06 अक्टूबर, 2022

Political_Damoh_Rambai_विवादों की पर्याय विधायक रामबाई



 दमोह जिले के पथरिया की बसपा विधायक रामबाई परिहार  बीते  शुक्रवार को  जनहित के मुद्दे पर आक्रोशित हो गई और   कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य को खरी खोटी सूना दी |  ठेठ बुंदेली शब्दावली का उपयोग करते हुए उन्होंने कलेक्टर को ढोर,मूर्ख, अंधरा जैसे शब्दों से विभूषित कर दिया | असल में  पहली बार विधायक बनी रामबाई जनप्रतिनिधि को सर्वोच्च मान कर कलेक्टर से भिड़ गई | वे शायद यह नहीं जानती कि इस देश में व्यवस्था का संचालन  प्रशासनिक तंत्र के पास है |  देखा जाए तो राम बाई का  यह कोई पहला विवाद नहीं है , अपने बेलाग बयानों और कार्यों की कारण वे अक्सर सुर्ख़ियों में बनी रहती हैं | जहाँ तक बात प्रशासनिक अधिकारियों के आपस में भिड़ने की है  यह भी प्रदेश का कोई पहला मामला नहीं है |                    

अपशब्दों से नाराज  कलेक्टरने बसपा विधायक पर शुक्रवार की  देर रात  कोतवाली में विधायक रामबाई के विरुद्ध अभद्रता ,और शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज  कराया   |   विधायक रामबाई के खिलाफ आईपीसीकी धारा 353, 294, 186 और 506 के तहत पुलिस ने  मामला  दर्ज कर लिया । मामला दर्ज होने के बाद विधायक रामबाई ने अपने कहे और किये पर खेद भी जताया | उन्होंने मीडिया से साफ़ कहा कि में जनता के लिए काम करती हूँ | जनहित के लिए यदि मुझे फांसी पर चढ़ाया जाता है तो में उसके लिए तैयार हूँ | जहाँ तक बात केस दर्ज होने और धाराएं लगाने की तो इनसे मुझे डर नहीं लगता | पहले भी हम पर और हमारे परिवार पर झूठे मामले दर्ज हो चुके हैं |

कलेक्टर पर गुस्सा विधायक जी को यूं ही नहीं आया, वो जो भी कहती कलेक्टर साहब अपनी ठेठ प्रशासनिक शब्दावली का उपयोग करते हुए कह देते चेक करा लूंगा। चेक का यह शब्द विधायक जी को नागवार गुजरा और भड़क गई।दरअसल रामबाई अपने विधान सभा क्षेत्र के नरसिंहगढ़ पंचायत की उन महिलाओं की समस्या को लेकर कलेक्टर के पास पहुंची थी जो पात्र होने के बाद पेंशन के हक से वंचित थी।कुछ ऐसी भी थी जो बीते 15वर्ष से पेंशन की राह देख रही थी।
 विवादों की पर्याय 
रामबाई पथरिया से बीएसपी विधायक रामबाई परिहार 2018 का चुनाव चतुष्कोणीय मुकाबले  में  2205 मतों से जीती थी | उन्होंने अपने निकटम प्रतिद्वंदी बीजेपी के लखन पटेल को हराया था | इस चुनाव में 21 प्रत्यासी चुनावी मैदान में थे जिनमे पूर्व मंत्री डॉ रामकृष्ण कुसमरिया बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे  थे | विधायक बनने के बाद से ही रामबाई परिहार सुर्ख़ियों में आ गई थी | कांग्रेस की कमल नाथ सरकार को समर्थन देकर वे अपने आपको किंग मेकर मानने लगी थी | उन्होंने सरकार बनने के कुछ समय बाद ही कह दिया था  कि वह सभी मंत्रियों से ऊपर हैं क्योंकि वहमुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली राज्य में कांग्रेस सरकार की किंगमेकर हैं।असल में 7 जनवरी 2019 को  रामबाई ने  संजीव सिंह कुशवाहा के लिए केबिनेट  मंत्री और अपने लिए राज्य मंत्री का पद की मांग की थी ||                     
विवाद की पर्याय कही जाने वाली रामबाई अपने विधायकी कार्यकाल में कुछ ना कुछ ऐसा करती रही कि वे चर्चाओं में बनी रही | कभी वे बीजेपी सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव को चेतावनी देती नजर आई तो कभी अधिकारियों को धमकाती नजर आई | उन्होंने रहली में अगस्त  २०२२ में एक सभा में कहा कि  अभी वे  पथरियाविधानसभा सीट से विधायक हैं लेकिन अब वे रहली के लोगों के आग्रह पर अगले विधानसभाचुनाव में यहां से चुनाव लड़ने  की तैयारी में हैं।इसी दौरान उनका एक वीडिओ  सोशल मिडिया पर वायरल हुआ  जिसमें वह प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी देती नजर  आई कि अगर किसानों के घरों की कुर्की की गई तो वह सही सलामत नहीं लौटेंगे।  
अक्टूबर 2021 में तो उन्होंने एक युवक का कॉलर पकड़ कर ट्रेन से उतार दिया था ,इसका भी वीडिओ सोशल मीडिया में वायरल हुआ था | असल में  कोरोना काल में बंद हुई   राजधानी एक्सप्रेस  फिर से शुरू हो रही थी । दमोह_भोपाल को जोड़ने वाली इस ट्रेन का स्वागत करने  विधायक जी अपने समर्थकों के साथ पथरिया रेलवे स्टेशन पहुंचीं थीं। बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण रामबाई ट्रेन में नहीं चढ़ पा रही थी इसी से वे नाराज हो गई थी |                            

  विधायक रामबाई सिर्फ अपने विवादित बयानों के कारण ही सुर्खियां नहीं बटोरती बल्कि वे कभी सार्वजनिक समारोह में ठुमके लगा देती हैं तो कभी बीड़ी बनाती महिलाओ के साथ बीड़ी बनाने   लगती हैं | | विवादों से स्थाई नाता बनाने वाली रामबाई शायद जानती हैं की सुर्ख़ियों में रहना है तो ऐसा कुछ करते रहो जो  सुर्खियां बनती रहे |  बुंदेलखंड में एक कहावत है बदनाम होंगे तो क्या नाम नहीं होगा |                                                                                       

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