बुंदेलखंड की डायरी
दिग्विजय की पाती शिवराज के नाम
रवीन्द्र व्यास
बीते दिनों बुंदेलखंड के दमोह में नाट्य विधा की अनोखी प्रस्तुति हुई | अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सन्देश देते "भोर तरैया" नाटक में दबंग तंत्र पर सीधा प्रहार किया गया | जहां दमोह में यह नाटक खेला जा रहा था वहीँ पन्ना में एक पूर्व सैनिक न्याय के लिए संघर्ष कर रहा था | दूसरी तरफ सरकार की दुखती रग पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पन्ना जिले के रेत उत्खनन घोटाले को लेकर मुख्य मंत्री को पत्र लिख रहे थे | वही छतरपुर जिले के महराजपुर थाना क्षेत्र में एक दलित परिवार दबंगों के भय से गाँव में जाने से डर रहा था | नाटक के पात्र समाज की दशा और दिशा तो दिखला सकते हैं पर जो हालात बुंदेलखड के हैं उसके बदलने में वक्त का इन्तजार करना पडेगा |
घटना 6 दिसम्बर की है जब पन्ना जिले के बिल्हा गाँव मे अवैध शराब उतरती और बिकती देख पूर्व सैनिक मंगल सिंह से रहा नहीं गया | मंगल सिंह राजावत ने ग्रामीणों के सामने ही अवैध शराब के संबंध मे थाना प्रभारी अमानगंज को मोबाईल से सूचना दी | असल में इस गाँव में काफी समय से अवैध शराब बेचने का कारोबार होता है जिसके चलते यहाँ की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में है | जिसे रोकने का जतन मंगल सिंह ने किया | पुलिस का काम था की मामले के दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करती और शराब जप्त करती | पुलिस ने मंगल सिंह उल्टा फर्जी मामला मंगल सिंह राजावत के उपर शराब ठेकेदार के लोगो के माध्यम से विभिन्न धाराओ के तहत दर्ज करा दिया गया।
दरअसल इस इलाके में पूर्व सैनिक मंगल सिंह ही वह व्यक्तित्व है जो हर अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस करता है | मामला चाहे सीमेंट फैक्ट्री का हो अथवा किसानो के साथ धोकाः धड़ी कर उनकी जमीन हड़पने का वह सीधे मोर्चा लेने में पीछे नहीं हटे | यही कारण है कि वह एक तरह से प्रशासन की आँख की किरकिरी बने हुए हैं | पिछले दिनों पन्ना क्षत्रिय महासभा ने पूर्व सैनिक मंगल सिंह पर दर्ज किये गये फर्जी मामला को लेकर कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा | ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम सिमरी निवासी समाजसेवी पूर्व सैनिक तथा अखिल भारतीय क्षत्रिय महा सभा के प्रदेश महामंत्री मंगल सिंह राजावत पर दर्ज किये गयें फर्जी मामले को खातमा लगाया जाए | थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की जाए |
बुंदेलखंड में शराब का कारोबार
बुंदेलखंड में शराब बनाने और इसकी तस्करी के ऐसे ऐसे हथकंडे अपनाये जाते हैं कि जानने वाले भी हैरान रह जाते हैं | पिछले दिनों सागर शराब तस्करी का ऐसा खुलासा हुआ की खुद आबकारी तंत्र भी परेशान हो गया | सागर के आबकारी और पुलिस तंत्र ने जब तार जोड़े तो पता चला कि सागर जिले में शराब तस्करी के लिए सबसे ज्यादा महाराष्ट्र पासिंग काराें का उपयाेग हाे रहा है।बीते 3 महीने में शराब तस्करी में पकड़े गए वाहनों में 60 फीसदी वाहन महाराष्ट्र पासिंग के पाए गए । शासन के नियम अनुसार अब शराब तस्करी करते पकड़े जाने पर वाहन राजसात किया जाता है। इसी कारण शराब माफिया महराष्ट्र में मिलने वाली सस्ती कारें अपने कर्मचारी के नाम पर खरीद लेते हैं और इनका उपयोग शराब तस्करी में करते हैं | जप्त होने पर उसे छुड़ाने भी नहीं जाते | जिसके कारण ऐसे माफिया तंत्र की मिली भगत से बेदाग़ नजर आते हैं | जबकि यह जांच अधिकारी का दाइत्व है कि वह वाहन नंबर से उसके मालिक तक पहुंचे और उनपर कार्यवाही करे |
तीन हजार करोड का रेत घोटाला,
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गविजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को एक पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने पन्ना जिले में तीन हजार करोड़ रु की रेत के अवैध उत्खनन के घोटाले का आरोप लगाया है | दरअसल दिग्विजय सिंह पिछले माह पन्ना आये थे | वे अजयगढ क्षेत्र की रेत खदानो पर भी गए थे , उन्होंने तथ्यों को संकलित कर एक चार पेज का पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भेजा | पत्र की प्रति उन्होने लोकायुक्त को भी भेजी | पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया की पन्ना जिले के दौरे के दौरान जो हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है
| केन नदी के किनारों को कई किलोमीटर तक खोदकर किनारें खत्म कर दिये गये है। भविष्य में यहां के पर्यावरण के साथ-साथ पारिस्थितिकीय संतुलन भी बिगड़ेगा। नदी के तट के खत्म होने से गांवों में बाढ़ का खतरा होगा। किसानों की फसले बाढ़ में खराब हो जायेगी। खनिज माफिया ने सैकड़ों एकड़ जमीन से चरोखर उजाड़ दी है। चरोखर सहित पड़ती जमीन पर चारों तरफ रेत के गड्डे नजर आ रहे है। भविष्य में पालतू पशुओं को चरोखर नहीं मिलेगी।
जिले की अजयगढ़ तहसील की इन खदानों के कारण गाँव के गरीबों का जीवन दुस्वार हो गया है , उन्हें स्थानीय लोगों ने बताया कि हजारों ट्रक रोजाना यहां से रेत निकाली जाती है , ग्रामीणों की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होती | होशंगाबाद निवासी रसमीत सिंह मल्होत्रा को 3 साल के लिये पन्ना जिले की रेत का ठेका 31 करोड़ रूपये में दिया गया। ठेकेदार ने रेत माफियाओं के साथ मिलकर विगत डेढ़ वर्ष में तीन हजार करोड़ रूपये से अधिक की रेत बेच डाली है। गरीब किसानों को करोड़ों रूपये वसूली के नोटिस भेजे गये
दरअसल पिछले कुछ समय से पन्ना जिले से दिग्विजय सिंह का लगाव कुछ ज्यादा ही हो गया है | इसके पीछे राजनैतिक ,पारिवारिक और जातिगत वजहें बताई जा रही हैं | बहर हाल जो भी हो पर इतना तय है उनके निशाने पर एम् पी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा हैं | पन्ना के राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि वी डी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के करीबियों के अनैतिक अतिक्रमण , और दलितों की जमीन हड़पने के कारोबार पर कार्यवाही करवाई है ,जिसके कारण उनके विरुद्ध यह सब चल रहा है | अब सत्यता क्या है यह तो दोनों ही जानते और समझते होंगे |
अब गांव जाने से भी डर लगता है
यह कहना है छतरपुर जिले के महराजपुर थाना क्षेत्र के सिला गाँव के राजन अहिरवार का | बुंदेलखंड इलाके में आज भी दबंगों का आतंक देखने को मिल जाया करता है।
सैला गांव मे दलित और दबंगों के बीच तकरार हुई नाबालिग बच्चियां से छेड़ छाड़ के मामले को लेकर | बालिकाएं कुएं में पानी भरने गई ,गाँव के उत्तम सिंह ने छेड़छाड़ की । बच्चियों के परिजन जब इसकी शिकायत करने उत्तम सिंह के घर पहुंचे तो उत्तम सिंह और उसके साथियों ने बालिका के पूरे परिवार को बुरी तरह से पीटा। पीड़ित परिवार एवं रिश्तेदार जान बचाकर गांव से भागे । महाराजपुर थाने पहुंच कर उन्होंने अपनी आप बीती पुलिस को सुनाई। पुलिस ने 16, दिसंबर की रात साढ़े सात बजे मामला दर्ज कर अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली। थाने से महज 9 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में जब पुलिस नहीं पहुंची तो दबंगों के हौसले और बढ़ गए। दबंगों ने रात भर गाली गलौज की और घरों पर पत्थरबाजी करते रहे।अब गांव की इस दलित बस्ती में दहशत इतनी कि कोई कुछ बोलने से भी डरने लगे हैं।
दरअसल देखा जाए तो बुंदेलखंड में कहीं न्याय के लिए संघर्ष हो रहा है तो कहीं लोग नियमो में अपने को बाँधने से परहेज करते हैं | जिन लोगों पर नियम और कानून के पालन की जिम्मेदारी है वह भी अपने स्वार्थो के कारण नियमो की अनदेखी करते हैं |
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