रवींद्र व्यास
बुंदेलखंड में इनदिनों राजनैतिक घमासान मचा हुआ है | सियासतके तमाम परमवीर योद्धा आगामी चुनावी काल को देखकर , जुबां सेलेकर तमाम तरह के सियासी हथियारों में धार देने में जुटेहैं | चुनावी काल खंड में सियासी लोगों को जनता भी याद आती है औरअपने पार्टी के कार्यकर्ताओं की याद सताने लगती है | पिछले कुछ समय में बुंदेलखंड में ऐसा हीराजनैतिक तमाशा देखने को मिल रहा है | चमड़ेकी यह जबान ही है जो लोगों को जोड़ती भी है और लोगों को तोड़ती भी है | बुंदेलखंड में बड़े बुजुर्ग कहा करते थे कि तन के घाव तो आदमी भुला देता हैपर वाणी से लगे घाव भुलाये नहीं भूलते | वाणी के सयम को लेकरभारतीय दर्शन में ना जाने कितनी व्याख्याएं की गई हैं | पर सियासत में अब वाणी एक अस्त्र की तरह इस्तेमाल होने लगा है |
बुंदेलखंड के कांग्रेसी नेता राजा पटेरिया की जुबान 11 दिसंबर को पन्ना जिले के पवई में फिसल गई | पार्टी की मंडल बैठक में वे कार्यकर्ताओं को समझाते हैं कि मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा, मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का,आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधानअगरबचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो। हत्या इन द सेंस ... हराने केलिए तैयार रहो। फिसलीजुबां पर काबू करने का उन्होंने जतन भी खूब किया ,पर १२ दिसंबर को उनका यह बयान मीडियामें सुर्खियां बन गया | पूर्व मंत्री राजा पटैरिया ने सफाई देते हुए कहा भी कि "वायरल वीडियो कार्डवितरण के दौरान का है वीडियो में मोदी की हत्या की जो बात है वह गलत तरीके से बताई जा रही है | में गांधी को मानने वाला हूँ ,और इस तरह की बात नहीं कर सकता | बीजेपी को तो बैठे बैठाये एक मौका मिल गया ,| प्रदेशसरकार ने बगैर विलम्ब के उन पर मामला दर्ज करा दिया | सब इंजीनियर संजय खरे की रिपोर्ट पर पवई थाना पुलिस ने 12 दिसंबर को भादवि की धारा 451,504, 505(1)(बी ),505(1)(सी ), 506,153b(1)(सी ) के तहत राजा पटेरिया पर मामला दर्ज कर लिया | सुबह पटेरिया को हटा से गिरफ्तार कर ,पवई न्यायालयमें पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया |
माफ़ी मांगने के बावजूद उनकी ही पार्टी के लोगों नेउनका साथ नहीं दिया ,उनको नोटिस सौंप कर तीन दिन में जबाब माँगा गया | अब जो व्यक्ति जेल में हो वह क्या जबाब देगा |हालांकि पार्टी के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह इस मामले में पटेरिया के बचाव में आये तो जरूर पर विलम्ब से | दरअसल राजापटेरिया बुंदेलखंड के पुराने समाजवादी नेता हैं | वे अपनी उग्र छवि के कारण जाने जाते हैं ,| दिग्विजय सरकार में मंत्री रहे हटा से 1991 में उप चुनाव जीता , पर 1993 का चुनाव वे हार गए 1998 में वे फिर चुनाव जीते उसके बाद वे फिर कोईचुनाव नहीं जीते | पार्टी ने उन्हें 2009 और 2014 में खजुराहो लोकसभा से भी प्रत्यासी बनाया था पर दोनों बार वे चुनाव हारे |
पार्टी की बैठक का विडिओ वायरल होने की भी एक अलग कहानी बताई जा रही है | पटेरिया जी पवई से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे | उनकी यह तैयारी पार्टी के ही कुछ नेताओं को रास नहीं आ रही थी , जैसे ही उन्हें मौका मिला पार्टी के इन्ही ज्ञानियों के इशारे पर विडिओ वायरल कर दिया गया |, जिसका परिणाम सबके सामने है |
उपयंत्री भी हुए निलंबित
पवई रेस्ट हाउस में हुई कांग्रेस पार्टी की मंडल बैठक के इस मामले में पन्ना कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री संजय खरे और टाइम कीपर को निलंबित कर दिया है | इन पर आरोप है कि इन्होने पवई के रेस्ट हाउस में कांग्रेस पार्टी को बैठक करने दी |
जमानत के लिए
अब हाईकोर्ट जाएंगे
राजापटेरिया की जमानत याचिका पवई के अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को निरस्त कर दी है। दो दिन पहले जब राजापटेरिया ने जमानत याचिका पर पुलिस ने केस डायरी पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा था।शुक्रवार को पवई पुलिस ने केस डायरी पेश की , अपर सत्र न्यायाधीश एस श्रीवास्तव ने जमानत याचिका निरस्त कर दी। अब पटेरिया जमानत याचिका उच्च न्यायालय में दायर कीजाएगी।
बेकाबू वाणी सियासत और जीवन में वाणी का संतुलन और असुंतलन किस तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है इसके कई उदाहरण राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्रों में देखने को मिल जाएंगे | पन्ना में राजा पटेरिया के पहले एक जिला शिक्षाधिकारी का भी इसी तरह का मामला सामने आया था | जिसमे वे पत्रकारों को सुधरने के लिए उनको पीटने की बात कहते हैं | इस मामले में पत्रकारों ने कई दिन आंदोलन भी किया , बाद में मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा अधिकारी को हटाया गया था |


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