12 जनवरी, 2021

Liquar_MP_ जहरीली शराब से मरते लोग

मुरैना जिले  में सोमवार रात  जहरीली शराब पीने से 21  लोगों की मौत 

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा :  जहरीली शराब कांड में थानेदार  निलंबित  

कलेक्टर एस पी को हटाया डीएसपी निलंबित 
 उज्जैन में  जहरीली शराब  पीने से  16  लोगों की मौत

रतलाम में 10  लोगों की मौत जहरीली शराब पीने



रवीन्द्र व्यास 

मुरैना  (12 /1/21) M P/ के  मुरैना जिले  में सोमवार रात  जहरीली शराब पीने से 21  लोगों की मौत हो गयी और 12से ज्यादा लोग गंभीर  बीमार है जिन्हे ग्वालियर और मुरैना के अस्पताल में भर्ती किया गया है lजहरीली शराब  से  बागचीनी इलाके के एक गाँव में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। उस समय लोगों ने इसे सहज मौत मानकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था । लेकिन जब  सुमावली और बागचीनी थाना क्षेत्र के  गाँव में शराब पीकर लोगों की हालत बिगड़ने की खबरें आई, तब लोगों में हड़कंप मचा और वे बीमारों को लेकर अस्पताल की तरफ दौड़े। अब तक जिन 12 लोगों की मौतें हुई हैं उनमें 3 सुमावली और नौ बागचीनी इलाके के बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले भी  अनेको स्थानों पर यह शराब मौत का खेल खेल चुकी है | 


 
 सोमवार की दोपहर  पहावली गांव के दो लोगों की हालत खराब होने पर जब  उपचार के लिये  अस्पताल ले जाते समय इनकी मौत हो गई। इन दो लोगों की मौत के साथ ही जहरीली शराब से मौत का तांडव शुरू हो गया। पहावली में 3 और मानपुर में  मौत का खेल शुरू होने के बाद  अब तक 21  लोग काल के गाल में समा चुके है। मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

चार पर केस दर्ज,
 जहरीली शराब के इस कारोबार में  बागचीनी थाने में चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने  मामला दर्ज किया  है | पुलिस ने  एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया  है। पुलिस सूत्रों की माने तो  ज़िले के छेरा गांव से  जहरीली शराब सप्लाई की गई  थी। पुलिस और आबकारी की टीम रात से ही गांव में डेरा डालकर   जहरीली शराब  पीने वालों की तलाश कर  रही है। 
गाँव में  शोक

जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर  ग्रामीणों में  आक्रोश  हैं। इस इलाके में भी शराब माफिया बेखौफ होकर   गांव-गांव में जहरीली शराब बेच रहे हैं इसके सबसे ज्यादा शिकार युवा और बच्चे हो रहे हैं | जहरीली शराब का यह कारोबार आबकारी विभाग और पुलिस की मिली भगत से होने का आरोप ग्रामीण लगाते हैं  ।  
  
 अक्टूबर २० में  महाकाल की नगरी उज्जैन में  जहरीली शराब  पीने से  16  लोगों की मौत हुई थी | २०२० के मई महीने में रतलाम में 10  लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी | जहरीली शराब के कारोबार के खिलाफ बीजेपी विधायक दिलीप मकवाना आवाज उठाते रहे पर उनकी कोई बात नहीं सुनी गई | 
 
कलेक्टर एस पी को हटाया 
 हमेशा की तरह   घटना के बाद सरकार  ने चिंता जताई है | गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि  मुरैना के  जहरीली शराब कांड में थानेदार को निलंबित कर दिया गया है।  जांच के लिए भोपाल से भी एक टीम भेजी जाएगी।  मिश्रा ने कहा है कि मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं। दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक बैठक कर मुरैना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है जबकि डीएसपी को निलंबित कर दिया गया है | 


 मौत के खेल के बाद प्रशासन की नींद खुली 

मुरैना के नजदीक ही एक कस्बा है छेरा गाँव , शराब के शौकीनों के लिए यह सबसे पसंदीदा स्थल है | गाँव वाले बताते हैं की रात के साथ ही यहां की कोल्ड ड्रिंक ,और स्नेक्स की दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है | इसकी बड़ी वजह यहाँ मिलने वाली अवैध शराब है जो भले जानलेवा हो पर सस्ती मिल जाती है | ऐसा भी नहीं की प्रशासन को इसकी जानकारी ना हो जानकारी होने के बावजूद प्रशासन अपने अर्थ तंत्र के कारण कोई कार्यवाही नहीं करता | दरअसल मुरैना ,भिंड , शिवपुरी में अवैध दारु निर्माण का कारोबार एक उद्योग की तरह संचालित होता है | स्थानीय ग्रामीण इसकी जानकारी भी प्रशासन को देते हैं पर प्रशासन में बैठे अधिकारी जानकारी देने वाले का नाम और पता अवैध कारोबारियों तक पहुंचा देते हैं <जिसके चलते विवाद और झगडे होते हैं | २१ लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन जाएगा है और छापा मार कार्यवाही कर रहा है | जानकारी देने के लिए मोबाइल  नंबर जारी किये हैं | 

कच्ची दारु : जहरीली शराब 

 कच्ची शराब बनाने  वाले  बताते हैं  कि  शराब को बनाने में सड़ा-गला गुड़, शीरा, नौसादर, यूरिया, धतूरे के बीज, आक्सीटोसिन इंजेक्शन और यीस्ट को आपस मे मिलाया जाता है।  नशा कम होने पर  नौसादर, धतूरे के बीज और आक्सीटोसिन  की मात्रा बढ़ा दी जाती है। जब तक ये  निश्चित मात्रा में रहते हैं नशा बढ़ता है | अब इन जहरीले तत्वों में से किसी की भी मात्रा  ज्यादा हो जाता है, तो शराब जहरीली हो जाती है। 

 दरअसल  सस्ते में नशा का लुफ्त लेने के चक्कर में लोग अपनी ही जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं | बुंदेलखंड इलाके में भी इस तरह की कच्ची शराब अनेकों स्थानों पर बनती है  कुछ तो इतने पेशेवर हैं की कई बार पकडे जाने के बावजूद भी यह अवैध कार्य कर अपनी  रोजी रोटी चलाते हैं

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