12 अगस्त, 2013

उमर अब्दुल्ला की सरकार कर रही है पाक के मंसूबो को पूरा : उमा भारती

किश्तवाड़ की घटना के लिए वहां की सरकार  दोषी
सरकार के संरक्षण में दंगाईयो ने वहां पर हिन्दुओ पर हमला बोला है
सरकार स्वयं वहां पर हिन्दू जो अल्प संख्यक हें उनकी घेराबंदी कर उनकी हत्याए करवा रही है 
काश्मीर से धारा ३७० का जो विशेष  अधिकार है वो हटाना पड़ेगा 
उमर अब्दुल्ला की सरकार ही  पाकिस्तान के मंसूबों को पूरा कर रही है 
छतरपुर/एम. पी. / 12 अगस्त 
आज बीज़े.पी. की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती बी. जे. .पी. कार्यकर्तायो के प्रशिक्षण वर्ग में सम्मलित होने  आई । इस मौके पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने _ किश्तवाड़ की घटना के लिए वहां की सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा की सरकार अपने पाप छुपाना चाहती / सरकार के संरक्षण में दंगाईयो ने वहां पर हिन्दुओ पर हमला बोला है , वहां पर जो जानकारिय मीडिया के माध्यम से मिली की उसमे वहां के मंत्री भी उसमे अगवाई कर रहे थे / इसलिए  उमर   अब्दुल्ला ने अपने पाप को छुपाने के लिए अरुण जेटली को रोका और पूरी दुनिया के सामने हकीकत को सामने नहीं आने दे रहे हें । लेकिन काश्मीर की घटना से एक बात स्पष्ट  हो गई है की काश्मीर से धारा ३७० का जो विशेष  अधिकार है वो हटाना पड़ेगा नहीं तो काश्मीर में अल्प संख्यक हिन्दू समाज को पूरी तरह से नष्ट कर देगा । 
 
पाकिस्तान को चाल चलने की तब जरुरत पड़ती है जब हमारे लोग उससे हाथ ना मिलाए / जब उमर अब्दुल्ला की सरकार ही वह काम कर रही कि  पाकिस्तान के मंसूबों को पूरा कर रही है तो अलग से पाकिस्तान को अपनी भूमिका की जरुरत क्या है ।
 
 चुनाव के लिए कमर कसे कार्यकर्त्ता 
छतरपुर के एक बारात घर में कार्य कर्ताओं को चुनावी रणनीति का ज्ञान भी उमा भारती ने दिया । उन्होंने  पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरा अटल जी के शासन काल के सुनहरे दिन याद करवाए /  कार्यकर्ताओं को बताया की किस तरह और क्यों होगा कांग्रेस का सर्व नाश - इसके लिए उन्होंने ताजा किश्तवाड़ की घटना के साथ  याद दिलाया की किस तरह कांग्रेस शासन काल में सिख दंगे , गोधरा काण्ड और अब किश्तवाड़ की घटना  पर सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने चुप्पी साध राखी है यह देश के लिए घातक है , और ये ये घटनाएं इस पार्टी का नाश करेंगी / क्योंकि ये वे लोग हें जिन से भारत की अस्मिता और स्वाभिमान जुड़ा  है/ और हम जो मूल चीजे लेकर आये यूनिफार्म सिविल कोड , धारा 370 ,\ भारत की जो प्राण शक्ति  है वो हिन्दू है हमारी संस्कृति हिन्दू में है ,हममें एक सांस्कृतिक समानता होनी चाहिए / ये बातें कार्यकर्ता के मन में आती हें /  इसलिए  हमे विचार करना है की देश की दिशा क्या हो , इसलिए बी. जे.पि. कार्यकर्ता जब गाँव में जाए लोगों के पास जाए तो उसके विचारों , उसके संस्कारों और राष्ट्रवाद का  दर्शन लोगो को हो / तभी मध्य प्रदेश में सरकार बनेगी , और जब प्रदेश में सरकार बनेगी तभी ज्यादा से ज्यादा सांसद यहाँ से जित कर जायेंगे और केंद्र में हमारी सरकार  बनेगी \ 


05 अगस्त, 2013

 भक्ति मार्ग में ही निहित है सुख, शांति और समृद्धि- पं. तरुण चौबे महाराज
// इन दिनों बुंदेलखंड इलाके में भक्ति की अनोखी गंगा प्रवाहित हो रही है , हर कहीं यज्ञ -हवंन -पूजन और का सिलसिला चल रहा है , दुखो और मानसिक अशांति से त्रस्त जन भक्ति के इस सरोवर में सुख, शांति और समृद्धि-   की तलाश करते हें । यही तो हिंदुस्तान की वह शक्ति है जो उसे संतोष का भाव प्रदान करती है /
मध्य प्रदेश के छतरपुर आये गृहस्थ संत तरुण चौबे जी कहते हें कि _दिनचर्या की शुरूआत अपने आराध्य की स्तुति और पूजा-अर्चना के साथ तो लोग करते हैं और यह कामना भी करते हें  कि उनके साथ-साथ दूसरों का भी भला हो, लेकिन शायद यह याद नहीं रख पाते कि भक्ति का ही इस श्रृष्टि में एक ऐसा मार्ग है जिससे सुख, समृद्धि और शांति का मार्ग प्रशस्त होता है। 
आडम्बरों से पूरी तरह दूर सहज सरल गृहस्थ संत पं. तरुण चौबे महाराज स्थानीय मेला जलबिहार मैदान में चल रहे 6 दिवसीय रुद्र महायज्ञ, पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महारुद्राभिषेक अनुष्ठान के चौथे दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं के मध्य  यह उद्गार व्यक्त करते  हुए  कहा कि सेवा व्यापक शब्द है। बच्चे माता-पिता की, भक्त ईश्वर की, सबल निर्बलों की, समाजसेवी दीन-दुखियों की और राजनेता जनता की तथा शासकीय कर्मचारी और अधिकारी शासन द्वारा सौंपे गए कार्यो को सेवाभाव से पूर्ण करने का प्रयास करता है। इन सारे क्षेत्रों में व्यक्ति की सोच, दिशा और दशा के साथ-साथ उसका लक्ष्य भी दुरूस्त रहे यह शक्ति उसमें हमेशा निहित रहे इसकी प्राप्ति केवल भक्ति मार्ग से ही संभव है। 
उन्होंने कहा कि छतरपुर में पहली बार जय मातेश्वरी भक्त परिवार समिति ने शिष्य मंडल छतरपुर के सहयोग से रुद्र महायज्ञ, पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महारुद्राभिषेक का 6 दिवसीय आयोजन किया। यह मात्र 6 दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि इसके पीछे जो मूल उद्देश्य निहित है उसमें मानव कल्याण उसकी सुख, समृद्धि और शांति के साथ-साथ प्यासी धरती को तरबतर करने के लिए भी अच्छे वर्षा योग की कामना भी समाहित है।
                        इस अनुष्ठान के तैयारियों से लेकर आयोजन के प्रारंभ होने तक और जारी कार्यक्रमों के दौरान जिस तरह से प्रकृति इस अंचल पर महरबान हुई है, उससे यह संतोषप्रद है कि यह पुनीत अनुष्ठान काफी हद तक अपने मकसद की ओर अग्रसर हो रहा है।