31 दिसंबर, 2022

पं गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास_भारत की चेतना बदल रही है || कपिल तिवारी

  

सनातन संस्कृति का प्रभाव और उसकी प्रासंगिकता "

भारत की चेतना बदल रही है || कपिल तिवारी 

भारतीय संस्कृति  संस्कारों की जनंनी है || विनोद असाटी 

व्याख्यानमाला बुंदेलखंड की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कारगर होगी| राकेश मिश्रा 

 छतरपुर//  महराजा छत्रसाल  ऑडिटोरियम में  " सनातन संस्कृति का प्रभाव और उसकी प्रासंगिकता"  विषय पर शुक्रवार को को एक व्याख्यान माला आयोजित की गई |  पंडित गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित इस छटवी  व्याख्यानमाला के  मुख्य अतिथि  पद्मश्री डॉ  कपिल तिवारी ने   कहा कि समाज में सनातन आदि है अनंत है और हमेशा रहेगा इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठाए ही नहीं जा सकते | 

जनसेवा जनसेवा और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित प गणेश प्रसाद  मिश्र सेवा न्यास के इस गरिमा पूर्ण  कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और द्वीप प्रज्वलन किया गया | कार्यक्रम के मुख्य  अतिथि डॉ  कपिल तिवारी का बाबी असाटी ने और कार्यक्रम के अध्यक्ष  वीरेंद्र असाटी  का नीरज भार्गव  तथा  डॉ राकेश मिश्र का  को कविता  राज ने माल्यार्पण कर स्वागत किया |  इस मौके पर मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा  का अनावरण भी किया गया | 
                        कार्यक्रम के ंप्रारम्भ में डॉ राकेश मिश्र ने न्यास के कार्यो से लोगों को अवगत कराते हुए कहा की न्यास का ""  सनातन संस्कृति का प्रभाव और उसकी प्रासंगिकता "" का यह छटवां आयोजन है |आज की व्याख्यानमाला बुंदेलखंड की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कारगर होगीबुंदेलखंड की संस्कृति काफी समृद्ध है, जिसे राष्ट्रीय पटल पर लाने की दिशा में यह व्याख्यानमाला उपयोगी सिद्ध होगी। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ कपिल तिवारी ने इस  आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद देते हुए कहा  आज भारत की चेतना बदल रही है | भारत में यह परिवर्तन बहुत लम्बे समय बाद देखने को मिल रहा है | भारत ने अपनी अस्मिता को ना सिर्फ पहचाना है बल्कि इसके लिए उसने दुनिया को भी अपनी एक नई पहचान बता दी है | ये भारतीय सनातन संस्कृति ही है जिसने हमें एक ऐसा ज्ञान दिया है जो सनातन है जिसका ना कोई आदि है और ना कोई अंत है | हर पल नया कर रहा है | उन्होंने सनातन परम्पराओं और संस्कृति के ज्ञान को लेकर आने को आख्यानों के माध्यम से लोगो को और लोक को समझाया भी | उन्होंने जहाँ ज्ञान परम्परा , संत ,ऋषि , की चर्चा की ,उन्होंने कहा  कि देश में सप्तमात्रिका  हम आप सब मानते हैं | सनातन संस्कृति ने ही हमें जीवन का मूल्य बोध दिया है | 
                कार्यक्रम के अध्यक्ष विनोद असाटी ने  कहा की भारतीय संस्कृति  संस्कारों की जनंनी है | सनातन संस्कृति  ही जिसने दुनिया को वसुधेव कुटुम्बकम का सन्देश दिया | सामाजिक समरसता हमारुई संस्कृति का अंग है | इसके सबसे बड़े उदाहरण देश में होने वाले तीज त्यौहार , मेले  वगैरह हैं |  
 कार्यकर्म के संचालक डॉ  विनोद रावत ने सभी  आमंत्रित अतिथियों का  आभार व्यक्त करते हुए कहा की सामजिक चेतना  जाग्रत करने के लिए इस तरह के आयोजन समाज को नै दिशा देते हैं | अंत में डॉ राकेश मिश्र ने अतिथि द्वय को स्मृति चिन्ह भेंट किये | कार्यक्रम का समापन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की माता जी हीरा बेन को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद हुआ | 

27 दिसंबर, 2022

Political_Braj Bihari Pateriya_कांग्रेस का हाथ से हाथ जोड़ो अभियान और हाथ छुड़ाकर भागते कांग्रेसी

  कांग्रेस का  हाथ से हाथ जोड़ो अभियान और हाथ छुड़ाकर भागते कांग्रेसी

रवीन्द्र व्यास 

 बुन्देलखण्ड /सागर  /


 

ए आई सी सी  के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के सागर संभाग में भी  हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चलाया जा रहा है। कांग्रेस का जहां एक ओर हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की तैयारी  चल रही  है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेसी ही हाथ छुड़ाकर भागने में लगे हैं। बीजेपी की निगाहें अब बुंदेलखंड के दो और ब्राह्मण विधायकों पर लगी हैं | ऐसा भी नहीं कि सिर्फ कांग्रेस के नेता  ही दल त्याग रहे हो कुछ बीजेपी के नेता भी दल बदलने की जुगत में लगे हैं | 

 राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के शुरुआती दौर में ही सागर जिले  में  पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे को कांग्रेस छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। 24 दिसंबर 2022  को कांग्रेस के पूर्व विधायक गुड्डा ब्रज बिहारी पटेरिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का कमल थाम लिया। बीजेपी के प्रमुख नेता और मंत्री भूपेंद्र सिंह ने  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बीजेपी की सदस्यता दिलाई। मुख्यमंत्री श्री  चौहान व मंत्री श्री  सिंह ने भाजपा की सदस्यता लेने वाले श्री पटैरिया का भाजपा में स्वागत भी किया।

 

  बृज बिहारी पटेरिया की गिनती कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में होती रही है। गाँव के सरपंच से अपना राजनैतिक जीवन शुरू करने वाले गुड्डा पटेरिया  3 बार निर्विरोध सरपंच चुने गए । 1986 से 92 तक मंडी अध्यक्ष , 1997 से 2004 तक सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे। 1998 में वे पहली बार देवरी विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार बने और उन्होंने बीजेपी के भानू राणा को 4866 मत से हराया था |  2003 में कांग्रेस ने उनके स्थान पर हर्ष यादव को टिकट दिया वे भी हार गए |  2008 में कांग्रेस ने फिर से ब्रज बिहारी पटेरिया को  देवरी  से प्रत्यासी बनाया | बीजेपी के  भानू राणा से 1105 वोट से वे हार गए |  2013 में रहली से गोपाल भार्गव के खिलाफ उन्हें कांग्रेस ने प्रत्यासी बनाया था पर वे 51765 मत से हारे थे | 

 गुड्डा पटेरिया के नाम से विख्यात ब्रज बिहारी पटेरिया को जानने  वाले कहते हैं कि वे एक ऐसे नेता हैं जो हर सुख दुःख में जनता के साथ रहते हैं | यदि देवरी में कांग्रेस ने जातीयता का समीकरण ना रचा होता तो उन्हें कोई हरा नहीं सकता था | आज के राजनैतिक दौर में एक  कमी जो उनमे है वह है कि वह सच को सच कहने में संकोच नहीं करते | 


सागर जिले के वे दूसरे बड़े कांग्रेस के नेता  हैं जिन्होंने दल को त्यागा है | इसके पहले बड़े जनाधार वाले नेता अरुणोदय चौबे का  पार्टी से मोह भंग हो गया   । उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष सहित तमाम पदों सहित कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य्ता से त्याग पत्र देकर कांग्रेस से मुंह मोड़ लिया || 

  दोनों मामलो में राजनैतिक  स्थितियां अलग अलग बताई जाती  हैं | जहाँ अरुणोदय चौबे ने अब तक बीजेपी का दामन  नहीं थामा है ,  वही गुड्डा पटेरिया ने पार्टी त्याग कर तत्काल ही बीजेपी की सदस्यता ले ली |  पटेरिया जी अपने इस ह्रदय परिवर्तन के पीछे मीडिया से चर्चा में कह चुके हैं कि हमें पद प्रतिष्ठा और पैसों की कोई लालसा नहीं है | सम्मान का भूखा हूँ , टिकट की इक्षा भी उन्होंने नहीं जताई | पार्टी जो भी  काम देगी उसे पूर्ण निष्ठां और ईमानदारी से करूंगा |  पटेरिया जी कुछ  कहें और सिंह साहब कुछ भी राजनैतिक बयान दें पर बीजेपी के सूत्रों  की खबर पर अगर भरोसा किया जाए तो दोनों एक दूसरे की मज़बूरी बन गए थे |  बीजेपी के पास देवरी से कोई सशक्त प्रत्यासी देवरी में नहीं था और कांग्रेस  ब्राम्हणो की लगातार उपेक्षा पर आमादा थी | मामला चाहे प्रदेश में सत्यव्रत चतुर्वेदी का हो ,अथवा राकेश चौधरी का या फिर अरुणोदय चौबे हो या ब्रज बिहारी पटैरिया का | बीजेपी ने कांग्रेस के इस राजनैतिक भेदभाव का लाभ उठाया ,और इसी को आधार बनाकर बीजेपी के सियासी समीकरण जारी हैं | 



                                              बुंदेलखंड में  तीन कांग्रेस विधायकों पर बीजेपी की निगाह बनी हुई है | समीकरणों को अगर देखा जाए तो इनमे दो ब्राह्मण और एक ठाकुर साहब हैं | कांग्रेस के इन विधायकों के शीघ्र ही बीजेपी में जाने की अटकल बाजी लगाई जा रही हैं स्थानीय स्तर पर इसको लेकर चर्चाये भी खूब होती हैं | इसके पीछे बताया जा रहा है कि पिछले दिनों जो राजनैतिक सर्वे प्राथमिक तौर  पर किया गया उसमे ये बात सामने आई है कि ये तीनो ही फिर से जीतने  की स्थिति में हैं | ऐसी दशा में पार्टी इन्ही पर जोर आजमाइश कर सकती है | अब ये फिर से विधायक बनना चाहते हैं अथवा नहीं यह वक्त ही तय करेगा |


चुनावी दौर में दल और दिल बदलते रहते हैं यह कोई बड़ी बात नहीं है | अब बीजेपी के उपेक्षित नेताओं की बेचैनी देख लीजिये अपने आपको बीजेपी के लिए समर्पित करने वाले लोग ,पार्टी में टिकट ना मिलने से अब घुटन महशूस कर रहें हैं | 2018 में जिनके पार्टी ने टिकट काटे और कुछ हारे ऐसे कई दिग्गज जनसेवक हैं जो अब यह कहने में संकोच नहीं कर रहे हैं कि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो अपनी उपस्थिति का अहसास पार्टी को जरूर कराएंगे | कैसे कराएँगे यह एक अलग बात है पर माना जा रहा है इसमें कुछ कांग्रेस तो कुछ निर्दलीय किस्मत आजमाने का मन बना चुके हैं | 

      

                                  


18 दिसंबर, 2022

Political_Raja Pateriya_बेकाबू जुबान ने पहुंचाया जेल 

बेकाबू जुबान ने पहुंचाया जेल 

 रवींद्र  व्यास

 बुंदेलखंड में इनदिनों राजनैतिक घमासान मचा हुआ है | सियासतके तमाम परमवीर योद्धा आगामी चुनावी काल को देखकर , जुबां सेलेकर तमाम तरह के सियासी हथियारों में धार देने में  जुटेहैं | चुनावी  काल खंड में सियासी  लोगों को जनता भी याद आती है औरअपने पार्टी के कार्यकर्ताओं की याद सताने लगती है | पिछले कुछ समय में बुंदेलखंड में ऐसा हीराजनैतिक तमाशा देखने को मिल रहा है |  चमड़ेकी यह जबान ही है जो लोगों को जोड़ती भी है और लोगों को तोड़ती भी है | बुंदेलखंड में बड़े बुजुर्ग कहा करते थे कि तन के घाव तो आदमी भुला देता हैपर वाणी से लगे घाव भुलाये नहीं भूलते | वाणी के सयम को लेकरभारतीय दर्शन में ना जाने कितनी  व्याख्याएं की गई हैं | पर सियासत में अब वाणी  एक अस्त्र की तरह इस्तेमाल होने लगा है |

 बुंदेलखंड के कांग्रेसी  नेता  राजा पटेरिया की  जुबान 11 दिसंबर को पन्ना जिले के  पवई में फिसल गई | पार्टी की मंडल बैठक में वे कार्यकर्ताओं को समझाते हैं कि  मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा, मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का,आदिवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधानअगरबचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो। हत्या इन द सेंस ... हराने केलिए तैयार रहो। फिसलीजुबां पर काबू करने का उन्होंने जतन  भी खूब किया ,पर १२ दिसंबर को उनका यह  बयान मीडियामें सुर्खियां बन गया | पूर्व मंत्री  राजा पटैरिया ने  सफाई  देते हुए कहा भी  कि "वायरल वीडियो कार्डवितरण के दौरान का है  वीडियो  में मोदी की हत्या की जो बात है वह गलत तरीके से बताई जा रही है | में गांधी को मानने वाला हूँ ,और इस तरह की बात नहीं कर सकता | बीजेपी को तो बैठे बैठाये एक मौका मिल गया ,| प्रदेशसरकार ने बगैर विलम्ब के उन पर मामला दर्ज करा दिया |  सब  इंजीनियर संजय खरे की रिपोर्ट पर पवई थाना पुलिस ने  12 दिसंबर को भादवि  की धारा 451,504, 505(1)(बी ),505(1)(सी ), 506,153b(1)(सी ) के तहत राजा पटेरिया पर मामला दर्ज कर लिया | सुबह पटेरिया को हटा से गिरफ्तार कर ,पवई न्यायालयमें पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया | 


                          माफ़ी मांगने के बावजूद उनकी ही पार्टी के लोगों नेउनका साथ नहीं दिया ,उनको नोटिस सौंप कर तीन दिन में जबाब माँगा गया | अब जो व्यक्ति जेल में हो वह क्या जबाब देगा |हालांकि पार्टी के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह इस मामले में पटेरिया के बचाव में आये तो जरूर पर विलम्ब से | दरअसल राजापटेरिया बुंदेलखंड के पुराने समाजवादी नेता हैं | वे अपनी  उग्र छवि के कारण जाने जाते हैं ,| दिग्विजय सरकार में मंत्री रहे हटा से 1991 में उप चुनाव जीता , पर 1993 का चुनाव वे हार गए 1998 में वे फिर चुनाव जीते उसके बाद वे फिर कोईचुनाव नहीं जीते | पार्टी ने उन्हें 2009 और 2014 में खजुराहो लोकसभा से भी प्रत्यासी बनाया था पर दोनों बार वे चुनाव हारे |     


                                                                    पार्टी की बैठक का विडिओ वायरल होने की भी एक अलग कहानी बताई जा रही है |  पटेरिया जी पवई  से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे | उनकी यह तैयारी पार्टी के ही कुछ नेताओं को रास नहीं आ  रही थी , जैसे ही उन्हें मौका मिला पार्टी के इन्ही ज्ञानियों के इशारे पर विडिओ वायरल कर दिया गया |, जिसका परिणाम सबके सामने है | 

 उपयंत्री भी हुए निलंबित  पवई रेस्ट हाउस में हुई कांग्रेस पार्टी की मंडल बैठक के इस मामले में पन्ना कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री संजय खरे और टाइम कीपर को निलंबित कर दिया है | इन पर आरोप है कि इन्होने पवई के रेस्ट हाउस में  कांग्रेस पार्टी को  बैठक करने दी | 

 जमानत के लिए अब हाईकोर्ट जाएंगे 

 राजापटेरिया की जमानत याचिका पवई के अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को  निरस्त कर दी है। दो दिन पहले जब  राजापटेरिया ने  जमानत याचिका पर  पुलिस ने केस डायरी पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा था।शुक्रवार को पवई पुलिस ने केस डायरी पेश की ,  अपर सत्र न्यायाधीश एस  श्रीवास्तव ने जमानत याचिका निरस्त कर दी। अब  पटेरिया  जमानत याचिका उच्च न्यायालय में दायर कीजाएगी।

बेकाबू  वाणी सियासत और जीवन  में वाणी का  संतुलन और असुंतलन किस तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है इसके कई उदाहरण राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्रों में देखने को मिल जाएंगे | पन्ना में राजा पटेरिया के पहले एक जिला शिक्षाधिकारी का भी इसी तरह का मामला सामने आया था | जिसमे वे पत्रकारों को सुधरने के लिए उनको पीटने की बात कहते हैं | इस मामले में पत्रकारों ने कई दिन आंदोलन भी किया , बाद में मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा अधिकारी को हटाया गया था |                   

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

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