30 जुलाई, 2011

khajuraho,


योग के नाम पर ठगी 
अभिषेक व्यास 

खजुराहो से अठारह किलो मीटर दूर ,जंगल में योग के नाम पर ठगी का एक शिविर चल रहा है | इस शिविर में १४५० यूरो डालर दीजिये , सिर्फ एक माह का प्रशिक्षण लीजिये और योग गुरु बन जाईये |है ना ये योग की माया  , रामदेव ने  देश विदेश में योग को इतना लोकप्रिय बना दिया की लोग अब इसका धंधा करने लगे हें |\  हालेंड की फर्म के इस शिविर के बारे में यहाँ के लोग और प्रशासन को भी जानकारी तब लगी जब यहाँ से भागी दो युवतियों ने पुलिस को शिकायत की | अब आप ही अंदाजा लगा सकते हें की देश की ख़ुफ़िया तंत्र और सुरक्षा तंत्र कितना चाक चोबंद है |
                           हालेंड एल्स हार्म्सन और जर्मनी की इलका ब्रास्तीन ने इन्टरनेट परwww.arhantayoga.org  
बेव साईट देखी | इसमे उन्होने खजुराहो के पास गंगवाहा  गाँव में सुन्दर आश्रम देखा \ | जिसमे तस्वीरों के जरिये यहाँ की सुविधाओं का वर्णन किया गया था | इसके लिए उन्होने  नेट से ही अपना पंजीयन करा लिया और १४५० यूरो डालर जमा करा दिए | २५ जुलाई से शुरू हुए इस योग शिविर में शामिल होने ये दोनों भी आ गई | इन्ही के तरह यहाँ कुल २३ विदेशी  भी योग सीखने आये | यहाँ इन लोगों ने जो नजारा देखा वो इन्टरनेट पर दिखाए गए नजारे से बिलकुल अलग नजर आया | जो एक  खेत की ही तरह नजर आया जहाँ ना किसी भी तरह की सुविधा नहीं थी | इन हालातों को देख कर चार पर्यटक पहले ही यहाँ से भाग गए | इन दो युवतियों ने भाग कर पुलिस थाने में शिकायत की | इन ने मांग की है की इनके विरुद्ध मामला दर्ज किया जाये और हम लोगों को धोखा देकर जो राशि वशुली गई है उसे वापस दिलाया जाये | हालाँकि इन दोनों को ही पुलिस से शिकायत करने में काफी मसक्कत करनी पड़ी | पुलिस के लोगों ने इन्हे खजुराहो और बमीठा थाने के चक्कर लगवाये | 
पुलिस अधिकारी जो इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे , यहाँ के अतरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी ने बताया कि  एक शिकायत प्राप्त हुई है बमीठा थाना में की उन्हे बुलाया गया था योग शिविर के  नाम पर ,अरिहंता योगा करके कोई फर्म है हालेंड की उनने नेट पर सर्च करके देखी थी ,और उसमे इसका पूरा प्लान था | उन्होने अभी जो शिकायत दी है उसमे बताया गया की विज्ञापन   में जो सुविधाएँ  उन्होने बताई थी वो सुविधाएं  पूरी तरह से नहीं है अब जांच बमीठा थाना पुलिस कर रही है , बमीठा , टी.आई., एस.ड़ी.ओ. (पी.)  और में स्वयं भी बात की है ,अन्य किसी ने  भी  इस तरह की शिकायत नहीं की है | परन्तु हम लोग सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हें ,की ये सही है की विज्ञापन  में जो दर्शाया गया है वो सुविधा यहाँ पर उपलब्ध नहीं है फिर भी सारा मामला जांच में है और जो कुछ भी पाया जाएगा उस पर कारवाही की जायेगी | उसके ओनर प्रमोद जैन के खिलाफ १३३ सी.आर.पी.सी. का इस्तगाशा न्यायालय में पेश किया गया है ,की उन्होने इसकी कोई जानकारी नहीं दी| २९ जुलाई कि देर रात बमीठा थाना पुलिस ने प्रमोद जैन पर मामला दर्ज किया है |
 देहली  के प्रमोद जैन ने  छतरपुर जिले के गंगवाहा गाँव में १७ एकड़ की जमीन खरीदी थी इसी पर उन्होने योग सेंटर बना लिया | जिसकी  उन्होने कोई मंजूरी भी लेना उचित नहीं समझा |  यहाँ तक की विदेशियों की सूचना देना भी पुलिस को जरुरी नहीं समझा | जब इनसे बात करने का प्रयाश किया गया तो ये अपनी ४२० नंबर की गाड़ी से भाग लिए |


19 जुलाई, 2011

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 खजुराहो   के बीजा मंडल मंदिर कि खुदाई में मिली १४ दुर्लभ मूर्तियाँ 

खजुराहो /रवीन्द्र व्यास /  खजुराहो के बीजामंडल मंदिर कि खुदाई  पिछले  एक दशक से चल रही है | शुरूआती खुदाई के बाद अब जब इसके कार्य में तेजी आई तो यहाँ दसवीं शताब्दी कि १४ दुर्लभ मूर्तियाँ  निकली |  अब इस मंदिर को दिसंबर ११ तक आकार मिलेगा | खजुराहो मिलेनियम के मौके पर इस मंदिर कि  को खोजा गया था |तब ये वायदा किया गया था कि खजुराहो में खोजे गए सभी १८ तिलों कि खुदाई कर दफ़न मंदिर खोजे जायेंगे ? तब से ए. एस. आई.  ये टीले मांग रही है और मध्य प्रदेश सरकार है की दे नहीं रही है |

 खजुराहो के इस बीजा मंडल कि खुदाई में पिछले दिनों  भगवान् विष्णु लक्ष्मी कि मानव रूप में गरुड़ पर सवार दुर्लभ प्रतिमा, के अलावा शिव , नंदी , नाग कन्या , सुर सुंदरी , कीचक , उमा महेश्वर , हाथी , और गज पट्ट मिले | यहाँ एक गज पट्ट पर ऊंट की प्रतिमा भी अंकित है | खजुराहो में ऊंट की मिली प्रतिमाओं में यह तीसरी प्रतिमा है | भारतीय पुरातत्व सरर्वेक्षण विभाग खजुराहो के  सहायक अधीक्षक राहुल तिवारी के अनुसार  यह दशवीं सदी का मंदिर है | जिसे  पूरा नहीं बनाया जा सका , क्यों  नहीं बना यह खोज का विषय है | उनका कहना है की इस वर्ष दिसंबर तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा | इस मंदिर से मिले अवशेषों से इसका निर्माण किया जाएगा | कोई भी अलग से पत्थर नहीं लगाया जाएगा | 
   खजुराहो में ए.एस.आई. ने अपने सर्वेक्षण में ८५ मंदिरों  और इतने ही तालाब के होने की पुष्टि की थी | जब खजुराहो सह्स्त्राब्धि वर्ष मनाया गया था तब ए.एस.आई.. ने यहाँ के १८ टीलों को चिन्हित किया था | और इन टीलों की खुदाई कर यहाँ दफ़न मंदिरों और मूर्तियों को निकालने की बात कही थी | तब के मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह ने ए.एस.आई. को सिर्फ एक टीला जठ्करा  गाँव का बीजा मंडल दिया था | विभाग के तत्कालीन महानिर्देशक अजय शंकर ने ५ मार्च १९९९ को इस टीले पर उत्खंनन का शुभारम्भ किया था | खुदाई में जो  खंडित मंदिर सामने आया वह खजुराहो का सबसे बडे आकार का मंदिर था | १९९९ से अब २०११ तक मंदिर का काम पूर्ण नहीं हो सका है | ये शायद हमारे देश की कार्य करने की गति है , | विकाश  की बात करने वाली मध्य प्रदेश की सरकार  के मुखिया शिव राज सिंह के लिए भी ये शर्म की बात है की प्रदेश सरकार ने अब तक शेष १७ टीलों को ए.एस.आई. को नहीं सौंपा है | हो सकता दफ़न धरोहर सामने आये तो और पर्यटक बढ जयेंगे |