31 अगस्त, 2024

Bageshwar Dham_ बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुज का अश्लील फेक वीडियो हुआ वायरल पुलिस जांच में जुटी

 

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुज का अश्लील फेक वीडियो हुआ वायरल पुलिस जांच में जुटी

रवीन्द्र व्यास 

छतरपुर/31 अगस्त 24, देश दुनिया के प्रसिद्ध स्थल बागेश्वर

धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुज का अश्लील फेक वीडियो   वायरल  हुआ । जिले की बमीठा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर  जांच शुरू कर दी है।



निशांत नायक ने   में एक लिखित आवेदन दिया  , जिसमे उन्होंने लेख किया है कि  30 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे धाम पर जब में  श्रद्धालुओं की व्यवस्था देख रहा था ,तभी मुझे व्हाट्सएप पर एक यूआरएल लिंक प्राप्त हुई। उक्त यू आर लिंक को मेरे द्वारा अपने मोबाइल फोन से जब देखा तो एक लड़का गले में पीले रंग की गमछा डालकर एक लड़की के साथ अश्लील नृत्य करता हुआ दिखाई दे रहा है। उक्त अकाउंट के चलने वाले व्यक्ति ने डांस करते हुए उक्त अज्ञात लड़के को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग  का होना लेख कराया है। जबकि जबकि वीडियो में दिखाई देने वाला देने वाला व्यक्ति शालिग्राम ना होकर कोई अन्य है। उक्त वीडियो से बागेश्वर धाम पीठ की छवि एवं हजारों लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है ।उक्त यूआरएल के अकाउंट संचालक के द्वारा हम सभी हिंदू धर्म के सनातन धर्म के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है उक्त वीडियो को प्रचारित प्रसारित कर हिंदू धर्म के प्रति झूठ एवं गलत वीडियो को प्रचारित प्रसारित कर घृणास्पद  माहौल बनाने का कृत्य  किया है जिसके कारण हिंदू धर्म में अत्यधिक रोश का माहौल निर्मित है । हिंदू धर्म को नीचा दिखाने वाले वीडियो वायरल करके हमारे भावनाओं को ठेस पहुंचा एवं अन्य वर्गों के प्रति संघर्ष एवं विवाद की स्थिति को बढ़ावा दिया जा रहा है ।।

 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि एक  वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें फरियादी निशांत नायक ने एफ आई आर रजिस्टर कराई है कि हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है ।गंभीर मैटर था और इसमें फिर रजिस्टर की गई है ।उसे बी एन एस की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है । इस मामले में यूआरएल नंबर मिल गया है ।हमारी साइबर टीम लगी हुई है ।जिन लोगों ने वायरल किया है उनको बुलाकर पूछताछ कर रहे हैं।  बागेश्वर धाम के ब्रदर का वीडियो वायरल किया था उसमें आपत्तिजनक चीज थी उसको लेकर हमने विधि सम्मत कार्रवाई की है। ग्रुप में कुछ लोगों ने शेयर किया था उनको अभीरक्षा में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।

22 अगस्त, 2024

Police Attack_ मुस्लिम समाज ने किया कोतवाली में पथराव टी आई और पुलिसकर्मी घायल

 

मुस्लिम समाज ने किया कोतवाली में पथराव टी आई  और पुलिसकर्मी घायल 

 

छतरपुर /  २१ अगस्त २४ , छतरपुर  कोतवाली में   बुधवार को नगर के मुस्लिम समाज ने कोतवाली का घेराव किया |मामला   महाराष्ट्र  के रामगिरी महाराज द्वारा पैगम्बर मोहम्मद साहब पर की गई टिप्पणी को लेकर था घेराव उस समय किया गया जब पुलिस का अमला भारत बंद के हालात से निपटने में लगा था | मुस्लिम समाज के लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे , उन्होंने ना सिर्फ कोतवाली पर पथराव शुरू कर दिया बल्कि कड़ी हुई पुलिस की गाड़ियों के शीशे भी तोड़ डाले | इस बवाल में टी आई और   पुलिस कर्मी घायल हो गए जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है |




 

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर जावेद अली का कहना है हम अपने कुछ साथियों के साथ कोतवाली के अंदर ज्ञापन देने गए थे | बाहर पथरबाजी शुरू हो गई ,किसने यह सब किया यह तो नहीं बता सकता | जब हम लोग बाहर निकले तो हम पर भी पत्थर लगे | हमने वीडिओ बनाकर लोगों से शान्ति की अपील की है | लोगों से कहा है कि झुण्ड बनाकर ना निकलें अपने घरों में ही रहें उन्होंने बताया कि हमने ज्ञापन दिया है कि  रामगिरि महराज पर तत्काल  एफआईआर दर्ज की जाए , क्योंकि उन्होंने  पैगंबर मोहम्मद  और इस्लाम के खिलाफ  आपत्तिजनक टिप्पणी की है रामगिरी महाराज का भाषण फेसबुक पर छतरपुर के मोहम्मद इरफान एवं मोहम्मद अरशद ने देखा व सुना हैजिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई है ,आवेदन में राम गिरि महाराज के विरुद्ध बीएनएस की धारा 196 197(1 ) 299 ,353 (2)  एवं 152 के तहत घोर अपराध बताते हुए तत्काल गिरफ्तारी किए जाने की बात कही गईसाथ ही यह चेतावनी भी लिखी गयी थी की ऐसा न किए जाने पर महाराष्ट्र सहित मध्य प्रदेश में भी शांति भंग की आशंका है 

 

दरअसल   रामगिरी महाराज  ने हाल ही महाराष्ट्र के  नासिक जिले में सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी |  जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिस पर 

 मुंबई पुलिस ने रामगिरी महाराज पर  भारतीय न्याय संहिता  की धारा 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से बात कहना) और कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, | 

 

 बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने कोतवाली थाने पहुंचकर घेराव किया और फिर अचानक भीड़ हिंसक हो गई और कोतवाली थाने और पुलिसकर्मियों के ऊपर जमकर पथराव किया ,इस घटना में जहां कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद कुजूर सहित दो  पुलिसकर्मी घायल हुए हैं ,वहीं थाने के वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं ,घटना की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर और एसपी छतरपुर पहले अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना और उसके बाद सिटी कोतवाली थाने पहुंचे हैं और हालात का जायजा लिया  है।

छतरपुर डी आई जी ललित शाक्यवार ने बताया कि मुस्लिम समाज के दो मौलाना हैं सैयद हाजी और सैयद जावेद अली , इन दोनों के नेतृत्व में ३-४ सौ लोगों की भीड़ थाने में ज्ञापन देने आई थी | जिसमे इनका कहना था की मोहम्मद प्रॉफिट के बारे में कुछ उलटा सीधा बोला गया है उस पर ऍफ़ आई आर की जाए | पुलिस मौके पर थी थाने में एस पी ,एडिशनल एस पी और पुलिस फ़ोर्स पहुंचाया गया था | भीड़ एकदम से उग्र हो गई उसने पथराव चालु किया १० मिनट तक ये पथराव किया | पुलिस ने मामले ो नियंत्रण में लेने के लिए अश्रु गैस के गोले छोड़े  गए को लेकर इस पथराव में कोतवाली टी आई अरविन्द कुजूर को शिर और हाथ में चोटें आई , एक आरक्षक भूपेंद्र को भी चोटें आई हैं दोनों को अस्पताल भर्ती किया गया था | पुलिस और प्रशाशन ने मार्च पास्ट निकाला ,पेट्रोलिंग की | cctv फुटेज देखे जा रहे हैं विडिओ क्लिप भी देख कर जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी

 

आरोपी पूर्व सदर,कांग्रेस नेता शहजाद अली का आलीशान मकान किया गया जमींदोज

गिरफ्तार आरोपियों का निकाला जुलूस  

पुलिस और प्रशासन ने घटना के दूसरे दिन (२२ अगस्त )   पूर्व सदर और कांग्रेस नेता शहजाद अली के विशाल भवन को धराशाई कर दिया | इतना ही नहीं  शाम को पकडे गए  आरोपियों का नगर में जुलुस भी  निकाला गया | आरोपी नारे लगा रहे थे अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है | इस मामले में ३० आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है | शहजाद और उसके भाई घटना के बाद से फरार बताये जा रहे हैं

 


     कलेक्टर पार्थ जैसवाल व एसपी अगम जैन के निर्देश में पुलिस और प्रशासन फुल एक्शन मोड में नजर आया,| सुबह से  ही भारी पुलिस बल व प्रशासन की टीम एकत्रित हुई और घटना के मुख्य आरोपियों में से एक पूर्व सदर व कॉंग्रेस नेता हाजी शहजाद अली की नए मुहल्ले स्थित आलीशान मकान में पहुंचकर उसे बुलडोजरों से गिराने का काम

किया गया है | ,


S.P. अगम जैन ने बताया कि  कल जो घटना हुई है उसमें  सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है | कई लोगों को अरेस्ट भी किया गया है कई लोगों को चिन्हित भी किया गया है |   आज  अवैध निर्माण पर कार्यवाही की गई है जो भी आरोपी और उपद्रवी  तत्व हैं उनमें से एक शहजाद अली के अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया | प्रशासन और पुलिस ने मिलकर कार्यवाही की है | एक बड़ा एरिया में  निर्माण था लगभग 10 करोड़ कीमत की संपत्ति थी जिसे आज डिमोलिश किया गया अवैध कैसे था इस सवाल के जवाब में एसपी का कहना था इस मामले में प्रशासन पूर्ण जानकारी से आपको अवगत कराएगा और सारी कार्यवाही विधि सम्मत तरीके से की गई है | एक जो उनका पत्र ऐलान के नाम से हर मुस्लिम समाज के लोगों तक पहुंचाया गया था उसको लेकर भी पुलिस कार्यवाही  जांच कर रही है

 जिला दंडाधिकारी ने  16 आरोपियो के शस्त्र लाइसेंस किये  निलंबित  

जिला दंडाधिकारी छतरपुर पार्थ जैसवाल ने एसपी छतरपुर के प्रतिवेदन पर कोतवाली थानांतर्गत 16 शस्त्र लाइसेंस को  तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है। 

इनके विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध होने पर शस्त्र लाइसेंस धारक  रफत उल्ला खां 30.06 बोर रायफल, आजाद अली 315 बोर रायफल और 12 बोर दो नली बंदूक, नाजिम चौधरी 12 बोर दो नली, परवेज खां 22 बोर दो नली, मुख्तार 12 बोर दो नली, मु. जुनैद खां 12 बोर दो नली, तारिक 315 बोर रायफल, सकील अहमद भरतल एक नली, फैजान 12 बोर दो नली, नईम खान 315 बोर रायफल, आसिफ खान 12 बोर दो नली, नसीम खान 12 बोर दो नली, इकबाल 12 बोर दो नली, सादाव हमीद उर्फ सोनू 315 बोर रायफल, शहजाद अली 315 बोर रायफल और मोहम्मद इरफान का 315 बोर रायफल लाइसेंस भविष्य में दुरुपयोग किए जाने की प्रवल आशंका के दृष्टिगत रखते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए हैं।



घटना के तीसरे दिन शुक्रवार को पुलिस ने ड्रोन और सी सी टीवी से निगरानी की , सभी मस्जिदों के बाहर पुलिस तैनात रही | डी आई जी ललित शाक्यवार ने  बताया कि छतरपुर के अलावा पन्ना ,टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई |


21 अगस्त, 2024

road Acident_7 मौतों के बाद भी बेखौफ चली ओवरलोड टैक्सियां




















 7 मौतों के बाद भी  बेखौफ चली ओवरलोड  टैक्सियां 

 व्यवस्था बनाने के लिए शासन प्रशासन को होता है हादसा का इन्तजार 

 छतरपुर/  आज सुबह पांच बजे के लगभग झाँसी खजुराहो  नेशनल हाइवे पर  हुए सड़क हादसे में  7 लोगों की मौत हो गई | ये श्रद्धालु बागेश्वर धाम जा रहे थे | जिस सीएनजी टेक्सी में ये महोबा रेलवे स्टेशन से सवार हुए थे , उसके क्षमता से छः गुना ज्यादा सवारी बैठाई गई थी | छतरपुर में आये दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं , इसके बावजूद पुलिस प्रशासन के यातायात प्रभारी की नजर सिर्फ दो पहिया वाहन चालकों पर ही रहती है | घटना के बाद जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता प्रदान की तो वहीँ पुलिस प्रशासन ने बागेश्वर धाम के मार्ग  पर सघन चेकिंग अभियान का प्रेस नॉट जारी किया | बुंदेलखंड के सागर जिले  की रहली विधानसभा क्षेत्र की शाहपुरा नगर पंचायत  में भारी बारिश के कारण एक  मकान की दीवार  ढह गई ।  मलबे में दबकर 9 बच्चों की मौतहो गई | इसके बाद सरकार जाग्रत हुई और प्रशासनिक सर्जरी की |

                               


                 छतरपुर शहर के निकट ही झांसी_ खजुराहो हाईवे पर कदारी गांव के समीप यह भीषण   सड़क हादसा हुआ |   सुबह लगभग 5 बजे  एक सीएनजी ऑटो   एक खड़े ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में चालक सहित  7 लोगों की   मौत हो गई ,जब कि 6 लोग घायल हो गए। चार घायलों को  इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया ।।

  इस  सड़क दुर्घटना में  दो भाई और उनकी माँ और एक भाई की पत्नि की तो एक पिता और उसकी अबोध  पुत्री की मौत हो गई | मृतकों में     लालू श्रीवास्तव पिता राजकुमारगोविंद श्रीवास्तव पिता राजकुमारमनु श्रीवास्तव पति लालूनन्ही श्रीवास्तव पति राजकुमार  ये चारों  इकामगंज जिला फरूखाबाद उ.प्र. के रहने वाले थे | जनार्दन यादव पिता कामताकु. आशवी पुत्री जनार्दन दोनों  मंत्री आवास गोमती नगर लखनऊ उ.प्र. एवं  वाहन चालक  प्रेम नारायण कुशवाहा पिता गोरेलाल      हमीरपुर उ.प्र. जिले के सिलौली गाँव का रहने वाला था ।  घायल अंशिका उर्फ पुत्री जनार्दनअनुष्का पुत्री जनार्दनसंगीता पत्नी जनार्दन यादव  लखनऊ उ.प्र.मोनू श्रीवास्तव पिता रामसनेही निवासी शाहजहांपुर उ.प्र. एवं हरीश पुत्र विनोद यादवरामसनेही पुुत्र राम यादव जिला बलरामपुर उ.प्र. के निवासी हैं।



                                            ये सभी लोग ट्रेन से महोबा स्टेशन आये थे वहां से इन्होने बागेश्वर धाम जाने के लिए एक  सीएनजी ऑटो किया , जिस ऑटो को दो सवारियां बैठाने के लिए अधिकृत माना जाता है उसमे ये सभी 12 लोग सवार  हो कर बागेश्वर धाम जा रहे थे | छतरपुर के निकट यह हादसा हो गया | इस घटना  की खबर लगते ही  एस  पी  , एसडीएम घटनास्थल पर पहुंचे | घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया | इनमे से चार गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया | छतरपुर कलेक्टर पार्थ  जैसवाल  ने अस्पताल पहुँच कर  पीड़ितों से मुलाकत कर डाक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए |  

सहायता राशि

कलेक्टर पार्थ  जैसवाल ने  सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों  को 15-15 हजार रूपए एवं घायलों को 7.5 हजार रूपए प्रति व्यक्त सहायता राशि स्वीकृत की है | इस दुर्घटना में कुल 13 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं | 

बेखौफ चली ओवरलोड  टैक्सियां 

सड़क हादसे में ७ व्यक्तियों की मौत के बाद भी (बागेश्वर धाम मार्ग)  नेशनल हाइवे पर  ओवर  लोड ऑटो बेखौफ चलते दिखे | जिला  और पुलिस प्रशासन  ने हादसा  के बाद अपनी सक्रियता तो दिखाई ,पर उनकी सख्ती धरातल पर नजर नहीं आई | 

   

सोशल मीडिया पर जब यह खबर ट्रेंड करने लगी तो पुलिस प्रशासन ने एक प्रेस नॉट जारी कर बताया  कि सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण हेतु छतरपुर पुलिस द्वारा जिले के फोरलेन हाईवेमुख्य मार्गधार्मिक स्थल बागेश्वर धाम मार्ग सहित विभिन्न मार्गो चेकिंग पॉइंट बनाकर सघनता से चेकिंग की जा रही है। चेकिंग में विशेष तौर पर ओवरलोड सवारी वाहनओवर स्पीड वाहन की चेकिंग की जा रही है। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन कर सड़क दुर्घटना कारित करने वाले वाहनों पर भी सख्त कार्यवाही की जा रही है। यातायात पुलिस द्वारा अभी तक एक दर्जन ओवरलोड सवारी वाहनों पर कार्यवाही की गयी है। सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले वाहनों पर छतरपुर पुलिस द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी है। साथ ही चेकिंग में वाहन चालकों को चेतावनी देते हुए समझाया भी जा रहा है। साथ-साथ उसमें सवार यात्रियों को भी जागरूक किया जा रहा है।

13 अगस्त, 2024

News_ बेटी को बचाने के लिए कुएं में कूदी मां ,दोनो की मौत

 बेटी को बचाने के लिए कुएं में कूदी मां ,दोनो की मौत

छतरपुर// 13/8/24जिला के बमीठा थाना क्षेत्र के  झमटुली गांव  में एक  माँ ने जब अपनी 10 माह की बच्ची को कुआँ में गिरते देखा तो वह बच्ची को बचाने कुआ में कूद गई ।शाम को जब पति ने  खेत पर  कुआ में देखा तो बच्ची का शव कुआ में तैर रहा था । बच्ची का शव तो रात में ही निकाल लिया गया पर पत्नी का शव आज सुबह एस डी ई एफ की टीम ने बाहर निकाला ।

  कमलेश प्रजापति की पत्नी पूर्णिमा   ( 26) अपनी  10 माह की बच्ची  को लेकर खेत पर निदाई कर रही थी l शाम 4-5 बजे  बच्ची खेलते खेलते कुआ में गिर गई । यह देख  मा अपनें को रोक नहीं पाई और  कुआ में कूद  गई l  कमलेश जब काम से लौटा, घर पर पत्नी एवं बच्ची के नही मिलने पर कमलेश खेत पर गया कुआ में देखा तो बच्ची का शव कुआ में तैर रहा था। पत्नी की चप्पलें पानी में  दिख रही थी। रात्रि में ही बमीठा पुलिस को सूचना दी गई ।बच्ची के शव को बाहर निकाल लिया गया ।
 सुबह तक पूर्णिमा का  शव ना मिलने पर बमीठा पुलिस ने  एस डी आर एफ  की टीम को बुलाया गया । टीम ने  कुआ में रेस्क्यू कर पूर्णिमा  के शव को बाहर निकाला ।एफ एस एल की टीम ने  मौके पर पहुंच कर जांच की ।l

 नायव तहसीलदार इंद्रकुमार गौतम घटना  की जानकारी देते हुए बताया कि  बमीठा थाना पुलिस  मामले की जांच कर रही है और  शवो को बाहर निकलवाकर पी एम के लिये राजनगर भेजा गया है।

08 अगस्त, 2024

BKD_Shiv Dham_बुंदेलखंड के सिद्ध शिव धाम जहाँ बढ़ता है उनका आकर

 बुंदेलखंड की डायरी 

रवीन्द्र व्यास  


  सावन महीने में   भगवान शिव की आराधना का  अपना एक अलग धार्मिक महत्व माना गया है | इसके पीछे मान्यता है कि   श्रावण मास  में ही  भगवान शिव पृथ्वी पर अवतरित हुए थे ,इसकी भी अपनी एक अलग कथा है । बुंदेलखंड में भोले नाथ की आराधना और भक्ति का दौर भी सनातन  माना जाता है | यहाँ पर पाए जाने वाले प्राचीनतम शिवालय इसकी पुष्टि करते हैं | कई ऐसे शिवालय भी हैं जिनका वर्णन शिव पुराण में भी मिलता है | लोकमान्यता है कि सावन  माह में की गई शिव  उपासना का विशेष फल भक्तों को प्राप्त होता है।  इसी कारण  श्रद्धालु सामर्थ्य अनुसार व्रतउपवासपूजनअभिषेक आदि भले नाथ को प्रसन्न करने के लिए करते हैं |  



बुंदेलखंड के बांदा (यूपी ) जिले में कालिंजर  में  नीलकंठ महादेव का मंदिर लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है | इस स्थल का वर्णन शिव  पुराण में भी मिलता है | कहते हैं कि सावन माह में जब  समुद्र मंथन हुआ  और उससे  जो हलाहल विष निकला था उसे भोलेनाथ ने अपने  अपने कंठ में धारण कर लिया था |  इसी विष के प्रभाव को नष्ट  करने के लिए भोलेनाथ ने यहाँ के  पर्वत के मध्य योग साधना की थी | इसी के बाद इस स्थान का नाम कालिंजर पड़ा , क्योंकि यही भोले नाथ ने  काल की गति को मात दी थी|  


 इस स्थल का उल्लेख  पद्म पुराण , मत्स्य पुराण , जैन ग्रंथों और बौद्ध जातकों में भी मिलता है ।कालिंजर का अस्तित्व  सतयुग से माना  जाता है। सतयुग में इसे कीर्तिनगरत्रेतायुग में मध्यगढ़ और द्वापर युग में सिंहलगढ़ के नाम से जाना जाता था। वहींकलयुग में इसे कालिंजर के नाम से पुकारा जाता है। इस स्थान पर सावन के महीने में ही नहीं बल्कि वर्ष भर भक्तों का तांता लगा रहता है |  यह मंदिर भारतीय  पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के आधीन होने के कारण श्रद्धालु जलाभिषेक नहीं कर पाते | 

श्री जागेश्वर नाथ धाम बांदकपुर

 बुंदेलखंड  के दमोह जिले के बांदकपुर में  जागेश्वर नाथ धाम बांदकपुर में  स्वयं भू  भोले नाथ   अनादिकाल से विराजमान हैं. इस देव स्थान की प्रसिद्ध तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूरे भारत में है. | यह शिवलिंग हर साल चौड़ा यानी बढ़ता जा रहा है।इसके पीछे क्या कारण हैयह अब तक अज्ञात बना हुआ है।यही कारण है किचारों धाम की यात्रा करने वाला इस तीर्थ के दर्शन किए बिना नहीं रहताजहां पर प्रथम श्रीनाथ जी का स्वयंभू लिंग है. ऐसी मान्यता है किइनके दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.





प्राचीन काल से ही सावन माह , बसंत पंचमी, और शिवरात्रि के पर्वों पर लाखों की संख्या में कांवर में लाया  नर्मदा जी  का जल श्री जागेश्वर नाथ की पिंडी पर चढ़ाकर जलाभिषेक करते हैं। इसके पीछे  मान्यता है कि सवा लाख कांवर चढ़ने पर माता पार्वती एवं महादेव के मंदिरों के झंडे एक दूसरे के मंदिर तरफ झुक कर आपस मिलकर अपने आप गांठ बंध जाती है। 

 भोलेनाथ का 5000 साल पुराना स्वयंभू शिवलिंग जो हर वर्ष बढ़ता है 



 टीकमगढ़ के  शिव धाम कुंडेश्वर में लगभग   पांच हजार वर्ष  पुराना  स्वयंभू शिवलिंग है। लोक मान्यता है कि यह शिव लिंग हर वर्ष चावल के आकार के बराबर बढ़ता है | शिव लिंग की कितनी जलहरी हैं यह आजतक कोई भी ज्ञात नहीं  कर सका है | कहते हैं कि द्वापर युग में दैत्य राज बाणासुर की पुत्री ऊषा वन  मार्ग से आकर यहां पर बने  कुण्ड के अंदर भगवान शिव की आराधना करती थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए थे ,|  आज भी वाणासुर की पुत्री ऊषा यहां पर पूजा करने के लिए आती है। बुंदेलखंड इ शिवभक्त यहां मनौती मांगने  पहुँचते हैं |    




खजुराहो का मतंगेश्वर मंदिर ::  

   वैसे तो खजुराहो और आस पास अनेकों शिवालय हैं , पर यहां का   ९५०- १००२ ई. सन् के मध्य निर्मित मतंगेश्वर महादेव का यह मंदिर अनेक रहस्यों से घिरा है | ९ फिट ऊँचा और ४ फिट व्यास वाला यह  शिव लिंग  जितना  ऊपर दिखाई देता है उतना ही नीचे  भी है | इस  शिवलिंग की पूजा लोग  जलहरी पर चढ़कर  करते हैं | लोक मान्यता है कि शिवलिंग के निचे मरकत मणि स्थापित है | यह मरकत मणि  किसने स्थापित कराई थी ,इसको लेकर  कहा जाता है कि स्वयं भगवान् शिव ने मरकत मणि युधिष्ठिर को दी थी | बाद में युधिष्ठिर ने यह मणि मतंग ऋषि को दी थी और मतंग ऋषि ने यह मणि चंदेल राजा हर्षवर्धन को सौंप दी थी | मणि किसी गलत हाथ में ना पहुँच जाए इसलिए चंदेल राजा ने यहाँ एक विशाल शिवलिंग स्थापित कराया और उसके नीचे मरकत  मणि को स्थापित  करा दिया गया | मतंग ऋषि के नाम से इस मंदिर को मतंगेश्वर नाम से पहचान दी गई |  कहते हैं हर वर्ष यह शिवलिंग भी तिल के आकार में बढ़ता है | जिसका रहश्य आज भी वैज्ञानिक नहीं सुलझा पाए हैं | 

 जटाशंकर धाम : छतरपुर जिले के बिजावर विकाश खंड में  स्थित जटाशंकर धाम भी बुंदेलखंड के सिद्ध क्षेत्रों में से एक माना जाता है | ऊँची पहाड़ी पर प्रकृति की गोद में   स्थित इस शिव लिंग के बारे में कहा जाता है कि यहाँ ये शिवलिंग पांडवों ने अपने वनवास काल के दौरान स्थापित किया था | यहां भक्तों का तांता लगा रहता है | यहां बुंदेलखंड ही नहीं दूर दराज से भी लोग यहां दर्शन करने आते हैं | मंदिर की पहाड़ी पर मिले भित्ति चित्र इसकी प्राचीनता को सिद्ध करते हैं | 

शल्लेश्वर शिव मंदिर बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले के सरीला कस्बे में शल्लेश्वर शिव मंदिर  भी हजारों साल पुराना है|  जहां शिव लिंग हर साल चावल के बराबर बढ़ता है। इस शिवालय के अतीत में भी महाभारत काल का इतिहास छिपा है। गुप्तकालीन शिव मंदिर  बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है।  

 बुंदेलखंड के जालौन जिले के माधवगढ़ तहसील के अंतर्गत  सरावन  गांव  का  1400 साल पुराना  भूरेश्वर महादेव मंदिर का  शिवलिंग हर साल  चावल के दाने के बराबर बढता है | श्वेतवर्ण शिवलिंग  होने के कारण इन्हें  भूरेश्वर महादेव मंदिर के रूप में जाना जाता  है। कहा जाता है कि  तत्कालीन  राजा श्रवन देव जब  एक बार हस्तिनापुर गए वहां उन्हें भगवान शिव ने स्वप्न में आकर शिवलिंग स्थापित करने को कहा। हस्तिनापुर से लौटते हुए वहां से राजा एक छोटे आकार का शिवलिंग भी लेकर आए थेऔर गांव के पास ही एक जगह रख दिया।राजा मूर्ति को किसी अन्य  स्थान पर स्थापित करना चाहते थे लेकिन अनेक प्रयासों के बावजूद भी राजा तथा अन्य लोग इस शिवलिंग को  भूमि से अलग नहीं कर पाए और आखिरकार राजा को शिवलिंग उसी स्थान पर स्थापित कराना पड़ा। बाद में  इसी जगह  मंदिर बनवाया गया ।

महोबा में भगवान शिव तांडव प्रतिमा बुंदेलखंड के महोबा में  भगवान की  शिव तांडव प्रतिमा  स्थापित  है।  चंदेल शासक नान्नुक ने 11वीं सदी में इसका निर्माण कराया गया  था। गोरखगिरि  में ग्रेनाइट शिला पर भगवान भोलेनाथ की  तांडव नृत्य करती 10 भुजी गंजातक (गजानन) प्रतिमा के दर्शन को महाशिवरात्रि पर हजारों भक्त पहुंचते हैं। मान्यता है कि गजासुर के वध के बाद शिव जी ने जो नृत्य किया थावही शिव तांडव के नाम से प्रसिद्ध हुआ।इतिहासकार मानते हैं की  शिवजी की यह प्रतिमा एक चट्टान पर उकेरी गई है। इसका वर्णन कर्म पुराण में भी मिलता है। इस तरह की गजांतक प्रतिमाएं महाराष्ट्र में एलोरा की गुफा में भी हैं।

                  दरअसल बुंदेलखंड में शिव साधना की परम्परा अतीत से चली आ रही है शिवालय आपको हर गाँव और कस्बे में मिल जाएंगे | हमने तो कुछ मुख्य शिव मंदिरों की चर्चा की है | अब पन्ना जिले के सलेहा के निकट  नचना गाँव में गुप्त कालीन शिव मंदिर है | यहाँ गर्भ गृह में चतुर्मुखी शिवलिंग स्थापित है | माना जाता है कि पांचवी शताब्दी में इसका निर्माण हुआ था |  

झाँसी जिले की   मऊरानीपुर तहसील से लगभग आठ किलोमीटर दूर रौनी गांव में एक  पहाड़ी पर बना केदारेश्वर मंदिर ,  शिवलिंग नंदी की पीठ पर स्थापित है | चंदेल काल में दसवीं शताब्दी में यह मंदिर बना था | 

झांसी में तो शिव मंदिरों की पूरी एक  श्रृंखला है ।  झांसी के  ऐतिहासिक  किले में शिव मंदिर की स्थापना झांसी के प्रथम मराठा शासक सूबेदार नारो शंकर ने करवाया था। इससे लगे क्षेत्र को शंकर गढ़ कहा जाता है। मंदिर के गर्भगृह में काले पाषाण का भव्य शिवलिंग हैं। इसके मुख्य गुंबद के चारों कोनों पर एक-एक लघु मंदिर है।

 झाँसी के पानी वाली धर्मशाला के हजारिया महादेव मंदिर ऐश्वर्य और सुख संपदा की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। गर्भगृह में स्थापित मुख्य विशाल प्रतिमा में सहस्त्र लघु लिंग बने हैं। धार्मिक मान्यता है कि गर्भगृह में प्रतिमा के समक्ष शिव रुद्र कोटि संहिता का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मंदिर निर्माण को लेकर कहा जाता है कि यह गोसाइयों द्वारा बनवाया गया था। 

झाँसी के  सैंयर गेट पर भगवान शिव की चतुर्मुखी  प्रतिमा स्थापित है | झाँसी के सदर बाजार के प्राचीन महेश्वर महादेव शिव मंदिर से हर साल शिवरात्रि पर भव्य बारात श्रद्धालुओं द्वारा निकाली जाती है।झाँसी के ही  मानिक चौक  के मठ में पंचमुखी महादेव का मंदिर है। इस शिवालय को बेहद प्राचीन माना जाता है।  मठ के पंचमुखी महादेव मंदिर प्रकृति के पंच तत्व जलवायुअग्निपृथ्वी और आकाश को निरूपित करते हैं। झांसी के ग्वालियर रोड   सिद्धेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण पुष्य नक्षत्र में हुआ था। झांसी के प्रथम सांसद रघुनाथ विनायक धुलेकर ने मंदिर में श्री यंत्र को स्थापित किया था। मान्यता है कि मंदिर में पुष्य नक्षत्र में पूजा आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। झांसी में एक नहीं कई  प्राचीन शिवालय हैंजिनमें  झरना गेट स्थित सिंधिया का मंदिरमहाराष्ट्रीयन समाज का गणेश मंदिर से लगा सरदार मुले का शिव मंदिरबड़ागांव गेट स्थित भगवान भूतनाथ का मंदिरबाहर बड़ागांव गेट बाहर स्थित सुगंधपुरी के बाग में राजा बाबा महाकालेश्वर मंदिरछनियापुरा में समाधि मंदिरशहर कालीबाड़ी स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर हैं। 

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी के किनारे बसे जलालपुर में एक या दो नहींबल्कि 108 शिव मंदिर हैं। इसलिए इस क्षेत्र को 'बुंदेलखंड का काशीकहा जाता है। यहां के  घाट काशी के घाटों जैसे ही हैं। 

  खजुराहो और छतरपुर जिले के   खजुराहो  में  मतंगेश्वर शिव मंदिर के अलावा कई शिव मंदिर हैं यहाँ का   विश्वनाथ का मंदिर  १००२- १००३ ई में निर्मित हुआ था |  गर्भगृह के केंद्र में नंदी पर आरोहित शिव प्रतिमा स्थापित की गयी है।  यहां का दुलादेव का मंदिर भी  मूलतः शिव मंदिर है।  १००० ई. में निर्मित इस  मंदिर  के गर्भगृह में शिवलिंग  वेदिका पर स्थापित किया गया है। 

छतरपुर से  22 किलोमीटर दूर बरट गांव का  बटेश्वर  शिव मंदिर  12 शताब्दी में चंदेल राजाओं ने  बनवाया था |  मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है | इस  मंदिर में महिलायें   पूजा नहीं कर सकती | इसके पीछे ग्रामीणों की मान्यता है कि  कई साल पहले गांव की कुछ महिलाएं मंदिर के अंदर पूजा करने के लिए गई थी मंदिर के अंदर जाते ही महिलाओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था तब से लेकर आज तक कोई भी महिला मंदिर में पूजा करने के लिए नहीं जाती है।


05 अगस्त, 2024

Rain Fall_अतिवृष्टि से मकान की दीवार ढही , 9 बच्चों की मौत

 अतिवृष्टि से मकान  की दीवार ढही , 9 बच्चों की मौत

सागर// जिले की रहली विधानसभा क्षेत्र की शाहपुरा नगर पंचायत  में भारी बारिश के कारण एक  मकान की दीवार  ढह गई ।  मलबे में दबकर 9 बच्चों की मौतहो गई ,2 घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

                 सागर जिले के रहली  में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त है।बीती रात हुई तेज बारिश के कारण शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड 4 में रविवार की सुबह करीब 9 बजे मुलु कुशवाहा का   दो मंजिला ५० साल पुराने  कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई।प्रत्यक्ष दर्शियों के सावन के महीने में हरदौल मंदिर में पार्थिव (मिट्टी) शिवलिंग के निर्माण एवं भागवत कथा का आयोजन चल रहा है।  रविवार को अवकाश का दिन होने की वजह से शिवलिंग बनाने के लिए  बच्चे भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे । ।इसी दौरान बाजू में बने मकान की दीवार अचानक शिवलिंग निर्माण कर रहे बच्चों पर  गिर गई जिसमें दबाकर 9 बच्चों की मौत हो गई जबकि 2 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गया।घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर या अन्य स्टाफ नहीं मिला जिसे लेकर लोगो में आक्रोश देखा गया। बाद में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

।घटना की जानकारी लगते ही पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक पँ गोपाल भार्गव एवं उनके पुत्र भाजपा नेता अभिषेक भार्गव घटना स्थल पर पहुँचे और  पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।नगर पंचायत द्वारा जेसीबी मशीन से जर्जर भवन को तत्काल गिराया गया।

राष्ट्रपति ने जताया दुख

 हादसे पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख व्यक्त करते हुए  कहा कि "सागरमध्य प्रदेश में एक हृदय विदारक दुर्घटना में अनेक मासूम बच्चों की मृत्यु के समाचार से मन दुखी है। मैं प्रार्थना करती हूं कि ईश्वर शोक संतप्त माता-पिता एवं परिवारजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं घायल हुए बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। "

सीएम ने जताया शोक, 4–4 लाख की मदद

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज सागर जिले के शाहपुर में हुई अतिवृष्टि के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों के काल कवलित होने की खबर सुनकर मन व्यथित है। घायल बच्चों के उचित इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया है।

भगवान से करबद्ध प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करें। हादसे में घायल अन्य बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। जिन परिवारों ने मासूम बच्चों को खोया हैउनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतक बच्चों के परिजनों को शासन की तरफ से 4 -4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।

सीएम मोहन यादव  ने सीएमओ और उपयंत्री को किया निलंबित 

घटना के बाद सीएम  ने कार्यवाही में लापरवाही  बरतने वाले शाहपुर नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ  धनंजय  और उपयंत्री  वीर विक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं |  सीएम ने x par लिखा कि  सागर जिले अंतर्गत नगर परिषद शाहपुर में जर्जर मकानों को चिन्हित करते हुए नोटिस भी जारी किए गए थे किंतु संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थानीय प्रशासन को अवगत नहीं कराया गया। इस लापरवाही में दोषी पाए गए नगर परिषद शाहपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि प्रदेश भर में जर्जर भवनों को चिन्हित करके विधि सम्मत कार्यवाही की जाएजिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति अब नहीं हो। कर्तव्य से लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे और प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने जताया दुख

सागर में हुए हादसे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने  सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से  दुख व्यक्त किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने लिखा की " मध्य प्रदेश के सागर में भारी बारिश से दीवार गिरने के कारण 9 बच्चों की मृत्यु का समाचार बेहद हृदयविदारक है। कई लोग घायल भी हुए हैं। शोकाकुल परिवारों को हमारी ओर से गहरी संवेदनाएं व हम घायल पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते है। सरकार व प्रशासन से आग्रह है कि त्वरित मुआवजा दिया जाए और भारी बारिश व खराब मौसम से ऐसी घटनाएँ आगे ना होउसके लिए उचित कदम उठाए जाए। ऐसी लापरवाही दुर्भाग्यपूर्ण है।"

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा कि आज सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों के निधन की खबर हृदय विदारक है।बाबा महाकाल दिवंगत बच्चों को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने किया शोक व्यक्त

पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सागर जिले के शाहपुर में हुए हृदयविदारक हादसे से मन बहुत ही व्यथित है। । परिवार पर जो बीत रही होगी उसकी कल्पना मात्र से ही सिहरन का अनुभव होता है। परिवार के लिए ये अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। मैं परमपिता परमेश्वर से कामना करता हूँ कि शोक संतप्त परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे। मैं घायलों के अति शीघ्र स्वास्थ्य लाभ होने की भी कामना करता हूँ।

जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार पचौरी ने की दस दस लाख मुआवजा की मांग

 जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार पचौरी शाहपुर पहुंचे । राजकुमार पचौरी ने मौके पर मौजूद कलेक्टर से इस घटना पर दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा पीड़ितों को दस दस लाख रुपये दिलवाने का अनुरोध किया। राजकुमार पचौरी ने कहा कि शाहपुर में ही उचित चिकित्सा सुविधा होती तो कई को बचाया जा सकता था विलंब से चिकित्सालय पहुँचने से हुई मौत भी कारण हो सकता है।

राजकुमार पचौरी ने कहा कि जो शासन लोगों को उचित इलाज नहीं दिला सकता उससे उम्मीद कुछ अच्छा होने की नहीं की जा सकती \


 हादसे में इनकी गई जान

▪ध्रुव पिता जगदीश यादव (12 वर्ष)

• नितेश पिता कमलेश पटेल (13 वर्ष)

• आशुतोष पिता मान सिंह प्रजापति (15 वर्ष)

• प्रिंस पिता अशोक साहू (12 वर्ष)

• पर्व पिता फूल कुमार विश्वकर्मा (10 वर्ष)

• दिव्यांश पिता निलेश साहू (10 वर्ष)

• देवराज पिता गोविंद साहू (8 वर्ष)

• वंश पिता यशवंत लोधी (10 वर्ष)

• हेमंत पिता भूरे (10 वर्ष)

घायल

• खुशी पटवा पुत्री अमित पटवा

• सुमित प्रजापति पुत्र महेश प्रजापति

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...