05 जनवरी, 2023

Political_ बुंदेलखंड से सरकार का चुनावी अभियान

 बुंदेलखंड से सरकार का चुनावी अभियान  


रवीन्द्र व्यास 

बुंदेलखंड के टीकमगढ़ से मुख्य मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने एक तरह से २०२३ का चुनावी आगाज कर दिया | मुख्य मंत्री ने एक तीर से कई निशाने साधे ,| दरअसल मुख्य मंत्री को बुंदेलखंड इलाके से ही एक बड़ी चुनौती मिल रही है | अपने विरोधी का बगैर नाम लिए उसके राजनैतिक अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाने वाले शिवराज ने टीकमगढ़ से यही शुरुआत की है | उन्होंने मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना यहां से शुरू कर  एक बड़ा राजनैतिक चुनावी  सन्देश दिया है | भू -अधिकार पत्र वितरण समारोह में उन्होंने प्रदेश  वाशियों को यह भी बतला दिया कि आप लोग चिंता ना करें हम हर जगह आकर ये अधिकार पत्र देंगे |  



 टीकमगढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत सुंदरपुर के प्रमुख धार्मिक स्थल बगाज  माता से मुख्य मंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेश के लिए मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना की शुरुआत की | टीकमगढ़ जिले में इस योजना के तहत 10918 लोगो को भू अधिकार दिए जाने हैं | इतनी भूमि का मूल्य लगभग 130 करोड़ रुपये बताया जा रहा है | मंच के पहले और मंच पर मुख्य मंत्री अलग अंदाज में दिखे | शिवराज पूर्णतः चुनावी रंग में रंगे  नजर आये यहाँ के खुले मैदान में  जहाँ ग्रामीणों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराई गई है वहीँ  पट्टा  दिए गए| बाद में वही खुले मैदान में उन्होंने ग्रामीणों के साथ भोजन भी किया | मंच पर पहुँचते ही  उन्होंने कहा कि गरीब ही हमारा भगवान् है | इसके बाद उन्होंने हथेरी गाँव के बुजुर्ग आदिवासी धर्मा सौर के  पैर पूजन किया ,माथे पर तिलक लगाया | कन्या पूजन हमेशा की तरह किया | बगाज  माता की जय, भारत माता की जय और टीकमगढ़ की जनता की जय के साथ उनके भाषण की शुरुआत हुई | 

                        शिवराज सिंह ने  मंच पर एक जगह खड़े होकर भाषण नहीं दिया बल्कि कार्डलेस माइक लेकर मंच पर घूम घूम कर भाषण दिया | उन्होंने लोगों से अपील की "अगर आप लोग मेरे साथ हैं " तो जोर से बोलो बजाज मईया की जय | 

क्यों शुरू की यह योजना , और टीकमगढ़ से ही योजना की शुरुआत करने वजह भी शिवराज सिंह ने बताई | उन्होंने कहा १४ सितम्बर २०२१ को में मोहनगढ़ आया था , मुझे हथेरी गाँव के लोग मिले थे | उन्होंने बताया था कि रहने की जगह नहीं है ,कोई व्यवस्था नहीं है | एक एक घर में 50 - 50 लोग रहते हैं | यह बात घर कर गई तब सोचा योजना बनाना पड़ेगी | जब भगवान् ने धरती ,पानी ,हवा ,नदियाँ ,खदान सब के लिए बनाई हैं तो हम उनके अधिकार को कैसे रोक सकते  हैं | एक तरफ गगनचुम्बी अट्टालिकाओं में रहने वाले लोग हैं दूसरी तरफ ये वे लोग जिनके पास रहने के लिए जमीं ही नहीं है | में यहां बजाज माता की धारा पर  यह संकल्प व्यक्त कर रहा हूँ की मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी व्यक्ति बगैर घर के नहीं रहेगा | हर परिवार पक्के घर में रहेगा | अब प्रदेश में कमाने वाला खायेगा और लूटने वाला जाएगा | 


सरकार की उपलब्धियां और कांग्रेस पर निशाना 

बीजेपी सरकार के मुखिया का भाषण हो और विपक्ष पर निशाना ना हो ,ऐसा हो नहीं सकता | शिवराज ने इस परम्परा का निर्वाह करते हुए कांग्रेस पर निशाँ साधते हुए कहा ५० वर्षो के कांग्रेस शासन काल में टीकमगढ़ में कुछ नहीं किया | दूसरी तरफ अपनी सरकार उपलब्धिया भी गिनाई | घोषणावीर मुख्यमंत्री की छवि मिटाने का भी उन्होंने प्रयास किया | टीकमगढ़ की शिवपुरी पंचायत का नाम कुण्डेश्वर धाम ,और आचर्रा  पंचायत का नाम आचार्य धाम किये जाने की घोषणा की | इसका गजट नोटिफिकेशन वे साथ लेकर आये थे | लोगों को भरोषा दिलाया की टीकमगढ़ के विकाश में कोई कमी नहीं आने देंगे | चुनावी वर्ष में उन्होंने लोगों को तीर्थ दर्शन के लिए हवाई यात्रा की सुविधा देने की बात भी कही | 

भू अधिकार योजना और राजनैतिक तीरंदाजी 

चुनावी वर्ष में भू अधिकार योजना के माध्यम से बीजेपी प्रदेश के एक बड़े मतदाता समूह को अपने पक्ष में करने की कवायद कर रही है |  इसके साथ ही शिवराज सिंह ने प्रदेश के विपक्षी दल और अपनी ही पार्टी  के उन लोगों पर निशाना साधा है जो अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं चूकते | दारु,धर्म और अपनी जाति और  विरादरी के नाम पर अपने को गरीबों का मसीहा साबित करने में जुटे लोगों के लिए यह शिवराज का करारा तमाचा माना जा रहा है | 

दरअसल पिछले कुछ समय से  प्रदेश में बीजेपी की ही नेता सुनियोजित तरीके से अगड़ा पिछड़ा के नाम पर सियासी जाल बिछा रही थी | उसकी बड़ी काट भी बीजेपी  ने बुंदेलखंड से तलाश ली | यहां के पिछड़े वर्ग से आने वाले एक सांसद जो केंद्र में मंत्री भी हैं उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश में सौंपी जा रही है | इसका बड़ा असर बुंदेलखंड ही नहीं प्रदेश ककी राजनीति में देखने को मिलेगा \  

            

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