
रवीन्द्र व्यास
दुनिया के बढते तापमान से अब भगवान् भी बेहाल होने लगे हैं | वे मंदिर से बाहर क्या निकले उन्हे लू लग गई | लू भी एसी लगी की पंद्रह दिनों के लिए वैद राज ने आराम की सलाह दे डाली | अब भक्त भी परेशान हें और भगवान् भी | ये सब हो रहा है मध्य प्रदेश के पन्ना में | ; यहाँ जगन्नाथ स्वामी अपनी बहिन सुभद्रा और भाई बलदाऊ के साथ बीमार हो गए हैं |
हर साल की तरह इस साल भी भगवान् जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलदाऊ .बहिन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर आते हैं \ स्वामी जी के इस स्वरुप को देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुटते हैं | उनका शंख झालर बजा कर स्वागत किया जाता है | उनके स्नान के बाद जब उन्हे बैठाया जाता है तभी उन्हे लू लग जाती है | और भगवान् को वापिस मंदिर में ले जाया जाता है |मंदिर के पुजारी राकेश गोस्वामी बताते हैं की
भगवान् जगनाथ स्वामी बहिन सुभद्रा ,भाई बलदाऊ गर्भ गृह से निकल कर बाहर जाते हैं ,और स्नान करते हैं जब वापास गर्भ गृह में आते हैं तो उनको लू लग जाती है | लू लगने से भगवान् बीमार पड़ जाते हैं |भगवान् का १५ दिन जड़ी बूटियों से इलाज होता है , इन १५ दिनों तक किसी को दर्शन नहीं मिलते |११ जुलाई १० को पथ प्रसाद वितिरण होगा ,१२ धूप कपूर की आरती होगी ,१३ जुलाई को उनकी रथ यात्रा शुरू होगी ,२१ जुलाई को वापस मंदिर तक आएगी और २२ जुलाई को जगन्नाथ स्वामी का मंदिर में प्रवेश होगा |
-पन्ना के जगन्नाथ स्वामी मंदिर का निर्माण १८१७ में यहाँ के तत्कालीन राजा किशोर सिंह ने कराया था | चंदन की लकड़ी से बनी इन मूर्तियों को उड़ीसा के पूरी से लाया गया था | तभी से यहाँ उड़ीसा के जगन्नाथ पूरी की तरह ही भगवान् की पूजा अर्चंना की जाती है | यहाँ पूरी की तरह ही अटका प्रसाद बांटा जाता था ,| आज भी यह प्रसाद लुटाया जाता है | कहते हैं की जिसको भी यह प्रसाद मिल जाता है उसकी सभी मनो कामना पूर्ण होती है |पूरी की रथ यात्रा की तरह यहाँ भी रथ यात्रा निकाली जाती है |
भक्त राम किशोर मिश्रा कहते हैं की पुरी से इन को किशोर सिंह राजा के शासन काल में लाया गया था उन्होने ही ये मंदिर बनवाया था , यहाँ भगवान् के प्रसाद का जो अटका बनता है वह जब बनाया जाता था तो उसमे वो सब भी पाक जाता था , जिस कारण इसका बड़ा महत्त्व हो गया था , एक बार भगवान् ने स्वयं राजा को सपना दिया था की इससे पूरी धाम का प्रभाव घट जाएगा , तब से इसे बनाया तो जाता है पर उस रूप में नहीं |
भगवान् की बीमारी से भक्त लोग बेहाल हैं , अब उन्हे १५ दिनों तक देव दर्शन नहीं हो सकेंगे , भक्तों को एसा लगता है जेसे सारा संसार ही बीमार हो गया है |
-मनीष मिश्रा जेसे भक्त भगवान् की बीमारी से व्याकुल हैं ,वे कहते हैं की भगवान जगन्नाथ स्वामी जिस दिन से बीमार पड़ जाते हैं ,हम लोग रोज दर्शन करने वाले हैं
और जब पता चलता है की दर्शन तो मिलना नहीं क्योंकि भगवान् तो बीमार पड़ गए हैं | तब इतनी व्याकुलता होती है की कुछ कह नहीं सकते लगता है की सारा संसार बीमार हो गया है ,तब हम लोग उन्ही से प्रार्थना करते हैं की हे जगत के नाथ आप जल्दी ठीक होइए और दर्शन दीजिये | पन्ना के जगन्नाथ स्वामी जी भी बीमार हो गए , भगवान् भी जब इतना ताप नहीं सह पा रहे हैं तो आदमी की क्या बिशात है |
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