18 जनवरी, 2012

खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को


खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को 

खजुराहो /रवीन्द्र व्यास / 
खजुराहो दुनिया में अपने आप में एक एसा स्थान है जिसका किसी से मुकाबला नहीं किया जा सकता है |  यहाँ के मंदिरों में जीवन की फिलोअस्फी छिपी है  | दुनिया के किसी भी मंदिर या दूसरे स्थानों पर आपको सिर्फ एक पहलू नजर आयेगा पर यहाँ आपको  धर्म, अध्यात्म, योग , भोग  जिंदगी का दर्शन सभी कुछ देखने को मिलेगा | यही  कारण है की खजुराहो के इन मंदिरों को देखने के लिए देश दुनिया से रिकार्ड संख्या में  पर्यटक आये | इस बार जो  पर्यटक आये उनने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए | 
                                                                  खजुराहो के भारतीय पुरातत्व के प्रमुख राहुल तिवारी ने बतया की   खजुराहो  के मंदिरों को इस बार 97356  विदेशी  और  2 लाख 53 हजार  544  भारतीय पर्यटकों ने खजुराहो के मंदिरों को देखा | खजुराहो के इतिहास  में अब तक का ये सबसे बड़ा रिकार्ड है |  2010  में 234954  भारतीय  और 90721  विदेशी  पर्यटकों ने  दुनिया की इस अनुपम कला को देखा |   
 पिछले एक दशक में देखा जाये तो  इस दशक की शुरुआत  पर्यटकों की संख्या में गिरावट से हुई थी | 2000  में जहां 54417  विदेशी  और 185639 भारतीय पर्यटक आए  वहीँ  2001  में इनकी संख्या 51718 और 159582 ,वर्ष 2002 में तो और गिरावट आई 24093  और 122617  पर्यटक ही आये | 2003 में कुछ सुधार हुआ 34436  और 125570  पर्यटक आये | 2004  में पर्यटकों की संख्या में उछाल आया इस साल 63090 विदेशी और 140466 भारतीय पर्यटकों ने मंदिरों को देखा | 2004  से शुरू हुआ पर्यटकों के आकर्षण का यह सिलसिला बरकरार है | और हर साल पर्यटकों में खजुराहो का आकर्षण बढता ही जा रहा है | खजुराहो आने वाले टूरिस्टों में इटली ,फ़्रांस , स्पेन,हालेंड , अमेरिका,ब्रिटेन,जर्मनी ,कोरिया,जापान, के टूरिस्ट ज्यादा आते हें \
खजुराहो आये स्पेन के गिओवाने (giovane) कहते हें की उन्होने काफी पहले खजुराहो के बारे में सुन रखा था , तभी से उन्होने खजुराहो  आने के बारे में तय किया था \ खजुराहो को नेट पर सर्च किया  फिर यहाँ आये | जब यहाँ आये तो हमने जो सुन रखा था उससे कही ज्यादा बेहतर यहाँ पाया | ये एक दम शांत जगह है  यहाँ के मंदिरों की कला कृतियाँ तो एक दम अदभुत हें | होलैंड की  श्रीमती लोमेलार्स ( lomlers)  कहती हें की दुनिया में खजुराहो के मंदिर अपने आप में अनोखे हें | 
यहाँ ट्रेवेल एजेंसी के प्रबंधक अजय कश्यप ने बताया की मध्य भारत का छोटा टूरिस्ट  इलाका है , मंदिरों के साथ  यहाँ का शांत और प्राक्रतिक वातावरण विदेशी टूरिस्टों को खूब भाता है , विदेसी  टूरिस्ट  यहाँ कामसूत्र  और यहाँ  के आर्किटेक्ट को देखने आता है | वे मानते हें की हवाई यातायात से जुडे होने के कारण संपन्न विदेशी टूरिस्ट तो यहाँ आ जाते हें किन्तु खस्ता हाल सड़कों के कारण मध्य वर्ग के टूरिस्ट यहाँ आने से परहेज करते हें | यदि सड़कों और रेल की बेहतर व्यवस्था हो हो जाए तो यहाँ देशी टूरिस्टों के साथ विदेशी टूरिस्टों की भी संख्या बढ जायेगी | 

08 जनवरी, 2012

खबर दर खबर_ काली लड़कियां से कैसे कराएं नृत्य

  काली लड़कियां से  कैसे कराएं नृत्य
 खजुराहो में नस्ल भेद   का अनोखा मामला सामने आया है | यहाँ काले-गोरे का भेद करके मुंबई से बुलाए गए लोक नृत्य कलाकारों को भगा दिया गया । यहां के कंदारिया शिल्पग्राम में दिन-रात रिहर्सल करने के बाद कलाकारों में से लड़कियों के काले होने का आरोप लगाया गया। परेशान कलाकारों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ये कलाकार  लोकनृत्य के लिए किए गए अनुबंध के अनुसार कंदरिया शिल्पग्राम में आए थे। पर इ यहां पर उनके साथ काले-गोरे का भेद करते हुए उन्हें सुबह ४ बजे ही निकाल दिया गया था।  कंदरिया शिल्पग्राम के डांस प्रोग्राम के मैनेजर ई. डिमेलो ने नृत्य के लिए ६ लड़के और ६ लडकियां बुलाई थीं। इस पर वे लोग आ गए और रिहर्सल भी किया। इसके बाद कहने लगे कि अब उन्हें ६ लड़की और ४ लड़के चाहिए हैं। इसके साथ ही एक लड़की को काली लड़की कहकर वापस भेजने के लिए कहा। इस पर पूरे ग्रुप ने ही काम करने से मना कर दिया तो मैनेजर डिमेलो ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। 
हालांकि मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया पर समरथ को नहीं दोष गुसाईं की युक्ति ही यहाँ चरितार्थ होती दिखती है | कंदरिया शिल्प ग्राम का यह कोई पहला मामला नहीं है | इसके पहले राजनगर के एस .डी.एम. ने मनोरंजन कर चोरी के मामले की जांच की थी वह भी दबा दी गई |
नए साल का जश्न :विदेशी महिला को छेड़ा
  फ्रांस से भारत घूमने आई २१ वर्षीय सारामार जोक विगत ३१ दिसंबर को खजुराहो के प्रमोद पैलेस होटल में जश्न मनाने के लिए अपने भारतीय पुरुष मित्र के साथ पहुंची थी। यहां जब नए वर्ष का जश्न मनाया जा रहा था, तभी होटल मालिक प्रणवप्रताप सिंह चंदेल अपने साथियों बजरुद्दीन पुत्र जलालुद्दीन एवं सलमान पुत्र रहमान के साथ नशे में झूमते हुए पहुंचे और विदेशी पर्यटक सारा के मित्र लकी पुत्र रवींद्र सिंह के साथ गाली-गलौज करते हुए झूमाझपटी करने लगे तो फ्रांस की युवती सारा ने इसका विरोध किया। जिस पर उससे पैसों की मांग करते हुए अश्लील हरकतें शुरू कर दी गईं। इस आशय का आरोप लगाते हुए सारा ने खजुराहो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर खजुराहो थाना पुलिस ने बीती ३ जनवरी की रात आरोपियों पर धारा ३५४, ३२७, ३४ आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपियों को अलसुबह गिरफ्तार कर लिया। पर शाम को जब राजनगर कोर्ट में मामला पहुंचा तो सब कुछ बदल गया | फ्रास की लड़की ने एक हलफ नामा दे दिया की हमने जिन लोगों को देखा था वे ये लोग नहीं थे लिहाजा तीनो ही आरोपी जमानत पर छुट गए | हालांकि इसके पीछे की कहानी पैसों से लें दें से जुडी बताऊ जा रही है |

प्रवचनों से सुधार 
छतरपुर पुलिस को सुधरने  के लिए डीआईजी. वेद प्रकाश शर्मा इन दिनों योग और प्रवचनों का सहारा ले रहे हें |छतरपुर पुलिस लाइन का पुलिस हाल इन दिनों धर्म और अध्यात्म  का केंद्र बना हुआ है | हालांकि लोग उन्हे योग गुरु बाबा रामदेव का शिष्य मानते हें | पुलिस के अधिकारी कहते की यह सब उन्ही की माया है | पहले उन्होने  नशा मुक्ति शिविर लगाया था जिसमे भी कई प्रवचन हुए | अभी हाल ही में   गुजरात में एक आश्रम संचालित करने वाले स्वामी धर्मबंधु महाराज को पुलिस लाइन में आमंत्रित किया गया |  उन्होने पुलिसकर्मियों को ज्ञान दिया की  समाज के प्रति जिम्मेदार हों , समाज का विश्वास हासिल करे , जनता भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पर विश्वास करे , मन पर नियंत्रण रखें , भय, द्वेष, घृणा और छुआछूत से दूर रहें ,|
                              पुलिस को सुधारने के लिए डी.आई.जी. साहब तो तरह तरह के जतन कर रहे हें किन्तु क्या करें कुछ अधिकारियों की आदतें जाती ही नहीं हें | वे तो उन लोगों को भी नशे का आदि बनाने में जुटे हें जो पहले पिटे भी नहीं थे | एसे ही एक अधिकारी को पिवाक्कड़ बनाने के लिय बाकायदा थानों के प्राभारियों को आदेश भी दिया गया है | वे भी अपने अधिकारी के आदेश को भला कैसे टाल सकते हें | इस लिए वे हर हफ्ते ढाई -ढाई  हजार की चार  बोतलें  ग्वालियर से मंगवाते हें |
टी.आई. की  अवैध वसूली
डी.आई.जी. साहब तो प्रवचनों से पुलिस को सुधारने में जुटे हें पर पुलिस है की सुधरती ही नहीं है | एसा ही एक नजारा जिले के हरपालपुर  थाने में देखने को मिला | यहाँ  पदस्थ टीआई और यहां के आरक्षकों के बीच शक्कर से लदी पिकअप को पकडऩे और टीआई द्वारा उन्हें छुड़ाने के प्रयास करने को लेकर बुधवार की रात को दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। रात में पुलिस अधीक्षक ने इन आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया |
 थाने में पदस्थ आरक्षक बृजेंद्र यादव, प्रमोद शर्मा, प्रवीण त्रिपाठी और सैनिक चंद्रभान  को गश्त कर रहे थे , इसी दौरान  चैकिंग करते हुए पिकअप (यूपी 95 बी 1045) को पकड़ा |,  पिकअप और शक्कर के कागजात मांगने पर गाड़ी चला रहे ड्राइवर जितेंद्र सिंह ने  टीआई या फिर पिक्की सेठ से बात करने के लिए आरक्षकों से कहा,| लेकिन आरक्षकों ने यह गाड़ी थाने में रखवा दी। रात करीब साढ़े 12 बजे की इस घटना के बाद सभी आरक्षक गाड़ी की चाबी और गाड़ी में सवार ड्राइवर सहित तीनों लोगों को थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल लक्ष्मन दाहिया को सुपुर्द करके फिर से गश्ती में निकल गए। और इसकी जानकारी एस.डी.एम., ए.एस.पी.,सी.एस.पी. को एस.पी.को भी फोन लगाया पर हमेशा की तरह उन्होने फोन नहीं उठाया | इसी बीच टीआई हारुन अली को इस मामले की जानकारी लगी। उन्होंने हेड कांस्टेबल  दाहिया से गाड़ी के मामले की जानकारी मांगी और इसे पकडऩे वाले आरक्षकों को अपने निवास पर बुलाया। इन आरक्षकों के अनुसार जैसे ही वे टीआई निवास पर पहुंचे तो टीआई श्री अली ने गाली-गलौज करना शुरु कर दिया और चुपचाप गाड़ी की चाबी वापस करने के लिए कहा, पर आरक्षकों ने बिना किसी कार्रवाई के गाड़ी नहीं छोडऩे की बात कही |

आरक्षक पर मामला दर्ज
टीआई हारुन अली पर वाहनों से वसूली करने और इसका विरोध करने आदि के कारण सस्पेंड हुए तीन आरक्षकों में से एक पर थाने में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया गया है। इन आरक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरु होगी। टीआई हारुन अली द्वारा आरक्षक प्रवीण त्रिपाठी पर लगाए गए रोजनामचा लेकर भागने के आरोप पर उसके खिलाफ आईपीसी की धारा ४०६ (अमानत में ख्यानत) का मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच करने के लिए सिविल लाइन टीआई केएस ठाकुर को अधिकृत किया गया है।
अन्याय करना और अन्याय सहना बराबर का पाप डी.आई.जी. के प्रवचनों का असर टी.आई.,एस.पी.,ए.एस.पी.  पर दिखे या ना दिखे पर पुलिस के आरक्षकों पर दिखने लगा है | प्रवचनों का ही असर था की इन आरक्षकों ने सही कर्म के रास्ते को चुना | पर सही कर्म का उन्हे एसा फल मिला जिसकी उन्होने कल्पना भी  नहीं की थी | उनका मकसद साफ़ था  की हरपालपुर थाने में की जा रही टी. आई. की लूट पाट को उजागर करना था |उन्होने किया भी यही पर वे समय के उस चक्र को नहीं पहचान नहीं पाए | जिसमे उन्हे यह देखना आवश्यक था की  इस गेंग का सरदार कितना नेक नियत और ईमानदार है | दूसरों की आँख से देखने वाले सरदार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती |

मुआवजे पर बवाल 

मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री अपने को किसान का बेटा कहते हें किसानो के हित की बात कहते हें पर जब किसानो पर विपत्ति आती है तो उसे सुनना भी जरुरी नहीं समझते |
बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत स्वीकृत बरूआ नाला बांध के डूब क्षेत्र में आ रही जमीन के काबिज किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रह है।प्रशासन के  मनमाने  सर्वे ,  किसानों की जमीन पर जबरिया कब्जे को लेकर हैरान परेशान किसान आन्दोलन को मजबूर है | पूर्व में हुए आंदोलन के समय  प्रशासन ने किसानो को न्याय का भरोषा दिलाया था |पर  आश्वासन पर कोई कार्रवाई होने से पहले ही जमीन अधिग्रहण शुरू कर दिया गया।मजबूरन किसान   इसके विरोध में 2 जनवरीं से   प्रस्तावित बांध स्थल से समीप पनयाराखेरा पर दोबारा  अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठ गए। | शनिवार को इस आंदोलन  में  बड़ी संख्या में महिलाओं ने अनशन किया और अपनी मांगो के समर्थन में नारेबाजी की।
अहं का  अहंकार 
जिंदगी से जूझती रही महिला 

पन्ना के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई  महिला को लेकर अस्पताल के सिविल सर्जन एक सीनियर डॉक्टर के विवाद हो गया।हंगामे के पीछे  पद और प्रतिष्ठा का संघर्ष देखने को मिला जिसके चलते  गर्भवती की जान पर बन आई। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. एजी विन्चुरकर, वर्तमान सीएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव से सीनियर हैं। डॉ. विन्चुरकर के अनुसार वह सीनियर हैं। अब एक सीनियर डॉक्टर अपने जूनियर की बात कैसे माने, इसी पर इतना विवाद बढ़ा कि पूरे अस्पताल में हंगामा मच गया। डॉ. विन्चुरकर ने सीएस पर राजनेताओं से मिलकर उन्हें नीचा दिखाने के  आरोप भ  लगाए । वे  अपनी पत्नी के साथ कोतवाली में  शिकायती पत्र थाना प्रभारी को दे आये । डॉ. राजेश श्रीवास्तव सी.एस. के द्वारा भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिसे कोतवाली पुलिस ने धारा २९४, ५०६ के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला कमलाबाई निवासी ग्राम शिवराजपुरा को अस्पताल में भर्ती कर सीनियर डॉ. मीना नामदेव ने जांच की और सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव को रिपोर्ट दी। इस पर डॉ. श्रीवास्तव ने निश्चेतना विशेषज्ञ से बेहोशी का इंजेक्शन देने को कहा था |
 डॉ. एजी विंचुरकर ने  नाड़ी धीरे चलने और खून की कमी बताकर  कमला देवी के अटेंडर से खून की व्यवस्था करने को कहा| इस  पर सीएस ने  डॉक्टर को अपने चेंबर में बुलाकर जानकारी ली| जहाँ  दोनों में  विवाद हुआ विवाद के बाद  ओटी से गर्भवती महिला कमलाबाई को सतना के लिए रेफर कर दिया गया।
अब इसे क्या कहा जाए जब पडे लिखे वे  लोग जिन से आम जन अपनी जान की दुआ मांगते हें वे ही सड़क छाप लड़ाई लडने लगें तो बाकी से क्या उम्मीद की जा सकती है | 


कलेक्टर की कृपा
छतरपुर जिले के कलेक्टर राहुल जैन इन दिनों महाबलियों पर मेहरबान हें और कमजोरों से खफा | बड़ों का तो वे कुछ बिगड़ नहीं पाते अलबत्ता कमजोरों पर अपना रोब ग़ालिब करते हें| परिवार नियोजन का लक्ष्य पूरा न करने पर कलेक्टर ने बड़ामलहरा ब्लाक के रानीताल के एमपीडब्ल्यू रामलाल अहिरवार का निलंबित कर दिया। 

इसी प्रकार उर्मिला गोस्वामी और महेंद्र चौरसिया की 7 दिन की वेतन काटने के निर्देश दिए। बकस्वाहा ब्लाक में केएस परिहार, डीके विश्वास और विमला यादव की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।

त्लवकुशनगर में परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे नसबंदी ऑपरेशन कार्यक्रम की कलेक्टर राहुल जैन ने समीक्षा करते हुए लापरवाह 14 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 7 दिन से 14 दिन तक की वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 7 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को शोकाज नोटिस जारी करने को कहा है। उन्होंने 27 जनवरी तक 80 फीसदी लक्ष्य पूरा करने के भी निर्देश दिए।
कुशवाहा के कुश से भयभीत गडकरी नहीं मिले प्रेस से 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी उत्तर प्रदेश चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को खजुराहो एयरपोर्ट पर आए। उनके साथ मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी थी। । दोपहर 3 बजे वे हैलीकॉप्टर से उप्र के मऊरानीपुर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आमसभा करने पहुंचे। 
इसके बाद वहां से वापस शाम 6 बजे वे खजुराहो आए। वापस आकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भाजपा के नेताओं से मुलाकात की। प्रेस से वे बाबू लाल कुशवाह के भय से नहीं मिले | बाबू के कारण बी.जे.पी. मुश्किलों में फस गई है |
ईई भोपाल अटैच
छतरपुर सिंहपुर बैराज सिंचाई परियोजना के ईई वीएस ओबेराय को मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने भोपाल कार्यालय अटैच कर दिया है।  ।  इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के चार गांवों की जमीन भी डूब क्षेत्र में आती है। इस जमीन अब तक अधिग्रहण नहीं हो सका है। ईई ओबराय अधिग्रहण की प्रगति के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए। इस मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने उन्हें तत्काल प्रभाव से भोपाल कार्यालय अटैच कर दिया।
Oरवीन्द्र व्यास 

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...