आप की सक्रियता
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड इलाके में इन दिनों आम आदमी पार्टी की चहल कदमी बढ़ रही है । आप के नेताओं को लगता है कि आजादी के बाद से ही इस इलाके की उपेक्षा हुई है । और वर्तमान बीजेपी शासन काल में इस इलाके की उपेक्षा के साथ तिरिष्कार भी हुआ है । इलाके में राजनैतिक शून्यता के कारण स्थानीय स्तर पर छोटे - छोटे क्षत्रप पैदा हो गए । जिन्हे राजनैतिक विचार धारा से कोई सरोकार नहीं , इन क्षत्रपों ने अपने धन बल और दल की दबंगई की वजह से स्थानीय निकायों पर कब्जा कर लिया । दूसरी तरफ यहां के निर्वाचित जन प्रतिनिधि या तो सिर्फ संघटन मंत्री की कटपुतली बनने को मजबूर हैं या फिर बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और सरकार की उपेक्षा के शिकार हैं । परिणामतः ब्यूरो क्रेशी हावी है । जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है । इन हालातों में जनता के सोये हुए आक्रोश को जाग्रत करना जरुरी है ।
आप इन्ही तमामा स्थितियों का मूल्यांकन कर अपनी रण नीति बनाने में जुटी है ।व्यापम घोटाले के बाद शायद आप नेताओं को दिल्ली के बाद सबसे अनुकूल राज्य मध्य प्रदेश ही समझ में आ रहा है । इसके पीछे वजह भी है दिल्ली की तरह यह राज्य भी दो दलीय व्यवस्था में चल रहा है , सपा और बसपा की जतिवादी राजनैतिक विशात को यह राज्य नकार चुका है । ऐसी दशा में आम आदमी पार्टी एक सशक्त राजनैतिक विकल्प के तौर पर यहां स्थापित हो सकती है । इसी के चलते प्रदेश संयोजक एवं दिल्ली के विधायक सोमनाथ शास्त्री मध्य प्रदेश का दौरा कर रहे हैं । वे जगह जगह पार्टी कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए कहते हैं की जहां भी गये हमने देखा कि जनता में भाजपा के 15 साल के कुशासन को लेकर भारी आक्रोश है लेकिन विकल्प न होने की बजह से जनता छटपटा रही है। हमेें प्रदेश में दिल्ली की तरह संगठन खड़ा करना है ताकि जनता को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया जा सके। वे मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी का बूथ स्तर पर संगठन तैयार करने का गुरु मन्त्र भी कार्य कर्ताओ को दे रहे हैं ।
दूसरी तरफ आप के प्रदेश सहप्रभारी विकास पांडे कार्यकर्तों को समझा रहे हैं की युवा ही कोई परिवर्तन ला सकते हैं, दिल्ली में परिवर्तन युवाओं एवं छात्रों की बदौलत ही हुआ है। इस कारण युवाओ को संघटन से जोड़ना आवश्यक है । आप के बुंदेलखंड के प्रमुख नेता अमित भटनागर का तो मनना है की बुंदेलखंड में जो राजनैतिक दल है वे जनता कि समस्याओं को नहीं उठाते जिस कारण जनता मायूस है ।
आप की इस राजनैतिक कवायद का कितना लाभ पार्टी को मिल पायेगा यह तो आने वाला भविष्य ही बताएगा , पर आप की सक्रीयता बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है । पर कर्म का फल तभी मिलेगा जब आप बुनियादी समस्याओ को लेकर पहल करेगी ।
सियासत के इस संघर्ष में हर दल आने वाले वक्त को अपनी मुट्ठी में कैद करने की कवायद में जुटा है । बीजेपी ने जहां सदस्यता अभियान से अपने दल को दुनिया का सबसे बड़ा दाल बनाया है , और इस लकीर को लंबा करने के लिए जिस तरह से बीजेपी महा संपर्क अभियान चला रही है वह बीजेपी वालों को आत्म मुग्ध करने के लिए पर्याप्त है । दूसरी तरफ पिछले कई वर्षों से कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ नहीं रहा । नतीजतन आम आदमी ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया । वर्षों बाद कांग्रेस के हाथ व्यापम का हथियार हाथ लगा है , वह भी अब सीबीआई के कारण उनके हाथ से फिसलता है । गुटों में बटी कांग्रेस के हाथ भी तभी मजबूत हो सकते हैं जब वह खुद में एक मत हो आम आदमी की बुनियादी समस्याओं के लिए गाँव से लेकर राजधानी तक संघर्ष करे । राजनैतिक विश्लेषक मानते हैं की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जन से सरोकार सबसे जरुरी है । और आज के दौर में देश के राजनैतिक धरातल पर तमाम प्रमुख राजनैतिक दल जन से दूर होते जा रहे हैं । इसमें चाहे कांग्रेस हो अथवा भाजपा दोनों ही आम आदमी की समस्याओं से बेखबर सी नजर आती हैं । मध्य प्रदेश में जिस तरह से राजनैतिक लूट का वातावरण बना है , और बेलगाम ब्यूरो क्रेसी है उसे देखते हुए यह माना जा सकता है की प्रदेश में वैकल्पिक राजनैतिक दल की गुंजाइश काफी है
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