उसे पक्का मकान, टीकमगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर साल 15-15 हजार मकान बनाये जायेंगे।पृथ्वीपुर के महाविद्यालय को स्नातकोत्तर का दर्जा और यहां विज्ञान संकाय की कक्षायें भी खोली जायेंग-पृथ्वीपुर में शीघ्र ही एसडीएम कोर्ट की स्थापना की जायेगी/ मोहनगढ़ में अगले साल से महाविद्यालय स्थापित किया जायेगा। टीकमगढ़ जिले का कोई भी सड़क विहीन नहीं रहेगा। मांग के अनुरूप सभी सड़कें, पुल-पुलिया व अन्य निर्माण कार्य किये जायेंगे।जलाभिषेक अभियान के तहत टीकमगढ़ जिले के हर गांव में जल संरचनायें बनाई जायेंगी।
मुख्य मंत्री की इन घोषणाओं के बीच उनको याद दिलाया गया कि उन्होंने पिछले चुनाव में निवाड़ी को जिला बनाने की घोषणा की थी उसका क्या हुआ , इस पर वे मौन ही रहे | हालांकि मुक्यमंत्री के निवाड़ी को जिला बनाये जाने पर मौन रहने पर पृथ्वीपुर वासी प्रसन्न हैं , पर उन्हें उन्हें सीएम की संवेदन हीनता पर कष्ट भी हुआ |
दरअसल देखा जाए तो मुख्य मंत्री शिवराज सिंह का पृथ्वीपुर का यह पूरा कार्यक्रम एक तरह से चुनावी ही था | असल में बुंदेलखंड इलाके से बीजेपी को जो सर्वे रिपोर्ट मिली है उसने बीजेपी और आर एस एस दोनों को बेचैन कर दिया है | रिपोर्ट के मुताबिक़ बुंदेलखंड के लोग अपने विधायकों और यहाँ के मंत्रियों के कामकाज को लेकर खुश नहीं हैं | यदि यही चेहरे दोबारा मैदान में आते हैं तो पार्टी को एक बड़ी कीमत चुकानी पद सकती है | रिपोर्ट के बाद से ही पार्टी के विधायक ,मंत्री अपना अधिकांश समय अब विधान सभा क्षेत्र में बिताने लगे हैं | बुंदेलखंड इलाके से बीजेपी की बढ़त बरकरार रहे इसके लिए मुख्य मंत्री का सागर जिले से शुरू हुआ अभियान निरंतर जारी है | दूसरी तरफ आर एस एस बुंदेलखंड में अपनी सक्रियता तेज कर दी है | वहीँ समाज के जातीय धुर्वीकरण का अभियान भी चलने लगा है | अब यह समय ही बातयेगा की बिकने वाले बोट से या मुद्दों के आधार पर जनमत बनेगा \|

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें