05 फ़रवरी, 2023

Dharm_ मीडिया में सुर्खियां बना बुंदेलखंड का बागेश्वर धाम

 मीडिया में सुर्खियां बना बुंदेलखंड का बागेश्वर धाम 

बुंदेलखंड की डायरी

 

रवीन्द्र व्यास 

 

 बीते कई  दिनों से  बुंदेलखंड राष्ट्रीय मीडिया में छाया हुआ है | यहां के बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार को लेकर बुंदेलखंड सुर्ख़ियों में बना हुआ है इलक्ट्रोनिक और डिज़िटल   मीडिया  के लिए  दिव्य दरबार के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री  एक बड़ी टीआरपी के श्रोत बन गए हैं | धीरेन्द्र महराज को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के समाचार सुर्खियां बटोर रहे हैं || ये अलग बात है कि देश के मीडिया संस्थान जिस शिद्दत से बुंदेलखंड के बाबा जी पर मेहरबान हैं अगर उसी शिद्दत से वे बुंदेलखंड की  समस्याओं को मीडिया में स्थान देते तो शायद बुंदेलखंड का भी भला होता ,और देश प्रगति के मार्ग में अग्रसर होता | पर यहाँ तो सवाल मीडिया के पापी पेट का है  जो इस तरह की ख़बरों में देश दुनिया में टीआरपी ना दिला पाता  

 


बागेश्वर धाम के  पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री अपनी कथित चमत्कारी शक्तियों के कारण देश भर में चर्चित हो गए हैं  उनकी चमत्कारी शक्तियों के प्रचार प्रसार और उनकी भागवत कथाओं के प्रचार प्रसार में  उनका सोशल मीडिया नेटवर्क भी  अपनी पूर्ण तन्मयता से जुटा है इसी दौरान जब वे जनवरी की पांच तारीख को नागपुर पहुंचे तो उनके विरुद्ध महराष्ट्र की जादू टोना विरोधी जनजागृति प्रचार समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने लिखित शिकायत देकर पुलिस से मामला दर्ज करने को कहा था बाद में पुलिस ने शयाम मानव के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया इसके बाद से तो मीडिया को बैठे बैठाये मसाला मिल गया |  अब दौर शुरू हुआ धीरेन्द्र कृष्ण  आगे आगे और मीडिया पीछे पीछे उनके रायपुर दरबार में उन्होंने मीडिया को कई चमत्कार दिखाए  जिसका मीडिया मौके पर कोई तोड़ नहीं बता पाई इसके बाद जब वे वापस बागेश्वर धाम आये तो यहाँ भी मीडिया के कैमरे और मोबाइल उनका पीछा करते रहे 

                                                 



                                              धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की पूर्ण जन्म कुंडली  लोगों को बताई गई उनके समान्तर आम लोगों की चमत्कारी शक्तियों से लोगों को अवगत कराया गया ,| नौजवान संत के अंतरंग पलों को भी खंगालने के प्रयास  मीडिया ने किये उनकी शादी कब होगी जैसी बातों को सनसनी के तौर पर पेश किया गया जबकि वे स्वयं कह चुके हैं कि हम विवाह करेंगे कब करेंगे किससे करेंगे यह नहीं बताया |  उनके विवाद को लेकर भी खबरों का दौर चला 



दरअसल बुंदेलखंड में अतीत का बताने वाले बहुत सारे लोग हैं जो तांत्रिक क्रियाओं के नाम से जाने जाते हैं | पर उनके पास धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जैसी वाणी का ओज नहीं है ,और ना ही उनमे  राम और भागवत कथा  कहने का सामर्थ्य है इसी कथा प्रसंग में वे सत्य सनातन की बात कहते हैं और  देश के सनातन विरोधियों को ललकारते हैं , उनके यही तेवर सनातनियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं जबकि विरोधियों  को  रास नहीं आते हैं


केन - बेतवा लिंक परियोजना :

 

 बीते दिनों  नदी जोड़ो परियोजना  के तहत   केन -बेतवा लिंक परियोजना के लिए आम बजट  23 -24  के लिए 3500 करोड़ रु स्वीकृत किये गए |  2022 _23 के आम बजट में केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1400 करोड़ का बजट आवंटन हुआ था इस परियोजना से एम् पी और यूपी के 14 जिलों  की सिचाई और पेयजल की समस्या का समाधान होगा | असल में यह वह परियोजना है जिसे अटल बिहारी वाजपेई जी के प्रधानमंत्रित्व काल में सबसे पहली स्वीकृति मिली थी | और जब अटल जी खजुराहो में ललितपुर सिंगरोली रेल लाइन का शिलान्यास करने आये थे उस समय भी उन्होंने इस परियोजना की चर्चा मंच से की थी |  २०२३ में देश के 9 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं | इन चुनावों को संसदीय चुनावों का सेमीफाइनल माना जाता है | इन हालातों में इससे लाभान्वित होने वाले १४ जिलों के 54 विधान सभा क्षेत्र और 10 संसदीय क्षेत्र प्रभावित होंगे | जिसका सीधा लाभ बीजेपी को मिलेगा |  

मध्य प्रदेश के पन्नाटीकमगढ़, छतरपुर,  सागरदमोहदतियाविदिशाशिवपुरी और  उत्तर प्रदेश के बांदामहोबाझांसी  ललितपुर जिलों को लाभ मिलेगा | इन 12 जिलों की 10 लाख 62 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी ,करीब 62 लाख लोगों को पीने का पानी मि सकेगा | योजना पर 90 फीसदी व्यय केंद्र 

सरकार करेगी जबकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकार 5- 5  फीसदी व्यय करेंगी  \

केन बेतवा  परियोजना से रवि सलों  लिए (  नवंबर से अप्रैल ) एमपी को 1834 एमसीएम  और यूपी  को 750 मिलियन क्यूबिक मीटर  पानी मिलेगा। -

221  किमी लम्बी लिंक केनाल के माध्यम से  बेतवा नदी को बरुआसागर में  जोड़ा जाएगा |  योजना से 103 मेगावाट हाइड्रो पावर और 27 मेगावाट सोलर पावर का उत्पादन होगा

पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बनने वाला  ढ़ोड़न बाँध | केन नदी पर 19633  वर्ग कि.मीजलग्रहण छमता वाले इस मुख्य बांधमें 2853  एम.सी.एम.पानी भंडारण कि छमता होगीइस बाँध के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व  कि 5258  हेक्टेयर_जमीन  सहित कुल 9  हजार हेक्टेयर जमीन डूब जाएगी | इस जमी पर बसे डोंडन , सुकवाहा ,भावरखुवा ,घुघारी ,वसोदा ,कुपी,शाहपुरा  ,पल्कोहा ,खरयानी,और मेनारी गाँ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा | बाँध से 221  कि.मी.लम्बी मुख्य  नहर उत्तर प्रदेश के बरुआ सागर में जाकर मिलेगा | इस नहर से 1074  एम.सी.एमपानी प्रति वर्ष भेजा जाएगा ,जिसमें_से 659  एम.सी.एमपानी

 बेतवा नदी में पहुंचेगा |\

ढोंडन  बांध के अलावा तीन और बां भी मध्य प्रदेश कि जमीन पर बेतवा नदी पर  बनेंगे |रायसेन  विदिशा जिले में बनने वाले मकोडिया बांध से 5685 हेक्टेयर क्षेत्र  में,बरारी बेराज_से 2500  हे.वा केसरी बेराज से 2880  हे. क्षेत्र  में  सिचाई  होगी | लिं नहर से मार्गोंमें 60294  हे. क्षेत्र  सिंचित होगा ,इसमें ध्यप्रदेश के 46599  हेवा उत्तर प्रदेश_के 13695  हे.क्षेत्र  में सिंचाई होगी | ढोंडन बांध से छतरपुर और पन्ना जिले की 3.23  लाख है.जमीन सिंचित होगी होने का दावा किया जा रहा है 

 


                                         केन बेतवा लिंक परियोजना को लेकर बीजेपी  एक बड़ी उपलब्धि बता रही है वहीँ इस परियोजना से विस्थापित होने वाले लोगों का दर्द साझा कर रहे हैं आप नेता अमित भटनागर | वे कहते हैं कि 

प्रशासन मनमानी पर उतारू है, हमे केन बेतवा संबंधी किसी भी धारा या कार्यवाही की कोई जानकारी नहीं दी गई।  केन बेतवा लिंक परियोजना में  गांव विस्थापित होना है लेकिन  प्रशासन द्वारा कोई भी विधिवत जानकारी नहीं दी जाती है। गांव में इस आशय से सम्बंधित कोई भी ग्रामसभा, आमसभा या जन सुनवाई नहीं की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि कब धारा 11 लगी अभी कौन सी धारा लगी उनको कुछ नहीं पता।  प्रशासन अभी भी अपनी मनमानी से बाज नहीं आया तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

 प्रसाशन की प्रताड़ना के खिलाफ 26 जनवरी से 31 जनवरी तक  प्रभावितों की पद यात्रा निकाली गई और सांकेतिक जल सत्याग्रह भी किया गया |  

 

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