15 जून, 2011

Khajuraho

अब नहीं उतरेंगे खजुराहो में हवाई  जहाज 


रवीन्द्र व्यास 
खजुराहो / में तेज गर्मी का कहर जारी है , सूरज कि तपन का असर ये हुआ कि यहाँ आने वाले बहुसंख्यक  देशी विदेशी पर्यटकों ने अब यहाँ इस मौसम में  आने से तौबा कर ली है | निजी कंपनियों ने तो पहले ही अपनी उड़ाने रद्द कर दी थी अब एयर इण्डिया  ने भी  ३० जून तक के लिए अपनी उड़ाने स्थगित कर दी हें | 
 खजुराहो में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों के आंकडे बताते हें कि जून कि तपन में यहाँ बा मुश्किल 50 ही विदेशी पर्यटक रोजाना आ रहे हें ,जब कि जनवरी और फरवरी में यहाँ 450से भी ज्यादा विदेशी पर्यटक रोजाना आते थे |  पिछले कुछ समय में यहाँ भारतीय पर्यटकों कि संख्या में भी काफी उछाल आया है , जनवरी 2011 में रोजाना लगभग एक हजार भारतीय पर्यटकों ने  काम कला के इन मंदिरों को देखा है | 
माह              विदेशी              देशी              वर्ष 2010 में खजुराहो में 90721  विदेशी पर्यटक 
januvary      12247             32682         आये जो अबतक का एक रिकोर्ड है , 234950भारतीय           
Februvery    13610             22311         पर्यटकों  ने भी खजुराहो के मंदिरों को देखा | 
March           11264            22803      2009 में 312902  देशी पर्यटकों ने मंदिरों कि कला 
April             6224             14478      कृतियों को देखा जो अबतक कि सबसे ज्यादा  
May              2125             16248         रिकार्ड  संख्या है | 
11 June         514                6264

खजुराहो आने वाले पर्यटकों कि ये संख्या  तब है जब यहाँ हवाई सेवा  सिर्फ देहली और बनारस से है | यहाँ आने वाली किंग्फिसर ने 26 मार्च से , जेट एयर वेज ने 30 अप्रेल से और एयर इंडिया ने 15 जून  से अपनी खजुराहो कि सेवाए बंद कर दी हें | 30 जून के बाद से हवाई सेवा फिर शुरू होगी |  यहाँ ट्रेवल एजेंसी  ट्रेवल ब्यूरो के प्रबंधक  अजय कश्यप कहते हें कि  हवाई सेवाए गर्मी के महीने में बंद करने से एक दर्जन दे ज्यादा विदेशी टूरिस्ट ग्रुप ने खजुराहो कि अपनी बुकिंग केंसिल कराइ है | वे कहते हें कि यहाँ पर्यटन को बढावा देने के लिए जरुरी है कि हवाई सेवा नियमित रहे , भले ही इसके लिए छोटे विमानों का उपयोग किया जाये | दूसरा खजुराहो को मुंबई  से सीधी हवाई सेवा से जोड़ा जाये |





05 जून, 2011

baba

लोगों कि  नजर में राम देव 
बाबा रामदेव के आंदोलन को पुलिस ने रातों-रात कुचल दिया और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज की। इस घटना पर लोग  भी हैरान हैं |नेता ,अभिनेता और जनता ने  सरकार की  आलोचना की है वहीँ कांग्रेस नेताओं ने बाबा पर लगाये आरोप ।

अनुपम खेर :  पुलिस जिस तरह से लोगों के साथ बर्ताव किया, वह शर्मनाक है। यह अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक है।

रवीना टंडनः देश हर व्यक्ति को विरोध करने का अधिकार है। याद रहे?

शेखर कपूर: रामलीला मैदान में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को सरकार ने सबसे बुरे हिंसक तरीके से कुचलने की कोशिश की है। उम्मीद है कि बाबा रामदेव के समर्थकों को यह अहसास होगा कि सरकार की हिंसा का सबसे तगड़ा जवाब शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। अब वक्त इस सवाल को पूछने का है कि क्या सिस्टम लोगों के लिए काम करता है या फिर उस सरकार के लिए जो लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। पुलिस के ऐसा करने के पीछे क्या तर्क है? क्या यह फासिस्ट देश है? सांसदों ने संविधान के मुताबिक काम करने की सारी शपथ तोड़ दी हैं और इस तरह से देशद्रोह का काम किया है। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भूमि-अधिग्रहण में जो कुछ हुआ, वही दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रहा है। अपनी इस एक वाहियात हरकत से सरकार ने लोगों को यह संदेश दिया है कि अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन से काम नहीं चलने वाला। सरकार ने लोगों को हिंसात्मक रवैया अपनाने के लिए उकसाया है।

विवेक ओबेरॉय: प्रदर्शन कर रहे मासूम बच्चों, महिलाओं और लोगों पर पुलिस ने आंसू-गैस के गोले छोड़े। यह बहुत भयानक है। क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इस तरह से बर्ताव करना चाहिए? मैं यह सब देख कर बहुत अपसेट हो गया हूं। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। गांधीजी की अहिंसा का क्या हुआ

दिग्विजय सिंह : रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव को ठग बताया और कहा कि उनके साथ वही हुआ जो एक ठग के साथ होना चाहिए। सिंह ने 1994 से लेकर अब तक की बाबा की गतिविधियों की जांच की भी मांग की।  अदालत के आदेश से राजधानी में अनशन के लिए जंतर मंतर नियत जगह है लेकिन रामदेव ने रामलीला मैदान में योग शिविर को अनशन में बदल दिया और इसलिए शायद प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। सिंह ने बाबा पर ठगी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली आकर स्वामी शंकर के कुशल बाग आश्रम में शरण ली लेकिन उन्हें छोड़ दिया। खुद को योग सिखाने वाले बाबा करमवीर को भी उन्होंने ठगा। सिंह ने कहा कि रामदेव के गुरु गायब हैं इस बात की जांच होनी चाहिए।  रामदेव ने बिना किसी लाइसेंस के कैंसर जैसी बीमारी को दूर करने के वादे किए और अपने अनुयायियों, जनता को भी ठगा।  वह सरकार को भी ठगना चाहते थे। 


 अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाकर उनसे बातचीत कर रही थी और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगाकर उनसे एयरपोर्ट पर मुलाकात की लेकिन रामदेव ने सरकार को भी ठगा। रामदेव ने कहा कि होटल में सरकार के साथ चर्चा में उन्होंने समझौता किया लेकिन जनता को अनशन करने के लिए कहते रहे और लोगों को भी ठगा। 


दिग्विजय सिंह ने अनशन समाप्त करने के लिए महिलाओं और लोगों पर पुलिस की कार्रवाई के सवाल पर कहा कि यह काम प्रशासन का है और यहां की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि योग गुरु 1994 से 2011 तक लोगों को ठग बनाते रहे हैं और पिछले सात-आठ साल में उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति कैसे जुटा ली, इसकी जांच होनी चाहिए। 


सिंह ने अपनी यह बात भी दोहराई कि बाबा का आंदोलन पहले दिन से आरएसएस द्वारा प्रेरित और नियंत्रित है। उन्होंने कहा, ' जब से संघ परिवार पर आतंकवाद के आरोप लगे हैं तब से वे ध्यान बांटने के लिए यह योजना बना रहे हैं। '
कपिल सिब्बल  : योग गुरु ने शासन के साथ समझौता हो जाने के बावजूद अनशन समाप्त करने के अपने वादे को पूरा नहीं किया।   रामदेव  ने न सिर्फ सरकार के साथ वादाखिलाफी की, बल्कि समझौते के बारे में अपने समर्थकों तक को नहीं बताया।  बातचीत में यह तय हो गया था कि वह शनिवार दोपहर तक अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा करेंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।  जिसके बाद हमने उन्हें समझौते का पत्र सार्वजनिक करने की बात के बारे में बताया और पत्र को मीडिया के सामने रखा। ' \आधी रात को रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई को जायज  बताया \ रामदेव ने प्रशासन से योग शिविर चलाने की अनुमति मांगी थी और सिर्फ पांच हजार लोगों के वहां इकट्ठा होने की बात कही थी। लेकिन रामदेव ने न सिर्फ योग शिविर को राजनीतिक शिविर में बदल दिया, बल्कि रामलीला मैदान पर 50,000 लोगों को इकट्ठा भी कर लिया
नितिन गडकरी:- भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने  केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की और कहा कि इस बर्बर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए।उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक अहिंसक अनशन को इस तरह की बर्बरता के साथ खत्म करना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे सभी सरकार की इस बर्बरता का विरोध करें।
उन्होंने बताया कि रविवार शाम सात बजे से अगले 24 घंटे तक भाजपा ने देशव्यापी सत्याग्रह का आह्वान किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजघाट पर इस सत्याग्रह पर बैठेंगे। 

समाजवादी पार्टी ने योगगुरू बाबा रामदेव के अनशन के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर सबसे बड़ा ठग होने का आरोप लगाया।
मुलायम सिंह यादव:- सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि रामदेव शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे थे फिर भी उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को क्या हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार सबसे बड़ी ठग है।
नरेन्द्र मोदी :- (मुख्यमंत्री गुजरात )
 नई दिल्ली के रामलीला मैदान में बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस घटना को रामलीला मैदान में रावण लीला करार दिया।मोदी ने बाबा और उनके समर्थकों पर हुई कार्रवाई को भारतीय इतिहास का सबसे खराब दिन करार देते हुए घटना की निंदा की। वह निर्दोष लोगों पर हुई लाठीचार्ज के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर जम कर बरसे।मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनावों के समय कहा था कि वह सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर ही स्वीस बैंकों में जमा काले धन को वापस ले आएंगे। मगर आज इस बात को दो साल हो गए हैं और इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। निर्दोष लोगों के साथ हिंसक कार्रवाई करने पर कांग्रेस को भारत के 120 करोड़ लोगों जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहना चाहूंगा कि आप यह कह कर बच नहीं सकते कि मुझे नहीं मालूम था। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में जो कुछ भी हुआ उसके लिए आप सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। निर्दोष लोगों पर लाठी चार्ज  दिल्ली सल्तनत ने करवाया है न कि शीला दीक्षित सरकार ने। उन्होंने कहा कि सोते हुए लोगों पर लाठीचार्ज रामलीला मैदान में रावण लीला थी। पुलिस ने पहले सोते हुए लोगों पर हमला किया और फिर वह बाबा रामदेव को कहीं ले गए। उन्होंने इस बात का खुलासा भी नहीं किया कि उन्हें कहां रखा है।मोदी ने कहा कि यहां तक कि अमेरिका ने भी लादेन को मारने के बाद पूरी दुनिया के सामने बताया था कि उसने यह काम दो घंटे में किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सल्तनत भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली सभी आवाजों को दबाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के खिलाफ सरकार की कार्रवाई ने अपातकाल के दिनों को याद दिला दी है। अपातकाल भी जून 1975 में ही लागू हुआ था। मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 जून की रात दिल्ली सल्तनत के खात्मे की शुरुआत है।
 बी.जे. पी. नेता  जेटली / सुषमा :-लोकसभा व राज्यसभा में विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज व अरुण जेटली दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके शनिवार रात हुई घटना की भर्त्सना की। जेटली ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि उनकी भाषा बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को आप क्या कहेंगे जो आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को लादेन जी और बाबा को ठग कहता है। शुषमा स्वराज ने एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती घायलों के हालात बयान किए।
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राम लीला मैदान में शनिवार आधी रात हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए रविवार सुबह लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) पहुंचीं।सुषमा ने अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद टि्वटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, एलएनजेपी अस्पताल में 35 लोग घायल अवस्था में भर्ती हैं। 31 लोगों का एक्सरे हुआ है। एक व्यक्ति गंभीर हालत में आईसीयू में है।इसके पहले सुषमा ने अपने ट्वीट में बताया था कि वह राम लीला मैदान में पुलिस लाठीचार्ज में घायल लोगों से मिलने के लिए एलएनजेपी अस्पताल जा रही हैं।रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को हटाने के लिए शनिवार की आधी रात को पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मैदान में आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद अनशन करने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया।सुषमा ने अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में टि्वटर पर जानकारी देते हुए बताया, एलएनजेपी अस्पताल में 35 लोग घायल हैं। गुड़गांव की एक महिला राजबाला आईसीयू में भर्ती है। उसे बुरी तरह मारा गया है। उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर है। वह जीवनभर के लिए विकलांग हो गई है।उन्होंने बताया, दो ऐसे मरीज हैं, जिनके तंत्रिका तंत्र में कई चोटें आई हैं। कइयों की हडिडयां टूट गई हैं। सुषमा ने आगे लिखा है, अब मैं 11 अशोक रोड जा रही हूं, पुलिस की बर्बरता के बारे में अभी और जानकारी दूंगी।
अन्ना हजारे  :-मशहूर गांधीवादी अन्ना हजारे बाबा रामदेव पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आठ जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिन का अनशन करेंगे।उन्होंने कहा कि बाबा के साथ जो भी हुआ वह बहुत गलत था और हम जंतर मंतर पर एक दिन के लिए अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा, देश में दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की जरूरत है जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।अन्ना हजारे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति में शामिल समाज के सदस्य बैठक का सीधा प्रसारण किए जाने पर ही इसमें शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पता चलता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मंशा ठीक नहीं है।वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि वह देश को वे कारण बताएं जिनकी वजह से सरकार ने रामदेव के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए गए।
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विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...