बुंदेलखंड की डायरी
रवींद्र व्यास
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों दारु को लेकर दंगल मचा है | दारु को लेकर देश प्रदेश के सियासतदान एक दूसरे के खिलाफ मैदान में नजर आ रहे हैं | इस मामले को लेकर दिल्ली और बिहार में अलग तरह के सियासी संघर्ष देखने को मिल रहे हैं तो मध्य प्रदेश में एक अलग राजनैतिक नौटंकी देखने को मिल रही है | इन सबके बीच अगर शराब को लेकर जमीनी हकीकत देखी जाए तो मामले दिल दहलाने वाले सामने आते हैं | मामले चाहे जहरीली शराब से मौत के हो अथवा शराब के जहर से विकृत होते मानव मन में पनपते पशु के मामले हो दोनों ही दशाओं में मानवता की ही मौत होती है |
हाल ही में बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के गुलगंज थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला | रजपुरा गाँव में ६ फरवरी की रात एक 24 वर्षीय दो बच्चों की माँ की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी | उसके ४ वर्ष के पुत्र और ८ माह की बच्ची को धारदार हथियार से घायल कर दिया गया था | पुलिस ने ह्त्या के आरोप में गौरीशंकर राजपूत( 30 )को हिरासत में लिया । आरोपी ने पूछताछ जो बताया वह मानवता को शर्मशार करने वाला था | उसने बताया कि उसने महिला के पति व ससुर को नया ट्रैक्टर खरीदने पर अपने घर पर शराब एवं मुर्गा पार्टी का बहाना बनाकर बुलाया था | रात्रि में जब दोनों नशे में बेसुध हो गए तो वह उनके घर में घुसकर उसके पत्नी के साथ बलात्कार का प्रयास करने लगा ,| महिला ने आरोपी गौरीशंकर के चेहरे , मुंह , नाक , गर्दन पर नोंचा तो आरोपी ने महिला का गला दबाकर हत्या कर दी | मौके पर दोनों बच्चे रोने लगे ,यह देख उसने उनके ऊपर लोहे के हंसिये से गले पर बार किया , जिससे दोनों लहूलुहान हो गये और आरोपी हंसिये को वहीं फेंक कर मौके से भागकर वापस घर पर चल रही पार्टी में शामिल हो गया ।
बुंदेलखंड अथवा देश प्रदेश में शराब के कारण हुई वारदात की यह कोई पहली घटना नहीं है | इस तरह की वारदात आये दिन कहीं ना कहीं से देखने सुनने को मिल जाती हैं | कहीं शराब के लिए पुत्र पिता अथवा माता की हत्या करता है तो कहीं मित्र मित्र की हत्या कर देता है | शराब के नशे में दुष्कर्म के भी मामले सामने आते हैं ,तो शराब के नशे के लिए लोग अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगते हैं |
बुंदेलखंड में इस नशा ने तो ऐसा तांडव मचाया है कि हजारों परिवार सिर्फ जुआ और शराब में बर्बाद हो गए |
प्रदेश में शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्य मंत्री उमा भारती अभियान चलाए हुए हैं | उनका यह अभियान भले ही राजनैतिक हो और पार्टी और सरकार पर दबाव बनाने वाला माना जा रहा हो पर उनके इस अभियान को महिलाओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है | इसी माह की शुरुआत में उमा भारती ने ओरछा में शराब दुकान के सामने गाय बांध कर गायों को केले और चारा खिलाया। उन्होंने कहा कि लोग शराब नहीं, दूध पियें । उन्होंने लोगों से ये भी कहा कि मुझे फांसी पर लटका दो , क्योंकि इसके लिए में सबसे बड़ी दोषी हूँ ,क्योंकि मेने ही सरकार के लिए वोट मांगे | ये किसी भी सरकार का धर्म नहीं है कि वह लोगों की लत का उपयोग पैसे बनाने में करे | सरकार ने ज्यादा राजस्व वसूली के लिए रामराजा सरकार मंदिर के पास दुकान आवंटित कर दी | इसका यहां के सभी लोगों ने विरोध किया था पर कोई सुनवाई नहीं हुई |
उमा भारती चाहती तो पूर्ण शराब बंदी हैं पर अगर सरकार उनकी पूर्ण शराबबंदी की मांग नहीं मान सकती तो इस पर नियंत्रण तो कर सकती है | यह बात स्वयं उमा जी ने सरकार को बता दी है | शराब बंदी को लेकर उमा भारती इतनी उग्र हैं कि वे बीजेपी की सुचिता पर ही सवाल खड़े करने लगी हैं | उन्होंने कहा है कि हम भाजपा के लोग राम का नाम लेते हैं राष्ट्र की बात , सनातन की बात और वैदिक काल की बात करते हैं पर -----? ऐसे समय में मधुशाला की जगह गौशाला होनी चाहिए | अगर ऐसा होता है तो कई मधुशाला अपने आप बंद हो जायेगी अगर नहीं होगी तो हम बंद कर देंगे | । उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर शराब नीति हमारे अनुरूप नहीं आई तो शराब दुकानों पर जो होगा वो नजीर बनेगा।
हाल ही में उमा भारती ने रामराजा की नगरी ओरछा में शराब दुकान को लेकर ट्वीट कर कहा कि ओरछा के रामराजा सरकार के मंदिर के पास ही यह दुकान है। हमारे मुख्यमंत्री को स्थानीय सांसद और विधायक घेरे रहते हैं, लेकिन यदि शिवराज जी को इस शराब दुकान का पता होता तो वे तत्काल कार्रवाई करते।
दरअसल क्षेत्रीय सांसद डॉ वीरेंद्र खटीक केंद्र में मंत्री भी हैं और विधायक अनिल जैन हैं | सियासी सूत्रों की माने तो इस अभियान को अब कांग्रेस के लोग लपकने की तैयारी में जुट गए हैं |
उमा के तेवर से सकते में सरकार
मध्य प्रदेश में 3605 शराब के ठेके और 2611 अहाते हैं | प्रदेश में शराब के कारोबार को बढ़ाने का लिए बीते कुछ वर्षों में बडा काम सरकार ने किया है | शराब पर कोई वेट नहीं बढ़ाया गया | लोगों को सस्ते में शराब मिल सके इसके लिए दाम नहीं बढ़ाये देशी ठेकों पर अंग्रेजी शराब की भी सुविधा उपलबद्ध कराई गई | नतीज़तन प्रदेश में शराब की खपत बड़ी और सरकार के खजाने में लगभग 13 सौ करोड़ रु की वृद्धि हुई |
साध्वी उमा भारती के तीखे तेवरों को देखते हुए सरकार अब तक नई शराब नीति नहीं ला पाई है | 1 अप्रेल से नई शराब नीति लागू होगी | हालांकि आबकारी विभाग के आला अधिकारियों ने नई शराब नीति को लेकर प्रारूप तैयार कर लिया है , किन्तु इस पर अंतिम स्वीकृति मुख्यमंत्री के परामर्श के बाद ही मिलेगी |
दारू पर मचा यह घमासान प्रदेश और बुंदेलखंड की सियासत में क्या राजनैतिक गुल खिलाता है? यह आने वाले समय में स्पष्ट हो जाएगा।
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