26 मार्च, 2010

baalak ki bali

हत्या या बली
रवीन्द्र व्यास 
दुनिया भले ही  नई सदी में जा रही हो पर बुंदेलखंड इलाके के गाँव आज भी १६ वीं सदी में जी रहे हैं | नवमी के दिन एक आठ साल के बालक की बली चढ़ा दी गई |तीन दिन तक जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उसके पिता और परिवार के लोग माता के मंदिर के पंडा पूरन के पास पहुंचे | गाँव के लोगों का विश्वास था की पूरन के सिर पर देवी आती हैं | इस कारण वह जो बताएगा वह सच होगा |अब खेल इस पूरन का था , मौत   बली ना लगे इस लिए  उसने बताया की शोभा पटेल की मौत  जहर खाने से हुई है ,आस पास तलाश करो लड़का मिल जायेगा | 
पंडा के आदेश पर जब देवी मंदिर के आस पास तलाश की गई तो मंदिर के पिछवाडे बच्चे का शव मिला |मृतक के गले पर निशान थे |आँखों में खून झलक रहा था ,जीभ बाहर निकली हुई थी| छतरपुर जिले की हिनोता थाना पुलिस ने मौके  पर पहुँच कर पंचनामा बनाया शव को पोस्ट मार्टम हेतु भेज दिया |अब पुलिस ने संदेह के आधार पर पंडा वा एक और को हिरासत में लिया है |
बेरखिया पुखरी निवासी देशराज पटेल का पुत्र शोभा  माँ महेश्वरी देवी मंदिर में प्रसाद की दुकान लगाता था | घटना वाले दिन भी वह दुकान ही गया था | शाम को ५ बजे वह अचानक दुकान से गायब हो गया था |
छतरपुर जिले की यह कोई अकेली पहली घटना नहीं है इसके पहले भी इस तरह के कई मामले हो चूके हैं | कभी धन की लालच में तो कभी दिव्य शक्तिओं को पाने के लिए तो कभी पुत्र प्राप्ति के लिए इस तरह के मामले सामने आते हैं |  

18 मार्च, 2010

shankh 18march10.

शंखों का संसार  
रवीन्द्र व्यास 
शंख हर युग में लोगों को आकर्षित करते रहे है | देव स्थान से लेकर युद्ध भूमि तक , सतयुग से लेकर आज तक शंखों का अपना एक अलग महत्त्व है |पूजा में  इसकी ध्वनि जंहाँ श्रद्धा वा आस्था का भाव जगाती  है वहीँ युद्ध भूमि में जोश पैदा करती है |समुद्र मंथन में मिले १४ रत्नों में शंख भी एक रत्न है \ गीता में जिन पांच वाद्यों का उल्लेख है उनमे शंख प्रथम है |तंत्र शास्त्र में शंख को शुभ ,सोभाग्य   का प्रतीक माना गया है |
मध्य प्रदेश  के छतरपुर जिले में ईशानगर नामक एक क़स्बा है | यहाँ के पंडित हरसेवक मिश्रा का घर शंखों का संग्रहालय बन गया  है | बीते चालीस  सालों में उन्होने तमाम तरह के हजारों  शंख जुटाए है | उनका यह जुनून अब भी जारी है |हर साल वे तीर्थ यात्रा पर जाते है और ऐसी दुर्लभ चीजें जुटाते है | इसके पीछे वे बताते है कि उनकी पत्नी ने प्रेरणा दी थी कि  एसा कुछ करो जो हमेशा याद किया जाये|
पंडित हरसेवक मिश्रा आज ७० साल से भी ज्यादा उम्र के हो गए है | किन्तु उनका जोश और जज्बा  अनेक लोगों को प्रेरणा देता है | आज उनके इस अनोखे संग्रहालय में २५ हजार से भी ज्यादा शंखों का खजाना है |इन शंखों के बारे में मिश्रा जी बताते है कि हिन्दुओं के ३३ करोड़ देवता है सबके अपने अपने शंख है |देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन के समय  अनेक तरह के शंख निकले ,इनमे कई सिर्फ पूजन के लिए होते है |
           हिन्दू धर्म में शंख का महत्त्व अनादि काल से चला आ रहा है |इसे पूज्य और पवित्र माना गया है ,पूजन में आवश्यक माना जाता है ||महाभारत युद्ध के समय भगवान श्री कृष्ण ने  "पांचजन्य" शंख को बजा कर युद्ध का जयघोष किया था |कहते है कि यह शंख जिसके पास होता है उसकी यश गाथा कभी कम नहीं होती | महाभारत के इसी युद्ध में अर्जुन ने "देवदत्त "नाम का  शंख बजाया था |वहीँ  yudhisthir  के पास "अनंत विजय "नाम का शंख था ,जिसे उन्होने रण भूमि में बजाया था |इस शंख कि ध्वनि कि ये विशेषता मानी जाती है कि इससे शत्रु सेना घबडाती है और खुद कि सेना का उत्साह बढता है |भीष्म  ने "पोडरिक" नामक शंख बजाया था |इस शंख कि आवाज से कोरवों कि सेना में हलचल मच गई थी |
कहते है कि  रण भूमि में शंखों का पहली बार उपयोग देवासुर संग्राम में ही  हुआ था \ देव  दानवों के इस युद्ध में सभी देव -दानव अपने अपने शंखों के साथ युद्ध भूमि में आये थे | शंखों कि ध्वनि के साथ युद्ध शुरू होता था और उसी के साथ ख़त्म होता था |तभी से यह माना जाता है कि हर देवी देवता का अपना एक अलग शंख होता है |स्वयं भगवान् विष्णु  दाहिने हाथ में दक्षिणावर्ती शंख धारण करते है |पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के समय यह शंख निकला था |जिसे स्वयं विष्णु जी ने धारण किया था |यह एसा शंख है जिसे बजाया नहीं जाता ,इसे सर्वाधिक शुभ माना जाता है |
- महा लक्ष्मी शंख का आकार "श्री यंत्र" क़ी भांति होता है |इसे प्राक्रतिक श्री यंत्र भी माना जाता है |जिस घर में इसकी पूजा विधि विधान से होती है वहाँ स्वयं लक्ष्मी जी का वाश होता है \ इसकी आवाज सुरीली होती है | विद्या क़ी देवी सरस्वती भी शंख धारण करती है |वे स्वयं "वीणा" शंख कि पूजा करती है |माना जाता है कि इसकी पूजा वा इसके जल को  पीने से मंद बुद्धी भी ज्ञानी हो जाता है |
विघ्न हर्ता -मंगल कर्ता गंनेश जी का शंख स्वयं गणेश जी का रूप माना जाता है,इसकी आकृति भी गणेश जी की तरह दिखती है | |इसकी पूजा से सकल मनोरथ सिद्ध होते है | भगवान् शंकर" रूद्र शंख" को बजाते थे | जबकि उन्होने त्रिपुराशुर के संहार के समय "त्रिपुर "शंख बजाया था |
-शंख का सिर्फ धार्मिक वा देव लोक तक ही महत्त्व नहीं है |इसका वास्तु के रूप में महत्त्व भी माना जाता है |कहते है कि जिस घर में नियमित शंख ध्वनि होती है  वहां कई तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है इनके पूजन से श्री समृधि आती है |१९२८  में बर्लिन यूनिवर्सिटी ने शंख ध्वनि का अनुसन्धान करके यह सिद्ध किया कि इसकी ध्वनि कीटाणुओं  को नष्ट करने कि उत्तम औषधि है | शिकागो के डॉ.डी.ब्राउन ने हजारों बहरे रोगियों को शंख ध्वनि से चंगा किया है |
                                         पंडित जी के संग्रहालय में सिर्फ शंखों का ही संग्रह नहीं है बल्की राम सेतु समय के वे पत्थर भी है जो पानी में  तेरते है| 
 समुद्री प्राणी का खोल शंख जीव   कितना चमत्कारी हो सकता है ||जरुरत है इसके और अनुसन्धान वा वैज्ञानिक विश्लेषण की|
बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क



09 मार्च, 2010

ajab dastaan

फिरोती में मांगी लड़की 
रवीन्द्र व्यास 

छतरपुर जिले के सरबाई  कस्बे से एक अनोखा अपहरण का मामला सामने आया है | अपहरण कर्ता फूल सिंह ने डेढ़ साल के दलित लडके का अपहरण कर फिरोती के रूप में उसकी १८ वर्षीया  बहिन [सुमन } की मांग की है | पुलिस अपहरण कर्ता की तलाश में जुटी है |
घटना की कहानी बताते हुए सुमन ने बताया 
१५ अगस्त ०९ के दूसरे दिन रात १२ बजे फूल सिंह दरवाजे तोड़ कर मुझे उठा ले गया था ,पहले जंगल ले गया फिर बांदा ले गया ३-४ दिन रखे रहा ' वो मेरे साथ गलत काम करता रहा और दूसरों से भी कराता रहा | कल बरबंद घाट पर हम को पुलिस ने सादा वर्दी में पहुँच कर बचाया वो तो पुलिस को देख कर भाग गया हम वह्नी खडे रहे \ रात में वो हमारे मामा के लडके मोहित  को उठा ले गया और कह रहा है की तुम आ जाओ तो इसे छोड़ देंगे |
ये वो कहानी है जो सुमन ने मीडिया को बताई है | सरबाई थाना प्रभारी ए.राय के अनुसार सुमन का परिवार गोहानी में फूल सिंह के यहाँ कटाई का ,खेती का काम करता था वहीँ इन दोनों के बीच सम्बन्ध बने और फूल सिंह इसे ले गया ,बहर हाल पुलिस अप्रहत बच्चे की तलाश कर रही है |
छतरपुर जिले का यह वह इलाका है जहाँ स्त्री -पुरुष संतुलन सर्वाधिक गड़बड़ है | इस इलाके में लोग अपनी बेटी भी नहीं देना चाहते है जिसके चलते इस इलाके में कुंवारों की तादाद भी अच्छी खाशी है |  यह अपहरण और बहिन की मांग भी इसी से जुडी एक वो कहानी है जिसे सहज रूप में नहीं लिया जा  सकता |
पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में यह कह कर चुप्पी धारण कर लेते है की मामला बच्चे का है इस कारण बहुत ही संवेदन शील है \हमारा प्रयाश बच्चे को बचाने का है \ पुलिस ने ९-१० मार्च की रात १ बजे केन के किनारे से बच्चे को छुडा लिया हमेशा की तरह अपराधी भागने में कामयाब रहा |
बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क /९मर्च१० 


05 मार्च, 2010

ladki ki bebasi



फिर जिन्दा जलाया लड़की को
-----------------रवीन्द्र व्यास --------
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक सत्रह साल की लड़की को जिन्दा जलादिया गया | शतप्रतिशत जली इस लड़की को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ उसकी ४ मार्च को देर रात मोत हो गई |
 छतरपुर के पास  हमा गाँव में  शाम के समय रोज की तरह हलचल नहीं थी |गाँव में मातम का माहोल था \ आखिर इस गाँव में भी शहर की बीमारी जो लग गई थी \सत्रह साल की छात्रा संध्या रिछारिया को उसीके  घर में जिन्दा जला दिया गया | संध्या  के  पिता सरजू प्रसाद जब घर आए तो उन्हे अपनी बेटी जलती हुई मिली \ उसी ने अपने पिता और तहसीलदार को दिए बयानों में बताया कि कुछ लोगों ने घर में  घुसने का प्रयास  किया |दरवाजा ना खोले जाने पर रमाकांत रावत ,हीरालाल रावत [५८],अशोक रावत ,वा दीपक नायक  बगल वाले के घर से कूद कर अन्दर घुसे \ इन लोगों ने उसके साथ जोर जबरदस्ती का प्रयास  किया ,असफल होने पर केरोसिन डाल कर जिन्दा जला दिया | पिता सरजू प्रसाद रिछारिया ने इसकी खबर गाँव के सरपंच को दी उन्होंने वाहन का इंतजाम किया और संध्या को शतप्रतिशत जली दशा में छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती किया | अस्पताल में उपचार के दोरान देर रात उसने दम तोड़ दिया |
           ओरछा रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है | पुलिस के सामने जो स्थितियां सामने आ रही है वे एक दूसरे से मेल नहीं खाती | ये हम नहीं बल्की जनता कि रक्षा का दावा करने वाली पुलिस कह रही है | सी.एस.पी.समीर यादव  हमेशा कि तरह इस मामले कि जाँच में मुस्तेद नजर आये वे बताने लगे कि मामले का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर विश्लेषण किया जायेगा जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही कि जाएगी \
लड़की जली या जलाई गई 
संध्या के मामले में कई बातें उभर कर सामने आ रही है \ गाँव में कुछ लोग कहते है कि उसका चक्कर एक उमेश नाम के लडके से चल रहा था | घर के लोग जब खेत पर चले गए तो उसने उसको बुला लिया | इस नज़ारे को देख गाँव वालों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया जब नहीं खुले तो अशोक बगल के घर से अन्दर कूदा और उसने दरवाजे कि कुण्डी खोली | इसी बीच उसने स्वयं पर तेल डाल कर आग लगा ली | वो सवाल करते है कि क्या अशोक रावत अपने पिता हीरा लाल रावत के साथ जा कर बलात्कार का प्रयास करता |
-----------------------------------
जिन्दा जलाया 
२६ जून ०९ को छतरपुर के अमानगंज मोहल्ले में १५ साल कि रुकसाना को जिन्दा जला दिया गया था | सातवी की इस छात्रा का वहीँ के एक लडके के साथ चक्कर बताया गया था | पुलिस ने बयानों के आधार पर राजेश,ब्रजेश,सियाराम ,और नासिर को ३०२ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था |
२७ जून ०९ को दमोह के पास राजकुमारी रेकवार को प्रकाश चौबे रखेल बना कर रखे था ,दोनों में विवाद हुआ | पहले उसे गला दबा कर मारना चाहा नहीं मरने पर उसके ऊपर तेल डाल कर जिन्दा जला दिया |पुलिस ने बाद में प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया |
२६ जुने०९ के ही दिन छतरपुर जिले के ईशानगर थाना इलाके के निवारिया  नामक गाँव में प्रेम लाल की पत्नी चन्दा साहू [२०] को उसकी जेठानी ने तेल डाल कर जिन्दा जला दिया |
चंदोली [घुवारा ] में  ११ जुलाई ०९ को देव प्रकाश घोस की पत्नी रेखा घोष को उसकी ही सास रती बाई ,देवरानी कोशल्या  वा चंदा ने  मिलकर ज़िंदा जला कर मार डाला \ खेत की जमीन पर प्रकाश का विवाद अपने भाइयों से हुआ था |
दमोह के पिप्रोदा छक्का [पथरिया ] में ९ जुलाई ०९ की शाम श्रीमती  विनीता पटेल     के साथ छेड़ छाड़  गाँव के पुजारी देवकी तिवारी द्वारा की गई | बात ना बनने पर उसपर तेल डाल कर ज़िंदा जला दिया गया | पुलिस ने देवकी पर ३०६ का मामला दर्ज किया | 
इस मामले को लेकर  गाँव में कुर्मी समाज की पंचायत भी बेठी थी |
टीकमगण के प्रथ्विपुर के दरेठा तिराहा पर दो युवकों ने एक युवती को जिन्दा जलाया \
 समाज शास्त्री कहते है कि इस तरह के  अमानुषिक  कृत्य करने वाले वास्तव में मानसिक बीमारी के शिकार होते है |
बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क  









विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...