09 नवंबर, 2023

EL_BJP_ भाजपा कार्यकर्ता को अपने घर पर झंडा लगाने से कोई रोक नहीं सकता ::विष्णुदत्त शर्मा

 भाजपा कार्यकर्ता को अपने घर पर झंडा लगाने से कोई रोक नहीं सकता


भाजपा में प्रत्याशी निमित्त मात्र, चुनाव लड़ते है बूथ कार्यकर्ता

बसपा नेता भाजपा में हुए शामिल

 विष्णुदत्त शर्मा

छतरपुर/ // 05/11/2023। भारतीय जनता पार्टी में केवल प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ता बल्कि उसके साथ बूथ का प्रत्येक कार्यकर्ता चुनाव लड़ता है। कार्यकर्ताओं के इसी समर्पण का परिणाम है कि ये संगठन विश्व का सबसे बड़ा कार्यकर्ताओं का संगठन कहा जाता है। भाजपा में प्रत्येक बूथ को मजबूत बनाकर हमारे कार्यकर्ताओं ने बूथ और पन्ना समिति को सशक्त तथा डिजिटल बनाने का काम किया है। चुनाव में कार्यकर्ताओं का उत्साह यह बता रहा है कि इस विधानसभा चुनाव में प्रत्येक बूथ पर भाजपा प्रचण्ड बहुमत से विजयी होकर जीत का नया इतिहास रचेगी। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने रविवार को छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही। 

प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा  कार्यकर्ता सम्मेलन के पूर्व प्रातः  खजुराहो के वार्ड क्रमांक 10 स्थित बूथ अध्यक्ष  जगनंदन तिवारी के घर पहुंचकर भाजपा का झंडा लगाकर मेरा परिवार भाजपा परिवार अभियान का शुभारम्भ किया।
भाजपा सरकार की जनहितैषी योजनाएँ ही हमारी असली ताकत | 
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब कल्याण अन्न योजना को अगले 5 वर्षों तक आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जी के इस अभिनव निर्णय से देशभर के 80 करोड़ नागरिकजन लाभान्वित होंगे। भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनहितैषी योजनाओं से प्रत्येक बूथ पर आमजनों को लाभान्वित करने के लिए भाजपा के बूथ कार्यकर्ता कटिबद्ध है। भाजपा सरकार की जनहितैषी योजनाएँ ही हमारी असली ताकत है।
मोदी जी के नेतृत्व में रामंदिर निर्माण की सैंकड़ों वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई

चंदला में विधानसभा के त्रिदेव एवं पंच परमेश्वर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सशक्त नेतृत्व का परिणाम है कि हमारा भारत न सिर्फ विकास पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है बल्कि देश की पुरातन संस्कृति और हमारे सनातन धर्म का भी अभ्युदय हो रहा है। हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि 22 जनवरी 2024 को हमारे आराध्य रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सैंकड़ों वर्षों से रामभक्तों की राममंदिर बनाने की प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए भव्य श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है। श्री शर्मा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ पर हर घर पहुंचकर भाजपा सरकार की जनहितैषी योजनाओं और नीतियों की जानकारी दें। पूर्ण विश्वास है कि आपके परिश्रम से भाजपा प्रचंड बहुमत से विजय होगी।
हमारा बूथ कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृहमंत्री करते है उनसे सीधा संवाद
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में बूथ सबसे अहम इकाई होती है और बूथ अध्यक्ष सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की, भोपाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी बूथ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते है। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के राजनीतिक चाणक्य कहे जाने वाले हमारे देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह भी जब प्रदेश के 10 संभागों में प्रवास करते है तो शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद करते है। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ता उसके साथ बूथ का प्रत्येक कार्यकर्ता चुनाव लड़ता है। राजनगर और चंदला में पार्टी के प्रत्याशी को भारी बहुमत से जीताने की अपील करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि सभी एक जूटकर होकर कार्य करें एवं अपने-अपने स्तर पर अपने मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर में पहुंचकर घर-घर जाकर शासन की योजनाएं बताएं। जनसम्पर्क दौरान सभी कार्यकर्ता भाजपा द्वारा किए गए विकास कार्य बताते हुए वंचित लोगों तक लाभ कैसे पहुंचे इसका प्रयास करें तभी हम छतरपुर जिले की हर विधानसभा के प्रत्येक बूथ पर भारी  बहुमत से जीतने में सफल होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने बूथ अध्यक्ष के घर पार्टी का झंडा लगाकर किया मेरा परिवार-भाजपा परिवार अभियान का शुभारम्भ
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने रविवार को चुनाव प्रचार की शुरुआत खजुराहो के प्रसिद्ध श्री मतंगेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन के साथ की।  प्रदेश अध्यक्ष ने भगवान मतंगेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की। दर्शन के पश्चात वार्ड क्रमांक 10 स्थित बूथ अध्यक्ष श्री जगनंदन तिवारी के घर पहुंचकर पार्टी का झंडा लगाकर मेरा परिवार भाजपा परिवार अभियान का शुभारंभ किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने बूथ अध्यक्ष के घर झंडा लगाकर कार्यकर्ता को सम्बोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने घर पर भाजपा का झंडा लगाने, दीवार पर कमल का फूल बनाने एवं गले में  भाजपा का गमछा डालने का पूरा अधिकार है, इससे उसे कोई वंचित नहीं कर सकता और ना ही इसमें किसी भी तरह का कोई कानूनी उलझन होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की टोली अपने-अपने मोटरसाइकिल पर भाजपा का स्टीकर और झंडा लगाकर बूथ पर घूमकर पार्टी का पक्ष में वातावरण बनाएं।  
समर्थकों के साथ बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए रामराजा पाठक
राजनगर में कार्यकर्त्ता सम्मलेन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर बसपा नेता श्री रामराजा पाठक अपने 100 से अधिक समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने श्री पाठक और उनके समर्थकों को पार्टी का अंगवस्त्र पहनकर स्वागत किया। बसपा ने श्री रामराजा पाठक को राजनगर से अपना उम्मीदवार बनाया था। उम्मीदवार घोषित करने के पश्चात बीएसपी ने श्री पाठक का टिकट काट दिया था। श्री शर्मा ने श्री रामराजा पाठक का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा अन्य दलों से भिन्न है यहां पार्टी एक परिवार है, परिवार के सदस्य के रूप में इसे मजबूत करने और विस्तार देने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।  

EL_2023_Dayri_सियासत के बदलते समीकरण रवीन्द्र व्यास

 बुंदेलखंड की डायरी 

सियासत के बदलते समीकरण 

रवीन्द्र व्यास 

 

बुंदेलखंड के २६ विधानसभा सीटों पर सियासत के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं | बुंदेलखंड के सागर संभाग में बीजेपी और कांग्रेस  ने अपने प्रत्याशी चयन में  सियासी और जातीय समीकरणों  को साधने का प्रयास भी किया है | इसके बावजूद भी ये दोनों ही दल कार्यकर्ताओं की बगावत और जातीय समीकरणों के असंतोष से जूझ रहे हैं  |  बीजेपी वोट बैंक का बड़ा आधार माने जाने वाले ओबीसी मतदाता के खिसकने से पार्टी  नेताओं में भी बेचैनी देखी जा रही है | ऐसे दौर में गृह मंत्री अमित शाह का चुनाव जीतने  का मन्त्र कितना कारगर रहेगा यह चुनावी परिणाम ही तय करेंगे | हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंदला की चुनावी सभा में कांग्रेस को धोखे बाज करार देकर सियासी सनसनी फैला दी | 

                  

                  सागर संभाग की 26 विधानसभा सीटों में से 6 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं | २०२३ के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही ओ बी सी के ८ प्रत्याशी ,ब्राह्मण वर्ग के 5 प्रत्याशी उतारे हैं | कांग्रेस ने ठाकुर वर्ग पर तो बीजेपी ने जैन वर्ग पर  कुछ ज्यादा भरोसा जताया है | कांग्रेस ने ठाकुर  वर्ग से 5 और जैन वर्ग से एक , जबकि बीजेपी ने जैन वर्ग से तीन और ठाकुर वर्ग से  चार प्रत्याशी  मैदान में उतारे हैं | चुनाव में महिला वर्ग की प्रत्याशियों को उतारने में भी कांग्रेस ने बाजी मारी है कांग्रेस ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में महिला प्रत्याशी उतारी हैं तो बीजेपी ने सिर्फ दो विधानसभा क्षेत्र में महिला प्रत्याशी उतारे हैं | संभाग की इन २६ विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर अपनों ने ही प्रत्याशियों को बड़ी चुनौती दे डाली है |  

 

हिन्दू मतों का विभाजन करने में कांग्रेस कितनी सफल :: 

 

बुंदेलखंड की विधानसभा सीटों  में अधिकांश सीटों पर हार जीत का रास्ता चाहे जो भी  वर्ग तय करता रहे | पर  चुनाव के एक वर्ष पहले से ओबीसी ,दलित  वर्ग को साधने और हिंदुत्व के  विरुद्ध भड़काने का सुनियोजित प्रचार अभियान भी शुरू किया गया था | गैर भाजपाई राजनैतिक दलों के निशाने पर भाजपा ही थी |     बीजेपी ने अपने स्तर  पर बहुत कुछ ठीक ठाक करने का प्रयास भी किया |  पर इन सबके बावजूद सागर में पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव  के पुत्र सुधीर यादव ने बीजेपी से नाता तोड़ कर झाड़ू पकड़ ली | वही राजनगर विधान सभा क्षेत्र में छतरपुर बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ घासीराम पटेल ने  ने बीजेपी से अलग होकर हाथी की सवारी कर ली | पन्ना की कुसुम मेहदेले पहले से ही बीजेपी नेतृत्व से नाराज चल रही हैं | उमा भारती की भी नाराजगी जग जाहिर है | छतरपुर जिले की बड़ामलहरा से पूर्व विधायक रेखा यादव ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया है |  

जबकि कांग्रेस ने इस वर्ग को साधने के लिए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को जिम्मेदारी सौंपी थी | अरुण यादव ने बुंदेलखंड के हर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर  पिछड़ा वर्ग को साधने का प्रयास किया |

जातीय जनगणना 

जो कांग्रेस कभी जातीय जनगणना का विरोध करती थी आज वह इसी मुद्दे पर लोगों को कांग्रेस के पक्ष में लामबंद कर रही है | हाल ही में जब प्रियंका गांधी दमोह दौरे पर आई तो उन्होंने बीजेपी को ना सिर्फ धर्म के मुद्दे पर घेरा बल्कि  ओबीसी एससी एसटी के मुद्दे पर कहा  कि  हम जातिगत जनगणना  करवाएंगे। इससे पता चल जाएगा कि किस वर्ग के कितने लोग हैं। सरकार जानते ही नहीं तो वो न्याय कैसे करेगी। एक तरह से उनका आरोप था कि बीजेपी सरकार जातिगत जनगणना  ना  कराकर एक तरह से इस वर्ग से अन्याय कर रही है | 

                           जातीय  जनगणना के मसले पर बीजेपी भले ही मौन हो पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कांग्रेस को इस मसले पर जम कर लपेटा | वे ३ नवम्बर को छतरपुर जिले के  चंदला में मध्यप्रदेश की  पहली चुनावी सभा करने आये थे |  उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए  कहा कि जिसने देश में आजादी के बाद जातिगत जनगणना रोक लगा  दी वह भी अब कह रहे हैं कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए | हमारी पार्टी का स्पष्ट मानना  है  कि हमारी सरकार जब भी  बनेगी तो पहला  फैसला जातिगत  जनगणना  का ही लिया जाएगा |  समाजवादी पार्टी  ने सबसे पहले जातिगत की जनगणना  की बात की  अब  सब दलों के लोग बोलने लगे हैं / अब  देश में वह सरकार बनेगी जो जातिगत की जनगणना करवाएगी  |  यह तो राजनीति का  चमत्कार है कि अब दूसरे दल भी जातिगत जनगणना की बात कर रहे हैं |

 

 शाह का  जीत  मंत्र

 

पिछले दिनों  मध्य प्रदेश दौरे पर आये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  खजुराहो में सागर संभाग के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों की  बैठक ली | बैठक में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को "बूथ जीतेंगे, चुनाव जीतेंगे"  का मंत्र दिया। दरअसल बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में  ५० फीसदी से ज्यादा मत प्रतिशत पाने का लक्ष्य तय किया है | बीजेपी को इस लक्ष्य पाने के लिए बूथ जीतो अभियान पर  फोकस तो करना पडेगा किन्तु बीजेपी में जिस तरह से आंतरिक असंतोष देखने को मिल रहा है उसमे बूथ जीतो मन्त्र कितना कारगर हो पाता है | अब शिवराज की नौगांव सभा की ही बात कर लें तो उनकी सभा में बीजेपी के महराजपुर क्षेत्र के बड़े नेता मंच से नदारत रहे | जबकि उसी दिन ये नेता नौगांव के ही एक बीजेपी नेता के घर बैठक कर रहे थे | असल में महराजपुर में मानवेन्द्र सिंह के पुत्र कामाख्या प्रताप सिंह को टिकट दिए जाने से बीजेपी के नाता नाराज चल रहे हैं 

 समीकरण बनाते और बिगाड़ते साइकिल और हाथी ,

                सियासी समीकरण बुंदेलखंड में बागी बनाते और बिगाड़ते रहे हैं | इस बार भी बागी प्रत्यासी दोनों दलों के सियासी समीकरण बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका अदा करेंगे | हालांकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल ने बागियों पर कार्यवाही करना शुरू कर दिया है | 41 सागर विधान सभा क्षेत्र में बीजेपी के शैलेन्द्र जैन का मुकाबला अपनी ही बहू  कांग्रेस की निधि जैन से है | यहां बीजेपी के बागी मुकेश जैन ढाना  आम आदमी से खड़े हैं |  इसी तरह सागर जिले की बंडा विधान सभा क्षेत्र में बगावत सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है | यहां बीजेपी के सुधीर यादव ने भी आम आदमी की झाड़ू पकड़ ली है तो , शाहगढ़ निवासी रणजोर सिंह ने हाथी की सवारी कर बीजेपी के सामने मुश्किलें कड़ी कर दी हैं | टीकमगढ़ में बीजेपी के पूर्व विधायक  के के श्रीवास्तव की बगावत बीजेपी को भारी पढ़  सकती है | छतरपुर जिले में भी लगभग हर सीट पर बगावत का यही असर है | बगावत का सबसे ज्यादा असर महराजपुर में देखने को मिल रहा है | यहाँ बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही बागियों से त्रस्त हैं | कांग्रेस के दौलत तिवारी ने साइकिल की सवारी कर कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजा दी | उनके समर्थन में  पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की पुत्री निधि चतुर्वेदी प्रचार में जुट गई हैं | | निधि के सपा प्रत्यासी के प्रचार करते ही कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष  ने छतरपुर जिले के कांग्रेस से बगावत करने वाले अजय दौलत तिवारी,निधि चतुर्वेदी,डीलमणि सिंह बब्बू राजा, धीरज मिश्रा,अभय तिवारी,पुष्पेंद्र अहिरवार,दिनेश यादव को 6 वर्ष के लिए निष्काषित कर दिया है | 

                       अगर २०१८ के  चुनावी परिणाम  देखें  तो सागर संभाग की २६ विधानसभा सीटों में बीजेपी को 37. 44 फीसदी मत मिले थे जो 2013 के चुनाव से 4. 13 फीसदी कम थे | कांग्रेस को २०१८ में ३४. ३१ फीसदी वोट मिले जो   2013 के मुकाबले ४.38 फीसदी  वोट  कम थे।  पर उसके दस विधायक चुने गए | बसपा और सपा से एक एक विधायक चुना गया | देखा जाए तो 2018 में बीजेपी कांग्रेस से मत प्रतिशत में 3.13 फीसदी मतों की बढ़त बनाये रही | पर इस बढ़त के बावजूद सीटों का यह खेल बहुत कुछ बागियों ने बिगाड़ा |  इस  चुनाव में भी बागी दोनों दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं |  

 

 

EL_SP_Chandla_ अखिलेश का कमल नाथ पर तंज जिसके नाम में ही कमल हो उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं वह बीजेपी की भाषा ही बोलेंगे

 अखिलेश का कमल नाथ पर तंज 

जिसके नाम में ही कमल हो उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं वह बीजेपी की भाषा ही बोलेंगे


छतरपुर /  /  मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाके में से एक चंदला विधानसभा क्षेत्र से आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की | एम् पी में कांग्रेस से विवाद के बाद यह उनकी पहली सभा थी | जिसमे वे कांग्रेस पर हमला करने से नहीं चूके | 

चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा  चुनाव में आपने बहुत कुछ पढ़ लिया होगा एक समय ऐसा था हम लोगों को लग रहा था  कि हम लोग गठबंधन में चुनाव लड़ने जा रहे हैं |  बातचीत हुई पता नहीं क्यों और किस कारण बातचीत खत्म हो गई, |  अच्छा किया कांग्रेस ने जो अभी धोखा दे दिया अगर वह बाद में धोखा देते तो हम कहीं के नहीं रहते इसलिए कम से कम चुनाव के पहले धोखा दे दिया और धोखे की वजह से हमें पुष्पेंद्र अहिरवार को चुनाव लड़ना पड़ रहा है | उन्होंने यह भी  कहा कि एक बार धोखा खाया है बाद में धोखा नहीं खाएंगे भले ही हमें अकेले होकर ही चुनाव क्यों ना लड़ना पड़े | देश की राजनीति में समाजवादी पार्टी बड़ा बदलाव ला सकती है | कांग्रेस के कमलनाथ पर तंज कसते  हुए उन्होंने कहा  जिसके नाम में ही कमल हो उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं ,वह बीजेपी की भाषा ही बोलेंगे |  हम पर जातिवादी होने का आरोप लगाते हैं पर समाजवादी कभी जातिवादी नहीं हो सकते | 

जातीय  जनगणना के मसले पर भी उन्होंने कांग्रेस को लपेटा | उन्होंने कहा कि जिसने देश में आजादी के बाद जातिगत जनगणना रोक लगा  दी वह भी अब कह रहे हैं कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए | हमारी पार्टी का स्पष्ट मानना   है  कि हमारी सरकार जब भी  बनेगी तो पहला  फैसला जातिगत  जनगणना  का ही लिया जाएगा |  समाजवादी पार्टी  ने सबसे पहले जातिगत की जनगणना  की बात की  अब  सब दलों के लोग बोलने लगे हैं / अब  देश में वही सरकार बनेगी जो जातिगत की जनगणना करावेगी |  यह तो राजनीति का यह राजनीति का चमत्कार है कि अब दूसरे दल भी जातिगत जनगणना की बात कर रहे हैं | 

 मध्य  प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने का जिक्र करते  हुए उन्होंने  कहा की मध्य प्रदेश में सरकार बनी थी उस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों ही विधायकों को तलाश रही थी | कांग्रेस को जब  हमने अपने इकलौते  विधायक का  समर्थन दिया तब कहीं जाकर कांग्रेस की सरकार बन पाई थी | 

 लेकिन उसके बाद मध्य प्रदेश में एक ऐसा खेल खेल जो देश में कहीं नहीं खेला गया यहां विधायक खरीदे गए करोड़ों रुपए में बेईमानी से बीजेपी ने सरकार बनाई | आज  कोई विकल्प राजनीति में दे सकता है तो वह समाजवादी पार्टी ही है |  जब से भाजपा आई है उद्योगपतियों की मदद कर रही है उन्होंने नोटबंदी का भी जिक्र किया साथ ही कहा कि   समाजवादी पार्टी की लड़ाई अलग है जो बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों से है दोनों दल एक से हैं उनके दोनों के सिद्धांत दोनों के कार्यक्रम में कोई फर्क नहीं है अगर देश में बदलाव और नए राष्ट्र के निर्माण के लिए कोई काम कर सकता है तो है समाजवादी पार्टी ही कर सकती है |  

बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने  एक उदाहरण देते हुए बताया कि आज जब मैं आ रहा था रास्ते में दो जगह रुका एक जगह मेरा मेरा स्वागत किया गया वहां से कुछ दूर कुछ महिलाएं खड़ी थी उनमें से चार महिला आई हमारे पास हमने उनसे पूछा कि कुछ समाजवादी लाभ मध्यप्रदेश में भी मिलने लगा है कितने को मिल रहा है तो उसमें से  एक ने बताया हमें मिल रहा है तीन को नहीं मिल रहा है यह बीजेपी के लोग इस तरह का भ्रम गांव में फैला रहे हैं कि सबको मिल रहा है जबकि वास्तविकता यह है कि कुछ लोगों को ही इसका लाभ मिल रहा है |उन्होंने उत्तर प्रदेश के उदाहरण को भी समझाया कि किस तरह उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने एक बड़ा परिवर्तन लोगों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किया है \भाजपा अगर सरकार बनाएगी तो कहीं ना कहीं आपसे पैसा निकलवा ही लेंगे महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा भाजपा की यह नीति है कि वह दूसरे तरीके से आप लोगों से पैसा निकलवा लेते हैं आज हर चीज के दाम बड़े हैं पेट्रोल डीजल खाद पानी फसल बीमा, किसान बीमा के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है पर कोई सुनने वाला नहीं बिजली के नाम पर मनमाने  बिल दिए  जा रहे हैं

सरकार को जो काम करना चाहिए वह तो  सरकार करती नहीं है गांव के गांव उजड़ रहे हैं नौजवान रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं 90 से 95 फीसदी नौजवान बेरोजगार घूम रहा है ऊपर से महंगाई की मार है |  उन्होंने इस मौके पर उनके कार्यक्रम में पहुंचे छतरपुर चंदला  के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति का धन्यवाद देते हुए कहा कि वह हमारी इस लड़ाई में सहभागी हुए हैं और निश्चित है इससे हमारे प्रत्याशी पुष्पेंद्र अहिरवार की ताकत बढ़ेगी और चंदला विधानसभा में अच्छे मतों से जीतेंगे | इसके लिए आप सबके सहयोग और समर्थन की जरूरत है | 

EL_2023_छतरपुर जिले की छः विधानसभा क्षेत्रों में 84 उम्मीदवार लड़ेंगे चुनाव

 छतरपुर जिले की छः विधानसभा क्षेत्रों में 84 उम्मीदवार लड़ेंगे चुनाव

छतरपुर,  // 02 नवम्बर 2023

 नाम वापसी के बाद छतरपुर जिले की सभी छः विधानसभा में अब 84 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

 विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर में 13 उम्मीदवारों में इंडियन नेशनल कांग्रेस से नीरज दीक्षित, भारतीय जनता पार्टी से कामाख्या प्रताप सिंह, समाजवादी पार्टी से अजय दौलत तिवारी, भागीदारी पार्टी से राकेश प्रजापति, निर्दलीय सचिन चौरसिया, बहुजन समाज पार्टी से इंजी. महेश चन्द्र कुशवाहा, आम आदमी पार्टी से इंजी. के.आर. पटेल, निर्दलीय पुष्पेन्द्र अग्रवाल, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) परसराम पाल, जन अधिकार पार्टी से गिरजा प्रसाद कुशवाहा, निर्दलीय पुरूषोत्तम नायक पुजारी, निर्दलीय रामपाल अहिरवार, निर्दलीय नृपत कुशवाह।

 विधानसभा क्षेत्र चंदला में 09 उम्मीदवारों में लोकजन शक्ति पार्टी से लखन लाल अनुरागी, इंडियन नेशनल कांग्रेस से हरप्रसाद अनुरागी, समाजवादी पार्टी से पुष्पेन्द्र कुमार अहिरवार, बहुजन समाज पार्टी से डी.डी. अहिरवार, राष्ट्रवादी भारत पार्टी से राजा भईया प्रजापति, जन अधिकार पार्टी से योगेश प्रजापति, भारतीय जनता पार्टी से दिलीप अहिरवार, निर्दलीय रामदीन अहिरवार, निर्दलीय प्रेमचन्द्र वर्मा।

विधानसभा क्षेत्र राजनगर में 19 उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी से अरविन्द पटैरिया, इंडियन नेशनल कांग्रेस से विक्रम सिंह, समाजवादी पार्टी से बृजगोपाल पटेल, बहुजन समाज पार्टी से डा. घासीराम पटेल, निर्दलीय पूनम अहिरवार, मालवा कांग्रेस से मु. इमरान, निर्दलीय दशरथ कुशवाहा, राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी से राजकुमार चौरसिया, निर्दलीय बीरेन्द्र पटेल, आम आदमी पार्टी से राजू पाल, निर्दलीय नीरज भैया जी, जन अधिकार पार्टी से हरिमोहन अहिरवार, निर्दलीय भूरा पटेल, निर्दलीय उमाकांत नामदेव, निर्दलीय विपिन शर्मा, निर्दलीय विपिन, जनता दल (यूनाईटेड) रामकुंवर रैकवार, निर्दलीय अजय सिंह यादव, निर्दलीय प्रमोद कुमार।

 

विधानसभा क्षेत्र छतरपुर में 14 उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी से ललिता यादव, बहुजन समाज पार्टी से डीलमणि सिंह उर्फ बब्बू राजा बुंदेला, निर्दलीय दीपक अहिरवार, जन अधिकार पार्टी से प्रेमचन्द्र अहिरवार, समाजवादी पार्टी से बेनी प्रसाद चंसौरिया, निर्दलीय ललता यादव, आम आदमी पार्टी से भागीरथ पटेल, इंडियन नेशनल कांग्रेस से आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया, निर्दलीय नवाब खान, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से रामचरण अहिरवार, निर्दलीय हरिशचन्द्र राज, निर्दलीय मनोज कुमार अग्रवाल, सपाक्स पार्टी से एड. राजा प्रजापति, निर्दलीय जवाहर लाल द्विवेदी।

 

विधानसभा क्षेत्र बिजावर में 14 उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी से बब्लू राजेश शुक्ला, इंडियन नेशनल कांग्रेस से चरण सिंह यादव, समाजवादी आम जनता दल से रिषि राज यादव, बहुजन समाज पार्टी से महेन्द्र कुमार गुप्ता, निर्दलीय रामदेवी अहिरवार, निर्दलीय जगदीश प्रसाद मिश्रा, निर्दलीय चरण सिंह यादव, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से परम लाल पटेल, भारतीय सभ्यता पार्टी से लीलाधर राजपूत, निर्दलीय भागीरथ तिवारी, आम आदमी पार्टी से अमित भटनागर, निर्दलीय जगदीश शिमल कुशवाहा, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से चेतराम अहिरवार, निर्दलीय मु. फरीद सौदागर।

 

 विधानसभा क्षेत्र मलहरा में 15 उम्मीदवारों मंे निर्दलीय करन सिंह लोधी, भारतीय जनता पार्टी से कुुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी, निर्दलीय धर्मेन्द्र कुमार साहू, इंडियन नेशनल कांग्रेस से बहिन रामसिया भारती, आम आदमी पार्टी से चन्दा, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से देवेन्द्र लोधी, निर्दलीय अर्जुन सिंह चंदेल, बहुजन समाज पार्टी से लखन रामटोरिया, निर्दलीय हरि सींग गौड़, निर्दलीय नारायण अहिरवार, निर्दलीय पन्चू अहिरवार, निर्दलीय बालकिशन काछी, विंध्य जनता पार्टी से अनुज दिनेश यादव, निर्दलीय आशुतोष पाठक, निर्दलीय सरमना कुशवाहा।

 

इन अभ्यर्थियों ने लिए नाम वापिस

 

विधानसभा महाराजपुर से निर्दलीय लेखराम पटेल, चंदला से निर्दलीय आर.डी. प्रजापति, निर्दलीय परशु राम तिवारी, बिजावर से निर्दलीय राकेश, समाजवादी पार्टी से रेखा यादव, भुवन विक्रम सिंह, निर्दलीय रमाकांत शुक्ला, निर्दलीय कैलाश कुशवाहा, निर्दलीय छिकोड़ी उर्फ छकिया, मलहरा से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) मनोज यादव, निर्दलीय अमितेश प्रताप सिंह ठाकुर, निर्दलीय देवीदीन उर्फ कलन अहिरवार, निर्दलीय मोतीलाल यादव।

Political_SP_बुंदेलखंड की एक और सीट पर सपा को घोषित प्रत्याशी ने दिया झटका

 


बुंदेलखंड की एक और सीट पर सपा को घोषित प्रत्याशी ने दिया झटका 

छतरपुर// २/११/२३ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में  नाम वापसी के  आखिरी दिन  छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा सीट पर  सपा की प्रत्याशी  रेखा यादव ने अपना नामांकन वापस ले लिया | बताया जा रहा है कि सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है |  

 पूर्व विधायक रेखा यादव  जिले के बड़ामलहरा सीट से 2008 में जनशक्ति पार्टी से और २०१३ में  बीजेपी से विधायक चुनी गई थी | 2018 के चुनाव में उनका टिकट काट कर ललिता यादव को प्रत्यशी बनाया गया था | 2023 के चुनाव के लिए उन्होंने बिजावर विधानसभा से टिकट की दावेदारी की थी | पार्टी ने जब यहाँ से वर्तमान विधायक राजेश शुक्ला को टिकट दिया ,तभी से वह नारज चल रही थी | बाद में वे   समाजवादी पार्टी  शामिल हो गई ,  पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी भी बना दिया था.|  लेकिन आज  नामांकन वापसी के दिन उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया | 

                               बिजावर विधानसभा सीट वही विधानसभा सीट है जिसको लेकर कांग्रेस और सपा में जमकर तकरार हुई | असल में यहाँ से २०१८ का चुनाव कांग्रेस से सपा में आये राजेश शुक्ला ने जीता था | बाद में वे  बीजेपी में शामिल हो गए | अखिलेश के लिए यह सीट कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि  सपा ने यहां से पहले मनोज यादव को प्रत्याशी बनाया था | रेखा यादव के संपर्क करने के बाद उन्होंने टिकट बदल कर रेखा यादव को प्रत्याशी बना दिया था | 

                       अपना नामांकन वापस लिए जाने के सवाल पर पूर्व विधायक रेखा यादव का कहना था , सामाजिक दबाव के कारण यह निर्णय लेना पड़ा | अब वो कहती हैं कि  वर्तमान दौर की राजनीति को देखते हुए अब इस विषय पर आत्ममंथन किया जाएगा | 

Politicla_AAP_हम सर्वे में नही सरकार में आते हैं: भगवंत मान

 हम सर्वे में नही सरकार में आते हैं: भगवंत मान 


छतरपुर/ 26/10/23, आप प्रत्यासियो के समर्थन में रोड शो करने आए आप के नेता और पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए,बीजेपी और कांग्रेस पर  जम कर जुबानी  हमला किया।आप की पंजाब सरकार की उपलब्धियां बताई।
 नुक्कड़ सभा को सम्बोधित करते हुए मान ने कहा कि ये देश बहता दरिया है। हमारा प्रयास है कि देश में सब खुशहाल हो।जो आप की सरकार ने पंजाब में किया सारी व्यवस्था सही की ,यहां भी सब बेहतर हो। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर घर में रोजगार हो  ,सबको स्वास्थ्य,शिक्षा,मिले।हमने डेढ़ साल में 37हजार लोगों को रोजगार दिया। गरीब का बेटा भी अधिकारी बना । भ्रष्टाचारियों को हमने जेल में डाला , कांग्रेस के वाणिज्य मंत्री रहे एक पूर्व मंत्री के यहां जब ई वी एस का छापा पड़ा तो सोना नगदी मिली नोट गिनने की मशीन मिली ।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा मधयप्रदेश की जनता पिछले 18साल से भ्रष्टाचार की चक्की में पिस रही है। मधयप्रदेश को भगवान ने बहुत कुछ दिया, पहाड़ दिए, नदिया दी,जंगल दिए,इस प्रदेश के साथ जो हुआ ,व्यापम जैसे घोटाले यहां हुए। यहां अगर जनता बदल भी दे तो दुबारा एम एल ए खरीद कर सरकार बना लेते हैं। ये लोकतंत्र की हत्या है। आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में शिक्षा,स्वास्थ्य,बिजली,पानी,रोजगार,और व्यापार मे काम कर रही है। एमपी में पार्टी की स्थिति पर उन्होंने कहा कि हमसे एक पत्रकार ने सवाल पूंछा था कि कितनी सीटें आएंगी हमने कहा बहुत आएंगी ,।सर्वे में नाम ना होने पर उन्होंने कहा कि हम सर्वे में नही सरकार में आते हैं ।

Political_SP_अखिलेश की नाराजगी से बदले बुंदेलखंड के समीकरण

 बुंदेलखंड की डायरी 

 अखिलेश की नाराजगी से बदले बुंदेलखंड के समीकरण  

 रवीन्द्र व्यास 

मध्य प्रदेश का  बुंदेलखंड और विंध्य ही वह इलाका होगा जो प्रदेश में सरकार बनाने और बिगड़ने के समीकरण तय करेगा | इसकी महत्वपूर्ण भूमिका और कोई नहीं बल्कि आई ई एन डी ए गठबंधन में सम्मलित दल ही निभायेंगे | इसका एलान हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष  अखिलेश यादव ने कर भी दिया है | इस सियासी संघर्ष के  दौर में  सागर संभाग  की सभी २६ विधानसभा सीटों पर मुख्य दल बीजेपी और कांग्रेस ने अपने प्रत्यासी घोषित कर दिए हैं | सियासत के समीकरण बनाने और बिगड़ने वाले दलों ने भी कई विधान सभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं | इन दलों से चुनावी मैदान में उतारने वाले अधिकाँश वे लोग ही हैं जिन्होंने  अपने ही दल नाराज होकर सपा ,बसपा और आप  का दामन थामा है | 

          अखिलेश की नाराजगी ने कांग्रेस की बड़ाई टेंशन  :: ये बात कोई ज्यादा पुरानी नहीं है २८ सितम्बर को खजुराहो में  पत्रकारों के सवालों के जबाब देते हुए ,सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आई ई एन डी ए गठबंधन को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित दिख रहे थे |  मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी गुंजाइश देख रहे अखिलेश यादव ने यह भी कह दिया था कि  मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी  उन स्थानों पर प्रमुख तौर पर चुनाव लड़ेगी जहां बीजेपी को हम हारने की स्थिति में होंगे ।इस मौके पर उन्होंने बीजेपी को जमकर घेरा भी था और कांग्रेस के प्रति सहनभूति दिखाई थी | यहां तक कि उनके पास टिकट की आस लेकर गए कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं को यह कहकर टरका दिया था कि अभी कुछ समय रुक जाओ | उन्हें गठबंधन पर बड़ा भरोषा था | उनका यह भरोषा मध्यप्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने ना सिर्फ तोड़ा बल्कि उन्हें उनकी हैसियत का आइना भी दिखा दिया | आग में घी  डालने का कार्य किया मध्य प्रदेश और  उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष ने | 

                                  असल में कांग्रेस यह जानती है कि मध्यप्रदेश में दो दलीय समीकरण हैं , ऐसे में अगर वह गठबंधन के नाम पर किसी और को  सीट देते तो नुकसान उनका ही होता ||  लिहाजा तमाम तरह की चर्चाओं के बाद कांग्रेस ने सपा से तालमेल से इंकार कर दिया | हालंकि अखिलेश यादव ने बहुत ज्यादा सीटों की मांग नहीं की थी , उन्होंने मात्र ६ सीटों पर अपनी दावेदारी जताई थी कांग्रेस का यह इंकार सपा सुप्रीमो को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने घोषणा कर दी कि समाजवादी पार्टी मध्यप्रदेश में 50 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी | सपा के मुख्य टारगेट पर उत्तर प्रदेश से सटी बुंदेलखंड , विंध्य और ग्वालियर संभाग की सीटें होंगी | 

बीते तीन दशकों  में समाजवादी पार्टी ने  मध्यप्रदेश विधानसभा  चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारे  है। 1997 के उप चुनाव में पहली बार समाजवादी पार्टी के विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला चंदला से चुने गए | उन्होंने बीजेपी से टिकट न मिलने के कारण नाराज होकर सपा  की साइकिल की सवारी की थी | उप चुनाव जीतने  के बाद वे 1998 और २००३ का चुनाव भी सपा के टिकट पर ही जीते |  चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार सपा  के ,1998 के विधानसभा चुनाव में  चार प्रत्याशी चुनाव जीते ,2003 में सबसे ज्यादा 7 प्रत्याशी ,  2008 और 2018 में भी समाजवादी पार्टी का एक-एक प्रत्याशी चुनाव जीता। ये अलग बात है इनमे से ज्यादातर सत्ताधारी दल के सुर  सुर मिलाते रहे | 

                 सियासत के जानकार  मानते हैं कि पडोसी राज्य में अपनी प्रमुख पहचान  बनाने वाली सपा और बसपा  मत विभाजन में बड़ी अहम भूमिका जरूर अदा करते हैं | इनके प्रत्यासी मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के समीकरण जरूर प्रभावित करते हैं | वर्तमान दौर में जब दोनों दल करो या मारो की स्थिति में है , ऐसे में हार जीत बड़े अंतर से संभव नहीं होगी ,तब ये दल दोनों ही प्रमुख दल की की सत्ता के सिंहासन पर पहुँचने में एक बड़ा अवरोध बना सकती हैं | 

मुख्य मुकाबला बीजेपी  और कांग्रेस में

बुंदेलखंड के सागर संभाग की २६ सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं  | सागर जिले की जिन आठ सीटों पर कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित किए हैं  उनमें से अधिकांश सीटों पर   खुद कांग्रेसी ही संतुष्ट नहीं हैं | चुनाव के साल भर पहले से  सागर की खुरई , बीना , सुरखी और रहली विधानसभा सीट कांग्रेस के टारगेट पर थी | खुरई और बीना में तो आये दिन कांग्रेसी दिग्गजों का मेला लगा रहता था | ऐसे में कांग्रेस ने खुरई में मंत्री भूपेंद्र सिंह के सामने रक्षा राजपूत को , रहली में अजेय मंत्री गोपाल भार्गव के सामने ज्योति पटेल को वहीं  सुरखी में मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के सामने कांग्रेस ने बीजेपी से आये नीरज शर्मा को प्रत्याशी बनाया है | इसके अलावा कांग्रेस ने नरयावली से बीजेपी के प्रदीप लारिया के मुकाबले फिर से सुरेंद्र चौधरी को फिर से प्रत्याशी बनाया है |   सागर जिले की ये चार विधान सभा सीटें ऐसी है जिसको लेकर लोगों का मानना है कि कांग्रेस ने बीजेपी को एक तरह से वाक् ओवर दे दिया है | 

टीकमगढ़ जिले की तीन विधान सभा सीटों में  कांग्रेस और बीजेपी ने पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है | टीकमगढ़ के पूर्व विधायक के के श्रीवास्तव ने नाराज हो कर पार्टी ही छोड़ दी है |  जतारा में जरुर परिवर्तन किया है कांग्रेस ने यहाँ से किरण अहिरवार को प्रत्यासी बनाया गया है | निवाड़ी जिले में पृथ्वीपुर में  उप चुनाव के प्रत्यासी आमने सामने होंगे | निवाड़ी में कांग्रेस ने बीजेपी से 15 दिन पहले आये अमित राय को प्रत्यासी बनाया है | अमित को प्रत्यासी बनाये जाने का कोंग्रेसियों ने विरोध किया है | 

छतरपुर जिले की छह विधानसभा सीटों  में  से पांच सीटों पर दोनों ही प्रमुख दलों में विद्रोह की स्थिति देखने को मिल रही है |  बिजावर में कांग्रेस के  चरण सिंह यादव , छतरपुर में  आलोक चतुर्वेदी और बीजेपी की ललिता यादव  ,  चंदला में हर प्रसाद अनुरागी  और बीजेपी के दिलीप अहिरवार , महराजपुर में बीजेपी प्रत्यासी  कामाख्या  प्रताप सिंह और कांग्रेस के नीरज दीक्षित , राजनगर में बीजेपी के अरविन्द पटेरिया और कांग्रेस के विक्रम सिंह (नाती राजा ) को अपनों से ही विद्रोह का सामना करना पढ़  रहा है | 

पन्ना जिले की भी तीनो विधान सभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्यासी घोषित होने के बाद कार्यकार्ताओं में नारजगी देखने को मिल रही है | वहीँ पवई में वर्तमान विधायक पप्रहलाद लोधी को टिकक़्त दिए जान के बाद से अशंतोष के स्वर तीव्र हो गए हैं |   संजय नगायच ने खुले तौर  पर चेतावनी दे दी है की अगर पांच दिन में परिवर्तन नहीं हुआ तो हजारों कार्यकर्ता पार्टी छोड़ देंगे | 

 दरअसल २०२३ के चुनावों को लेकर हर दल का कार्यकर्ता बनाम नेता यह मान रहा है की यही मौका है जब जनता का रुझान किसी के साथ स्पष्ट रूप से नहीं है | ऐसे मौके का फायदा पार्टी पर दबाव बना कर लिया जा सकता है| यही कारण है कि कहीं कपडे फाड़ने की बात हो रही है तो कहीं नेम प्लेट तोड़ी जा रही है तो कहीं पुतले फूंके जा रहे हैं | दलबदल का अभियान तो कपडे बदलने जैसा चल रहा है |  बहरहाल जो भी सियासत में हो रहा है वह देश और प्रदेश के लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है | 


Political_bangal _election_बंगाल का फैसला: सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, राजनीतिक चेतावनी भी

  बंगाल का फैसला: सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं , राजनीतिक चेतावनी भी रवीन्द्र व्यास  पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति को एक ब...