मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के फायर वाचर दुर्जन यादव
को मगर मच्छ नेनिगल लिया । टाइगर रिजर्व में काम करने वाला यह व्यक्ति ,टाइगर रिजर्व के अंदर केन नदीके भैरा घाट पर रोजान नहाने जाता था । गए रोज जब यह नहाने के लिए नदी में कूदा तोफिर बाहर नहीं निकल पाया ।६० घंटे से भी ज्यादा समय बीतने के बाद उसे खोजा नहीं जासका । फील्ड डायरेक्टर भी स्वीकारते हैं की मगर ज्यादा होने के कारण गोता खोर नदी मेंनहीं जा पा रहे हैं।
फॉयर बॉचर 25 बर्षीय दुर्जन यादब खाना बना कर नहाने गया था उसके कपडे साबुन धाटके किनारे रखे है और बह पानी मे कूदा इसके बाद बापिस नही आया । केन नदी के इस भौरादेबस्थान मे झीलनुमा बडी गहराई है खोजने के लिये लापता श्रमिक का पता लगाने पुलिस डॉगस्कबाइड और गोताखोरो की मदद भी ली जा रही है । यहॉ पर बडी संख्या मे मगरमच्छ होने केकारण गोताखोर भी काम नही कर पा रहे है।
फील्ड डॉयरेक्टर ने तलाश अभियान तेज करने की बात कहते है । वे बताते हैं की १८ ता कीसुबह की घटना है श्रमिक दुर्जन सिंह यादव मंडला निवासी है , वह केम्प में खाना पकाकर नदी नहाने गया था ,। काफी खोज किया सर्च किया कल गुमशुदा की रिपोर्ट की है , पुलिस केडागस्कवाड़ , गोता खोर आये नदी में मगर ज्यादा होने के कारण वे नदी में जाने से डर रहे हैं /
पानी में जाने के बाद क्या हुआ स्पष्ट नहीं हो पाया है / मगर खा गया इसकी पोसिबिल्टी है वह डाइवलगा कर हर दिन नहाता था , युवा है फिजिकल भी ठीक है ।
पर कुछ अनसुलझे सवाल हैं जिनके जबाब टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के पास नहीं हैं । केन नदी में बड़ी संख्या में मगर मच्छ होने की बात खुद पार्क प्रबंधन करता है । ऐसे खतरनाक स्थान पर पार्क को एक चेतावनी बोर्ड लगाने की जरुरत थी जो नहीं लगाया गया । यहां आने वाले टूरिस्टों को तो यहाँ जाने से रोका जाता था किन्तु पार्क का ही एक श्रमिक रोजाना यहां नहाता था जिसकी रोक थाम की जरुरत पार्क प्रबंधन ने नहीं समझी । सामाजिक संस्था सोसल मीडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष आर के थापक कहते हैं कियाः पूर्णतः पार्क प्रबंधन की लापरवाही है ।
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