19 सितंबर, 2016

URI Attack


हम समीक्षा करते रहे वे सफाया करते रहे

रवीन्द्र व्यास

पाक उस जमी पर आतंकवादियो को प्रशिक्षण देता है जो मूलतः भारत की भूमि है अब उसे पाक अधिकृत
कश्मीर कहा जाता है उसी सर जमी से चार ट्रेंड  टेरिरिस्ट  उरी में सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला करते हे
 सोते समय हुए इस हमले मे 18 जवान शहीद हो जाते हैं चारो आतंकवादी भी मर जाते हैं सेना और सरकार
के लोग घटना स्थल तक जाते हैं और इसे पाकिस्तान का कायराना कृत्य बताते हैं

देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी भी कहते हैं की हम उरी में किये गए इस कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा
करते हैं में देश को यकीन दिलाना चाहता हु की इस घ्रणित हमले के पीछे जो लोग भी हैं उन्हें बक्शा नहीं जाएगा रविवार को हुए हमले के बाद सोमवार को फिर बैठक हुई और सीमावर्ती इलाको की सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा की
गई बैठक में मंत्री से लेकर देश के सुरक्षा तंत्र से जुड़े तमाम लोग सम्मलित हुए

देश की जनता तो अब तक यही मानती रही की देश पर राज करने वाले नेता जो भी निर्णय लेंगे वह देश हित में ही
लेंगे उसके सामने जब देश में हुए आतंकी हमलो की फेहरिस्त आती है, जिससे उसे पता चलता है की  की पिछले  सालों में हुए हमलो में चार हजार से ज्यादा जवान शहीद हो गए ऐसी दशा में  वह यह सोचने को मजबूर हो ही
जाता है कि ये देश के नेता अपने ही देश के हैं या कही और के सैन्य मनोविज्ञान कहता है की इस तरह की
निरंतर प्रक्रिया का सामना यदि किसी देश की सेना करती है और उसे प्रतिकार का मौका नहीं दिया जाता तो वह
 सैन्य दल मानसिक तौर पर संघर्ष नहीं कर पाता है युध्द के प्रकारों  में  भी यह माना जाता है की  किसी  देश से
युद्ध कई तरह से लड़ा जाता है सीधा युध्द और , छद्म युद्ध इस छद्म युध्द की भी कई शाखाये हैं जिनमे दुश्मन देश
की अर्थ शक्ति पर आघात करना , सामजिक तौर पर समाज को सत्ता के विरुध्द करना , गोरिल्ला रण नीति के
 तहत दुशमन देश की सेना , संचार , परिवहन , और जन मानस पर आघात करना
 
पाकिस्तान  सीधे संघर्ष में कभी भारत को मात नहीं दे पाया इस कारण वह पिछले तीन दशकों से भारत के साथ
 छद्म युध्द की नीति पर काम कर रहा भारत का  खुफिया तंत्र यह जानता है की दुनिया में सिर्फ भारत ही एक
 मात्र ऐसा देश है जहां आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान सेना द्वारा प्रशिक्षित आतंकवादी हमला करते हैं
जिसे एक तरह से गोर्रिला वार भी कहा  जाता है    इन लोगों ने देश में एक विशाल तंत्र स्थापित कर लिया है ,
जिसे इस्लाम के नाम पर और मदरसों के नाम पर करोडो की धन राशि मुहैय्या कराई जाती है ऐसा भी नहीं है
 की देश का खुफिया तंत्र बिलकुल भी नकारा और बे असर हो , इस तंत्र के पास वे तमाम सूचनाएं हैं जो होनी
चाहिए पर सियासत की मजबूरी और वोटो के भूखे नेताओं ने इनके हाथ बाँध दिए हैं इस तंत्र को संबल
मिले तो देश में ना स्लीपर सेल के सदस्य रह पाएंगे और ना ही माओवाद के नाम पर कत्ले आम मचाने वाले
 और उनके पैरोकार रह पाएंगे

दरअसल  पाकिस्तान की इस हौसला अफजाई में भारत की भूमिका भी महत्व पूर्ण है भारतीय नेतृत्व दुनिया
से डरता रहा ,और समीक्षा करता रहा , दूसरी तरफ पाकिस्तान हमारा  सफाया करता रहा , सबूतों को नकारता
रहा और हम उम्मीद करते रहे की  दुनिया के देश पाकिस्तान को सबक सिखाएंगे दुनिया उसी के साथ होती है
जो सबल और सक्षम हो , इस्रायल जैसा छोटा सा देश अपने रणनैतिक कौसल के कारण दुनिया को ठेंगे पर रखता
है दुनिया भर के सैन्य विज्ञानी मानते हैं की अटैक इस दा बेस्ट डिफेन्स , पर भारत में इसका उलटा होता है
हम ना अतीत से सबक लेते हैं और ना वर्तमान को समझने का प्रयास करते हैं // जय हिन्द //





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