बुन्देलखण्ड

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27 नवंबर, 2024

Bageshwar_हिन्दू एकता पदयात्रा में उमड़ता जन सैलाब बेचैन होते सनातन विरोधी

 हिन्दू एकता पदयात्रा में उमड़ता जन सैलाब बेचैन होते सनातन विरोधी 

रवीन्द्र व्यास 





 पदयात्रा में क्यों उमड़ रहा जन सैलाब  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की ९ दिनों की इस हिन्दू एकता पद यात्रा में क्यों इतना बड़ा जन सैलाब उमड़ रहा है ? यह देश के तमाम सनातन विरोधियों, वाम पंथियों, वोट का जातीय समीकरण बनाने वालों और गजवा ए हिन्द का सपना देखने वाले लोगों को बेचैन कर रहा है | इन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है जो हिन्दू हर अत्याचार देख कर मौन रह जाता था आज वह सड़कों पर निकल आया है | वह भी ऐसे समय जब कुछ समय बाद ही देश का कुम्भ प्रयाग राज में शुरू होने वाला है , जहाँ से इसका सन्देश बहुत व्यापक हो जाएगा, इन सबको चिंतित जरूर कर रहा है | अब बड़ा सवाल यही उठता है इतनी जागरूकता क्यों आई ? इसकी वजह भी सनातन विरोधियो की करतूतों में छिपी हैं | 




ये  बुंदेलखंड ही है जहाँ से  १८५७ के पहले  आजादी की चिंगारी फूटी थी  , यह बुंदेलखंड ही है जहा के महराजा छत्रसाल ने मुगलों को करारी शिकस्त दी थी | इसी बुंदेलखंड में गोस्वामी तुलसीदास जी ने जन्म लिया , | दुनिया को रामचरित्र मानस ग्रन्थ देकर सनातन का मान बढ़ाया |  अब उसी बुंदेलखंड से हिंदुत्व को जगाने का अभियान एक युवा  बाबा कर रहा है। मंच छोड़ अब मैदान में आकर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री हिंदू एकता पद यात्रा कर रहे हैं । पुष्य नक्षत्र में गुरुवार 21 नव  से  शुरू यह चेतना पद यात्रा  160  किलोमीटर दूर ओरछा रामराजा सरकार के मंदिर मे २९ नवम्बर को यात्रा का  समापन होगा   पदयात्रा को लेकर उनका  संकल्प  बहुत बडा है जब तक वह हिंदुओं को जगा नहीं देंगे तब तक यात्रा करते रहेंगे | उनकी इस यात्रा में लाखों हिन्दू सड़क पर उनके साथ कंधे से कंधे मिलकर चल रहा है |  हालंकि देश के कुछ मौलाना  इस यात्रा को बंद कराने की मांग भी कर रहे हैं | 

 

      देश के जाने माने संत अनिरुद्धाचार्य जी कहते हैं कि  देश में आजादी के बाद पहली बार बुंदेलखंड से देश बचाने और सनातन हिन्दू राष्ट्र के लिए इतनी विशाल पद यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने  सभी से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा शुरू की गई एकता यात्रा को समर्थन की अपील की। उन्होंने उदाहरण देकर यह भी समझाया कि अगर सनातन कमजोर होगा तो इसका असर सिर्फ हिन्दुओ ही नहीं बल्कि ,सिख, जैन ,बौद्ध धर्म के मानने वालों पर भी पड़ेगा |   

                          

बीते  तीन दशकों में भारत में  सनातन और हिंदुत्व की राजनीति देश में मजबूत हुई है | इसे मजबूती भी ऐसे ही नहीं मिली है इसके पीछे बाकायदा एक वैचारिक संघर्ष और संगठन ,और साधु संतों का   योगदान माना जाता है |   समाज में हिंदुत्व के प्रति बढ़ती स्वीकारता को लेकर  देश के कुछ लोगों के मन की बेचैनी भी देखने को मिली | इसके बाद उन्होंने   एक नया खेल देश- प्रदेश में शुरू किया , सनातनियों को जाति और वर्ग में बाटने का | आये दिन कोई ना कोई नेता हिन्दुओं की धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने का दुःसाहस करता है | यही कारण है कि सनातनियों की धर्म संसद से लेकर  बाबा बैरागी मैदान में आ गए | और अब वे जाति ,सम्प्रदाय से परे समस्त हिन्दू के एकीककरण  के सम्बन्ध बनाने की बात कह रहे हैं | उनके इस एकीकरण अभियान से जातीय जनगड़ना की मांग कर हिन्दुओं को विभाजित करने वालों को जरूर आघात पहुंच रहा है | 

कैसे हिंदुओं को जगाने निकले हैं : 


 


  _कौन से सोए हुए हिंदुओं को जगाने निकल रहे हैं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र  कृष्ण शास्त्री कहते हैं _ जो श्रद्धा के 36 टुकड़े होने पर भी मौन है ? रामायण की जलती प्रतियां  देखकर भी जो मौन है ?   2005 तक वक्त बोर्ड के पास सिर्फ कुछ हजार एकड़ जमीन थी आज लाखों एकड़ जमीन है पर एक शब्द नहीं निकला |  500 साल से राम मंदिर के लिए जो हिंदू कोर्ट में लड़ रहा | भगवान कृष्ण को जन्म भूमि पर बैठने नहीं दिया जा रहा | बहराइच में गोली मार दी जाती है |  कोलकाता की डॉक्टर बेटी को रेप कर मार दिया जाता है |  गजवा ए हिंद सुनकर भी जो चुप है | जिन्होंने आदर्श और हेमराज जैसे बच्चों को मार दिया हिंदुओं के मुंह से चूं  तक की  आवाज नहीं निकली देश में ऐसे सोए हुए हिंदुओं को कौन जगाएगा || इतना सब होने के बाद जो समाज मौन रहे उसे क्या कहा जाएगा ? 

हम तो सर पर कफ़न बाँध कर निकले हैं 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिन्दुओं में   जात पात को मिटाने , भेदभाव को दूर करने  और इसे  भारत का सबसे बड़ा कैंसर रोग बता रहे हैं | वे इस बात पर भी अपनी सहमति जताते हैं कि मंदिरों में पुजारी भी किसी भी जाति के बनाये जा सकते हैं | अब चूंकि यह निर्णय पीठ के शंकराचार्य ही ले सकते इसलिए उनसे बात करेंगे। देश में पूर्व में भी जातियां थी पर जातिवाद नहीं था |  देश में क्यों यह है क्योंकि यह एक तरह का स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था थी | उनकी इस बात से देश के अनेकों संत सहमति जताते हैं |   राजनीति चमकाने के लिए जातियां नहीं है देश में || इसलिए हम कहते हैं कि देश में सिर्फ दो जातियां बने एक अमीर की एक गरीब की | अनिरुद्धाचार्य जैसे संत ने   साफ़ कहा कि देश को वोट के लोभियों ने जात  पात में बांटा है | 

 बांग्लादेश में हिन्दुओं की दुर्दशा ने उन्हें विचलित किया और वे अब तो करो या मरो की बारी  है  क्योंकि भारत पर संकट भारी है जैसी बात कहने को मजबूर हुए | हम भारत के लोगों को हिंदुओं को बांग्लादेश जैसा जलता हुआ बिखरता हुआ नहीं देख सकते। हम हिंदुओं को एक करने निकले हैं।

हिन्दुओ अगर खदेड़े जाओगे तो कहाँ जाओगे 

संत अनिरुद्धाचार्य कहते हैं कि  बांग्लादेश का हाल देख रहे हो, बँगला देश से हिन्दू खदेड़े गए ,  पाकिस्तान से ,अफगानिस्तान से खदेड़े गए | अब अगर ऐसी ही स्थिति रही और हम सोते रहे तो ,भारत से खदेड़े गए तो कहाँ जाओगे |? सनातन संस्कृति के लिए  महाराज जी बब्बर शेर है|   सनातन धर्म से ही  अच्छे भारत औरसनातन  राष्ट्र का निर्माण होगा, सदियों बाद कोई चाणक्य सामने आया है जिसने  सारी दुनिया में  भारत का ,सनातन का ध्वज  फहराया है | सनातन संस्कृति सुरक्षित है तो देश सुरक्षित है दुनिया सुरक्षित हैं अगर यही गड़बड़ हो गई तो सारी दुनिया में  गड़बड़ हो जाएगा |

किसने कानून बनाकर सनातन को कमजोर किया : 

दरअसल भारत में  हिन्दुओं को जगाने की जरुरत क्यों साधु संतो और राष्ट्र के प्रति समर्पित लोगों को लगने लगी | इसके पीछे अतीत की सरकारों के वे कारनामे हैं जिन्होंने अपनी सत्ता कायम रखने के लिए हिन्दुओं को तोड़ा और मुस्लिमो को जोड़ा |     

संविधान में 1976 में 42वां संशोधन किया गया।   इसकी प्रस्तावना में ' धर्मनिरपेक्ष  शब्द जोड़ा गया | जबकि संविधान की प्रस्तावना के साथ छेड़ छाड़ का अधिकार किसी को नहीं था |  2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एक  कानून  बनाया था,कि कोई   मुसलमान खड़ा होकर कह दे कि यह जमीन हमारी है ,तो कोई इस पर कुछ नहीं कर सकता ,अंबानी के घर को कह दिया कि यह वक्त बोर्ड की जमीन पर बना है कोर्ट में अपील भी नहीं कर सकता ऐसा कानून किस तरह  संविधान सम्मत हो सकता है ? वक्फ बोर्ड बनाकर कांग्रेस के यह  सारे कृत्य इस देश में सिर्फ इस लिए हुए ताकि एक पंथ विशेष के लोगों को प्रसन्न किया जा सके और उन के वोट के सहारे अपनी कुर्सी यथावत कायम रखी जा सके | इतना ही नहीं बाद में  कोंग्रेसी सरकारों ने ऐसे ऐसे कानून बनाये कि  सनातन धर्म के मानने वालों को लगने लगा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें या तो धर्म बदलना पडेगा अथवा देश छोड़ने को मजबूर होना पडेगा | ऐसे में जब योगी ने नारा दिया बाटोगे तो काटोगे तो लोगों ने इसे सही समय पर सही नारा माना और  देश के आये चुनाव परिणाम ने इसकी पुष्टि कर दी | 

 

यही कारण है कि बुंदेलखंड के बागेश्वर धाम के संत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जब कहते हैं  भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा | हिन्दुओं की यात्रा में देश के बड़े बड़े साधू संत , नेता ,अभिनेता और देश की मूर्धन्य हस्तियां सात  दिन की यात्रा में सम्मलित हो चुकी हैं | ऐसे में  कई धर्मो के मठाधीशों , राजनैतिक दलों के नेताओं  के पेट में दर्द होने लगता है | ऐसे दौर में उनकी यह यात्रा कितने हिन्दुओं को जाग्रत कर पाएगी यह तो वक्त बातयेगा | 

उनकी यह यात्रा हिन्दुओं  की चेतना यात्रा के साथ सामाजिक समरसता की भी एक बड़ी यात्रा बन रही है | अबतक की जो स्थतियाँ सामने आई हैं वह इसी ओर इशारा कर रही हैं | मामला चाहे बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति पर माला चढ़ाने का हो अथवा राह में मिले  किसी ग्रामीण  का हो | दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ बैठ कर उनका भोजन करना भी उनका सामाजिक समरसता के लिए एक बड़ा सन्देश देने वाला है |  लोगों ने उनके अभियान का  समर्थन किया ,और इसे आज के समय में आवश्यक भी बताया |   

पदयात्रा में क्यों उमड़ रहा जन सैलाब  ::
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की ९ दिनों की इस हिन्दू एकता पद यात्रा में क्यों इतना बड़ा जन सैलाब उमड़ रहा है ? यह देश के तमाम सनातन विरोधियों, वाम पंथियों, वोट का जातीय समीकरण बनाने वालों और गजवा ए हिन्द का सपना देखने वाले लोगों को बेचैन कर रहा है | इन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है जो हिन्दू हर अत्याचार देख कर मौन रह जाता था आज वह सड़कों पर निकल आया है | वह भी ऐसे समय जब कुछ समय बाद ही देश का कुम्भ प्रयाग राज में शुरू होने वाला है , जहाँ से इसका सन्देश बहुत व्यापक हो जाएगा, इन सबको चिंतित जरूर कर रहा है | अब बड़ा सवाल यही उठता है इतनी जागरूकता क्यों आई ? इसकी वजह भी सनातन विरोधियो की करतूतों में छिपी हैं | 


 

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24 नवंबर, 2024

यह यात्रा जिहादियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए :: टी राजा

 


यह यात्रा  जिहादियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए :: टी राजा 

रवीन्द्र व्यास 
छतरपुर // २३ /११/२४  बागेश्वर धाम से ओरछा तक के लिए निकली हिन्दू एकता यात्रा के दूसरे दिन बाबा बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर  धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के साथ आंध्र प्रदेश के विधायक टी राजा भी साथ थे | उन्होंने कहा आज भारत का हर हिन्दू आपके संकल्प के साथ है , इस छतरपुर में  जो जात - पात को समाप्त करने के गुरु जी कदम से कदम मिलाकर साथ चल रहे हैं में आप सबके चरणों को प्रणाम करता हूँ | 
टी राजा  ने कहा  नारे बहुत हो चुके हैं , अब हमें जोश के साथ होश से काम लेने का समय आ चुका है  | बहुत सारे मुल्ले मौलाना यह कह रहे हैं कि ये राजनैतिक पद यात्रा है इसको रोकना चाहिए तो में यही कहूंगा बेटा अभी तो हम हिन्दुओं को जगाने में लगे हैं |  अभी तो हम हिन्दुओं के जात पात को ख़त्म करने में लगे हैं | जिस दिन हिन्दू जाग  जाएगा , उसके बाद हम तुम्हारे बारे में सोचेंगे कि तुम्हारा हमें क्या करना है | गोरे  अंग्रेजो को मार मार कर हमारे देश भक्तों ने भगा दिया , गोरे  अंग्रेज तो चले गए ,ये काले अंग्रेज आकर देश में राज करने लगे | ये सारे  अंग्रेजो की एक ही योजना थी कि जातिवाद की, फूट डालो और राज करो ,इसी कारण आज हिन्दू बिखरा हुआ है |   आज हिन्दुओं का धर्मांतरण हो रहा है, आज हिन्दुओं का लव जिहाद ,लेंड जिहाद , मूत्र जिहाद ऐसे अनेकों जिहाद से टारगेट किया जा रहा है हमारे हिन्दुओं को | मित्रो यह यात्रा उन जिहादियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए है यह यात्रा | इसीलिए  सभी हिन्दुओं से में निवेदन करना चाहता हूँ की संगठित हो जाओ आज भी मौका है, अगर आज भी हिन्दू संगठित नहीं होगा तो आने वाले समय में  कोई हिन्दुओं को जगाने वाला नहीं रहेगा | 

आज हम देख रहे हैं की  लव जिहाद के नाम पर बहनों की हत्या कर 35 35 टुकड़े किए जा रहे हैं |  हमारी बहन बेटियों का बलात्कार किया जा रहा है |  हम वह सनातनी हैं जो गंगा को माता कहते हैं गाय को माता कहते हैं कुछ मुल्ले  यह कहते हैं कि भाईचारे को बिगड़ने के लिए यह यात्रा है | मैं उनसे पूछना चाहता हूं काये  का भाईचारा किधर का भाईचारा ,हम गाय को पूजने वाले हैं और वह गाय को रोटी के साथ खाने वाले क्या वह और हम भाई हो सकते हैं?  हम मां को मां कहते हैं बहनों का सम्मान करते हैं और तुम लव जिहाद के नाम पर 35-35 टुकड़े करते हो क्या तुम और हम भाई हो सकते हैं?  हम वह सनातनी हैं जो सभी धर्म का सम्मान करते हैं तुम गजवा ए हिंद का सपना पाले हुए भारत से युद्ध की बात करते हो क्या तुम और हम भाई भाई हो सकते हैं ? हम वह शिवाजी महाराज के बेटे हैं जिन्होंने अफजल खान का सीना फाड़ कर भगवा लहराया था | तुम अफजल खान और औरंगजेब को जिंदाबाद कहते  हो क्या तुम और हम भाई-भाई हो सकते हैं ? हम किसी के खिलाफ नहीं है लेकिन जो व्यक्ति भारत में रहकर भारत माता की जय नहीं बोलेगा वंदे मातरम नहीं बोलेगा उसको हम अपना भाई कभी नहीं मानेंगे | 
आज  हर हिंदू को जागने  की आवश्यकता है गुरु जी के चरणों में प्रणाम करता हूं गुरुजी हिंदू राष्ट्र की स्थापना केवल आपसे ही मुमकिन है |  हिंदू राष्ट्र का  हम सपना देख रहे हैं कुछ लोग कहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनेगा बन गया ना कुछ लोग कहते हैं कि काशी और मथुरा में नहीं बनेगा कुछ नहीं होगा वह लोग देखते रहेंगे काशी और मथुरा में भी झंडा गड़ेंगे |  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कर सेवा होगी तो गोली नहीं फूल  बरसेंगे | 

गुरु जी (धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ) आप आज्ञा दे देना काशी और मथुरा संविधान से बना लेकिन गुरुजी यह जो युवा पीढ़ी है इतिहास लिखना चाहती है | इतिहास लिखने का अवसर हर किसी को नहीं मिलेगा |  गुरु जी ने इतिहास लिखने का अवसर हम सबको दिया है |  जातिवाद खत्म होगा जब जातिवाद खत्म होगा और इतिहास लिखा जाएगा तो आपका सबका नाम आएगा|  हिंदू राष्ट्र तो बनेगा आज नहीं तो कल बनेगा | जब हिंदू राष्ट्र के इतिहास में किन लोगों ने योगदान दिया तो आप सबका नाम आएगा |  जीता  तो हर वह इंसान है,  मरता भी वो हर इंसान है , जब वह मरता है तो उसकी शव यात्रा निकालते  हैं तो किसी को पता नहीं चलता |  लेकिन जब एक हिंदू बब्बर शेर मारता है तो दुनिया हिल जाती है | उस  बब्बर शेर को देखने के लिए लाखों की भीड़ लगती है| 

 गुरु जी  इस समय सही मार्ग बताने के लिए साधु संत स्वयं रोड पर आ चुके हैं | रोड पर आकर पदयात्रा कर रहे हैं तो हर हिंदू का कर्तव्य है कि हम गुरु जी का साथ दें गुरु के जी के संकल्प को पूर्ण करें यह हमारा दायित्व है | आज आसमान को छूने वाला अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है | आज हर हिंदू का संकल्प पूर्ण हुआ है | जिस तरह से जिस तरह से अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है काशी और मथुरा को भी मुक्त करने के लिए भी है यात्रा है|  

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BABA BAGESHWAR_ संविधान का अधिकार है हर व्यक्ति को अपने कल्चर संस्कृति का प्रचार करने का

मौलाना के यात्रा बंद करने की मांग पर बाबा का तीखा जवाब 
 संविधान का अधिकार  है हर व्यक्ति को अपने कल्चर संस्कृति का प्रचार करने का  


रवींद्र व्यास 
  छतरपुर // २३ /११/२४  बागेश्वर धाम से ओरछा तक के लिए निकली हिन्दू एकता यात्रा का जब कुछेक मौलाना ने विरोध किया तो धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने तीखा जवाब छतरपुर में  दिया |  हम तो सिर्फ हिन्दुओं के पक्ष में हैं ? हमें तो हिन्दू मुसलमान नहीं करना है ,हम तो सिर्फ हिन्दू हिन्दू कर रहे हैं किसी को पेट में दर्द हो तो मेडिकल स्टोर हम ले कर चल रहे हैं | तुम ठठरी बरायो वो कल मौलाना कह रहा था कि बाबा को बंद कराओ , हमने कहा तेरे बाप के बेल छोड़े हैं क्या ?हम भैया हिन्दू -हिन्दू करने निकले हैं संविधान का अधिकार  है हर व्यक्ति को अपने कल्चर संस्कृति का प्रचार करने का | 

    धीरेन्द्र ने दिलाई हजारों लोगों को हिन्दू एकता की शपथ :    
छतरपुर के छत्रसाल चौराहे पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हैदराबाद के टी राजा की मौजूदगी में लोगों को हिन्दू एकता की शपथ दिलाई | शपथ दिलाते हुए उन्होंने कहा     बागेश्वर धाम , मोटे के महावीर के चरणों में प्रणाम करके कसम खा रहे आज से जात- पात भेदभाव छुआछूत  मिटाने के लिए हम कार्य करेंगे एवं हिन्दू होने पर हम गर्व करेंगे | हम सब हिन्दू _हम ऐसी शपथ खाते हैं | ब्रम्हा ,विष्णु एवं शंकर जी की पूजन करते हुए जीवन भर अपने बच्चों को अपनी पीढ़ियों को हिंदुत्व के प्रति जगायेंगे कसम खाते हैं | 

बुंदेलखंड की इस भूमि से नया इतिहास लिख रहे हैं

आज हम सब मिलकर बुंदेलखंड की इस भूमि से नया इतिहास लिख रहे हैं इस देश में जो कहते थे सर तन से जुदा कर देंगे भारत तेरे टुकड़े होंगे , उनके ऊपर तमाचा मारकर रहेंगे | जिस दिन सौ करोड़ हिन्दुओं में एक करोड़ हिन्दू सड़कों पर निकल जाएंगा उसी दिन इनकी ठटरी बर जायेगी जो राम को काल्पनिक बताते थे | टाइगर टी राजा कहते हैं ये  हैदराबाद से आये हैं ,लेकिन जहां यह रहते हैं वहां एक कह रहा था कि १५ मिनट दे दो हमने भी कल कह दिया कि 5 मिनट हमें दे दो उसके बाद उसकी लौट कर कोई खबर नहीं मिली तुम्हे मिली ? भैया हम हिंसा भड़काने या हिन्दुओं को हिंसक बनाने नहीं निकले हैं ना हमें राजनेता बनना है ,ना हमें वोट बैंक चाहिए ,ना हमें पार्टियों के चक्कर में पढ़ना है | हमारा सपना इतना है कोई हमारी बहन बेटी को लव जिहाद के चक्कर में ना डाल  दे | हमें हमारे राम के मंदिर के लिए हमें ५०० साल लड़ना पड़ा 

जान हथेली पर लेकर इसलिए निकले हैं कि सभी हिन्दू एक हो जाएँ 

| हमको भैया हिंसा नहीं करनी सम्प्रदियकता नहीं फैलानी हम सब हिन्दू आपस में लड़कर अपनी ऊर्जा नष्ट कर रहे हैं || अगड़े पिछड़े के नाम पर जात  पात के नाम पर हमें क्या पड़ी है भैया अपनी जान हथेली पर लेकर इसलिए निकले हैं कि सभी हिन्दू एक हो जाएँ | ये संकल्प अगर छतरपुर से उठा है तो पूरा भी छतरपुर वालों को करना है | हम लोगों को अब घर से बाहर निकलना है | संकल्प लो हम सब हिन्दू भाई _भाई , | आज से अगर कोई परिचय पूंछे तो एक ही परिचय हम हिन्दू हैं और हिन्दुस्तान हमारा है | ये शोभायात्रा नहीं है कि तुम फूल बरसाओ ये हिन्दुओं को जगाने की यात्रा है | अगर तुम आज नहीं जागे हिन्दुओ राजनीति के चक्कर में छुआ -छूत  के चक्कर में जात  पांत के चक्कर में ,ब्राम्हण ठाकुर ,वैश्य ,शूद्र के चक्कर में अगर आज  पड़े रहे तो तुम बहुत जल्दी अलप संख्यक हो जाओगे 

बाबा के सवाल और लोगों के जवाब 

 बांग्लादेश में हिंदुओं का हाल देखा क्या तुम भारत को बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हो ? क्या तुम चाहते हो तुम्हारी हमारी बहन बेटी उन धर्म विरोधियों के चक्कर में पड़े ? क्या तुम फिर से रामायण को जलवाना चाहते ? क्या तुम फिर से राम के होने सबूत मांगना चाहते ?क्या तुम जातियों में बांटना चाहते हो ? संकल्प लो हम सब हिन्दू भाई _भाई , | क्या तुम अल्पसंख्यक होना चाहते हो ? तुम्हें कश्मीरी पंडित का हाल पता है ? मणिपुर जल रहा हाल पता है ? अभी बहराइच में घटना हुई हाल पता है ?राजस्थान में कन्हैयालाल दर्जी को मारा हाल पता है ? श्रद्धा के ३५ टुकड़े किये हाल पता है ?अभी हाल में कलकत्ता की डॉक्टर बिटिया का रेप कर मार डाला हाल पता है |? तुम्हारे ही छतरपुर में पत्थर मारे ? बाद में उनका हाल तो पता है ? क्या तुम फिर से यही चाहते हो ? हम तो सिर्फ हिन्दुओं के पक्ष में हैं ? 
हमने तो कफ़न बाँध लिया संकल्प ले लिया अब तुम से पूंछ रहे तुमने लिया

हम तो सिर्फ हिन्दू हिन्दू कर रहे हैं

हमें तो हिन्दू मुसलमान नहीं करना है हम तो सिर्फ हिन्दू हिन्दू कर रहे हैं किसी को पेट में दर्द हो तो मेडिकल स्टोर हम ले कर चल रहे हैं | तुम ठठरी बरायो वो कल मौलाना कह रहा था कि बाबा को बंद कराओ , हमने कहा तेरे बाप के बेल छोड़े हैं ?हम भैया हिन्दू -हिन्दू करने निकले हैं संविधान का अधिकार  है हर व्यक्ति को अपने कल्चर संस्कृति का प्रचार करने का |  छतरपुर के लोगो यह वह भूमि है जहाँ महाराजा छत्रसाल रहे , ये वो भूमि है जहाँ  शरीर महराज रहे ,ये वो भूमि है जहाँ सन्यासी बाबा और बागेश्वर बाला जी हैं, ये वो भूमि है जहाँ मतंगेश्वर हैं,  ये वो भूमि है जहाँ झाड़ू वाले बाबा हुए | 

हमने तो कफ़न बाँध लिया संकल्प ले लिया  तुमने क्या किया ? 

हमने तो कफ़न बाँध लिया संकल्प ले लिया अब तुम से पूंछ रहे तुमने लिया ?जोश में कि होश में ? हमारी बातें मानोगे ? पहली बार जात पात से ऊपर उठ कर हिन्दू होने पर गर्व करोगे ये बात मानोगे ?डरपोक हो ,बुजदिल हो ,कायर हो काये नई जग रहे ,क्यों बार बार जगाना पड़ता है ,? भैया हमारा भर काम नहीं तुम्हारी भी तो जिम्मेदारी है ? कब जागोगे जब तुम्हारे घर पर वो कब्जा कर लेंगे ?  कब जागोगे जब तुम छतरपुर में अल्पसंख्यक हो जाओगे ? इस लिए हम सब हिन्दू एक हैं | अपने बच्चों को गीता रामायण वैदिक शिक्षा का ज्ञान दिलाएंगे ? मस्तक पर तिलक लगाएंगे ?भगवा ध्वज लहराएगा अगर किसी हिन्दू पर अत्याचार हो तो क्या अपने घर से बाहर निकल कर आओगे ? गाय ,गंगा ,गौरी , गीता और गायत्री इनके प्रति श्रद्धा रखोगे ?तो हम यह कह सकते भारत तो ठीक है पाकिस्तान भी अपना हो जाएगा | 
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हिन्दू सबसे ज्यादा बुजदिल, कायर ,डरपोक है :: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

आजादी के बाद पहली बार बुंदेलखंड से देश बचाने और सनातन हिन्दू राष्ट्र के लिए यात्रा निकली ::
अनिरुद्धाचार्य 

छतरपुर // २४/११/२४/ रात के १२ बज रहे थे लोग चैन से सो रहे थे | दूसरी तरफ बुंदेलखंड की पुरानी राजधानी नौगांव में हिंदुओं को सचेत करने के लिए साधु संत सन्यासी प्रवचन दे रहे थे | इनको सुननेवाले वे लोग अधिकाँश थे जो बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के साथ हिन्दू जागरण महयज्ञ में अपनी आहुति देने उनके साथ चल रहे थे | इस मौके पर संत अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि 
 देश में आजादी के बाद पहली बार बुंदेलखंड से देश बचाने और सनातन हिन्दू राष्ट्र के लिए इतनी विशाल पद यात्रा निकाली जा रही है। संत ने  देश में धर्मांतरण और जात पात को देश की बड़ी और गंभीर समस्या बताते हुए सभी से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा शुरू की गई एकता यात्रा को समर्थन की अपील की।
उन्होंने कहा कि  जात-पात को  व्यवस्था के रूप में स्वीकार करना है यह व्यवस्था के रूप में ही था ।।हमें जात-पात को छुआछूत के रूप में स्वीकार नहीं करना है।
 राह  में आए जो दिन दुखी प्रेम की गंगा बहाते रहो ।
भगवान राम के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसे नहीं माना तो हम क्यों मान रहे हैं। आज से 70 साल पहले दाई द्वारा कराई जा रही प्रसव व्यवस्था का भी उन्होंने जिक्र किया | उन्होंने साफ़ कहा कि देश को वोट के लोभियों ने जात  पात में बांटा है | 
 धर्मांतरण :
धर्मांतरण के मुद्दे पर  संत अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि खूब पैसा कमाओ  24 घंटे में से 23 घंटे काम करो पर एक घंटा नियम से हर रोज निकालो और दलितों के पास बैठो धर्म की बात करो | धर्मांतरण आज एक बड़ी समस्या है हम हिंदुओं के साथ खड़े रहे तो क्या मजाल  कोई वर्ग आकर  ले जाए |उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया की मुगलों ने और अंग्रेजों ने कई अत्याचार किये  पर हमारे लोगों ने धर्मांतरण नहीं किया ||  गीता में लिखा है कि अपने धर्म में मर जाना अच्छा पर धर्म त्यागना नहीं || गुरु गोविंद सिंह के 7 साल के बच्चे को जिंदा चुनवा दिया पर उसने अपना धर्म नहीं बदला |  आज तो आदमी ₹500 में बिक जाता है |  महाराज जी आप सब  तक पहुंच रहे हैं | में जहां कथा के लिए जाता हूं वहां गरीब दीन  दुखी के घर पर जरूर जाता हूं | आप सब ने देखा होगा की शराब के लिए लोग बाग आपस में पैसे जोड़कर पव्वा मंगा लेते हैं तो क्या हम राष्ट्र के लिए कुछ पैसे नहीं जोड़ सकते एक घंटा राष्ट्र को देंगे धर्म को देंगे तो एक बड़ा परिवर्तन होगा |  आज देश के साधू संत  हम सब अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं आप भी जहां रहे और प्रयास करें | 
 जहां सुमति तथा संपत्ति नाना जहां कुमति तहां विपत निधाना  ठीक वैसे ही है जैसे झाड़ू  अगर इकट्ठी है तो वह सबको साफ कर देती है पर अलग-अलग है तो कुछ नहीं कर पाती | बाटोगे तो काटोगे नारे को  उन्होंने अच्छा बताते हुए कहा इसको फॉलो करें और हमको बटना नहीं है ऐसी यात्रा आजादी के बाद भारत में पहली बार देखने को मिल रही है ऐसी यात्रा होती रहे तो हम सबके लिए अच्छा है| 
मुस्लिम हित का कानून :: उन्होंने कहा कि  2013 में कानून भारत सरकार ने बनाया था,कि कोई   मुसलमान खड़ा होकर कह दे कि यह जमीन हमारी है ,तो कोई इस पर कुछ नहीं कर सकता ,अंबानी के घर को कह दिया कि यह वक्त बोर्ड की जमीन पर बना है कोर्ट में अपील भी नहीं कर सकता ऐसा कानून किस संविधान सम्मत हो सकता है | 
हिन्दुओ अगर खदेड़े जाओगे तो कहाँ जाओगे 
 बांग्लादेश का हाल देख रहे हो, बँगला देश से हिन्दू खदेड़े गए ,  पाकिस्तान से ,अफगानिस्तान से खदेड़े गए | अब अगर ऐसी ही स्थिति रही और हम सोते रहे तो ,भारत से खदेड़े गए तो कहाँ जाओगे |?  गए सनातन संस्कृति के लिए संस्कृति के लिए महाराज जी बब्बर शेर है|  हम बच्चे हैं गलत करें तो हमारे बुजुर्ग साधु संत हमको सही राह बता सकते हैं |  आज का युवा अच्छे कार्य कर रहे हैं तो सब को  का साथ जरूर देना चाहिए | अगर सनातन धर्म से ही  अच्छे भारत और राष्ट्र का निर्माण होगा सदियों बाद कोई चाणक्य सामने आया है जिसमें सारी दुनिया में  भारत का ,सनातन का ध्वज  फहराया है | सनातन संस्कृति सुरक्षित है तो देश सुरक्षित है दुनिया सुरक्षित हैं अगर यही गड़बड़ हो गई तो सारी दुनिया में  गड़बड़ हो जाएगा | 
हिन्दू बुजदिल है 
इस मौके पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अनिरुद्धचार्य ने प्रैक्टिकल उदाहरण दिया |   यह पदयात्रा है यह हम आने वाली पीढ़ी के लिए कर रहे हैं|  हम उनके लिए कर रहे हैं ताकि देश गजवा ए हिंद ना हो जाए |  इजराइल में उपद्रव हुआ तो सारे इजरायली वहां पहुंच गए जब भारत में हिंदू सड़कों पर हैं तो हम अपनी संस्कृति बचाने पहुंचेंगे यह कहना है नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से आ रहे हिंदुओं का |जो इस रैली में शामिल होंगे नेपाल के तो शामिल हैं |  उन्होंने बताया की एक कई वृद्ध  माताएं पदयात्रा में हमारे साथ चल रही है | एक माताजी के पैरों में छाले पड़ गए दिल्ली की है वह उनसे कहा भी के एंबुलेंस में बैठ जाए तो कहा कि अगर एंबुलेंस में जाएंगे तो हमारा संकल्प टूट जाएगा |  उन्होंने कहा कि  सबसे ज्यादा बुजदिल  हिंदू है ,सबसे ज्यादा कायर  हिंदू है, सबसे ज्यादा  डरपोक हिंदू है |  बाद में जब  वह  तुम्हारे घर लूटेंगे तो तुम्हें हमारी याद आएगी अब तो करो या मरो की बारी  है भारत पर संकट भारी है 
मंच पर हुआ विवाह 
6 बहनों में कल्पना अनुरागी सबसे बड़ी बहन थी उसका विवाह रात में धीरेंद्र शास्त्री के मंच पर संपन्न हुआ |  यह पवित्र  कार्य नौगांव मंडल ने किया धीरेंद्र शास्त्री ने कहा की उसके घर का पूरा सामान लाखों रुपए का  दिया पर सबसे बड़ी बात यह है की शादी विवाह तो कहीं भी हो जाता पर साधु संतों का जो आशीर्वाद इन दोनों को मिला है वह कहीं नहीं मिल पाता।
असल में नौगांव में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के तीसरे दिन का विश्राम था | 
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17 नवंबर, 2024

bABA bAGESHWAR_अब तो करो या मरो की बारी है क्योंकि भारत पर संकट भारी है: धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

 अब तो करो या मरो की बारी है क्योंकि भारत पर संकट भारी है: धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 

RAVINDRA VYAS 



छतरपुर।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू सनातन एकता यात्रा 21 नवंबर 24   से शुरू  होगी  | .बाबा बागेश्वर 160  किलोमीटर पैदल चलकर ओरछा रामराजा सरकार के मंदिर मे २९ नवम्बर को यात्रा का  समापन करेंगे | यात्रा  के दौरान  बाबा ना तो   फूलमाला पहनेंगे और ना ही खड़ाऊ पहनेगे |  पदयात्रा को लेकर उन्होंने कहा  संकल्प  बहुत बडा है जब तक वह हिंदूओं को जगा नही देगे तब तक यात्रा करते रहेगे ,| उनकी इस यात्रा को गुरु देव रामभद्राचार्य जी प्रथम दिवस भगवा  ध्वज दिखा कर रवाना करेंगे ।
        पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जात पात को मिटाने के लिए भेदभाव को दूर करने के लिए भारत का सबसे बड़ा कैंसर रोग है जात -पांत |  हम बागेश्वर से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं अब तो करो या मरो की बारी  है क्योंकि भारत पर संकट भारी है। हम भारत के लोगों को हिंदुओं को बांग्लादेश जैसा चलता हुआ बिखरता हुआ नहीं देख सकते। हम हिंदुओं को एक करने निकले हैं। 
 मुस्लिम और ईसाई  पदयात्रा में शामिल होने के सवाल पर  उन्होंने कहा अगर उनको लगता है कि हम कार्य बहुत अच्छा कर रहे हैं तो देश की भागीदारी में उनको भी भूमिका निभाना चाहिए। इस देश में जितने भी मुस्लिम और ईसाई रहते हैं वह सब कन्वर्टेड हैं। उनके दादा परदादा सभी हिंदू ही थे तो  उनका ही कार्य हम कर रहे हैं ।अगर आए तो वेलकम ना आए तो भीड़ कम।
 इन लोगों को पीले चावल  देने के सवाल  पर उन्होंने कहा हम तो नहीं बांट रहे आप बांट आओ , क्योंकि जब युद्ध होता है रण क्रां

ति होती है तो बुलाया नहीं जाता जिसका जमीर  जिंदा होता है वह आता है
 \ एक बात उन्होंने और भी रहेगी हम इस पदयात्रा में ना तो खड़ाऊ पहनेंगे और ना  फूल मालाओं का स्वागत स्वीकार करेंगे ना हम फूल माला पहनेंगे ,  इसके पीछे उन्होंने  वजह बताइ की यात्रा को हम शोभायात्रा नहीं बनने जा रहे हैं यह पदयात्रा विचारों की क्रांति यात्रा बनाने जा रहे हैं।

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14 नवंबर, 2024

Panna Tiger Reserve_ बाघों को अब कुत्तों से ख़तरा .बाघों को बचाने पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे गाँवों में कुत्तों का टीकाकरण




  

 बाघों को अब कुत्तों से ख़तरा

.बाघों को बचाने पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे गाँवों में  कुत्तों का  टीकाकरण

रवीन्द्र व्यास 

पन्ना / एमपी / १४ nov २०२४ ,  मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में  बाघों को  आवारा कुत्तों से  संभावित खतरे को देखते हुए  सीमावर्ती  गाँवों  के कुत्तों का टीकाकरण किया जायेगा।  कुत्तों से फैलने वाला केनाइन डिस्टेम्पर वायरस बाघों के लिए बड़ा  खतरा बन गया है |  बड़ी मुश्किल से पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ फिर से आबाद हुए थे | आबाद होने के कुछ वर्ष बाद ही इस वायरस के कारण २०१५ _२०१६ में एक बाघ और दो तेंदुआ की मौत हो गई थी | इसके चलते पार्क प्रबंधन इस मामले में कोई भी रिस्क लेने को तैयार नहीं है | १५ नवम्बर से ७ दिसंबर तक पहले चरण और और २ से २५ जनवरी तक दूसरे चरण  टीकाकरण  का कार्य शुरू होगा | 

यह खतरनाक केनाइन डिस्टेम्पर वाइरस टाइगर रिजर्व के  आसपास की  बसाहटों में रहने वाले आवारा और पालतू  कुत्तों में पाया जाता  है  | वायरस से संक्रमण की स्थिति सिर्फ पन्ना जिले तक सिमित नहीं है बल्कि इसके लक्षण छतरपुर ,और दमोह जिले के आवारा कुत्तों मे भी पाए गए हैं |   पन्ना टाइगर रिजर्व में सितम्बर २०१३ में  एक पागल कुत्ते ने बाघ को काट कर  जख्मी कर दिया था.|   जख्मी बाघ को  इन्क्लोजर में रखकर उसे रैबीज के  टीके  लगाये गये जिससे उसे  संक्रमण  से बचा कर पार्क प्रबंधन नव जीवन दिया था |  कुत्तों से  फैलने वाले कैनाइन  डिस्टेम्पर वाइरस के  खतरे को  देखते हुए बाघों के  अस्तित्व को  बचाना और भी चुनौती पूर्ण हो गया है  | भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भी इस वाइरस को  बाघों के  लिए गंभीर खतरा मानता है |  बाघों के  अस्तित्व में आये इस संकट के  बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ;एनटीसीए भी हरकत में आ गया है एनटीसीए ने हाल ही में राज्यों के  टाइगर रिजर्व के आसपास के  इलाको  में घूमने वाले पालतू या आवारा कुत्तों के  टीकाकरण के  निर्देश दिए हैं | 

36 गांव   1150  आवारा कुत्ते 

पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के समीपवर्ती  लगभग 36 गांव में लगभग 1150  आवारा कुत्ते हैं उनका टीकाकरण किया जाना है | इसका  उद्देश्य यह है की जो केनाइन डिस्टेंपर और रेबीज जैसी बीमारियां हैं जो कुत्तों से वन्य प्राणियों में फैल सकती हैं | इसके साथ  अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए यह टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है |  हमारे  वन्य प्राणी हैं चिकित्सक  डॉक्टर संजीव गुप्ता उन्हीं के निर्देशन में जो गौ सेवक हैं एएफओ हैं उनके माध्यम से यह कार्यक्रम चलाया जाएगा | केनाइन डिस्टेंपर वायरस काफी घातक बीमारी है इसमें शेर बाघ और कैट फैमिली के वन्य जीव काफी इन्फेक्टेड रहते हैं। 

  बाघों की मौत की वजह बनते                        

केनाइन डिस्टेम्पर वायरस  कुत्ते  श्वांस , लार या मूत्र जैसे शरीर के तरल पदार्थों से ये  वायरस छोड़ते हैं, |  वायरस कई महीनों तक अपना असर दिखाते हैं |  केट प्रजाति के लिए कैनाइन डिस्टेंपर  का  संक्रमण इतना खतरनाक माना जाता कि इससे बाघ और तेंदुए की मौत तक हो जाती है |  ऐसे खतरनाक वायरस वाले कुत्ते अगर  बिना टीकाकरण  के  वन्यजीवों के संपर्क में आते हैं तो ये  संक्रमण के मुख्य स्रोत बन जाते हैं | अब तक की रिसर्च में इस वायरस से निपटने के लिए कोई एंटी वायरल दवा नहीं बन पाई है | ऐसे में सिर्फ टीकाकरण ही  इसका निदान है | 

केनाइन डिस्टेंपर  खतरनाक बीमारी  

 पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संजीव गुप्ता ने बताया की केनाइन डिस्टेंपर बीमारी बहुत खतरनाक बीमारी है और विशेषकर  टाइगर और लेपर्ड में मृत्यु तक करती है। उन्होंने बताया कि 2015-16 में एक टाइगर और दो लेपर्ड इसी बीमारी के चलते खत्म हुए थे , उसके बाद वैक्सीनेशन चालू किया था । स्ट्रीट डॉग के संबंध में उन्होंने बताया कि। पेरी फ्री है उसमें टाइगर किल करता है और किल कुत्ते भी खाते  हैं । यह जो वायरस होता है वह कुत्तों के द्वारा उस किल में  चला जाता है। और किल के थ्रू टाइगर में चला जाता है। छतरपुर, पन्ना में केनाइन डिस्टेंपर काफी है यहां तक की दमोह में भी  हैं । इसकी रोकथाम के लिए केवल वैक्सीनेशन कर सकते हैं । इसकी हिस्ट्री भी बहुत है कि केनाइन डिस्टेंपर टाइगर लेपर्ड में होता है। टीकाकरण के संबंध में उन्होंने बताया उसका एक तरीका होता है | पहले इंजेक्शन लगने के 21 से 30 दिन बाद दूसरा इंजेक्शन बूस्टर डोज लगता है।  इसको चरणबद्ध तरीके से करना पड़ता है। बूस्टर डोज लगाने के बाद फिर दूसरे गांव का चयन करना पड़ता है।  एक लेदर बेल्ट कुत्ते के  गले में डालते हैं ,जिसमें आईडी नंबर डाला जाता है। जिससे हमें पता चल जाए कि इसमें बूस्टर डोज लगा है इसमें नहीं लगा है । अगर पहली बार लगाया है तो ब्लड सैंपल लेते हैं उनमें कोई ऐसी बीमारी है जो मानव के लिए घातक है या किसी दूसरे जानवर के लिए घातक है तो उसे कुत्ते को फिर हम अलग कर देते हैं। क्योंकि गले में आईडी नंबर पड़ा है तो उससे पकड़ में आ जाता है | 

पन्ना टाइगर रिजर्व : 

५७६ वर्ग किमी पन्ना और छतरपुर जिले में फैला पन्ना टाइगर रिजर्व १९८१ में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित हुआ | १९९४ में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में मान्यता मिली | २००८ में बाघ विहीन हो चुके इस रिजर्व में २००९ से बाघ पुनर्स्थापना का कार्य शुरू हुआ ,और आज यहाँ लगभग ९० बाघ हैं | जो इसके क्षेत्रफल से ज्यादा हैं | बाघ के साथ अब यह टाइगर रिजर्व तेंदुआ और गिद्धों  के लिए भी जाना जाने लगा  है | प्रदेश को तेंदुआ स्टेट का दर्जा दिलाने में यहां की प्रमुख भूमिका रही यहाँ ५७३ तेंदुआ पाए गए जो प्रदेश के किसी पार्क में सबसे ज्यादा हैं |  बायोडायवर्सिटी के लिहाज से पन्ना दुनिया के प्रमुख टाइगर रिजर्व के रूप में जाना जाता है | 

By Ravindra Vyas at नवंबर 14, 2024 कोई टिप्पणी नहीं:
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04 नवंबर, 2024

Bandhavgarh_Elephant_बांधवगढ़ में हाथियों की मौत के बाद अब हाथी टास्क फ़ोर्स बनेगा







 बांधवगढ़ में हाथियों की मौत के बाद अब हाथी टास्क फ़ोर्स बनेगा 


रवीन्द्र व्यास 



वैसे तो आंकड़ों में  मध्य प्रदेश में  150 हाथी होने की बात कही जाती है | पर पिछले कुछ वर्षो में मध्य प्रदेश के जंगलों में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से हाथियों के आने का सील सिला लगातार जारी है |  बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा लगभग ७० हाथियों का बसेरा है | और यहीं दस हाथियों की मौत हो जाना एक रहस्य मय पहेली से कम नहीं है | यह वही बांधवगढ़ नेशनल पार्क है जो कुछ समय पहले सर्वाधिक बाघों की मौत होने के कारण सुर्ख़ियों में आया था | भारत में एक साथ १० हाथियों की मौत का यह पहला मामला है | जाहिर तौर पर इसकी जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है | असल में बांधवगढ़ इलाका मानव और वन्यजीव के संघर्ष के लिए भी जाना जाता है | अपने समूह के १० साथियों की मौत के बाद   हाथियों के नाराज  रूप को भी लोगों ने देखा | इनने तीन लोगों को कुचला जिनमे दो की मौत हो गई | वन्य जीव विशेषज्ञ और स्थानीय ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं | 





 बांधवगढ़ नेशनल पार्क  उमरिया जिले में 1536 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है |  बाघों की बड़ी आबादी  के कारण यह  देश दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र है | जानकार बताते हैं कि  वर्ष 2018-19 में  40 जंगली हाथियों का एक दल ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते यहां आ गया  था | तब से हाथियों की संख्या बढ़ते बढ़ते ७० से ज्यादा हो गई है | 

 हाथियों  की मौत का रहस्य 

 बांधवगढ़ में जब हाथियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ तो शुरू में  4 की मौत  होना और 6 हाथियों को  गंभीर बताया गया था।अब कुल बीमार सभी 10 जंगली हाथियों की  मौत हो चुकी है |  बांधवगढ़ पार्क प्रबंधन  ने विषैले कोदों को हाथी की मौत का जिम्मेदार मानते हुए लगभग ७ एकड़ क्षेत्र में लगी कोदों की फसल पर ट्रेक्टर चलवाकर नष्ट कर दिया | 

  पार्क के जिस  सलखनियां  बीट में  हाथियों की मौत हुई | प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में का गया कि कोदों की फसल खाने से हाथियों की मौत हुई है | पार्क  की इस रिपोर्ट पर सलखनिया गाँव के किसानो ने ही प्रश्न चिन्ह लगा दिया है |  ग्रामीणों का कहना है कि  कोदो की  जिस फसल को  हाथियों ने खाया है और यह घटना हुई। और इसी आधार पर हमारी कोदों  की फसल नष्ट कर दी गई | अब  हमारे मवेशी वही कोदों  तीन दिनों से खा रहे हैं  जिन्हें कुछ नहीं हुआ है ।  ग्रामीण  मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं । 

 हाथियों की मौत के मामले में  प्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत ने  पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है.|   वाइल्डलाइफ के  प्रधान मुख्य वन संरक्षक  बीएन अम्बार्ड ने   पत्रकारों को  जो जानकारी दी वह भी सवालों के घेरे में है | उन्होंने कहा है कि  पोस्टमार्टम के दौरान मृत हाथियों के पेट में मिले कोदो के दाने मौत का कारण हो सकते हैं. इससे पहले भी मध्य प्रदेश में दूषित मिलेट्स के कारण वन्यजीवों की मौत की  घटनाएं हो चुकी हैं | 

मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ संस्थानों से बातचीत की जा रही है | जिनमे स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब सागर, आईवीआरआई बरेली, डब्ल्यूआईआई देहरादून प्रमुख हैं | जिस कोदों को खाने से हाथियों की मौत होने बात कही जा रही है , उसके  जहरीले होने की भी जांच की जा रही है.|  बांधवगढ़ नेशनल पार्क प्रबंधन  ने  जिन किसानों की फसल नष्ट की  है उनको इसका उचित मुआवजा देने की बात कह रहा है  | फसल के अलावा प्रबंधन आस पास के जल श्रोतों की भी जांच करा रहा है |


नाराज हुए गजराज 





02 नवंबर को  अपने साथियों के यूँ ही चले जाने से नाराज गजराज ने तीन लोगों को कुचल दिया | जिनमे दो लोगों की  दो लोगो की मौत हो गई । एक की मौत उमरिया जिले के चंदिया तहसील के बांका गांव के पास धमोकर बफर रेंज, में  दूसरी की मौत उमरिया वन मंडल के चंदिया रेंज के जंगल में चंदिया तहसील के देवरा गांव में हुई।

 03 नवंबर को खितौली रेंज के बगदरा बीट में नाराज गजराज  की पहचान कर उसे रेस्क्यू कर लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में  पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ और ए पी सीसीएफ वाइल्ड लाइफ के नेतृत्व में वन्यजीव पशु चिकित्सकों, रेस्क्यू दल, क्षेत्र संचालक , उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम सहित कुल 40 कर्मियों ने हाथी को  पकड़ लिया।


 अब  मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर  एसआईटी और एस टी एस एफ की टीमें हाथी की मौत के मामले में  सभी संभावित पहलुओं पर  जांच कर रही।


 हाथियों की मौत के बाद  सीएम मोहन यादव के  निर्णय 


उमरिया के हमारे फील्ड डायरेक्टर निलंबित 

मध्यप्रदेश में बनेगा हाथी टास्क फोर्स 

हाथी मित्र  दल का होगा गठन 

वन्य जीव जन हानि में अब ८ लाख के स्थान पर मिलेंगे २५ लाख 

पार्क एरिया से लगे किसानों को   कृषि वानिकी से जोड़ा जाएगा 

हाथियों पर रेडिओ ट्रेकिंग लगाई जायेगी 


हाथियों की मौत के मामले में  सीएम मोहन यादव _ ने कहा कि   बांधवगढ़ में हाथियों की मौत उमरिया के अंदर पिछले दिनों जो हमारे फॉरेस्ट एरिया में 10 हाथियों की मृत्यु के समाचार आए थे वह दर्दनाक थे | मैंने अपने वन मंत्री दिलीप अहिरवार फॉरेस्ट अधिकारियों को भेजा । जो प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है उसमें कीटनाशक या ऐसा कोई दूसरा पक्ष इन्वॉल्व है उसकी जानकारी तो नहीं आई है ।पोस्टमार्टम रिपोर्ट  दो-तीन दिन में आना  बाकी है ।

 प्रारंभिक रिपोर्ट में  पाया गया  है की फील्ड डायरेक्टर की निगरानी में हाथियों का दल आया था। यद्यपि यह बात भी सही है कि हाथियों का बड़े दल के रूप में आना दो-तीन साल में हमारे लिए एक नया प्रयोग भी है एक नया अनुभव भी है।  बड़ी संख्या में हाथियों का आना और खास तौर पर सीधी ,उमरिया इन जिलों  में उनकी मौजूदगी  दिख रही है। ऐसी स्थिति में हमारे सभी फील्ड डायरेक्टर को  सजग और सतर्क रहने की जरूरत है।

 इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी उमरिया के हमारे फील्ड डायरेक्टर का छुट्टी से ना आना उनकी मौजूदगी में हाथियों का दल जब आया था तो उनकी चिंता की जाना थी जो नहीं की गई ऐसी स्थिति में भी  फील्ड डायरेक्टर का छुट्टी से ना लौटना और फोन बंद करना उनकी लापरवाही मानी गई है | इस कारण फील्ड डायरेक्टर को सस्पेंड किया है और उनके सहायक को भी निलंबित किया गया है। 

यह बात भी सही है कि हाथियों के लिए हमारे बांधवगढ़ और जितने भी रिजर्व फॉरेस्ट है वह बड़े आकर्षक हैं ।क्योंकि हमारे  अंदर का प्रबंध है वह बड़े उत्तम प्रकार का है। इसलिए हाथियों के दल ने यहां से जाना बंद कर दिया है | पहले वह छत्तीसगढ़ और राज्यों से आकर वापस चले जाते थे। हम मान  कर चल रहे हैं कि यहां बड़े पैमाने पर हाथियों ने डेरा डाला है ।जो मध्य प्रदेश की बाकी फॉरेस्ट गतिविधि का हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से हमें इनका स्थाई प्रबंध करना होगा |  शासन स्तर पर यह निर्णय कर रहा है की हाथी टास्क फोर्स बनाकर इनको बाकी अन्य वन्य प्राणियों के साथ कैसे क्या-क्या करना चाहिए और क्या के सावधानियां रखना चाहिए इसलिए हमने दीर्घकालिक योजना बनाने का निर्णय लिया है|  जिसमें अन्य राज्यों के बेस्ट प्रैक्टिशनर को शामिल किया जाएगा |  हाथियों के बड़े-बड़े राज्य हैं जैसे कर्नाटक केरल असम यहां हम अपने अधिकारियों को भेजेंगे | ताकि सह अस्तित्व की भावना के साथ हाथियों को साथ बफर एरिया कोर एरिया में बाकी का जनजीवन प्रभावित न हो और हाथियों की सुरक्षा में भी कोई खतरा न हो इसमें हमने गंभीरता से विचार किया है |  एक बात देखने में यह भी आई है कि जो नजदीक के बफर  एरिया के बाहर के मैदानी इलाके की जो फसलें  हैं उसमें सोलर पैनल फेंसिंग कर कर उनकी फसलें  सुरक्षित करें | ताकि वन्य जीव उनकी फसलें  नष्ट न कर सके और मनुष्य के लिए भी सुरक्षा का काम करेगी | हमने वन विभाग से कहा है ऐसे इलाकों में कहां-कहां खेती हो रही है उनको कैसे बचा सकते हैं इसलिए हाथी मित्र के एक दल बनाने का भी निर्णय किया है | ताकि  बफर क्षेत्र हाथी और मानव के सह अस्तित्व को स्थाई कर सकें | हमें  एक दूसरे के साथ जीना सीखना पड़ेगा यह कटु सत्य है| 

 जनहानि इसमें अभी जो घटना घटी है उसमें अभी ₹8 लाख रु  प्रति व्यक्ति देते थे उसको 25 लख रुपए प्रति व्यक्ति किया है | जो  दो व्यक्ति के साथ दुर्घटना घटी है उनके अभिभावकों को हमने इस व्यवस्था से जोड़ा है|  साथ ही कृषि वानिकी भी हमने बजाय परंपरागत खेती करने का किसानों को प्रोत्साहित करेगी हम इसमें इंसेंटिव देंगे ताकि वह इस क्षेत्र में फॉरेस्ट की व्यवस्थाओं से जुड़े और उन्हें इसका लाभ मिले | 

 एक और बड़ी बात है की जो अकेले हाथी घूमते हैं दल से अलग हो जाते हैं इनको रेडियो ट्रैकिंग का भी हमने निर्णय किया है |  ताकि हाथी की गतिविधियों को नजर में रखा जा सके |  ताकि भविष्य में इस तरह की घटना ना हो|  इस संबंध में ठोस कार्यवाही के रूप में सामने आएगी हम और कई विशेषज्ञ बुलाना चाह रहे हैं जो जो इस घटना की पुनरावृत्ति होने से रोकने में मदद करेंगे मेरी अपनी और आप सबके माध्यम से अपील है कि हाथियों का दल स्थाई रूप से मध्य प्रदेश में रहने लगा है जिन-जिन जिलों में हाथियों की बसाहट  हो गई है वहां भी हम प्रबंध कर रहे हैं | जिला प्रशासन के माध्यम से वहां जन जागरूकता का अभियान चलाएंगे और कोशिश करेंगे कि जैसे मध्य प्रदेश के अंदर टाइगर और अन्य प्राणी स्थाई रूप से निवास करते हैं अभी यह भी हमारे जंगल का हिस्सा बन गए हैं आने वाले समय में हम इस तरह से फॉरेस्ट डेवलप करेंगे जिसमें हाथियों की बसाहट के साथ हमारे सह अस्तित्व की भावना पुष्ट  हो सके | मैं अपनी ओर से सरकार के नाते से वन मंत्री भारत सरकार से भी बात की है कि वह हमारा मार्गदर्शन करें ताकि हमारे फॉरेस्ट विभाग ठोस कार्यवाही कर सके और दोबारा इस तरह की घटना ना हो हमें इस घटना का बेहद दुख है l

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