18 अगस्त, 2011

अन्ना प्रकरण / जन से बड़ी नहीं हो सकती कोई संस्था


रवीन्द्र व्यास 
इन दिनों देश में जिस की सरकार है देखा जाये तो वह दोहरे मुखोटे वाली सरकार है | जिसका दिखाने का मुखोटा अलग है और करने का अलग | जिसे  लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन करने वाली नहीं बल्की राजतांत्रिक व्यवस्था वाली सरकार कहा जा सकता  है | इसी लिए उसे लोक से और लोक आंदोलनों से अपने सिंहासन  पर कोई असर समझ नहीं आता | उसे अंग्रेजी हुकूमत की तरह इस तरह के जन आंदोलनों को कुचलने में ही आनंद आता है | पर इस बार उसका दाव उलटा पड़ गया , आजादी के  अहिंसक आन्दोलन की तर्ज पर शुरू हुए अन्ना के इस आन्दोलन ने सरकार की नीव हिलाकर रख दी |
रामदेव के आन्दोलन को कुचलने के बाद सत्ता के मद में चूर हो गई है  सरकार | यही कारण है की सरकार और कांग्रेस के परम ज्ञानी सलाहकारों ने जिन्हे आम जन से कभी कोई सरोकार ही नहीं रहा , ने अपनी ज्ञान की गठरी खोली और ऐसी -ऐसी नायब सलाह दी और दे रहे हें की सरकार की हालत देखते ही बनती है | जिसका परिणाम ये हुआ की देश की जनता ने देखा की ये कैसी सरकार है जो सामने -सामने कहती कुछ है और करती कुछ है | और बेशर्म इतनी की उसे अपने इस दोहरे चरित्र पर कोई शर्म भी नहीं है |
अन्ना हजारे ने जब तपती दोपहर में जंतर -मंतर पर  जन लोकपाल के लिए अनशन किया तो सरकार की नींद उडी , उसके मंत्रियों ने वायदा किया की लोकपाल बिल संसद में रखा जाएगा | जिसमे जनता के लोगों को भी रखा जाएगा | इस मसले को लेकर कई दौर की बातचीत तब तक ठीक ठाक चलती रही जब तक सरकार ने रामदेव के आन्दोलन को कुचल नहीं दिया |  इसके बाद सरकार के मंत्री और प्रवक्ता तो मानो अपने को सुपर पावर समझने लगे | सत्ता बल के  मद में चूर होकर इन लोगों ने दिखावटी लोकपाल बिल संसद में रखा जिसे स्टेंडिंग कमेटी  को सोंपा गया है ,| इस कागजी लोकपाल के विरोध में जब अन्ना ने आमरण अनशन की घोषणा की तो सरकार के कपिल सिब्बल ,पी.चिदम्बरम ,जैसे  इन्ही ज्ञानी सलाहकारों ने फिर सलाह दे डाली   |
सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस के ज्ञानियों की सलाह कितनी बेहतर रही होगी ये सब देश की जनता अब देख रही है | लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के विरोध के अधिकार पर अंग्रेजों की तरह पाबंदी लगा दी , | अन्ना हजारे के प्रति अपमानजनक आरोप लगाये , हद तो तब हो गई जब उन्हे उनके ही घर से गिरफ्तार कर लिया गया | इसके बाद सरकार को शायद ये उम्मीद थी की जन मानस उग्र हो जाएगा और हम उस पर अपनी खाकी वर्दी वाली फोज से हमला कर नेस्तनाबूद कर देंगे | पर अन्ना के सन्देश को लोगों ने स्मरण रक्खा और अहिंसात्मक तरीके से सड़कों पर आ गए | सारे देश के लोग सड़कों पर , अन्ना के लिए लोग तिहाड़ जेल के बाहर बैठे ,हजारों  की संख्या में लोग इंडिया गेट पर जुटे | पर कहीं हिंसा का रत्ती मात्र नजारा देखने को नहीं मिला | 
ये सब देख कर हैरान सरकार के मुखिया और उसके संचालन कर्ताओं ने  इस आन्दोलन के पीछे अमेरिका का हाथ बताने से भी परहेज नहीं किया | शायद उन्हे लगा होगा की आर.एस.एस. का हाथ कहना लोगों को हजम नहीं होगा  | सब ओर से हारकर सरकार ने बुधवार की रात  अन्ना को रामलीला मैदान में १५  दिनों की अनुमति दी है | एक बच्चे ने सवाल किया की अंकल हमे अब तक ये समझ नहीं आ रहा की सरकार संसद में कहती है की हम भ्रष्टाचार के विरोध में हें , फिर उसने अन्ना की बात क्यों नहीं मानी , क्या अन्ना ने भ्रष्टाचार के दायरे में सब को लाने की बात कह कर कुछ गलत कर दिया था ? जिसके कारण उन्हे पकड़ लिया  गया | हमने उसी बालक से पूंछ लिया की बेटा तुम्ही बताओ  की तुम्हे गलत कौन लगता है , हमे तो इसमे सरकार बेवकूफ लगती है | 
लोकपाल बिल को लेकर सियासत भी केसे -कैसे रंग दिखाती है , | जो राजनैतिक दल इस मसले पर गोलमोल जबाब दे रहे थे वे भी  भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लोगों के जन आक्रोश को देख कर सरकार पर हमला करने से नहीं चूके | जन दबाव ने ये साबित कर दिया है की कोई भी सत्ता जन मानस से ऊपर नहीं हो सकता \

30 जुलाई, 2011

khajuraho,


योग के नाम पर ठगी 
अभिषेक व्यास 

खजुराहो से अठारह किलो मीटर दूर ,जंगल में योग के नाम पर ठगी का एक शिविर चल रहा है | इस शिविर में १४५० यूरो डालर दीजिये , सिर्फ एक माह का प्रशिक्षण लीजिये और योग गुरु बन जाईये |है ना ये योग की माया  , रामदेव ने  देश विदेश में योग को इतना लोकप्रिय बना दिया की लोग अब इसका धंधा करने लगे हें |\  हालेंड की फर्म के इस शिविर के बारे में यहाँ के लोग और प्रशासन को भी जानकारी तब लगी जब यहाँ से भागी दो युवतियों ने पुलिस को शिकायत की | अब आप ही अंदाजा लगा सकते हें की देश की ख़ुफ़िया तंत्र और सुरक्षा तंत्र कितना चाक चोबंद है |
                           हालेंड एल्स हार्म्सन और जर्मनी की इलका ब्रास्तीन ने इन्टरनेट परwww.arhantayoga.org  
बेव साईट देखी | इसमे उन्होने खजुराहो के पास गंगवाहा  गाँव में सुन्दर आश्रम देखा \ | जिसमे तस्वीरों के जरिये यहाँ की सुविधाओं का वर्णन किया गया था | इसके लिए उन्होने  नेट से ही अपना पंजीयन करा लिया और १४५० यूरो डालर जमा करा दिए | २५ जुलाई से शुरू हुए इस योग शिविर में शामिल होने ये दोनों भी आ गई | इन्ही के तरह यहाँ कुल २३ विदेशी  भी योग सीखने आये | यहाँ इन लोगों ने जो नजारा देखा वो इन्टरनेट पर दिखाए गए नजारे से बिलकुल अलग नजर आया | जो एक  खेत की ही तरह नजर आया जहाँ ना किसी भी तरह की सुविधा नहीं थी | इन हालातों को देख कर चार पर्यटक पहले ही यहाँ से भाग गए | इन दो युवतियों ने भाग कर पुलिस थाने में शिकायत की | इन ने मांग की है की इनके विरुद्ध मामला दर्ज किया जाये और हम लोगों को धोखा देकर जो राशि वशुली गई है उसे वापस दिलाया जाये | हालाँकि इन दोनों को ही पुलिस से शिकायत करने में काफी मसक्कत करनी पड़ी | पुलिस के लोगों ने इन्हे खजुराहो और बमीठा थाने के चक्कर लगवाये | 
पुलिस अधिकारी जो इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे , यहाँ के अतरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी ने बताया कि  एक शिकायत प्राप्त हुई है बमीठा थाना में की उन्हे बुलाया गया था योग शिविर के  नाम पर ,अरिहंता योगा करके कोई फर्म है हालेंड की उनने नेट पर सर्च करके देखी थी ,और उसमे इसका पूरा प्लान था | उन्होने अभी जो शिकायत दी है उसमे बताया गया की विज्ञापन   में जो सुविधाएँ  उन्होने बताई थी वो सुविधाएं  पूरी तरह से नहीं है अब जांच बमीठा थाना पुलिस कर रही है , बमीठा , टी.आई., एस.ड़ी.ओ. (पी.)  और में स्वयं भी बात की है ,अन्य किसी ने  भी  इस तरह की शिकायत नहीं की है | परन्तु हम लोग सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हें ,की ये सही है की विज्ञापन  में जो दर्शाया गया है वो सुविधा यहाँ पर उपलब्ध नहीं है फिर भी सारा मामला जांच में है और जो कुछ भी पाया जाएगा उस पर कारवाही की जायेगी | उसके ओनर प्रमोद जैन के खिलाफ १३३ सी.आर.पी.सी. का इस्तगाशा न्यायालय में पेश किया गया है ,की उन्होने इसकी कोई जानकारी नहीं दी| २९ जुलाई कि देर रात बमीठा थाना पुलिस ने प्रमोद जैन पर मामला दर्ज किया है |
 देहली  के प्रमोद जैन ने  छतरपुर जिले के गंगवाहा गाँव में १७ एकड़ की जमीन खरीदी थी इसी पर उन्होने योग सेंटर बना लिया | जिसकी  उन्होने कोई मंजूरी भी लेना उचित नहीं समझा |  यहाँ तक की विदेशियों की सूचना देना भी पुलिस को जरुरी नहीं समझा | जब इनसे बात करने का प्रयाश किया गया तो ये अपनी ४२० नंबर की गाड़ी से भाग लिए |


19 जुलाई, 2011

khajuraho

 खजुराहो   के बीजा मंडल मंदिर कि खुदाई में मिली १४ दुर्लभ मूर्तियाँ 

खजुराहो /रवीन्द्र व्यास /  खजुराहो के बीजामंडल मंदिर कि खुदाई  पिछले  एक दशक से चल रही है | शुरूआती खुदाई के बाद अब जब इसके कार्य में तेजी आई तो यहाँ दसवीं शताब्दी कि १४ दुर्लभ मूर्तियाँ  निकली |  अब इस मंदिर को दिसंबर ११ तक आकार मिलेगा | खजुराहो मिलेनियम के मौके पर इस मंदिर कि  को खोजा गया था |तब ये वायदा किया गया था कि खजुराहो में खोजे गए सभी १८ तिलों कि खुदाई कर दफ़न मंदिर खोजे जायेंगे ? तब से ए. एस. आई.  ये टीले मांग रही है और मध्य प्रदेश सरकार है की दे नहीं रही है |

 खजुराहो के इस बीजा मंडल कि खुदाई में पिछले दिनों  भगवान् विष्णु लक्ष्मी कि मानव रूप में गरुड़ पर सवार दुर्लभ प्रतिमा, के अलावा शिव , नंदी , नाग कन्या , सुर सुंदरी , कीचक , उमा महेश्वर , हाथी , और गज पट्ट मिले | यहाँ एक गज पट्ट पर ऊंट की प्रतिमा भी अंकित है | खजुराहो में ऊंट की मिली प्रतिमाओं में यह तीसरी प्रतिमा है | भारतीय पुरातत्व सरर्वेक्षण विभाग खजुराहो के  सहायक अधीक्षक राहुल तिवारी के अनुसार  यह दशवीं सदी का मंदिर है | जिसे  पूरा नहीं बनाया जा सका , क्यों  नहीं बना यह खोज का विषय है | उनका कहना है की इस वर्ष दिसंबर तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा | इस मंदिर से मिले अवशेषों से इसका निर्माण किया जाएगा | कोई भी अलग से पत्थर नहीं लगाया जाएगा | 
   खजुराहो में ए.एस.आई. ने अपने सर्वेक्षण में ८५ मंदिरों  और इतने ही तालाब के होने की पुष्टि की थी | जब खजुराहो सह्स्त्राब्धि वर्ष मनाया गया था तब ए.एस.आई.. ने यहाँ के १८ टीलों को चिन्हित किया था | और इन टीलों की खुदाई कर यहाँ दफ़न मंदिरों और मूर्तियों को निकालने की बात कही थी | तब के मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह ने ए.एस.आई. को सिर्फ एक टीला जठ्करा  गाँव का बीजा मंडल दिया था | विभाग के तत्कालीन महानिर्देशक अजय शंकर ने ५ मार्च १९९९ को इस टीले पर उत्खंनन का शुभारम्भ किया था | खुदाई में जो  खंडित मंदिर सामने आया वह खजुराहो का सबसे बडे आकार का मंदिर था | १९९९ से अब २०११ तक मंदिर का काम पूर्ण नहीं हो सका है | ये शायद हमारे देश की कार्य करने की गति है , | विकाश  की बात करने वाली मध्य प्रदेश की सरकार  के मुखिया शिव राज सिंह के लिए भी ये शर्म की बात है की प्रदेश सरकार ने अब तक शेष १७ टीलों को ए.एस.आई. को नहीं सौंपा है | हो सकता दफ़न धरोहर सामने आये तो और पर्यटक बढ जयेंगे |

          

15 जून, 2011

Khajuraho

अब नहीं उतरेंगे खजुराहो में हवाई  जहाज 


रवीन्द्र व्यास 
खजुराहो / में तेज गर्मी का कहर जारी है , सूरज कि तपन का असर ये हुआ कि यहाँ आने वाले बहुसंख्यक  देशी विदेशी पर्यटकों ने अब यहाँ इस मौसम में  आने से तौबा कर ली है | निजी कंपनियों ने तो पहले ही अपनी उड़ाने रद्द कर दी थी अब एयर इण्डिया  ने भी  ३० जून तक के लिए अपनी उड़ाने स्थगित कर दी हें | 
 खजुराहो में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों के आंकडे बताते हें कि जून कि तपन में यहाँ बा मुश्किल 50 ही विदेशी पर्यटक रोजाना आ रहे हें ,जब कि जनवरी और फरवरी में यहाँ 450से भी ज्यादा विदेशी पर्यटक रोजाना आते थे |  पिछले कुछ समय में यहाँ भारतीय पर्यटकों कि संख्या में भी काफी उछाल आया है , जनवरी 2011 में रोजाना लगभग एक हजार भारतीय पर्यटकों ने  काम कला के इन मंदिरों को देखा है | 
माह              विदेशी              देशी              वर्ष 2010 में खजुराहो में 90721  विदेशी पर्यटक 
januvary      12247             32682         आये जो अबतक का एक रिकोर्ड है , 234950भारतीय           
Februvery    13610             22311         पर्यटकों  ने भी खजुराहो के मंदिरों को देखा | 
March           11264            22803      2009 में 312902  देशी पर्यटकों ने मंदिरों कि कला 
April             6224             14478      कृतियों को देखा जो अबतक कि सबसे ज्यादा  
May              2125             16248         रिकार्ड  संख्या है | 
11 June         514                6264

खजुराहो आने वाले पर्यटकों कि ये संख्या  तब है जब यहाँ हवाई सेवा  सिर्फ देहली और बनारस से है | यहाँ आने वाली किंग्फिसर ने 26 मार्च से , जेट एयर वेज ने 30 अप्रेल से और एयर इंडिया ने 15 जून  से अपनी खजुराहो कि सेवाए बंद कर दी हें | 30 जून के बाद से हवाई सेवा फिर शुरू होगी |  यहाँ ट्रेवल एजेंसी  ट्रेवल ब्यूरो के प्रबंधक  अजय कश्यप कहते हें कि  हवाई सेवाए गर्मी के महीने में बंद करने से एक दर्जन दे ज्यादा विदेशी टूरिस्ट ग्रुप ने खजुराहो कि अपनी बुकिंग केंसिल कराइ है | वे कहते हें कि यहाँ पर्यटन को बढावा देने के लिए जरुरी है कि हवाई सेवा नियमित रहे , भले ही इसके लिए छोटे विमानों का उपयोग किया जाये | दूसरा खजुराहो को मुंबई  से सीधी हवाई सेवा से जोड़ा जाये |





05 जून, 2011

baba

लोगों कि  नजर में राम देव 
बाबा रामदेव के आंदोलन को पुलिस ने रातों-रात कुचल दिया और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज की। इस घटना पर लोग  भी हैरान हैं |नेता ,अभिनेता और जनता ने  सरकार की  आलोचना की है वहीँ कांग्रेस नेताओं ने बाबा पर लगाये आरोप ।

अनुपम खेर :  पुलिस जिस तरह से लोगों के साथ बर्ताव किया, वह शर्मनाक है। यह अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक है।

रवीना टंडनः देश हर व्यक्ति को विरोध करने का अधिकार है। याद रहे?

शेखर कपूर: रामलीला मैदान में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को सरकार ने सबसे बुरे हिंसक तरीके से कुचलने की कोशिश की है। उम्मीद है कि बाबा रामदेव के समर्थकों को यह अहसास होगा कि सरकार की हिंसा का सबसे तगड़ा जवाब शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। अब वक्त इस सवाल को पूछने का है कि क्या सिस्टम लोगों के लिए काम करता है या फिर उस सरकार के लिए जो लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। पुलिस के ऐसा करने के पीछे क्या तर्क है? क्या यह फासिस्ट देश है? सांसदों ने संविधान के मुताबिक काम करने की सारी शपथ तोड़ दी हैं और इस तरह से देशद्रोह का काम किया है। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भूमि-अधिग्रहण में जो कुछ हुआ, वही दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रहा है। अपनी इस एक वाहियात हरकत से सरकार ने लोगों को यह संदेश दिया है कि अब शांतिपूर्ण प्रदर्शन से काम नहीं चलने वाला। सरकार ने लोगों को हिंसात्मक रवैया अपनाने के लिए उकसाया है।

विवेक ओबेरॉय: प्रदर्शन कर रहे मासूम बच्चों, महिलाओं और लोगों पर पुलिस ने आंसू-गैस के गोले छोड़े। यह बहुत भयानक है। क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इस तरह से बर्ताव करना चाहिए? मैं यह सब देख कर बहुत अपसेट हो गया हूं। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। गांधीजी की अहिंसा का क्या हुआ

दिग्विजय सिंह : रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव को ठग बताया और कहा कि उनके साथ वही हुआ जो एक ठग के साथ होना चाहिए। सिंह ने 1994 से लेकर अब तक की बाबा की गतिविधियों की जांच की भी मांग की।  अदालत के आदेश से राजधानी में अनशन के लिए जंतर मंतर नियत जगह है लेकिन रामदेव ने रामलीला मैदान में योग शिविर को अनशन में बदल दिया और इसलिए शायद प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। सिंह ने बाबा पर ठगी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली आकर स्वामी शंकर के कुशल बाग आश्रम में शरण ली लेकिन उन्हें छोड़ दिया। खुद को योग सिखाने वाले बाबा करमवीर को भी उन्होंने ठगा। सिंह ने कहा कि रामदेव के गुरु गायब हैं इस बात की जांच होनी चाहिए।  रामदेव ने बिना किसी लाइसेंस के कैंसर जैसी बीमारी को दूर करने के वादे किए और अपने अनुयायियों, जनता को भी ठगा।  वह सरकार को भी ठगना चाहते थे। 


 अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाकर उनसे बातचीत कर रही थी और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगाकर उनसे एयरपोर्ट पर मुलाकात की लेकिन रामदेव ने सरकार को भी ठगा। रामदेव ने कहा कि होटल में सरकार के साथ चर्चा में उन्होंने समझौता किया लेकिन जनता को अनशन करने के लिए कहते रहे और लोगों को भी ठगा। 


दिग्विजय सिंह ने अनशन समाप्त करने के लिए महिलाओं और लोगों पर पुलिस की कार्रवाई के सवाल पर कहा कि यह काम प्रशासन का है और यहां की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि योग गुरु 1994 से 2011 तक लोगों को ठग बनाते रहे हैं और पिछले सात-आठ साल में उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति कैसे जुटा ली, इसकी जांच होनी चाहिए। 


सिंह ने अपनी यह बात भी दोहराई कि बाबा का आंदोलन पहले दिन से आरएसएस द्वारा प्रेरित और नियंत्रित है। उन्होंने कहा, ' जब से संघ परिवार पर आतंकवाद के आरोप लगे हैं तब से वे ध्यान बांटने के लिए यह योजना बना रहे हैं। '
कपिल सिब्बल  : योग गुरु ने शासन के साथ समझौता हो जाने के बावजूद अनशन समाप्त करने के अपने वादे को पूरा नहीं किया।   रामदेव  ने न सिर्फ सरकार के साथ वादाखिलाफी की, बल्कि समझौते के बारे में अपने समर्थकों तक को नहीं बताया।  बातचीत में यह तय हो गया था कि वह शनिवार दोपहर तक अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा करेंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।  जिसके बाद हमने उन्हें समझौते का पत्र सार्वजनिक करने की बात के बारे में बताया और पत्र को मीडिया के सामने रखा। ' \आधी रात को रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई को जायज  बताया \ रामदेव ने प्रशासन से योग शिविर चलाने की अनुमति मांगी थी और सिर्फ पांच हजार लोगों के वहां इकट्ठा होने की बात कही थी। लेकिन रामदेव ने न सिर्फ योग शिविर को राजनीतिक शिविर में बदल दिया, बल्कि रामलीला मैदान पर 50,000 लोगों को इकट्ठा भी कर लिया
नितिन गडकरी:- भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने  केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की और कहा कि इस बर्बर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए।उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक अहिंसक अनशन को इस तरह की बर्बरता के साथ खत्म करना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे सभी सरकार की इस बर्बरता का विरोध करें।
उन्होंने बताया कि रविवार शाम सात बजे से अगले 24 घंटे तक भाजपा ने देशव्यापी सत्याग्रह का आह्वान किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजघाट पर इस सत्याग्रह पर बैठेंगे। 

समाजवादी पार्टी ने योगगुरू बाबा रामदेव के अनशन के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर सबसे बड़ा ठग होने का आरोप लगाया।
मुलायम सिंह यादव:- सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि रामदेव शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे थे फिर भी उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को क्या हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार सबसे बड़ी ठग है।
नरेन्द्र मोदी :- (मुख्यमंत्री गुजरात )
 नई दिल्ली के रामलीला मैदान में बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस घटना को रामलीला मैदान में रावण लीला करार दिया।मोदी ने बाबा और उनके समर्थकों पर हुई कार्रवाई को भारतीय इतिहास का सबसे खराब दिन करार देते हुए घटना की निंदा की। वह निर्दोष लोगों पर हुई लाठीचार्ज के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर जम कर बरसे।मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनावों के समय कहा था कि वह सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर ही स्वीस बैंकों में जमा काले धन को वापस ले आएंगे। मगर आज इस बात को दो साल हो गए हैं और इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। निर्दोष लोगों के साथ हिंसक कार्रवाई करने पर कांग्रेस को भारत के 120 करोड़ लोगों जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहना चाहूंगा कि आप यह कह कर बच नहीं सकते कि मुझे नहीं मालूम था। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में जो कुछ भी हुआ उसके लिए आप सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। निर्दोष लोगों पर लाठी चार्ज  दिल्ली सल्तनत ने करवाया है न कि शीला दीक्षित सरकार ने। उन्होंने कहा कि सोते हुए लोगों पर लाठीचार्ज रामलीला मैदान में रावण लीला थी। पुलिस ने पहले सोते हुए लोगों पर हमला किया और फिर वह बाबा रामदेव को कहीं ले गए। उन्होंने इस बात का खुलासा भी नहीं किया कि उन्हें कहां रखा है।मोदी ने कहा कि यहां तक कि अमेरिका ने भी लादेन को मारने के बाद पूरी दुनिया के सामने बताया था कि उसने यह काम दो घंटे में किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सल्तनत भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली सभी आवाजों को दबाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के खिलाफ सरकार की कार्रवाई ने अपातकाल के दिनों को याद दिला दी है। अपातकाल भी जून 1975 में ही लागू हुआ था। मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 जून की रात दिल्ली सल्तनत के खात्मे की शुरुआत है।
 बी.जे. पी. नेता  जेटली / सुषमा :-लोकसभा व राज्यसभा में विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज व अरुण जेटली दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके शनिवार रात हुई घटना की भर्त्सना की। जेटली ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि उनकी भाषा बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को आप क्या कहेंगे जो आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को लादेन जी और बाबा को ठग कहता है। शुषमा स्वराज ने एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती घायलों के हालात बयान किए।
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राम लीला मैदान में शनिवार आधी रात हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए रविवार सुबह लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) पहुंचीं।सुषमा ने अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद टि्वटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, एलएनजेपी अस्पताल में 35 लोग घायल अवस्था में भर्ती हैं। 31 लोगों का एक्सरे हुआ है। एक व्यक्ति गंभीर हालत में आईसीयू में है।इसके पहले सुषमा ने अपने ट्वीट में बताया था कि वह राम लीला मैदान में पुलिस लाठीचार्ज में घायल लोगों से मिलने के लिए एलएनजेपी अस्पताल जा रही हैं।रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को हटाने के लिए शनिवार की आधी रात को पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मैदान में आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद अनशन करने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया।सुषमा ने अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में टि्वटर पर जानकारी देते हुए बताया, एलएनजेपी अस्पताल में 35 लोग घायल हैं। गुड़गांव की एक महिला राजबाला आईसीयू में भर्ती है। उसे बुरी तरह मारा गया है। उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर है। वह जीवनभर के लिए विकलांग हो गई है।उन्होंने बताया, दो ऐसे मरीज हैं, जिनके तंत्रिका तंत्र में कई चोटें आई हैं। कइयों की हडिडयां टूट गई हैं। सुषमा ने आगे लिखा है, अब मैं 11 अशोक रोड जा रही हूं, पुलिस की बर्बरता के बारे में अभी और जानकारी दूंगी।
अन्ना हजारे  :-मशहूर गांधीवादी अन्ना हजारे बाबा रामदेव पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आठ जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिन का अनशन करेंगे।उन्होंने कहा कि बाबा के साथ जो भी हुआ वह बहुत गलत था और हम जंतर मंतर पर एक दिन के लिए अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा, देश में दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की जरूरत है जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।अन्ना हजारे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति में शामिल समाज के सदस्य बैठक का सीधा प्रसारण किए जाने पर ही इसमें शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पता चलता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मंशा ठीक नहीं है।वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि वह देश को वे कारण बताएं जिनकी वजह से सरकार ने रामदेव के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए गए।
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08 मई, 2011

Sarkaari Tantr

जानवर बने अधिकारी 


मामला मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व एरिया का है | जहाँ 4/5/2011 पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कुंजवन गाँव में आतंक का एसा नंगा नाच किया कि जिसे देख कर मानवता भी शर्म शार हो जाये | सरकारी वर्दी धारियों  का ये दस्ता गाँव के राकेश अधिकारी के घर में जबरन घुस गया | उस पर आरोप लगाया कि तुमने नील गाय का शिकार किया है |  इसके नाम पर सारे घर कि तलाशी लेने लगे , जब राकेश अधिकारी ,उनकी पत्नी सीमा  वा परिवार के लोगों ने विरोध किया तो  ये  लोग जानवर बन गए | इन लोगों ने ये भी नहीं देखा कि सीमा गर्भवती है , उसके पेट में लात मार दी| नतीजतन उसका गर्भ गिर गया  और दो जुडवा बच्चे  इस दानवी दुनिया को देखने के पहले ही दुनिया छोड़ कर चले गए | 
इस मामले पर टाइगर रिजर्व के छेत्र संचालक  कृष्णा मूर्ति का कहना भी कम अमानवीय नहीं रहा < उनका ये कहना कि  राकेश अधिकारी के घर से नील गाय का पका हुआ गोस्त और चमड़ा जप्त हुआ है जिसका पी.ओ.आर.क्र.527/10 दिनांक 4/5/11 दर्ज किया गया है | उनका मानना है कि कुछ धक्का मुक्की के कारण राकेश कि पत्नी का अबोर्सन होने कि जानकारी मिली है |  घटना कि जाँच सहायक संचालक करेंगे | 
मामले कि शिकायत कोतवाली पन्ना में भी कि गई जहाँ के टी.आई. आर.एस. राजपूत का पुलिसिया जबाब था , जाँच के बाद कार्यवाही होगी | आखिर खाकी वर्दी पर जो दाग है अब पहनने वाला पुलिस का हो या वां विभाग का  वर्दी तो खाकी ही है | 
जब पन्ना का शुप्त तंत्र नहीं जागा तब मध्य प्रदेश के मानव अधिकार आयोग ने पन्ना के एस.पी. और कलेक्टर से जबाब तलब किया है |
रवीन्द्र व्यास \

12 अप्रैल, 2011

Ram

         
राम से बड़ा राम का नाम
रवीन्द्र व्यास
चैत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन तेत्रा युग में अयोध्या के रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ भगवान् श्री राम  ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था। कहते हें की दिन के बारह बजे जैसे हीशंख , चक्र, गदा, पद्म धारण कि‌ए हु‌ए चतुर्भुजधारी श्रीराम प्रकट हु‌ए तो मानो माता कौशल्या उन्हें देखकर विस्मित हो ग‌ईं। उनके सौंदर्य व तेज को देखकर उनके नेत्र तृप्त नहीं हो रहे थे।श्रीराम के जन्मोत्सव में  देवता, ऋषि, किन्नार, चारण सभी  ने शामिल होकर आनंद उठाया था | वेशे तो अयोध्या सहित सारे देश में राम नवमी का ये त्यौहार परम्परागत ढंग से मनाया जाता है ,पर  बुंदेलखंड में  राम जन्मोत्सव एक अनोखे अंदाज में मनाया जाने लगा है | छतरपुर से शुरू हुई ये परम्परा अब सारे बुंदेलखंड इलाके में फ़ैल गई है | यहाँ एसा लगने लगता है की वास्तव में क्या भगवान् श्री राम फिर से जन्म ले रहे हें , उनके जन्म के बाद लोगों के उत्साह और उम्मंग को देखकर यही लगता है जेसे भगवान् ने ही अवतार ले लिया हो | सारा शहर  राममय हो जाता है | 
भगवान् श्री राम के जन्मोत्सव पर  छतरपुर शहर को धार्मिक स्थल की तरह सजाया जाता है| जगह जगह केशरिया पताकाएं लगाईं जाती हें , नगर में वंदन वार बाँधी जाती हें , लाइट की  व्यवस्था , जगह जगह  श्री राम के कट-आउट लगाए जाते हें , नगर के मुख्य गांधी चौक बाजार में राम दरबार सजाया जाता है | राम जन्म के बाद जब श्रद्धा से सराबोर लोग केशरिया पताकाएं लेकर निकले , आगे भगवान् श्री गणेश का रथ चल रहा था , इसके बाद देवी देवताओं की झांकियां , ठीक वेसे ही जैसे  राम जन्म को देखने आये देवताओं आगमन अयोध्या में हुआ था | फर्क इतना  था वो त्रेता युग की बात थी और ये कलयुग की बात है जहाँ  उनके प्रतीक को ही मान कर मानव माँ संतोष कर लेता है | सारे नगर वासी सड़कों पर निकल कर अपनी ख़ुशी का इजहार करते हें और  राम जन्मोत्सव के इस भव्य समारोह में भाग लेते हें | इस समारोह को देखने के लिए अब दूर -दूर से लोग भी आने लगे हें | छतरपुर में यह आयोजन तो पिछले दो सौ सालों से हो रहा था ., किन्तु पिछले पांच सालों में इसे एक अनोखी भव्यता  और दिव्यता मिली ,  जिसका असर ये हुआ की यह शोभा यात्रा  अब छतरपुर ,के अलावा ,पन्ना ,टीकम गण ,सागर , मऊरानीपुर ,महोबा  में भी इसी भव्यता से निकलने लगा है |  
भगवान राम को उनके सुख-समृद्धि पूर्ण व सदाचार युक्‍त शासन के लिए याद किया जाता है। उन्‍हें भगवान विष्‍णु का अवतार माना जाता है, जिन्होंने  पृथ्‍वी पर अजेय रावण के नाश के  लिए अवतार लिया था । राम राज्‍य शांति व समृद्धि  का पर्यायवाची बन गया है\उन्होंने आजीवन मर्यादा का पालन किया, इसीलिये उनको मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहते हैं.भगवान राम  बहुत बड़े पितृभक्त थे. अयोध्या के राजकुमार होते हुए भी वे अपने पिता के वचनों को पूरा करने के लिए संपूर्ण वैभव को त्यागकर चौदह वर्षों के लिए अपने छोटे भई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन चले गये. वन में जाकर रक्षसों के सबसे बड़े राजा रावण का सर्वनाश करके उसका राज्य विभीषण को सौंपकर वापस अयोध्या आ गये. हनुमान भगवान श्रीराम के परमभक्त तथा सुग्रीव परममित्र थे.

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