आज हम आपको बता रहे हैं विकाश की वह अंधी दौड़ ,जिसमे अपने को श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए लोग अमानवीयता की हदें पार कर जाते हैं | मसला जब व्यक्तिगत से हट कर प्रशासनिक हो तो देश के हर आम आदमी का चिंतित होना स्वाभाविक है | ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र पर स्थित इंदौर शहर का आया है | मध्य प्रदेश राज्य के सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्रों में शुमार है इंदौर । देश भर में पिछले चार वर्षों से इंदौर नगर-निगम का स्वच्छता सर्वेक्षण में एक नंबर स्थान पाकर अपना डंका बजा रहा है | स्वच्छता में पांचवी बार नंबर-1 बनने चाहत में इंदौर नगर निगम जानवर बनने पर आमादा हो गया | उसके कर्मचारियों ने फुटपाथ पर बैठने वाले शहर के गरीब बेसहारा बुजुर्गों को उठाकर शहर से बाहर फेकने ले गए | असल में ये गरीब बुजुर्ग शहर के लिए निगम की नजर में बदनुमा दाग थे , इसी कारण नगर निगम की नजर में इन बुजुर्गो की कीमत जानवर की तरह ही थी | इंदौर नगर-निगम को बुजुर्गों और जानवरों में कोई फर्क नजर नहीं आता। आज निगम के कर्मचारी एक कचरा गाड़ी में शहर के लाचार बुजुर्गों को पशुओं की तरह भरकर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे छोड़ने आए l स्थानीय लोगों ने जब यह नजारा देखा तो उन्होंने इसका विरोध किया । लोगों द्वारा इसका वीडियो बनाने पर नगर निगम कर्मचारी बुजुर्गों को गाड़ी में भरकर वापस ले गए.l
दरअसल इन 15 से 20 बेसहारा बुजुर्गों को गाड़ी में एक-दूसरे के ऊपर लादकर रखा गया था। इनमे से कई बुजुर्गों की हालत तो इतनी खराब थी की वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे.l निगम कर्मचारियों ने उन्हें गाड़ी से उठाकर नीचे बिठा दिया था.l विरोध के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें फिर से कचरा गाड़ी में बिठाया गया और वापस इंदौर भेजा गया है.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस भी मैदान में आ गई | कांग्रेस के प्रवक्ता इमानुएल खान सूरी कहते है कि यह तो संवेदनहीनता की हद हो गई है, जिन बुजुर्गों को अपने परिवार ने घर से बाहर निकाल दिया, उन बुजुर्गों को स्थानीय प्रशासन ने भी इस तरीके से बेसहारा छोड़ने के लिए शिप्रा नदी के किनारे पहुंचाया था, यह बेहद निंदनीय है. स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शहर को नंबर वन बनाने के लिए इस तरह की अशोभनीय हरकत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जब यह वीडियो मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो शिवराज सिंह ने नगर निगम उपायुक्त प्रताप सोलंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए | प्रताप सोलंकी को भोपाल में नगरीय विकास संचालनालय अटैच किया गया है । घटना के समय मौजूद नगर निगम के दो कर्मचारियों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए ।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कलेक्टर इंदौर को निर्देश दिए कि बुजुर्गों की समुचित देखभाल की जाए ।
नगर निगम ने वायरल वीडियो के मामले में नगर निगम के रैन बसेरा में कार्यरत बृजेश लश्करी और विश्वास बाजपेई को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने कहा है कि उक्त मामले की जांच के बाद जो भी निगम कर्मी निगम अधिकारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी


